विषय सूची (Table of Contents)
- सेमीकॉन 2.0 (Semicon 2.0): भारत के सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र हेतु दीर्घकालिक नीतिगत समर्थन।
- मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS): घरेलू Brands के निर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता हेतु ₹62,500 करोड़ का निवेश।
- राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 (NIPU-2026): उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और निवेश प्रोत्साहन हेतु नई रूपरेखा।
- भारत–यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA): द्विपक्षीय व्यापार के नए युग की शुरुआत और सामाजिक सुरक्षा समझौता।
- आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) - जून 2026
1. सेमीकॉन 2.0: सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हेतु रोडमैप
संदर्भ
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹1,27,500 करोड़ के बजटीय परिव्यय के साथ सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी दी है। यह योजना सेमीकॉन 1.0 की सफलता को आगे बढ़ाते हुए भारत को विश्व के सेमीकंडक्टर मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने हेतु लक्षित है।
छह स्तंभ (Six Pillars)
- डिजाइन: 105 स्टार्टअप्स के साथ चिप डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र को गहरा करना और भारत को चिप डिजाइन 'आईपी' (Intellectual Property) हब बनाना।
- मशीनें और सामग्रियां: चिप निर्माण हेतु आवश्यक रसायनों, गैसों और मशीनों के स्वदेशी विकास हेतु कंपनियों को प्रोत्साहन।
- फैब की स्थापना: सिलिकॉन और कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करने हेतु वैश्विक निर्माताओं को आकर्षित करना।
- ATMP/OSAT: भारत को चिप पैकेजिंग और परीक्षण के लिए एक वैकल्पिक वैश्विक गंतव्य के रूप में विकसित करना।
- अनुसंधान एवं विकास (R&D): उन्नत नोड्स और भविष्य की प्रौद्योगिकियों पर वैश्विक सहयोग।
- प्रतिभा विकास: 315 विश्वविद्यालयों के माध्यम से छात्रों को जटिल चिप डिजाइन में प्रशिक्षित करना (अब तक 68,000 प्रशिक्षित)।
2. मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS): तकनीकी संप्रभुता की ओर
संदर्भ
सरकार ने ₹62,500 करोड़ के परिव्यय के साथ MPMS को मंजूरी दी है, जिसका कार्यकाल वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक (5 वर्ष) होगा।
तकनीकी विवरण
- प्रोत्साहन: पात्र बिक्री पर 2.25% से 5% तक की प्रोत्साहन राशि।
- घरेलू सोर्सिंग: प्रमुख घटकों की स्वदेशी खरीद पर 1.5% तक का अतिरिक्त प्रोत्साहन।
- भारतीय ब्रांड: स्वदेशी ब्रांडों के डिजाइन और R&D हेतु 3% का विशेष प्रोत्साहन।
रणनीतिक महत्व
- यह योजना प्रौद्योगिकीय संप्रभुता प्राप्त करने और भारतीय पेटेंट बनाने हेतु लक्षित है।
- भारत वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माता है, जहाँ 99.2% उपयोग होने वाले फोन स्वदेशी रूप से निर्मित हैं।
3. राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 (NIPU-2026): आत्मनिर्भर कृषि
संदर्भ
यूरिया क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने और गैस-आधारित विनिर्माण इकाइयों में नए निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु NIPU-2026 को मंजूरी दी गई है।
प्रमुख परिवर्तन (बनाम NIP-2012)
- पारदर्शिता हेतु स्थिर (Fixed) और परिवर्तनशील (Variable) लागतों का पृथक्करण।
- रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE): 12% (न्यूनतम) से 16% (अधिकतम) का व्यावहारिक बैंड।
- विदेशी मुद्रा जोखिम का प्रबंधन: चार वर्षों के बाद स्थिर लागत को भारतीय रुपये (INR) में परिवर्तित करने का प्रावधान।
4. भारत–यूके CETA: व्यापार और सामाजिक सुरक्षा का नया ढांचा
संदर्भ
भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) और सामाजिक सुरक्षा समझौता 15 जुलाई 2026 को औपचारिक रूप से लागू हो गए हैं।
मुख्य विवरण
- बाजार पहुंच: भारत के लगभग 99% निर्यात को United Kingdom (UK) के बाजार में शून्य-शुल्क (Zero-duty) पहुंच प्राप्त होगी।
- सामाजिक सुरक्षा (Double Contribution Convention): यूके में तैनात भारतीय पेशेवरों को 5 वर्षों तक दोहरे सामाजिक सुरक्षा योगदान से छूट मिलेगी, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
5. आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) - जून 2026 बुलेटिन
संदर्भ
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जून 2026 हेतु श्रम बाजार के प्रमुख संकेतक जारी किए गए हैं।
मुख्य सांख्यिकी (15+ आयु वर्ग)
- LFPR (श्रम बल सहभागिता दर): कुल 54.4% (मई 2026 के बराबर)। शहरी LFPR में मामूली सुधार होकर यह 50.1% पहुँचा।
- WPR (श्रमिक जनसंख्या अनुपात): कुल 51.4% पर स्थिर। पुरुष WPR बढ़कर 72.9% हुआ।
- UR (बेरोजगारी दर): अखिल भारतीय स्तर पर 5.5% पर स्थिर। शहरी बेरोजगारी दर में मई की तुलना में मामूली वृद्धि (6.6%) हुई, लेकिन जून 2025 (7.1%) की तुलना में इसमें महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. सेमीकॉन 2.0 योजना का कुल बजटीय परिव्यय कितना है?
सेमीकॉन 2.0 का कुल बजटीय परिव्यय ₹1,27,500 करोड़ है।
2. मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (MPMS) किस अवधि के लिए लागू है?
MPMS वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक, यानी कुल 5 वर्षों के लिए लागू है।
3. भारत-यूके CETA कब से औपचारिक रूप से लागू हुआ?
भारत-यूके CETA और सामाजिक सुरक्षा समझौता 15 जुलाई 2026 से औपचारिक रूप से लागू हो गए हैं।
4. जून 2026 में अखिल भारतीय बेरोजगारी दर (UR) कितनी रही?
जून 2026 में अखिल भारतीय बेरोजगारी दर 5.5% पर स्थिर रही।
5. NIPU-2026 के तहत रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) का बैंड क्या है?
NIPU-2026 के तहत RoE का व्यावहारिक बैंड 12% (न्यूनतम) से 16% (अधिकतम) निर्धारित किया गया है।
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