विषय सूची (Table of Contents)
- अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) रिपोर्ट: उच्च शिक्षा में नामांकन के नवीन रुझान और लैंगिक समावेशिता। (UPSC GS-II: सरकारी नीतियां और शिक्षा)
- प्रंबानन मंदिर परिसर संरक्षण परियोजना: भारत-इंडोनेशिया साझा सभ्यतागत विरासत और सांस्कृतिक कूटनीति। (UPSC GS-I: कला एवं संस्कृति और GS-II: अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
- लंबी दूरी के निर्देशित पिनाका रॉकेट का परीक्षण: स्वदेशी रक्षा क्षमता और तकनीकी संप्रभुता का सुदृढ़ीकरण। (UPSC GS-III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और रक्षा)
1. अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) रिपोर्ट
(UPSC GS-II: सरकारी नीतियां और शिक्षा)
संदर्भ (Context)
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने शैक्षणिक वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) की विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। यह सर्वेक्षण वेब-आधारित 'डेटा कैप्चर फॉर्मेट' (DCF) के माध्यम से देश भर के उच्च शिक्षा संस्थानों से छात्र नामांकन, संकाय और बुनियादी ढांचे इत्यादि महत्वपूर्ण डेटा संकलित करता है। उल्लेखनीय है कि AISHE भारत में उच्च शिक्षा पर आधिकारिक आंकड़ों का प्राथमिक स्रोत है, जो इस क्षेत्र की नीति निर्माण और रणनीतिक योजना के लिए आधारभूत डेटा प्रदान करता है।
मुख्य विवरण (Highlights)
- सकल नामांकन अनुपात (GER - 30): वर्ष 2023-24 में उच्च शिक्षा का GER बढ़कर 30 के स्तर पर पहुँच गया है।
व्याख्या: GER की गणना 18-23 वर्ष आयु वर्ग की कुल अनुमानित जनसंख्या में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के अनुपात के रूप में की जाती है। GER 30 का अर्थ है कि इस आयु वर्ग के प्रत्येक 100 युवाओं में से 30 उच्च शिक्षा संस्थानों में नामांकित हैं। यह 2014-15 के 23.7 प्रतिशत से एक महत्वपूर्ण उछाल है। - कुल नामांकन में वृद्धि: उच्च शिक्षा में कुल नामांकन 2014-15 के 3.42 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 4.50 करोड़ हो गया है, जो एक दशक में 31.5% की वृद्धि दर्शाता है।
- सामाजिक समावेशिता: अनुसूचित जाति (SC) के नामांकन में 51.4%, अनुसूचित जनजाति (ST) में 75.7% और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के नामांकन में 60.2% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है।
- STEM नामांकन: विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) पाठ्यक्रमों में कुल नामांकन बढ़कर 1.02 करोड़ हो गया है।
- लैंगिक समानता सूचकांक (GPI - 1.08): वर्ष 2023-24 के लिए GPI 1.08 दर्ज किया गया है।
व्याख्या: GPI पुरुषों की तुलना में महिलाओं की शिक्षा तक सापेक्ष पहुंच को मापता है। 1.08 का सूचकांक यह दर्शाता है कि उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में अधिक है (1.0 से अधिक का मान महिलाओं के पक्ष में सकारात्मक झुकाव को दर्शाता है)। - STEM में महिला सशक्तिकरण: STEM शिक्षा में महिला छात्रों की हिस्सेदारी 2014-15 के 38.4% से बढ़कर 44% हो गई है, जो तकनीकी क्षेत्र में बढ़ती लैंगिक समावेशिता का परिचायक है।
- संस्थागत सहभागिता: सर्वेक्षण में उच्च शिक्षा संस्थानों की भागीदारी दर 90% से अधिक रही है, जो डेटा की सांख्यिकीय विश्वसनीयता को सुदृढ़ करती है।
- शिक्षण संकाय का विस्तार: उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कुल संख्या 17.32 लाख हो गई है, जिसमें महिला शिक्षकों की संख्या 2014-15 के 5.69 लाख से बढ़कर 7.78 लाख पहुँच गई है।
- डिजिटल गवर्नेंस: AISHE पोर्टल के माध्यम से डेटा संकलन की प्रक्रिया प्रशासनिक पारदर्शिता और 'डेटा-संचालित शासन' (Data-driven Governance) को बढ़ावा देती है।
