संक्षिप्त विषय सूची (Table of Contents)
- भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन विद्युत क्षमता (Non-Fossil Fuel Power Capacity): कुल स्थापित क्षमता में नवीकरणीय और गैर-जीवाश्म स्रोतों की 54% से अधिक की हिस्सेदारी, घरेलू सौर विनिर्माण में Production Linked Incentive (PLI) योजना का प्रभाव, और राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का नीतिगत ढांचा (UPSC GS Paper III: बुनियादी ढांचा - ऊर्जा; आर्थिक विकास; पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन)।
- पुदुचेरी पुलिस को 'President's Colours' सम्मान और क्षेत्रीय विकास: पुलिस बल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, कानून-व्यवस्था के प्रबंधन में भौगोलिक चुनौतियां, नए आपराधिक कानूनों (New Criminal Laws) का क्रियान्वयन, और केंद्र शासित प्रदेश (UT) में ढांचागत निवेश और वित्तीय सहायता (UPSC GS Paper II: आंतरिक सुरक्षा; शासन और संघवाद - Union Territories)।
1. गैर-जीवाश्म ईंधन विद्युत क्षमता में 300 गीगावाट (GW) की विशेष उपलब्धि
संदर्भ (Context)
महत्वपूर्ण प्रगति: भारत ने 31 जुलाई 2026 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता (non-fossil fuel-based installed electricity generation capacity) में 300 गीगावाट (GW) का विशेष आंकड़ा पार कर लिया है।
2030 का लक्ष्य: यह क्षमता वर्ष 2030 तक हासिल किए जाने वाले 500 GW के राष्ट्रीय लक्ष्य का 60 प्रतिशत से अधिक है।
नीतिगत अनुकूलन: यह प्रगति देश के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, आत्मनिर्भर ऊर्जा इकोसिस्टम (Aatmanirbhar energy ecosystem) के निर्माण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की नीतिगत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मुख्य विवरण (Highlights)
31 जुलाई 2026 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित क्षमता का वर्गीकरण (Installed Capacity Breakdown):
- Solar Power (सौर ऊर्जा): 164.59 GW
- Wind Power (पवन ऊर्जा): 58.14 GW
- Hydro Power (जल विद्युत - बड़े और छोटे): 57.24 GW
- Bio-power (जैव-ऊर्जा): 11.75 GW
- Nuclear Power (परमाणु ऊर्जा): 8.78 GW
- कुल गैर-जीवाश्म क्षमता (Total Non-Fossil Capacity): 300.50 GW
महत्वपूर्ण आर्थिक और संस्थागत संकेतक:
स्थापित क्षमता में हिस्सेदारी: वर्तमान में देश की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 552 GW है। इसमें गैर-जीवाश्म स्रोतों से उत्पन्न विद्युत क्षमता का हिस्सा 54 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
तीव्र विकास की तुलना (2014 बनाम 2026):
सौर ऊर्जा क्षमता: वर्ष 2014 के मात्र 2.8 GW से बढ़कर वर्तमान में लगभग 165 GW तक पहुँच गई है।
पवन ऊर्जा क्षमता: वर्ष 2014 के 21 GW से मजबूत गति पकड़ते हुए वर्तमान में 58 GW से अधिक हो गई है।
रिकॉर्ड वार्षिक स्थापना (Record Installation in 2025-26): वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान देश में रिकॉर्ड 55.29 GW गैर-जीवाश्म क्षमता स्थापित की गई, जिसमें 44.6 GW सौर ऊर्जा और 6 GW पवन ऊर्जा का योगदान रहा।
विद्युत उत्पादन में वृद्धि: नवीकरणीय ऊर्जा से वास्तविक विद्युत उत्पादन वर्ष 2014-15 के 190.96 बिलियन यूनिट (BU) से ढाई गुना से अधिक बढ़कर वर्ष 2025-26 में 477.79 BU तक पहुँच गया है।
घरेलू विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला स्वतंत्रता (Supply Chain Independence)
PLI योजना का प्रभाव: उच्च दक्षता वाले स्वदेशी सोलर मॉड्यूल के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लागू Production Linked Incentive (PLI) योजना ने घरेलू विनिर्माण की दिशा बदल दी है।
ALMM पंजीकरण: 'सौर पीवी मॉड्यूल के लिए अनुमोदित मॉडल और निर्माताओं की सूची' (Approved List of Models and Manufacturers - ALMM) के तहत सूचीबद्ध विनिर्माण क्षमता वर्ष 2014 के मात्र 2.3 GW से बढ़कर 200 GW के विशेष स्तर को पार कर गई है।
औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय गहन औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन को गति दे रहा है। इसके तहत National Green Hydrogen Mission के प्रभावी कार्यान्वयन से भारत को ग्रीन हाइड्रोजन और इसके व्युत्पन्न पदार्थों (derivatives) के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का एक वैश्विक केंद्र बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
नीतिगत और सामरिक महत्व (Strategic Significance)
ऊर्जा स्वतंत्रता (Energy Independence): जीवाश्म ईंधन (विशेष रूप से कोयला और आयातित तेल) पर निर्भरता कम करके औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता और देश के आर्थिक लचीलेपन को मजबूत करना।
वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धता: उत्सर्जन तीव्रता में कमी लाने के पेरिस समझौते और COP प्रतिबद्धताओं के प्रति भारत की विश्वसनीय नीतिगत पहलों का प्रदर्शन।
UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Points for UPSC)
प्रारंभिक परीक्षा हेतु: गैर-जीवाश्म ईंधन स्थापित क्षमता का तकनीकी वर्गीकरण (सौर, पवन, जल विद्युत का घटता/बढ़ता क्रम); ALMM और PLI योजना की विशेषताएं; राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के उद्देश्य।
मुख्य परीक्षा हेतु (GS Paper III - आर्थिक विकास और पर्यावरण):
स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के समक्ष चुनौतियां: ग्रिड एकीकरण (Grid Integration), विद्युत भंडारण प्रणाली (Battery Energy Storage Systems) की आवश्यकता और सौर विनिर्माण के लिए कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला में आत्मनिर्भरता का महत्व।
आर्थिक विकास बनाम पर्यावरण संरक्षण: भारत का 500 GW का लक्ष्य और इसके औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव।
2. पुदुचेरी पुलिस को 'President's Colours' सम्मान और क्षेत्रीय विकास
संदर्भ (Context)
प्रतिष्ठित सम्मान: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 09 अगस्त 2026 को पुदुचेरी पुलिस को उनके शौर्य, समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए देश का सर्वोच्च पुलिस सम्मान President's Colours (राष्ट्रपति निशान) प्रदान किया।
मुख्य उपस्थिति: इस गरिमामयी समारोह के दौरान पुदुचेरी के उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन और मुख्यमंत्री एन. रंगासामी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और भौगोलिक चुनौतियाँ (Historical & Geographical Context)
भौगोलिक रूप से बिखरा क्षेत्र: पुदुचेरी पुलिस की मुख्य चुनौती इसके 4 Geographically Separated Regions (4 अलग-अलग स्थानों में बिखरे क्षेत्रों) की कानून-व्यवस्था को संभालना है।
फ्रांसीसी शासन का प्रभाव: लंबे फ्रांसीसी शासन (French Rule) के अधीन रहने के बावजूद पुदुचेरी ने अपनी अनूठी भारतीय सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखा।
महानिदेशक पद का सृजन: पुदुचेरी में Director General of Police (DGP) के पद का सृजन 01 अक्टूबर 1963 को किया गया था, जिसके बाद से इस सीमांत क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा (Internal Security) सुदृढ़ हुई है।
बुनियादी ढांचागत प्रगति (Infrastructure Highlights)
वित्तीय और ढांचागत सहायता:
- वर्ष 1950 से 2014 तक पुदुचेरी को केवल ₹3,500 करोड़ की बजटीय सहायता दी गई थी, जबकि वर्ष 2014 से 2026 के बीच वर्तमान सरकार द्वारा इसे लगभग चार गुना बढ़ाकर ₹13,762 करोड़ की वित्तीय सहायता दी गई।
- पिछले 9 वर्षों में पुदुचेरी में ₹39,000 करोड़ का Industrial Investment (औद्योगिक निवेश) कराया गया।
- ढांचागत परियोजनाओं के तहत National Highway 332-A को ₹2,200 करोड़ की लागत से फोर-लेन (4-lane) किया जा रहा है। इसके साथ ही, 3,400 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा विस्तारित रन-वे (Extended Runway) भी विकसित किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन विद्युत क्षमता में कब और कितना आंकड़ा पार किया?
भारत ने 31 जुलाई 2026 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता में 300.50 GW का आंकड़ा पार किया, जो कुल स्थापित क्षमता (लगभग 552 GW) का 54% से अधिक है और 2030 के 500 GW लक्ष्य का 60% से अधिक है।
2. गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता में किस स्रोत का सबसे बड़ा योगदान है?
सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा योगदान है (164.59 GW), इसके बाद पवन ऊर्जा (58.14 GW), जल विद्युत (57.24 GW), जैव-ऊर्जा (11.75 GW) और परमाणु ऊर्जा (8.78 GW) का स्थान है।
3. ALMM के तहत सौर पीवी मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता कितनी बढ़ी है?
'सौर पीवी मॉड्यूल के लिए अनुमोदित मॉडल और निर्माताओं की सूची' (ALMM) के तहत सूचीबद्ध घरेलू विनिर्माण क्षमता वर्ष 2014 के 2.3 GW से बढ़कर 200 GW के स्तर को पार कर गई है, जो PLI योजना के प्रभाव को दर्शाती है।
4. पुदुचेरी पुलिस को 'President's Colours' सम्मान कब और क्यों दिया गया?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 09 अगस्त 2026 को पुदुचेरी पुलिस को उनके शौर्य, समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए देश का सर्वोच्च पुलिस सम्मान President's Colours प्रदान किया।
5. पुदुचेरी में हाल के वर्षों में कितना वित्तीय और औद्योगिक निवेश हुआ है?
वर्ष 2014 से 2026 के बीच पुदुचेरी को ₹13,762 करोड़ की वित्तीय सहायता दी गई (1950-2014 के दौरान मिले ₹3,500 करोड़ से लगभग चार गुना अधिक), और पिछले 9 वर्षों में ₹39,000 करोड़ का औद्योगिक निवेश हुआ है।
अभ्यास प्रश्न (MCQs for UPSC CSE Prelims)
प्रश्न 1
भारत में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत उत्पादन क्षमता और इसके नियामक बुनियादी ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
2. स्थापित गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के स्रोतों में पवन ऊर्जा का योगदान परमाणु ऊर्जा और जैव-ऊर्जा (Bio-power) दोनों के संयुक्त योगदान से भी अधिक है।
3. घरेलू आपूर्ति श्रृंखला स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए, सौर पीवी मॉड्यूल के लिए स्वीकृत निर्माताओं की सूची (ALMM) के तहत सूचीबद्ध क्षमता वर्तमान में 150 GW के स्तर से नीचे बनी हुई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: A (केवल 1 और 2)
कथन 1 सही है: 31 जुलाई 2026 तक भारत की कुल गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 300.50 GW हो गई है। कुल बिजली उत्पादन क्षमता (लगभग 552 GW) में इसकी हिस्सेदारी 54% से अधिक हो गई है।
कथन 2 सही है: स्थापित स्रोतों में पवन ऊर्जा की क्षमता 58.14 GW है। यह परमाणु ऊर्जा (8.78 GW) और जैव-ऊर्जा (11.75 GW) की संयुक्त क्षमता (8.78 + 11.75 = 20.53 GW) से काफी अधिक है।
कथन 3 गलत है: पीएलआई (PLI) योजना के कुशल क्रियान्वयन के कारण, सौर पीवी मॉड्यूल के लिए ALMM के अंतर्गत सूचीबद्ध घरेलू क्षमता 200 GW के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर चुकी है, जो 2014 में केवल 2.3 GW थी।
प्रश्न 2
'President's Colours' सम्मान और पुदुचेरी पुलिस के प्रशासनिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
2. पुदुचेरी में पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद का सृजन पुदुचेरी के भारतीय संघ में औपचारिक विलय से बहुत पहले, वर्ष 1950 में ही कर दिया गया था।
3. नए आपराधिक कानून (New Criminal Laws) दंडात्मक होने के बजाय न्याय-उन्मुख हैं और वे Technology, Timeline, और Trust के तीन स्तंभों पर आधारित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: C (केवल 1 और 3)
कथन 1 सही है: पुदुचेरी पुलिस की भौगोलिक संरचना जटिल है क्योंकि यह चार अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में बिखरी हुई है, जहां कानून-व्यवस्था संभालना एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
कथन 2 गलत है: पुदुचेरी में पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद का सृजन 01 अक्टूबर 1963 को किया गया था, न कि 1950 में।
कथन 3 सही है: नए आपराधिक कानून देश के विनियामक ढांचे में बड़ा बदलाव लाते हैं, जो केवल दंडात्मक नहीं हैं बल्कि नागरिकों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए Technology, Timeline, और Trust पर केंद्रित हैं।