PIB Current Affairs 25 June 2026 | UPSC Daily Updates | AarambhTimes

PIB Current Affairs | दिनांक: 25 जून 2026
आज के PIB Current Affairs में आपका स्वागत है। आज के समाचारों में वस्त्र क्षेत्र (Textiles) में 2030 तक $100 बिलियन निर्यात और Sustainability के लिए 'National Textile Export Roadmap' की तैयारी, अंतरिक्ष क्षेत्र में 'BRICS Space Economy' के माध्यम से वैश्विक विकास का नया नेतृत्व और 'Space Sustainability' पर ज़ोर, गंगा बेसिन के 63 शहरों के लिए 'Urban River Management Plans' (URMP) के जरिए नदी-केंद्रित शहरी नियोजन (River-centric Urban Planning) का विस्तार, और भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) सुनिश्चित करने के लिए 'Clean Coal Technologies' के तहत 2030 तक 100 मिलियन टन 'Coal Gasification' का महत्वाकांक्षी लक्ष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सामयिकी शामिल हैं।

विषय-सूची (Table of Contents)

  1. GS Paper 3 (Indian Economy): Textiles Summit 2026 – 2030 तक $100 Billion निर्यात और 'Sustainability' का रोडमैप।
  2. GS Paper 3 & 2 (Science & Tech, IR): BRICS Space Economy – अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार, निवेश और 'Space Sustainability' के लिए सामूहिक प्रयास।
  3. GS Paper 1 & 3 (Urbanization, Environment): Urban River Management Plans (URMP) – गंगा बेसिन के 63 शहरों के लिए 'River-centric' शहरी नियोजन।
  4. GS Paper 3 (Energy Security): BRICS Side Event on Clean Coal – 2030 तक 100 मिलियन टन 'Coal Gasification' और ऊर्जा आत्मनिर्भरता।

1. GS Paper 3: Textiles Summit 2026 – $100 Billion Exports Strategy

Syllabus Tags: Indian Economy, Growth and Development, Industrial Policy, Exports, and Employment.

चर्चा में क्यों? (Why in News)

हाल ही में Ministry of Textiles ने दो-दिवसीय "Textiles Summit 2026" (23-24 जून 2026) का सफलतापूर्वक समापन किया। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारतीय वस्त्र क्षेत्र (Textile sector) के लिए एक भविष्य का रोडमैप तैयार करना था।

मुख्य विश्लेषण (Key Dimensions)

Export Target: भारत ने 2030 तक USD 100 billion exports का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए 'high-value segments' और Man-Made Fibre (MMF) के विविधीकरण (Diversification) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

FTA Leverage: कॉमर्स सेक्रेटरी ने निर्यातकों से हाल ही में संपन्न हुए Free Trade Agreements (FTAs) का लाभ उठाने का आग्रह किया। जिला स्तर पर 'Information Asymmetry' को दूर करना एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है ताकि छोटे निर्यातक भी FTAs का उपयोग कर सकें।

Circular Economy & Sustainability: सम्मेलन में Digital Product Passports को बढ़ावा देने और Closed-loop Recycling रास्तों की खोज पर चर्चा की गई। यह कदम अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय मानकों (Environmental Standards) के अनुपालन को सुनिश्चित करेगा।

District as Export Hubs (DEH): राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को पुनर्जीवित 'District as Export Hubs' पहल का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

महत्व (Significance)

  • यह समिट संवाद से कार्रवाई (Dialogue to Action) की ओर एक निर्णायक कदम है, जिसके तहत एक व्यापक National Textile Export Roadmap तैयार किया जाएगा।
  • वस्त्र क्षेत्र अब केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि Innovation, Quality, और Sustainability को प्राथमिकता देकर 'Brand India' को वैश्विक बाजार में मजबूत करेगा।

निष्कर्ष (Conclusion)

भारत का लक्ष्य केवल निर्यात बढ़ाना नहीं है, बल्कि ग्लोबल टेक्सटाइल ट्रेड में एक जिम्मेदार और प्रतिस्पर्धी महाशक्ति के रूप में उभरना है। MSMEs के लिए अनुपालन (Compliance) को सरल बनाना और 'Champion MSMEs' बनाना इस रोडमैप का आधार है।

Prelims Pointers (Fast Facts)

  • Textiles Summit 2026: 23-24 जून 2026 को आयोजित।
  • निर्यात लक्ष्य (Export Target): 2030 तक $100 बिलियन।
  • मुख्य तकनीक: Digital Product Passports और Closed-loop recycling।
  • महत्वपूर्ण पहल: Districts as Export Hubs (DEH) और National Textile Export Roadmap।

2. GS Paper 3 & 2: BRICS Space Economy – अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार, निवेश और 'Space Sustainability' के लिए सामूहिक प्रयास

Syllabus Tags: Science & Technology- awareness in the fields of Space, Achievements of Indians in S&T, Bilateral and Global groupings (BRICS).

