List of Content (विषय सूची)
- PM Viksit Bharat Rozgar Yojana (PM-VBRY): ₹2,400 करोड़ का Incentive Disbursal और 70 लाख युवाओं के लिए Social Security का विस्तार।
- Intensified TB Mukt Bharat Abhiyan: Incidence Trends (2014-2024) की समीक्षा और AI-powered Chatbot 'Khushi' का शुभारंभ।
- India Secures FATF Vice-Presidency: Global Leadership और भारत के AML/CFT Framework की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता।
- Expansion of National Test House (NTH): मुंबई और गाज़ियाबाद में नई Testing Facilities का उद्घाटन और Quality Assurance Ecosystem का सुदृढ़ीकरण।
- Inaugural BRICS MSME Forum 2026: आगरा में Sustainability, Digital Transformation और Global Integration पर केंद्रित देशों की बैठक।
- India-Uzbekistan 14th IGC: द्विपक्षीय व्यापार को 2029 तक दोगुना करने के लिए Strategic Roadmap और Critical Minerals पर सहयोग।
1. PM Viksit Bharat Rozgar Yojana (PM-VBRY): ₹2,400 करोड़ का प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा विस्तार
हालिया घटनाक्रम (Recent Development)
19 जून 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में PM-VBRY के तहत ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि (Incentive) लगभग 15 लाख लाभार्थियों को वितरित की गई। यह योजना भारत के Employment-Linked Incentive (ELI) मॉडल को मजबूती प्रदान करती है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं के लिए औपचारिक रोजगार सृजन और उद्योग-कार्यबल के बीच की दूरी को पाटना है।
योजना की संरचना (Scheme Framework and Structure)
यह योजना दो मुख्य भागों में विभाजित है, जो कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) दोनों को लक्षित करती है:
Part A (First-time Employees): EPFO के साथ पंजीकृत पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं (वेतन ₹1 लाख/माह तक) को एक महीने के वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह अधिकतम ₹15,000 तक होती है, जो दो किस्तों में Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में जमा की जाती है।
Part B (Employer Incentives): नए और अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी ₹3,000 प्रति माह का प्रोत्साहन 2 वर्षों के लिए दिया जाता है। Manufacturing Sector के लिए इस अवधि को बढ़ाकर 4 वर्ष किया गया है ताकि औद्योगिक विकास को गति मिल सके।
महत्व
Workforce Formalization: अगस्त 2025 से अब तक लगभग 70 लाख प्रथम-श्रमशक्ति (First-time Employees) को औपचारिक कार्यबल के दायरे में लाया गया है, जिनमें महिलाओं की भागीदारी लगभग 30% है।
Social Security Coverage: भारत की सामाजिक सुरक्षा कवरेज पिछले दशक में 19% से बढ़कर 64.3% हो गई है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी वृद्धि में से एक है।
Employment Elasticity: हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत की Employment Elasticity (2017-2023) 1.11 दर्ज की गई है। इसका अर्थ है कि GVA (Gross Value Added) में प्रत्येक 1% की वृद्धि के साथ रोजगार में 1.11% की वृद्धि हुई है।
Demographic Dividend: यह योजना भारत के विशाल युवा कार्यबल को Social Protection, Dignity, and Security प्रदान कर जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) का लाभ उठाने की एक प्रमुख नीति है।
प्रमुख तथ्य और आंकड़े (Key Facts and Figures for Prelims/Mains)
Total Outlay: ₹99,446 करोड़।
Target: 2 वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों का सृजन।
International Recognition: भारत के सामाजिक सुरक्षा प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है, जिसके फलस्वरूप भारत ने ISSA (International Social Security Association) Award 2025 जीता है।
Unemployment Rate: भारत की बेरोजगारी दर गिरकर 3.1% पर आ गई है, जो वैश्विक औसत (4.8%) से काफी कम है।
2. Intensified TB Mukt Bharat Abhiyan: Incidence Trends (2014-2024) और 'Khushi' Chatbot
हालिया घटनाक्रम (Recent Development)
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने हाल ही में 100-Day TB Mukt Bharat Abhiyan की प्रगति की समीक्षा के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस अभियान का दूसरा चरण, जो जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में समाप्त होने वाला है, "अंतिम मील तक पहुंच" (last-mile effort) सुनिश्चित करने और प्रत्येक लापता टीबी मामले की पहचान करने पर केंद्रित है।
