विषय सूची (Table of Contents)
- NIDAR 2.0: स्वदेशी 'VEGA' प्रोसेसर आधारित ड्रोन नवाचार और 'SwaYaan' पहल के माध्यम से तकनीकी संप्रभुता का सुदृढ़ीकरण।
(GS Paper II: सरकारी नीतियां और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप; GS Paper III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- तकनीक का स्वदेशीकरण और रक्षा प्रौद्योगिकी) - डिजिटल जोखिम रिपोर्ट 2025-26: भारतीय BFSI क्षेत्र में 'एआई विषमता' (AI Asymmetry) और साइबर सुरक्षा चुनौतियों हेतु रणनीतिक रोडमैप।
(GS Paper III: आंतरिक सुरक्षा- साइबर सुरक्षा की चुनौतियां; अर्थव्यवस्था- बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों का विनियामक ढांचा)
1. NIDAR 2.0: भारतीय चिपसेट (VEGA) आधारित ड्रोन नवाचार और आत्मनिर्भरता
संदर्भ और रणनीतिक पृष्ठभूमि
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 'ड्रोन फेडरेशन इंडिया' (DFI) के सहयोग से SwaYaan पहल के अंतर्गत 'नेशनल इनोवेशन चैलेंज फॉर ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च' (NIDAR 2.0) के द्वितीय संस्करण का शुभारंभ किया है। यह चुनौती भारतीय छात्रों को पारंपरिक एयरफ्रेम निर्माण से आगे बढ़कर ड्रोन के 'मस्तिष्क' (प्रोसेसिंग यूनिट) को स्वदेशी तकनीक से विकसित करने हेतु प्रेरित करती है। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी चिप डिज़ाइन और उनकी महँगी लाइसेंसिंग लागत पर भारत की निर्भरता को कम करना तथा एक आत्मनिर्भर ड्रोन उद्योग की नींव रखना है।
तकनीकी विशिष्टताएँ और चुनौती के प्रमुख ट्रैक
NIDAR 2.0 को दो विशिष्ट श्रेणियों (Tracks) में विभाजित किया गया है, जो ड्रोन तकनीक के जटिल पहलुओं पर केंद्रित हैं:
- ट्रैक 1: ड्रोन नवाचार (Drone Innovation): इस श्रेणी में छात्र टीमों को पूरी तरह से स्वायत्त स्वार्म ड्रोन (Autonomous Swarm Drones) विकसित करने का कार्य दिया गया है। ये ड्रोन किसी बाहरी संचार नेटवर्क के बिना आपदा क्षेत्रों में बचे हुए लोगों का पता लगाने और चिकित्सा सामग्री पहुँचाने में सक्षम होने चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसमें GPS-रहित (GPS-denied) वातावरण (जैसे औद्योगिक इनडोर स्थान) में नेविगेशन करने वाले ड्रोन का विकास भी शामिल है।
- ट्रैक 2: कंपोनेंट नवाचार (Component Innovation): यह ट्रैक स्वदेशी 'VEGA' प्रोसेसर के इर्द-गिर्द केंद्रित है। टीमों को स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक घटकों का उपयोग करके इस प्रोसेसर पर आधारित फ्लाइट कंट्रोलर और ऑटोपायलट डिज़ाइन करने की चुनौती दी गई है। शीर्ष 100 टीमों को विकास और एकीकरण के लिए VEGA प्रोसेसर किट प्रदान की जाएगी।
VEGA प्रोसेसर: तकनीकी संप्रभुता का आधार
- विकास: इसे MeitY के माइक्रोप्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत प्रगत संगणन विकास केंद्र (C-DAC) द्वारा डिज़ाइन किया गया है।
- आर्किटेक्चर: यह ओपन-स्टैंडर्ड RISC-V आर्किटेक्चर पर आधारित स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसरों की एक श्रृंखला है।
- महत्व: यह डिजिटल इंडिया RISC-V (DIR-V) कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य वैश्विक चिप उद्योग में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करना है।