चर्चा में क्यों? (Why in News)

बेंगलुरु में आयोजित BRICS Heads of Space Agencies (HOSA) बैठक के समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 'BRICS Space Economy' का प्रस्ताव रखा। यह बैठक भारत की BRICS Chairship 2026 के तहत ISRO द्वारा आयोजित की गई थी।

मुख्य विश्लेषण (Key Dimensions)

Economic Vision: BRICS देशों को नवाचार (Innovation), निवेश (Investment) और निजी क्षेत्र की उद्यमिता (Entrepreneurship) के माध्यम से एक Global Space Hub बनाने का विजन पेश किया गया है।

Institutional Framework: अंतरिक्ष सहयोग को संस्थागत रूप देने और निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए एक BRICS Space Council स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया है।

Sustainability Focus: बाहरी अंतरिक्ष (Outer Space) को भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के लिए Debris-free missions और जिम्मेदार व्यवहार (Responsible behavior) पर ज़ोर दिया गया है।

Coordination to Co-creation: भारत ने केवल परामर्श (Consultation) तक सीमित न रहकर Co-development, Co-innovation और Co-creation की ओर बढ़ने का आह्वान किया है।

Technological Strengths: BRICS देशों की वैज्ञानिक क्षमताओं और औद्योगिक क्षमता का उपयोग संचार, नौवहन (Navigation), आपदा प्रबंधन और कृषि जैसे क्षेत्रों में समाधान विकसित करने के लिए किया जाएगा।

महत्व (Significance)

  • Economic Driver: अंतरिक्ष तकनीक अब आर्थिक परिवर्तन (Economic transformation) और सामाजिक प्रगति का एक शक्तिशाली चालक बन गई है।
  • Global Pillar: BRICS समूह दुनिया की आबादी और वैज्ञानिक विशेषज्ञता के एक महत्वपूर्ण हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, जो इसे वैश्विक अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र (Global space ecosystem) का एक मजबूत स्तंभ बनाता है।
  • Role of Private Sector: बैठक में भारत के NewSpace startups और निजी उद्यमों की बढ़ती क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया, जो 'Brand India' को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

चंद्रयान-3 और आदित्य-एल1 जैसी सफलताओं के बाद भारत अब अंतरिक्ष क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का नेतृत्व कर रहा है। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से 'BRICS Space Economy' न केवल साझा समृद्धि (Shared prosperity) सुनिश्चित करेगी, बल्कि जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा जैसी वैश्विक चुनौतियों का समाधान भी प्रदान करेगी।

Prelims Pointers (Fast Facts)

  • HOSA Meeting 2026: बेंगलुरु (Bengaluru) में आयोजित।
  • BRICS RSSC: BRICS Remote Sensing Satellite Constellation, जो वर्तमान में डेटा साझाकरण के लिए कार्यरत है।
  • New Members: इस बैठक में मिस्र (Egypt), इथियोपिया, ईरान और यूएई जैसे नए BRICS सदस्यों की भागीदारी पर भी चर्चा हुई।
  • Proposals: BRICS Space Council और Space Sustainability के लिए Debris-free missions।

3. GS Paper 1 & 3: Urban River Management Plans (URMP) – गंगा बेसिन के 63 शहरों के लिए 'River-centric' शहरी नियोजन

Syllabus Tags: Urbanization, Problems and Remedies, Conservation, Environmental Pollution and Degradation, Water Resources.

चर्चा में क्यों? (Why in News)

नदी-केंद्रित शहरी नियोजन (River-centric Urban Planning) की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल करते हुए, National Mission for Clean Ganga (NMCG) और National Institute of Urban Affairs (NIUA) ने 13 शहरों के लिए Urban River Management Plans (URMPs) का कार्य पूरा कर लिया है। अब इस पहल का विस्तार गंगा बेसिन के 63 शहरों तक किया जा रहा है।

मुख्य विश्लेषण (Key Dimensions)

Ten-Point Agenda: URMP ढांचा 10 प्रमुख बिंदुओं पर आधारित है, जिसमें Floodplain Regulation, प्रदूषण में कमी (Pollution Abatement), जल निकायों का पुनरुद्धार और उपचारित जल का पुन: उपयोग (Reuse of Treated Water) शामिल है।

