विषय-सूची (Table of Contents)
| क्र.सं. | विषय (Topic) | जीएस पेपर मैपिंग (GS Paper Mapping) |
|---|---|---|
| 1. | आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (ICI) - मई 2026 | GS Paper 3 (भारतीय अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास) |
| 2. | भारत: जहाज पुनर्चक्रण (Ship Recycling) में विश्व का अग्रणी राष्ट्र | GS Paper 3 (बुनियादी ढांचा और समुद्री अर्थव्यवस्था) |
| 3. | तमिलनाडु अमोनिया रिसाव मामला और NHRC का स्वतः संज्ञान | GS Paper 2 (सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य और वैधानिक निकाय) |
| 4. | NAFEX.in पोर्टल और किसान कल्याण के लिए डिजिटल पहलें | GS Paper 3 (कृषि, सहकारिता और ई-प्रौद्योगिकी) |
1: आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (ICI) - मई 2026
जीएस पेपर मैपिंग: GS Paper 3 (भारतीय अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास)
खबरों में क्यों?
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने हाल ही में मई 2026 के लिए 'आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक' (Index of Eight Core Industries) जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में संयुक्त सूचकांक में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.5 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्य विश्लेषण
1. सूचकांक का महत्व और संरचना:
- आधार वर्ष: सूचकांक का वर्तमान आधार वर्ष 2011-12 है।
- औद्योगिक महत्व: ये आठ उद्योग (कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली) औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में शामिल वस्तुओं के कुल भार का 40.27 प्रतिशत हिस्सा हैं।
- विकास सूचक: यह सूचकांक भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति और औद्योगिक स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण अग्रिम संकेतक (Lead Indicator) माना जाता है।
2. क्षेत्रीय प्रदर्शन का विश्लेषण (मई 2026):
मई 2026 के आंकड़ों में उद्योगों के बीच मिश्रित प्रदर्शन देखा गया है:
- सकारात्मक विकास वाले क्षेत्र: इस्पात (5%), सीमेंट (8.4%) और बिजली (8.7%) उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो बुनियादी ढांचे और निर्माण गतिविधियों में निरंतरता का संकेत देती है।
- गिरावट वाले क्षेत्र: कोयला (-9.3%), कच्चा तेल (-4.6%), प्राकृतिक गैस (-4.9%), रिफाइनरी उत्पाद (-8.7%) और उर्वरक (-0.9%) के उत्पादन में गिरावट आई है।
- संचयी वृद्धि: अप्रैल से मई 2026-27 के दौरान ICI की संचयी वृद्धि दर पिछले वर्ष की तुलना में 1.1 प्रतिशत रही है।
3. भार (Weightage) पदानुक्रम:
UPSC के दृष्टिकोण से इन उद्योगों का उनके भार के अनुसार क्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है:
- शीर्ष भार: पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद (28.04%)।
- न्यूनतम भार: उर्वरक (2.63%)।
- अन्य प्रमुख भार: बिजली (19.85%) और इस्पात (17.92%)।
प्रीलिम्स पॉइंटर्स (Prelims Pointers)
- जारीकर्ता: आर्थिक सलाहकार कार्यालय (Office of Economic Adviser), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय।
- प्रकाशन चक्र: यह सूचकांक मासिक आधार पर जारी किया जाता है।
- डेटा विकास: अप्रैल 2014 से बिजली उत्पादन के आंकड़ों में नवीकरणीय स्रोतों को भी शामिल किया गया है।
- उत्पाद विस्तार: मार्च 2019 से इस्पात उत्पादन के अंतर्गत 'हॉट रोल्ड पिकल्ड एंड ऑइल्ड' (HRPO) को भी शामिल किया गया है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: 'आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक' (ICI) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा मासिक आधार पर जारी किया जाता है।
2. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में इन आठ उद्योगों का भार लगभग 50% है।
3. इन आठ उद्योगों में 'रिफाइनरी उत्पादों' का भार सबसे अधिक है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 2 (B) केवल 1 और 3 (C) केवल 2 और 3 (D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: (B) केवल 1 और 3
स्पष्टीकरण: IIP में इनका भार 40.27% है, न कि 50%
2: भारत: जहाज पुनर्चक्रण (Ship Recycling) में विश्व का अग्रणी राष्ट्र
जीएस पेपर मैपिंग: GS Paper 3 (बुनियादी ढांचा, समुद्री अर्थव्यवस्था और औद्योगिक नीति)
खबरों में क्यों?
संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत 35.4 प्रतिशत की वैश्विक हिस्सेदारी के साथ दुनिया का नंबर एक जहाज पुनर्चक्रण राष्ट्र बनकर उभरा है। उल्लेखनीय है कि भारत ने 'समुद्री भारत विजन 2030' (Maritime India Vision 2030) के तहत निर्धारित इस लक्ष्य को समय से 5 साल पहले ही प्राप्त कर लिया है।
मुख्य विश्लेषण
1. विकास के आंकड़े और उपलब्धियां:
- व्यापक वृद्धि: भारत में जहाज पुनर्चक्रण वर्ष 2024 के 1.86 मिलियन ग्रॉस टन से 60 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2025 में 2.99 मिलियन ग्रॉस टन तक पहुंच गया है।
- वैश्विक प्रभुत्व: भारत की बाजार हिस्सेदारी 2024 के 30.1% से बढ़कर 2025 में 35.4% हो गई है।
- भविष्य की संभावनाएं: BIMCO के अनुसार, अगले दशक में वैश्विक स्तर पर 16,000 से अधिक जहाजों के पुनर्चक्रण की उम्मीद है, जिसमें भारत अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखने के लिए सक्षम है।
2. प्रमुख नीतिगत पहल और विनियामक ढांचा:
- जहाज पुनर्चक्रण अधिनियम, 2019: इस अधिनियम ने जहाजों के सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल पुनर्चक्रण के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया है।
- हांगकांग अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन (HKC) का अनुपालन: भारत ने 2019 में इसकी पुष्टि की थी। वर्तमान में भारत की 115 सुविधाएं HKC-अनुरूप हैं। सरकार ने आधुनिकीकरण के लिए 53.5 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है।
- जहाज पुनर्चक्रण क्रेडिट नोट योजना: इसके तहत जहाज मालिकों को स्क्रैप मूल्य के 40% के बराबर क्रेडिट नोट मिलता है, जिसका उपयोग भारतीय शिपयार्ड में नए जहाज निर्माण के लिए किया जा सकता है।
3. बुनियादी ढांचे का विस्तार (अलंग मॉडल):
- गुजरात के अलंग (Alang) शिप रिसाइक्लिंग यार्ड की क्षमता को दोगुना करके 9 मिलियन लाइट डिस्प्लेसमेंट टन (LDT) करने का लक्ष्य रखा गया है।
- भारत वर्तमान में यूरोपीय संघ (EU) की अनुमोदित पुनर्चक्रण सुविधाओं की सूची में अपने यार्डों को शामिल कराने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है।
प्रीलिम्स पॉइंटर्स (Prelims Pointers)
- वैश्विक रैंकिंग: भारत जहाज पुनर्चक्रण में प्रथम स्थान पर है (35.4% हिस्सेदारी)।
- HKC कन्वेंशन: जहाजों के सुरक्षित और हरित पुनर्चक्रण से संबंधित अंतरराष्ट्रीय संधि।
- समुद्री भारत विजन 2030: भारत को समुद्री क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनाने का सरकारी रोडमैप।
- क्रेडिट नोट योजना: यह 'शिप ब्रेकिंग' और 'घरेलू जहाज निर्माण' दोनों को एक साथ बढ़ावा देने वाली अनूठी पहल है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: 'जहाज पुनर्चक्रण क्रेडिट नोट योजना' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसके तहत जहाज मालिकों को पुनर्चक्रित जहाज के स्क्रैप मूल्य के 40% के बराबर क्रेडिट नोट मिलता है।
2. इस क्रेडिट नोट का उपयोग भारतीय शिपयार्ड में निर्मित नए जहाजों के भुगतान के लिए किया जा सकता है।
3. यह योजना 'नीली क्रांति' (Blue Revolution) का हिस्सा है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 2 (B) केवल 2 और 3 (C) केवल 1 और 3 (D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: (A) केवल 1 और 2
स्पष्टीकरण: यह 'समुद्री भारत विजन 2030' और 'सागरमाला' जैसी पहलों से संबंधित है, 'नीली क्रांति' का मुख्य फोकस मत्स्य पालन है।
3: तमिलनाडु अमोनिया रिसाव मामला और NHRC का हस्तक्षेप
जीएस पेपर मैपिंग: GS Paper 2 (शासन व्यवस्था, सामाजिक न्याय और महत्वपूर्ण वैधानिक निकाय - NHRC)
खबरों में क्यों?