सांख्यिकीय प्रगति: 2014 बनाम 2024 (Incidence and Mortality Trends)
पिछले एक दशक में भारत ने टीबी के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है:
TB Incidence (मामलों की दर): 2014 में प्रति लाख जनसंख्या पर 243 मामलों से घटकर 2024 में 187 प्रति लाख रह गई है।
Mortality Rate (मृत्यु दर): टीबी से होने वाली मृत्यु दर में भी भारी गिरावट आई है, जो 2014 में प्रति लाख 34 से घटकर 2024 में 21 प्रति लाख हो गई है।
तकनीकी नवाचार: AI-powered Chatbot 'Khushi'
सरकार ने टीबी सेवाओं तक पहुंच और नागरिक जुड़ाव में सुधार के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया है:
TB Mukt Bharat App: इस ऐप को AI-powered Chatbot 'Khushi' के साथ एकीकृत किया गया है।
विशेषताएं (Features): यह चैटबॉट एंट्री-लेवल स्मार्टफोन्स पर भी काम करता है और नागरिकों को लक्षणों की पहचान, मरीज के अधिकारों (entitlements) और निकटतम डायग्नोस्टिक सुविधाओं के बारे में वास्तविक समय (real-time) में मार्गदर्शन प्रदान करता है।
Monitoring Dashboard: प्रगति को ट्रैक करने के लिए एक समर्पित डैशबोर्ड भी ऐप के साथ जोड़ा गया है।
अभियान के मुख्य स्तंभ और उपलब्धियां (Key Campaign Pillars)
सक्रिय केस-फाइंडिंग (Active Case Finding): दिसंबर 2024 से अब तक 28 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और 20 लाख लोगों को निवारक उपचार (preventive treatment) दिया गया है।
X-ray स्क्रीनिंग का विस्तार: हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की बड़े पैमाने पर तैनाती के कारण एक्स-रे स्क्रीनिंग में 34 गुना वृद्धि हुई है।
सामुदायिक भागीदारी (Community Engagement):
— 7 लाख नए 'Nikshay Mitras' टीबी उन्मूलन प्रयासों से जुड़े हैं।
— लगभग 1.9 लाख 'MY Bharat' स्वयंसेवक और 32 लाख स्कूली छात्र जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय हैं।
Ayushman Arogya Shivirs: 1.2 लाख से अधिक उच्च जोखिम वाले गांवों और शहरी वार्डों को कवर करते हुए 1.7 लाख से अधिक शिविर आयोजित किए गए हैं।
महत्व
Public Health Governance: यह अभियान "Whole-of-Government" और "Whole-of-Society" दृष्टिकोण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
Nutritional Support: टीबी मृत्यु दर को कम करने के लिए पोषण संबंधी सहायता (Nikshay Poshan Yojana) को एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप के रूप में रेखांकित किया गया है।
3. India Secures FATF Vice-Presidency: Global Leadership और भारत के AML/CFT Framework की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता
हालिया घटनाक्रम (Recent Development)
भारत के वरिष्ठ नौकरशाह और संस्कृति मंत्रालय के सचिव, श्री विवेक अग्रवाल (IAS, 1994 बैच) को वर्ष 2026-2027 के लिए Financial Action Task Force (FATF) का Vice-President नियुक्त किया गया है। यह पहली बार है जब भारत इस वैश्विक संस्था में नेतृत्व की भूमिका निभाएगा। उनकी नियुक्ति का कार्यकाल जुलाई 2026 से जून 2027 तक रहेगा।
इस नियुक्ति का रणनीतिक महत्व (Strategic Significance)
Global Leadership (वैश्विक नेतृत्व): यह नियुक्ति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Anti-Money Laundering (AML) और Counter-Terrorist Financing (CFT) मानकों को आकार देने में भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
Institutional Credibility (संस्थागत साख): यह भारत के मजबूत घरेलू कानूनी ढांचे और हाल ही में संपन्न FATF Mutual Evaluation में भारत के उत्कृष्ट प्रदर्शन की अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति है।
Strategic Focus (रणनीतिक फोकस): उपाध्यक्ष के रूप में, भारत Virtual Assets (जैसे क्रिप्टोकरेंसी) और Digital Payment Security जैसे उभरते वित्तीय जोखिमों पर वैश्विक नीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
FATF और भारत का AML/CFT ढांचा (FATF and India's AML/CFT Framework)
Collective Effort: यह उपलब्धि भारत के सभी सुरक्षा और वित्तीय जांच एजेंसियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जो वैश्विक वित्तीय प्रणाली की अखंडता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Role of Vice-President: FATF उपाध्यक्ष का चयन FATF Plenary द्वारा किया जाता है। वह FATF अध्यक्ष को संगठन के वैश्विक अधिदेश (Mandate) को लागू करने, मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकी वित्तपोषण और प्रसार वित्तपोषण (Proliferation Financing) के जोखिमों से निपटने में सहायता प्रदान करता है।
प्रमुख तथ्य (Key Facts for UPSC Prelims/Mains)