Implementation Strategy: यह रणनीति केवल बुनियादी ढांचे के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें Nature-based Solutions जैसे कि Constructed Wetlands, Riparian Restoration, और Sponge Landscapes का उपयोग किया जाएगा ताकि शहरों की आपदा झेलने की क्षमता (Resilience) बढ़ सके।

Geographic Coverage: यह कार्यक्रम उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के शहरों को कवर करता है। इसमें गंगोत्री और ऋषिकेश जैसे ऊपरी बेसिन के शहरों से लेकर हावड़ा और दुर्गापुर जैसे पूर्वी क्षेत्र के शहर शामिल हैं।

Kanpur Case Study: कानपुर इस पहल में एक अग्रणी उदाहरण के रूप में उभरा है, जहाँ Lake Assessment and Monitoring Analysis System (LAMAS) तकनीक का उपयोग करके शहरी जल निकायों का पुनरुद्धार किया जा रहा है।

महत्व (Significance)

  • Shift in Approach: यह पहल प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप 'City-centric' विकास से हटकर 'River-centric' दृष्टिकोण की ओर एक बड़ा बदलाव है, जहाँ नदियों को शहरी जीवन और नियोजन के केंद्र में रखा जाता है।
  • Scaling Up: भविष्य में इस URMP ढांचे को गंगा बेसिन से बाहर देश की अन्य नदी प्रणालियों तक विस्तारित करने की योजना है, जिससे यह 'सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट' का एक राष्ट्रीय मॉडल बन सके।

निष्कर्ष (Conclusion)

शहरी नियोजन में नदी के स्वास्थ्य को एकीकृत करके, यह पहल न केवल पर्यावरण का संरक्षण करती है, बल्कि भविष्य के लिए तैयार और सुरक्षित (Future-ready) शहरों का निर्माण भी करती है। यह भारत की महत्वपूर्ण पारिस्थितिक और सांस्कृतिक जीवन रेखाओं (Ecological and Cultural Lifelines) को बचाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

Prelims Pointers (Fast Facts)

  • NMCG & NIUA: URMP विकसित करने वाली मुख्य संस्थाएँ।
  • Namami Gange Programme: इसके तहत यह पहल समर्थित है।
  • LAMAS Technology: कानपुर में जल निकायों की निगरानी और मूल्यांकन के लिए उपयोग।
  • Phase-I Coverage: उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के 27 शहर।

4. GS Paper 3: BRICS Side Event on Clean Coal – 2030 तक 100 मिलियन टन 'Coal Gasification' और ऊर्जा आत्मनिर्भरता

Syllabus Tags: Infrastructure: Energy, Science & Technology - Developments and their applications, Conservation, Environmental Pollution and Degradation.

चर्चा में क्यों? (Why in News)

हाल ही में कोयला मंत्रालय (Ministry of Coal) ने स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों (Clean Coal Technologies) पर एक BRICS Side Event आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस कोयला गैसीकरण (Coal Gasification) के माध्यम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और स्वच्छ कोयला उपयोग को बढ़ावा देना था।

मुख्य विश्लेषण (Key Dimensions)

2030 Target: भारत ने नीतिगत समर्थन और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से 2030 तक 100 मिलियन टन कोयले के गैसीकरण (Gasify) का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

Syngas Utility: यह तकनीक कोयले को Syngas (सिंथेटिक गैस) में परिवर्तित करती है। इस सिनगैस का उपयोग अमोनिया, मेथनॉल, हाइड्रोजन, सिंथेटिक ईंधन और DRI (Direct Reduced Iron) के उत्पादन के लिए किया जा सकता है। इससे कच्चे माल के आयात पर निर्भरता (Import Reliance) में भारी कमी आएगी।

UCG Pilot Project: बैठक में Kasta Underground Coal Gasification (UCG) पायलट प्रोजेक्ट की प्रगति को साझा किया गया। यह परियोजना उन गहरे और कठिन कोयला क्षेत्रों (Unmineable coal seams) से ऊर्जा निकालने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है जहाँ पारंपरिक खनन संभव नहीं है।

Industrial Participation: इस क्षेत्र में BHEL, Jindal Steel Limited (JSL), और Coal India Limited (CIL) जैसी प्रमुख संस्थाएँ तकनीकी नवाचार और परियोजना कार्यान्वयन में सक्रिय रूप से जुटी हैं।

महत्व (Significance)