21 जून, 2026 को तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक निजी झींगा (Shrimp) प्रोसेसिंग फैक्ट्री में हुए अमोनिया गैस रिसाव की घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान (Suo Motu Cognizance) लिया है। इस दुखद घटना में दो महिला श्रमिकों की मृत्यु हो गई और बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए।
मुख्य विश्लेषण
1. घटना का प्रभाव और मानवीय उल्लंघन:
- हताहत: गैस रिसाव के कारण कम से कम 59 श्रमिकों को चेन्नई और तिरुवल्लूर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
- परिस्थिति: बताया गया है कि घटना के समय कर्मचारी पास के एक कमरे में आराम कर रहे थे, जो औद्योगिक परिसर में विश्राम के समय सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी को दर्शाता है।
- आयोग का दृष्टिकोण: NHRC ने कहा है कि यदि रिपोर्ट के तथ्य सत्य हैं, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है।
2. विनियामक और दंडात्मक कार्रवाई:
- NHRC का नोटिस: आयोग ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
- रिपोर्ट की मांग: आयोग ने श्रमिकों के स्वास्थ्य की स्थिति और राज्य सरकार द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों को दी जाने वाली राहत राशि के वितरण का विवरण मांगा है।
- राज्य की प्रतिक्रिया: तमिलनाडु सरकार ने घटना की जांच के लिए तीन-सदस्यीय समिति का गठन किया है।
3. औद्योगिक सुरक्षा के आयाम (Key Dimensions):
- यह घटना खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों (Food Processing Units) में औद्योगिक सुरक्षा और श्रमिकों के संरक्षण के नियमों में मौजूद अंतराल (Gaps) को उजागर करती है।
- विशेष रूप से 'रेस्ट आवर्स' (Rest Hours) के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
प्रीलिम्स पॉइंटर्स (Prelims Pointers)
- NHRC (राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग): यह मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है।
- स्वतः संज्ञान (Suo Motu): आयोग को मीडिया रिपोर्टों या अन्य विश्वसनीय सूचनाओं के आधार पर स्वयं जांच शुरू करने की शक्ति प्राप्त है।
- अमोनिया (Ammonia): यह एक रंगहीन लेकिन तीखी गंध वाली गैस है जिसका उपयोग प्रशीतन (Refrigeration) में किया जाता है, लेकिन उच्च सांद्रता में यह श्वसन प्रणाली के लिए घातक हो सकती है।
- तिरुवल्लूर: तमिलनाडु का एक औद्योगिक जिला जहाँ यह रिसाव हुआ।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. NHRC केवल लिखित शिकायत प्राप्त होने पर ही मानवाधिकार उल्लंघन की जांच कर सकता है।
2. इसे किसी मामले की जांच के समय दीवानी अदालत (Civil Court) की शक्तियां प्राप्त होती हैं।
3. तमिलनाडु अमोनिया रिसाव मामले में, आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी किया है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 2 (B) केवल 2 और 3 (C) केवल 1 और 3 (D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: (B) केवल 2 और 3
स्पष्टीकरण: कथन 1 गलत है क्योंकि आयोग 'स्वतः संज्ञान' (Suo Motu) भी ले सकता है जैसा कि इस मामले में लिया गया है।
4: NAFEX.in पोर्टल और किसान कल्याण के लिए डिजिटल पहलें
जीएस पेपर मैपिंग: GS Paper 3 (कृषि, सहकारिता, ई-प्रौद्योगिकी और समावेशी विकास)
खबरों में क्यों?