FATF (Financial Action Task Force): यह एक वैश्विक मानक-निर्धारक निकाय है जिसका मुख्यालय पेरिस (फ्रांस) में है।
Officer Profile: श्री विवेक अग्रवाल मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
Bilateral Relations: यह नियुक्ति 200 से अधिक क्षेत्राधिकारों (Jurisdictions) के FATF Global Network में भारत की बढ़ती विश्वसनीयता को भी रेखांकित करती है।
4. Expansion of National Test House (NTH): नई Testing Facilities का उद्घाटन और Quality Assurance Ecosystem का सुदृढ़ीकरण
हालिया घटनाक्रम (Recent Development)
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री, श्री प्रल्हाद जोशी ने मुंबई स्थित National Test House (NTH) के पश्चिमी क्षेत्रीय परिसर का दौरा किया और भारत के Quality Assurance और Testing Infrastructure को मजबूत करने के लिए कई नई सुविधाओं का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के दौरान भविष्य के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए भूमि पूजन और आधारशिला भी रखी गई।
नवनिर्मित सुविधाओं का विवरण (Newly Launched Facilities)
सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में परीक्षण क्षमता (Testing Capacity) बढ़ाने के लिए तीन महत्वपूर्ण केंद्रों की शुरुआत की है:
Microbiological Testing Laboratory (NTH, मुंबई): यह प्रयोगशाला खाद्य और अन्य उत्पादों की सूक्ष्मजीवविज्ञानी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगी।
Shoe Testing Facility (NTH उत्तरी क्षेत्र, गाज़ियाबाद): यह फुटवियर उद्योग के लिए समर्पित केंद्र है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्ता परीक्षण प्रदान करेगा।
NTH-AURIC Satellite Centre (छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र): इसे औरंगाबाद इंडस्ट्रियल सिटी (AURIC) में स्थापित किया गया है ताकि स्थानीय उद्योगों को तीव्र और सुलभ परीक्षण सेवाएं प्रदान की जा सकें।
महत्व
Industrial Competitiveness (औद्योगिक प्रतिस्पर्धा): गुणवत्ता पारिस्थितिकी तंत्र (Quality Ecosystem) को मजबूत करने से भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजार में स्वीकार्यता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है।
Atmanirbhar Bharat (आत्मनिर्भर भारत): विश्व स्तरीय परीक्षण बुनियादी ढांचा 'Atmanirbhar Bharat' के विजन को साकार करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए आवश्यक है।
Consumer Protection (उपभोक्ता संरक्षण): विश्वसनीय परीक्षण और प्रमाणन प्रणाली उपभोक्ता हितों की रक्षा करने और उत्पाद की विश्वसनीयता (Reliability) सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
Ease of Doing Business (व्यापार करने में सुगमता): ये आधुनिक प्रयोगशालाएं निर्माताओं को तेजी से परीक्षण सेवाएं प्रदान करती हैं, जिससे व्यावसायिक प्रक्रियाओं में होने वाली देरी कम होती है।
NTH के बारे में (About National Test House)
यह उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs) के तहत संचालित होता है। NTH की विरासत 100 (Calcutta, 1912) वर्षों से भी अधिक पुरानी है, और यह वैज्ञानिक रूप से अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परीक्षण सेवाएं प्रदान करने वाला भारत का एक प्रमुख संस्थान है। इसका उद्देश्य उभरते क्षेत्रों (Emerging Sectors) में गुणवत्ता आश्वासन सेवाओं का विस्तार करना और राष्ट्रीय विकास का समर्थन करना है।
5. Inaugural BRICS MSME Forum 2026: आगरा में Sustainability, Digital Transformation और Global Integration पर केंद्रित बैठक
हालिया घटनाक्रम (Recent Development)
भारत सरकार के Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises (MSME) ने उत्तर प्रदेश के आगरा में प्रथम BRICS MSME Forum 2026 का सफल आयोजन किया। इस ऐतिहासिक मंच पर BRICS सदस्य और भागीदार देशों के सरकारी प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के नेताओं ने MSME पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और उनकी Global Competitiveness बढ़ाने पर गहन विचार-विमर्श किया।
मंच के प्रमुख स्तंभ (Key Pillars of the Forum)
फोरम के दौरान चर्चा मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण आयामों पर केंद्रित रही:
Economic Engine (आर्थिक इंजन): MSMEs को नवाचार (Innovation), रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में मान्यता दी गई।
Technological Shift (तकनीकी परिवर्तन): पारंपरिक विनिर्माण प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने के लिए Digital Transformation, AI का समावेश, और कौशल विकास (Skilling) पर विशेष जोर दिया गया।