  • Energy Security: घरेलू कोयला संसाधनों का कुशल उपयोग भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास के लिए अनिवार्य है।
  • Cleaner Utilisation: यह तकनीक उच्च राख वाले भारतीय कोयले (High-ash Indian coal) को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से ऊर्जा में बदलने का समाधान प्रदान करती है।
  • Global Collaboration: BRICS देशों (जैसे रूस, यूएई और इथियोपिया) के साथ ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों के वैश्विक विस्तार में मदद करेगा।

निष्कर्ष (Conclusion)

कोयला गैसीकरण न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि यह 'नेट जीरो' लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए एक रणनीतिक सेतु (Strategic Bridge) का कार्य करता है। यह तकनीक भारतीय कोयला क्षेत्र को एक 'Value-added' ऊर्जा स्रोत में बदलने की क्षमता रखती है।

Prelims Pointers (Fast Facts)

  • Target 2030: 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण का लक्ष्य।
  • Syngas Application: उर्वरक (Ammonia), वैकल्पिक ईंधन (Methanol/Hydrogen) और स्टील क्षेत्र (DRI)।
  • Kasta Project: भारत का प्रमुख Underground Coal Gasification (UCG) पायलट प्रोजेक्ट।
  • Clean Coal Tech: कोयले के दहन के बजाय रासायनिक परिवर्तन पर आधारित तकनीक।

मूल्यांकन एवं अभ्यास (Assessment and Practice)

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न (Practice Mains Questions)

प्रश्न 1: "नदी-केंद्रित शहरी नियोजन (River-centric Urban Planning) केवल एक पर्यावरणीय विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य के सतत शहरों के लिए एक रणनीतिक आवश्यकता है। इस कथन का विश्लेषण करें।"
(250 शब्द, 15 अंक)

प्रश्न 2: "भारत द्वारा प्रस्तावित 'BRICS Space Economy' वैश्विक अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र (Global Space Ecosystem) में किस प्रकार 'Co-creation' और साझा समृद्धि को बढ़ावा दे सकती है? अंतरिक्ष स्थिरता (Space Sustainability) के महत्व पर भी चर्चा करें।"
(150 शब्द, 10 अंक)

प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न (Prelims Practice MCQs)

Q1. 'Urban River Management Plan' (URMP) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. यह पहल NMCG और NIUA के सहयोग से शुरू की गई है।
  2. इसका मुख्य उद्देश्य शहरों को 'City-centric' विकास से हटाकर 'River-centric' दृष्टिकोण की ओर ले जाना है।
  3. LAMAS तकनीक का उपयोग कानपुर में जल निकायों की निगरानी के लिए किया जा रहा है।

उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?

  • (A) केवल 1 और 2
  • (B) केवल 2 और 3
  • (C) केवल 1 और 3
  • (D) 1, 2 और 3

Q2. कोयला गैसीकरण (Coal Gasification) के संदर्भ में 'Syngas' (सिनगैस) का उपयोग किनके उत्पादन में किया जा सकता है?

  1. अमोनिया (Ammonia)
  2. मेथनॉल (Methanol)
  3. हाइड्रोजन (Hydrogen)
  4. सिंथेटिक ईंधन (Synthetic fuels)

सही कूट का चयन करें:

  • (A) केवल 1, 2 और 3
  • (B) केवल 2, 3 और 4
  • (C) केवल 1 और 3
  • (D) उपर्युक्त सभी

Q3. 'Textiles Summit 2026' के अनुसार, भारत ने वर्ष 2030 तक वस्त्र निर्यात का क्या लक्ष्य रखा है?

  • (A) USD 50 billion
  • (B) USD 100 billion
  • (C) USD 200 billion
  • (D) USD 75 billion

उत्तर एवं व्याख्या (Answers & Explanation)

Q1 का उत्तर: (D)
व्याख्या: URMP को NMCG और NIUA द्वारा विकसित किया गया है। यह प्रधानमंत्री के 'नदी-केंद्रित' शहरी नियोजन के विजन पर आधारित है। कानपुर में Lake Assessment and Monitoring Analysis System (LAMAS) तकनीक का सफल प्रयोग किया जा रहा है।

Q2 का उत्तर: (D)
व्याख्या: कोयला गैसीकरण से प्राप्त सिनगैस का उपयोग अमोनिया, मेथनॉल, हाइड्रोजन, सिंथेटिक ईंधन और DRI के उत्पादन के लिए किया जा सकता है, जिससे आयात पर निर्भरता कम होती है।

Q3 का उत्तर: (B)
व्याख्या: वस्त्र मंत्रालय ने 2030 तक USD 100 billion निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है।

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