SwaYaan पहल और संस्थागत ढांचा
NIDAR 2.0 का संचालन SwaYaan पहल के तहत किया जा रहा है, जो ड्रोन क्षेत्र में मानव संसाधन विकास के लिए एक व्यापक क्षमता निर्माण कार्यक्रम है:
- परिव्यय और अवधि: जुलाई 2022 में स्वीकृत इस योजना हेतु 5 वर्षों के लिए ₹89.87 करोड़ का बजट निर्धारित है।
- हब-एंड-स्पोक मॉडल: यह कार्यक्रम 30 प्रमुख संस्थानों (IISc, IITs, NITs, C-DAC आदि) के माध्यम से संचालित होता है।
- उपलब्धि: अब तक इस परियोजना के अंतर्गत 51,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
रणनीतिक और आर्थिक लाभ
- दोहरा उपयोग (Dual-use Tech): नागरिक और रक्षा ड्रोन में समान कोर तकनीक का उपयोग होता है, जिससे NIDAR के नवाचार दोनों क्षेत्रों को सुदृढ़ करेंगे।
- प्रोत्साहन: सफल टीमों के लिए ₹65 लाख से अधिक की पुरस्कार राशि, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, कॉर्पोरेट इंटर्नशिप और क्लाउड कंप्यूटिंग क्रेडिट की व्यवस्था की गई है।
- लक्ष्य: यह पहल सेमीकंडक्टर मिशन, 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत @2047' के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप रक्षा और नागरिक अनुप्रयोगों में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देती है।
2. डिजिटल जोखिम रिपोर्ट 2025-26: भारतीय BFSI क्षेत्र में 'एआई विषमता' और सुरक्षा चुनौतियां
संदर्भ और रणनीतिक पृष्ठभूमि
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In), वित्त क्षेत्र की सुरक्षा इकाई (CSIRT-Fin) और SISA के सहयोग से बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (BFSI) तथा भुगतान प्रणालियों के लिए 'Digital Threat Report 2025-26 for India's BFSI Sector' का दूसरा संस्करण जारी किया है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब भारत का वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र अत्यधिक परस्पर जुड़ा और प्रौद्योगिकी-संचालित हो गया है, जिससे 'डिजिटल विश्वास' (Digital Trust) को बनाए रखना राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा के लिए अनिवार्य हो गया है।
मुख्य तकनीकी निष्कर्ष और उभरते खतरे
रिपोर्ट वित्तीय सुरक्षा ढांचे में आए आमूलचूल परिवर्तनों और खतरों की तीव्र प्रकृति को रेखांकित करती है:
- एआई विषमता (AI Asymmetry): रिपोर्ट इसे संस्थानों के लिए सबसे बड़े जोखिम के रूप में पहचानती है, जहाँ सीमित संसाधनों वाले हमलावर भी AI के उपयोग से मशीन की गति (machine speed) पर हमले करने में सक्षम हो गए हैं। यह रक्षात्मक और नियामक तंत्रों के विकास की तुलना में आक्रामक क्षमताओं को अधिक तेजी से बढ़ा रहा है।
- खतरे के संचालन का समय (Operational Exploitation): पिछले वर्ष की 7 में से 6 भविष्यवाणियां पूर्णतः साकार हो चुकी हैं, जो यह दर्शाती हैं कि खतरे के उभरने और उसके वास्तविक उपयोग के बीच की अवधि वर्षों से घटकर अब महीनों या हफ्तों तक सीमित हो गई है।
- अदृश्य हमले (Stealth Attacks): आधुनिक हमले अब पारंपरिक घुसपैठ जैसे नहीं दिखते, बल्कि वे वैध सत्रों (legitimate sessions), स्वीकृत भुगतानों या सामान्य उपयोगकर्ता व्यवहार के रूप में छिपकर किए जाते हैं, जिन्हें नुकसान होने तक पहचानना कठिन होता है।