Sustainability Focus (सतत विकास): MSMEs को वैश्विक पर्यावरणीय मानकों और Supply Chain Requirements के अनुरूप ढालने के लिए Sustainable Manufacturing और Green Practices अपनाने का आह्वान किया गया।
महत्व
Collective Action: केंद्रीय MSME मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने रेखांकित किया कि वित्तपोषण (Financing) और तकनीक अपनाने जैसी चुनौतियों के समाधान के लिए BRICS देशों के बीच Collaborative Solutions आवश्यक हैं।
Global Value Chain Integration: फोरम का निष्कर्ष एक मजबूत सहमति के साथ हुआ कि MSMEs को Global Value Chains में एकीकृत करना और Digital Trade को बढ़ावा देना समावेशी आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
Regional Development: उत्तर प्रदेश के MSME मंत्री श्री भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि कैसे MSMEs जमीनी स्तर पर विकास और रोजगार सृजन में परिवर्तनकारी भूमिका निभा रहे हैं।
Institutional Cooperation: फोरम ने SME Working Group Meetings के परिणामों को आगे बढ़ाते हुए नीतिगत समन्वय और Ease of Doing Business को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया।
विशेष कार्यक्रम (Special Highlights)
BRICS MSME Exhibition: नवाचार और सहयोग के लिए एक समर्पित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।
Yoga Session: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के संदर्भ में आयुष मंत्रालय के सहयोग से योग सत्र का आयोजन किया गया।
Knowledge Sharing: देशों के बीच Global Best Practices को साझा करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया।
6. India-Uzbekistan 14th IGC: द्विपक्षीय व्यापार को 2029 तक दोगुना करने के लिए Strategic Roadmap और Critical Minerals पर सहयोग
हालिया घटनाक्रम (Recent Development)
ताशकंद (Uzbekistan) में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर India-Uzbekistan Intergovernmental Commission (IGC) का 14वां सत्र आयोजित किया गया। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और उज्बेकिस्तान के उप मंत्री शोखरूख गुलामोव ने की। इस आयोग का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाना और व्यापारिक बाधाओं (Non-tariff barriers) को दूर करना है।
व्यापार लक्ष्य और रणनीतिक रोडमैप (Trade Targets and Strategic Roadmap)
Trade Doubling Target: दोनों पक्षों ने अगले तीन वर्षों (वर्ष 2029 तक) में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
Current Status: वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार कारोबार 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जिसमें 33.3% की वृद्धि दर्ज की गई है।
Diversification (विविधीकरण): व्यापार बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन (Chemicals), इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य (Processed foods) जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
डिजिटल और ऊर्जा सुरक्षा सहयोग (Digital and Energy Security Cooperation)
Digital Public Infrastructure (DPI): दोनों देश अपने Payment Systems को जोड़ने और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के विकास पर सहयोग करेंगे।
Emerging Tech: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और Cybersecurity के क्षेत्र में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।
Critical Minerals: भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र (Clean Energy Sector) को सहारा देने के लिए Critical Minerals की आपूर्ति की पहचान करना एक बड़ी प्राथमिकता है।
महत्व
Connect Central Asia Policy: उज्बेकिस्तान मध्य एशिया में भारत का एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार है। यह सहयोग भारत की 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति को मजबूती प्रदान करता है।
Strategic Connectivity: व्यापार बढ़ाने के लिए पारगमन गलियारों (Transit Corridors) और लॉजिस्टिक्स में सुधार पर चर्चा भारत की International North-South Transport Corridor (INSTC) पहल के पूरक के रूप में देखी जाती है।
Pharmacy of the World: उज्बेकिस्तान के फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता ("Pharmacy of the World") का लाभ उठाना द्विपक्षीय संबंधों का एक मजबूत स्तंभ है।







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