2. प्रंबानन मंदिर परिसर संरक्षण परियोजना: भारत-इंडोनेशिया साझा सभ्यतागत विरासत और सांस्कृतिक कूटनीति
(UPSC GS-I: कला एवं संस्कृति और GS-II: अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
संदर्भ (Context)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने हाल ही में योग्याकार्ता में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रंबानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार हेतु भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की एक महत्वपूर्ण परियोजना का औपचारिक शुभारंभ किया है। यह दोनों देशों के बीच 'नई व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (New Comprehensive Strategic Partnership) के अंतर्गत सांस्कृतिक सहयोग के नए अध्याय को रेखांकित करती है।
तकनीकी और ऐतिहासिक विवरण (Technical & Historical Highlights)
- ऐतिहासिक उत्पत्ति: प्रंबानन (स्थानीय नाम: रोरो जोंगग्रांग) का निर्माण 9वीं शताब्दी (लगभग 850 ईस्वी) में जावा के संजय राजवंश (राजा रकय पिकातन) के काल में हुआ था। यह पास ही स्थित बौद्ध स्मारक बोरोबुदुर के प्रत्युत्तर में जावा में शैव हिंदू धर्म के पुनरुत्थान और शक्ति प्रदर्शन का प्रतीक माना जाता है।
- वास्तुकला संरचना: यह इंडोनेशिया का सबसे बड़ा और दक्षिण-पूर्व एशिया के विशालतम हिंदू मंदिरों में से एक है। मूल परिसर में कुल 240 मंदिर शामिल थे।
- त्रिमूर्ति शिखर: परिसर के केंद्र में हिंदू त्रिमूर्ति—ब्रह्मा, विष्णु और शिव—को समर्पित तीन विशाल मंदिर हैं। इनमें केंद्रीय शिव मंदिर की ऊंचाई 47 मीटर है।
- वाहन मंदिर: मुख्य मंदिरों के ठीक सामने उनके दिव्य वाहनों—नंदी (शिव), हंस (ब्रह्मा) और गरुड़ (विष्णु)—के लिए समर्पित छोटे मंदिर स्थित हैं।
- कलात्मक नक्काशी: मंदिर की आंतरिक गलियारों की दीवारों पर रामायण और भागवत पुराण के प्रसंगों को चित्रित करने वाली पत्थर की नक्काशी (Bas-reliefs) के उत्कृष्ट उदाहरण मिलते हैं, जो प्राचीन जावानीस शैली का परिचय देते हैं।
- निर्माण तकनीक: यह मंदिर प्राचीन जावानीस इंजीनियरिंग कौशल का प्रमाण है, जहाँ पत्थरों को बिना मोर्टार के 'इंटरलॉकिंग स्टोन' तकनीक से जोड़ा गया है। यह तकनीक भूकंपीय कंपन को सहन करने हेतु लचीलापन प्रदान करती है।
- यूनेस्को स्थिति: इसे 1991 में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था और 1998 में इसे इंडोनेशिया की 'राष्ट्रीय सांस्कृतिक संपत्ति' घोषित किया गया।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance)
- सांस्कृतिक कूटनीति (Soft Power): साझा सभ्यतागत विरासत का संरक्षण भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और इंडोनेशिया की 'ग्लोबल मैरीटाइम फलक्रम' नीति के बीच सामंजस्य को सांस्कृतिक मजबूती प्रदान करता है।
- ASI की वैश्विक विश्वसनीयता: दक्षिण-पूर्व एशिया में वियतनाम, कंबोडिया और लाओस के बाद प्रंबानन में ASI की भूमिका भारत की ऐतिहासिक संरक्षण विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय विरासत प्रबंधन में नेतृत्व को सुदृढ़ करती है।
- धार्मिक सद्भाव का प्रतीक: प्रंबानन परिसर के पास ही कई बौद्ध मंदिरों (जैसे- सेवा मंदिर) की उपस्थिति 9वीं शताब्दी के जावा में हिंदू और बौद्ध धर्मों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को प्रमाणित करती है।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष
- संस्थागत सहयोग: यह परियोजना ASI और इंडोनेशियाई संस्कृति मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालयों के मध्य एक 'सहयोगात्मक संरक्षण पहल' (Collaborative Conservation Initiative) है।
- पर्यटन अर्थव्यवस्था: साझा विरासत का जीर्णोद्धार योग्याकार्ता क्षेत्र में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे स्थानीय समुदायों और रचनात्मक उद्योगों (Creative Industries) को आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