- प्रमुख हमले विधियां: सोशल इंजीनियरिंग, क्रेडेंशियल चोरी, आपूर्ति-श्रृंखला (supply-chain) में सेंधमारी और क्लाउड का दुरुपयोग अब स्थापित आक्रमण विधियां बन चुके हैं।
रणनीतिक सुरक्षा ढांचा और रोडमैप
खतरों से निपटने के लिए Digital Threat Report 2025-26 Report ने एक विश्लेषणात्मक और क्रियान्वयन योग्य (Actionable) रूपरेखा प्रस्तुत की है:
- साइबर विफलता का विश्लेषण (Anatomy of Cyber Failure): इसमें एक 'चार-स्तरीय अंतर संरचना' (4-Layer Gap Archetype Framework) पेश की गई है जो किसी सुरक्षा उल्लंघन की पूरी प्रक्रिया का पुनर्निर्माण करती है। यह संगठनों को बार-बार होने वाले पैटर्न पहचानने और उच्च प्रभाव वाले सुरक्षा अंतरालों की पहचान करने में मदद करती है।
- 18 महीने का रोडमैप: रिपोर्ट संस्थानों को अगले 18 महीनों के लिए एक स्पष्ट मार्ग प्रदान करती है, जिसमें मूलभूत नियंत्रणों को सुदृढ़ करने से लेकर गतिशील सुरक्षा संरचनाओं (resilient security architectures) का निर्माण शामिल है।
- साझा जिम्मेदारी: साइबर लचीलापन अब केवल एक तकनीकी कार्य नहीं, बल्कि संस्थानों, नियामकों और पूरी डिजिटल आपूर्ति श्रृंखला की 'साझा जिम्मेदारी' के रूप में देखा जाना चाहिए।
संस्थागत भूमिका और सहयोग
- CERT-In: Indian Computer Emergency Response Team साइबर सुरक्षा की राष्ट्रीय नोडल एजेंसी है जो घटनाओं के पूर्वानुमान, चेतावनी और आपातकालीन उपायों के लिए उत्तरदायी है।
- CSIRT-Fin: Computer Security Incident Response Team in Finance sector वित्तीय क्षेत्र के लिए विशिष्ट नोडल एजेंसी है जो बैंकिंग, बीमा और पेंशन फंड संस्थाओं में साइबर प्रतिक्रिया का समन्वय करती है।
- SISA: यह पेमेंट साइबर-सिक्योरिटी के क्षेत्र में एक ग्लोबल लीडर है, जो AI, फोरेंसिक और कंप्लायंस की विशेषज्ञता को मिलाकर संगठनों को बिना किसी डर के आगे बढ़ने में मदद करता है।
अभ्यास प्रश्न (MCQs)
- NIDAR 2.0 के तहत छात्रों को C-DAC द्वारा विकसित स्वदेशी 'VEGA' प्रोसेसर का उपयोग करके ड्रोन कंट्रोल सिस्टम और ऑटोपायलट बनाने की चुनौती दी गई है।
- SwaYaan पहल ड्रोन क्षेत्र में कुशल कार्यबल तैयार करने हेतु इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की एक पंचवर्षीय योजना है।
- NIDAR 2.0 का 'ट्रैक 1' पूरी तरह से स्वदेशी एवियोनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक घटकों के विकास पर केंद्रित है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
व्याख्या
कथन 1 सही है: NIDAR 2.0 के ट्रैक 2 (कंपोनेंट नवाचार) के तहत छात्रों को RISC-V आर्किटेक्चर पर आधारित स्वदेशी 'VEGA' प्रोसेसर का उपयोग करके फ्लाइट कंट्रोलर डिजाइन करने का कार्य दिया गया है।
कथन 2 सही है: SwaYaan पहल को MeitY द्वारा जुलाई 2022 में ₹89.87 करोड़ के परिव्यय के साथ 5 वर्षों के लिए अनुमोदित किया गया था।
कथन 3 गलत है: ट्रैक 1 'ड्रोन नवाचार' (Drone Innovation) से संबंधित है, जिसमें स्वायत्त स्वार्म ड्रोन और GPS-रहित इनडोर नेविगेशन विकसित करना शामिल है, जबकि घटकों (Components) का विकास ट्रैक 2 का हिस्सा है।
- 'एआई विषमता' (AI Asymmetry) की स्थिति में आक्रामक साइबर क्षमताएं रक्षात्मक और नियामक तंत्रों की तुलना में अधिक तेजी से विकसित हो रही हैं।