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) की कई महत्वपूर्ण डिजिटल और किसान-केंद्रित पहलों का शुभारंभ किया है। इन पहलों में NAFEX.in ऑक्शन पोर्टल, DRISHTI इन्वेंटरी मैनेजमेंट पोर्टल और NAFED-KALYAN छात्रवृत्ति योजना शामिल हैं।
मुख्य विश्लेषण
1. NAFEX.in: कृषि विपणन में डिजिटल क्रांति
- उद्देश्य: यह पोर्टल कृषि उत्पादों की नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और संचालन की सुगमता सुनिश्चित करने के लिए एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
- प्रभाव: यह नीलामी से संबंधित गतिविधियों को व्यवस्थित करेगा और किसानों तथा सदस्य संस्थाओं को बिचौलियों से मुक्त एक प्रभावी बाजार उपलब्ध कराएगा।
2. DRISHTI और ERP पोर्टल: इन्वेंटरी और संसाधन प्रबंधन
- DRISHTI पोर्टल: यह विशेष रूप से दलहन और तिलहन के इन्वेंटरी मैनेजमेंट के लिए बनाया गया है, जो आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) की ट्रैकिंग और भंडारण को सुव्यवस्थित करेगा।
- ERP पोर्टल: 'एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग' (ERP) पोर्टल के माध्यम से NAFED की समग्र कार्यप्रणाली और परिचालन दक्षता को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जाएगा।
3. NAFED-KALYAN छात्रवृत्ति: सामाजिक कल्याण पहल
यह योजना किसानों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग देने के लिए वित्तीय सहायता (चेक के माध्यम से वितरण) प्रदान करती है। यह पहल दर्शाती है कि सहकारिता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक कल्याण के प्रति भी प्रतिबद्ध है।
4. रणनीतिक महत्व: "सहकार से समृद्धि"
प्रीलिम्स पॉइंटर्स (Prelims Pointers)
- NAFED: भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ, जो कृषि विपणन और खरीद में अग्रणी भूमिका निभाता है।
- NAFEX.in: NAFED का नया डिजिटल ऑक्शन पोर्टल।
- DRISHTI: दलहन और तिलहन की इन्वेंटरी ट्रैकिंग के लिए समर्पित पोर्टल।
- NAFED-KALYAN: किसानों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: हाल ही में चर्चा में रहे 'DRISHTI' पोर्टल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) किसानों को सीधे बीज उपलब्ध कराना।
(B) दलहन एवं तिलहन के इन्वेंटरी मैनेजमेंट और आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी करना।
(C) कृषि उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय निर्यात को बढ़ावा देना।
(D) ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता प्रदान करना।
सही उत्तर: (B) दलहन एवं तिलहन के इन्वेंटरी मैनेजमेंट और आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी करना।
संदर्भ एवं स्रोत (References & Sources)
- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय – आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (ICI), मई 2026। PIB India
- UNCTAD – Review of Maritime Transport 2025: भारत जहाज पुनर्चक्रण में प्रथम स्थान।
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) – तमिलनाडु अमोनिया गैस रिसाव मामला, स्वतः संज्ञान, जून 2026। NHRC India
- NAFED – NAFEX.in, DRISHTI और NAFED-KALYAN पहलों का शुभारंभ, नई दिल्ली। PIB India





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