निश्चित रूप से, आज के अंतिम विषय का विस्तृत और पेशेवर विश्लेषण निम्नलिखित है:
3. लंबी दूरी के निर्देशित पिनाका रॉकेट का सफल परीक्षण
(UPSC GS-III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और रक्षा)
संदर्भ (Context)
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 08 जुलाई, 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से लंबी दूरी के निर्देशित पिनाका रॉकेट (Pinaka LRGR) का सफल उड़ान परीक्षण संपन्न किया है। यह परीक्षण भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंटों की मारक क्षमता को आधुनिक बनाने और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
तकनीकी/मुख्य विवरण (Technical Highlights)
- मारक क्षमता और सटीकता: इस रॉकेट का परीक्षण उपयोगकर्ता द्वारा निर्धारित न्यूनतम 60 किलोमीटर की मारक क्षमता के लिए किया गया था। परीक्षण के दौरान रॉकेट ने 'टेक्स्टबुक प्रिसिजन' (सटीकता) के साथ पूर्व निर्धारित प्रक्षेपवक्र (trajectory) का पालन करते हुए अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा।
- स्वदेशी विकास: इस प्रणाली का डिजाइन और विकास आयुध अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (ARDE) ने उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (HEMRL) के सहयोग से किया है। इसमें रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL) और अनुसंधान केंद्र इमारत (RCI) ने भी महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान किया है।
- प्रक्षेपक की बहुउपयोगिता: इस परीक्षण की एक प्रमुख विशेषता यह रही कि इसे सेना में पहले से सेवा में मौजूद पिनाका लॉन्चर से ही दागा गया। यह एक ही प्लेटफॉर्म से विभिन्न श्रेणियों और रेंजों के रॉकेटों को लॉन्च करने की क्षमता (Operational Flexibility) को प्रमाणित करता है।
- निगरानी तंत्र: पूरी उड़ान के दौरान रॉकेट को रेंज में तैनात रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और टेलीमेट्री जैसे उपकरणों के माध्यम से ट्रैक किया गया।
MCQ
प्रश्न 1.
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रयुक्त होने वाले सांख्यिकीय संकेतकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- सकल नामांकन अनुपात (GER) की गणना एक विशिष्ट आयु वर्ग (जैसे 18-23 वर्ष) की कुल अनुमानित जनसंख्या के सापेक्ष उच्च शिक्षा में नामांकित छात्रों के प्रतिशत के रूप में की जाती है।
- लैंगिक समानता सूचकांक (GPI) का मान '1' से अधिक होना यह दर्शाता है कि संबंधित शैक्षिक स्तर पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं की भागीदारी अधिक है।
- अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) के तहत डेटा संकलन की प्रक्रिया संबंधित संस्थानों के लिए वैधानिक रूप से अनिवार्य (Statutory) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 2 (B) केवल 2 और 3 (C) केवल 1 और 3 (D) 1, 2 और 3
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: GER शिक्षा के किसी विशेष स्तर पर नामांकन का माप है, जिसे उस स्तर के लिए आधिकारिक आयु समूह की कुल जनसंख्या के प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है।
- कथन 2 सही है: GPI महिलाओं और पुरुषों की शिक्षा तक सापेक्ष पहुंच का अनुपात है। 1.00 का मान पूर्ण समानता दर्शाता है, जबकि 1 से अधिक का मान महिलाओं के पक्ष में सकारात्मक अंतर को इंगित करता है।
- कथन 3 गलत है: सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, AISHE में संस्थानों की भागीदारी 'स्वैच्छिक' (Voluntary) है और डेटा की गुणवत्ता की प्राथमिक जिम्मेदारी स्वयं संस्थानों की होती है।
प्रश्न 2.