- 'एनाटॉमी ऑफ साइबर फेल्योर' (Anatomy of Cyber Failure) एक 4-स्तरीय ढांचा है जो यह विश्लेषण करता है कि आधुनिक सुरक्षा उल्लंघन (breach) वास्तव में कैसे घटित होता है।
- CSIRT-Fin भारत में केवल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए साइबर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के समन्वय हेतु जिम्मेदार नोडल एजेंसी है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
व्याख्या
कथन 1 सही है: रिपोर्ट के अनुसार AI विषमता के कारण कम संसाधन वाले हमलावर भी मशीन की गति से हमले कर सकते हैं, जिससे रक्षात्मक तंत्र पीछे छूट रहे हैं।
कथन 2 सही है: 'एनाटॉमी ऑफ साइबर फेल्योर' संगठनों को सुरक्षा अंतरालों की पहचान करने और बार-बार होने वाले पैटर्न को पहचानने में मदद करने के लिए एक 4-स्तरीय अंतर संरचना (Gap Archetype Framework) प्रदान करता है।
कथन 3 गलत है: CSIRT-Fin केवल सार्वजनिक बैंकों तक सीमित नहीं है; यह बैंकिंग, प्रतिभूति बाजार, बीमा और पेंशन फंड सहित पूरे भारतीय वित्तीय क्षेत्र की संस्थाओं के लिए एक नोडल सेक्टोरल एजेंसी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
NIDAR 2.0 चैलेंज क्या है?
NIDAR 2.0 इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा 'ड्रोन फेडरेशन इंडिया' के सहयोग से SwaYaan पहल के तहत शुरू की गई 'नेशनल इनोवेशन चैलेंज फॉर ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च' का दूसरा संस्करण है, जिसका उद्देश्य छात्रों को स्वदेशी ड्रोन तकनीक, विशेषकर VEGA प्रोसेसर आधारित प्रणालियों को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
VEGA प्रोसेसर किसने विकसित किया है और इसका आर्किटेक्चर क्या है?
VEGA प्रोसेसर को MeitY के माइक्रोप्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत प्रगत संगणन विकास केंद्र (C-DAC) द्वारा डिज़ाइन किया गया है। यह ओपन-स्टैंडर्ड RISC-V आर्किटेक्चर पर आधारित है और डिजिटल इंडिया RISC-V (DIR-V) कार्यक्रम का हिस्सा है।
NIDAR 2.0 के दो ट्रैक कौन-कौन से हैं?
NIDAR 2.0 में दो ट्रैक हैं: ट्रैक 1 'ड्रोन नवाचार' जिसमें स्वायत्त स्वार्म ड्रोन और GPS-रहित नेविगेशन विकसित करना शामिल है, और ट्रैक 2 'कंपोनेंट नवाचार' जिसमें VEGA प्रोसेसर आधारित फ्लाइट कंट्रोलर और ऑटोपायलट डिज़ाइन करना शामिल है।
'एआई विषमता' (AI Asymmetry) क्या है और यह BFSI क्षेत्र के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
'डिजिटल जोखिम रिपोर्ट 2025-26' के अनुसार एआई विषमता वह स्थिति है जिसमें सीमित संसाधनों वाले हमलावर भी AI के उपयोग से मशीन की गति पर हमले करने में सक्षम हो जाते हैं, जिससे आक्रामक क्षमताएं रक्षात्मक और नियामक तंत्रों की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ती हैं। इसे BFSI क्षेत्र के लिए सबसे बड़े जोखिम के रूप में पहचाना गया है।
'डिजिटल जोखिम रिपोर्ट 2025-26' किन एजेंसियों के सहयोग से जारी की गई है?
यह रिपोर्ट MeitY द्वारा भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In), वित्त क्षेत्र की सुरक्षा इकाई (CSIRT-Fin) और वैश्विक पेमेंट साइबर-सिक्योरिटी विशेषज्ञ SISA के सहयोग से जारी की गई है।
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