जावा (इंडोनेशिया) के ऐतिहासिक प्रंबानन मंदिर परिसर के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- इस परिसर का निर्माण 9वीं शताब्दी में संजय राजवंश द्वारा जावा में शैव हिंदू धर्म के पुनरुत्थान के प्रतीक के रूप में किया गया था।
- प्रंबानन की वास्तुकला में 'त्रिमूर्ति' विन्यास के तहत ब्रह्मा, विष्णु और शिव को समर्पित तीन मुख्य मंदिर शामिल हैं, जिनमें केंद्रीय और सबसे ऊंचा शिखर भगवान विष्णु का है।
- इस मंदिर की निर्माण तकनीक में बिना मोर्टार के 'इंटरलॉकिंग स्टोन' (Interlocking Stone) विधि का प्रयोग किया गया है, जो इसे भूकंपीय लचीलापन प्रदान करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 2 (B) केवल 1 और 3 (C) केवल 2 और 3 (D) 1, 2 और 3
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: प्रंबानन का निर्माण लगभग 850 ईस्वी (9वीं शताब्दी) में संजय राजवंश के राजा रकय पिकातन के काल में हुआ था, जो बौद्ध शैलेंद्र राजवंश के प्रभाव के बाद हिंदू धर्म के पुनरुत्थान का सूचक था।
- कथन 2 गलत है: यद्यपि यह त्रिमूर्ति को समर्पित है, लेकिन परिसर का सबसे ऊंचा (47 मीटर) और केंद्रीय मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, न कि विष्णु को।
- कथन 3 सही है: यह प्राचीन जावानीस इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ पत्थरों को सूखी इंटरलॉकिंग तकनीक से जोड़ा गया है ताकि वे भूकंप के झटकों को सहन कर सकें।
प्रश्न 3.
भारत की स्वदेशी 'पिनाका' हथियार प्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- पिनाका एक मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) प्रणाली है, जिसे मुख्य रूप से लंबी दूरी की रणनीतिक परमाणु प्रतिरोधक (Strategic Nuclear Deterrence) क्षमता के लिए विकसित किया गया है।
- पिनाका का 'निर्देशित' (Guided) संस्करण एक नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम से लैस है, जो पारंपरिक अनगाइडेड रॉकेटों की तुलना में प्रहार की सटीकता (Precision) को बढ़ाता है।
- पिनाका प्रणाली का विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की विभिन्न प्रयोगशालाओं के साथ निजी क्षेत्र के सहयोग से 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 2 (B) केवल 1 और 3 (C) केवल 2 और 3 (D) 1, 2 और 3
व्याख्या:
- कथन 1 गलत है: पिनाका एक 'आर्टिलरी' (Artillery) रॉकेट प्रणाली है जिसका उपयोग सामरिक (Tactical) उद्देश्यों और उच्च-घनत्व वाले प्रहार के लिए किया जाता है, न कि परमाणु प्रतिरोध (Nuclear Deterrence) जैसे रणनीतिक उद्देश्यों के लिए।
- कथन 2 सही है: निर्देशित पिनाका (Guided Pinaka) पारंपरिक अनगाइडेड रॉकेटों का उन्नत संस्करण है, जो नेविगेशन और इन-फ्लाइट पैंतरेबाजी के माध्यम से लक्ष्य को सटीकता से भेदने में सक्षम है।
- कथन 3 सही है: इसे स्वदेशी रूप से ARDE और HEMRL जैसी DRDO प्रयोगशालाओं द्वारा भारतीय सेना और उद्योग भागीदारों के सहयोग से विकसित किया गया है।
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