विषय सूची (Table of Contents)
- सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP): भारत की सेवा अर्थव्यवस्था की निगरानी हेतु नया उच्च-आवृत्ति संकेतक। (GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था, समावेशी विकास और आर्थिक निगरानी तंत्र)।
- कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमीशन (CAC49): अंतरराष्ट्रीय खाद्य मानकों के निर्धारण में भारत का वैश्विक नेतृत्व और निर्यात संवर्धन। (GS Paper II: महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे; GS Paper III: कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और विदेशी व्यापार)।
1. सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP): भारत की सेवा अर्थव्यवस्था की निगरानी हेतु नया उच्च-आवृत्ति संकेतक
संदर्भ और रणनीतिक पृष्ठभूमि
भारत सरकार ने देश की सेवा अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन को मापने के लिए एक नया व्यापक आर्थिक संकेतक, सेवा उत्पादन सूचकांक (Index of Services Production - ISP) पेश किया है। यह भारत का पहला उच्च-आवृत्ति (High-frequency) संकेतक है जो विशेष रूप से सेवा क्षेत्र के उत्पादन को मापने के लिए समर्पित है। चूँकि भारत की अर्थव्यवस्था में सेवाओं की हिस्सेदारी सबसे बड़ी है, इसलिए यह सूचकांक आर्थिक निगरानी को सुदृढ़ करने और सांख्यिकीय ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
तकनीकी और मुख्य विवरण
उद्देश्य: यह आधार वर्ष के सापेक्ष औपचारिक सेवा क्षेत्र द्वारा उत्पादित उत्पादन की मात्रा (Volume) में होने वाले अल्पकालिक परिवर्तनों को ट्रैक करता है।
आधार वर्ष (Base Year): ISP का आधार वर्ष 2024-25 निर्धारित किया गया है, जो नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) श्रृंखला के अनुरूप है।
प्रकाशन अंतराल: परीक्षण सूचकांक (Trial Indices) नियमित रूप से 60 दिनों के अंतराल (Lag) के साथ प्रत्येक माह की 29 तारीख को जारी किए जाएंगे।
डेटा स्रोत: इसके संकलन के लिए पहली बार GST डेटा का सांख्यिकीय अनुप्रयोगों में उपयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक डेटा और ASISSE (निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण) का भी उपयोग किया जाता है।
डिफ्लेटर (Deflator): चूँकि सेवा डेटा अक्सर मूल्य (Value) के रूप में एकत्र किया जाता है, इसलिए 'मूल्य-आधारित' डेटा को 'मात्रा-आधारित' (Real) डेटा में बदलने के लिए थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और CPI जैसे मूल्य डिफ्लेटर का उपयोग किया जाता है।
परीक्षण सूचकांक के प्रथम परिणाम (अप्रैल 2026)
सरकार ने 19 उप-क्षेत्रों के लिए पहला उप-क्षेत्रीय परीक्षण ISP जारी किया है, जो सेवा क्षेत्र के लगभग 60% हिस्से को कवर करता है:
- इन 19 उप-क्षेत्रों में से 14 ने अप्रैल 2025 की तुलना में दोहरे अंकों (Double-digit) में वृद्धि दर्ज की है।
- शीर्ष प्रदर्शन करने वाले क्षेत्र (मासिक वृद्धि): आवास और भोजन (37.2%), खुदरा व्यापार (30.8%), प्रशासनिक और सहायता सेवाएँ (28.7%), और रियल एस्टेट (27.7%)।
रणनीतिक और आर्थिक महत्व
GVA में योगदान: वर्ष 2013-14 से भारत के सकल मूल्य वर्धन (GVA) में सेवाओं का योगदान 50% से अधिक रहा है, जो 2024-25 में 52.9% तक पहुँच गया है।
रोजगार: यह क्षेत्र भारत के कुल रोजगार का लगभग 30% हिस्सा है और पिछले छह वर्षों में लगभग 40 मिलियन रोजगार सृजित किए हैं।
निर्यात: अप्रैल-जून 2026-27 के दौरान सेवा निर्यात 103.41 बिलियन डॉलर अनुमानित है, जो 6.16% की वार्षिक वृद्धि दर्शाता है।
लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य 2047 तक वैश्विक सेवाओं में भारत की हिस्सेदारी को 10% तक पहुँचाना है।
संस्थागत ढांचा और वैश्विक मानक
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने मई 2025 में ISP के वैचारिक ढांचे को विकसित करने के लिए एक तकनीकी सलाहकार समिति (TAC) का गठन किया था। यह ढांचा अंतर्राष्ट्रीय मानकों, जैसे OECD कंपाइलेशन मैनुअल (2007) और यूरोस्टेट (Eurostat) के दिशा-निर्देशों पर आधारित है। फ्रांस, स्पेन, दक्षिण कोरिया और यूनाइटेड किंगडम जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ भी इसी प्रकार के सूचकांक प्रकाशित करती हैं।
2. कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमीशन (CAC49): अंतरराष्ट्रीय खाद्य मानकों के निर्धारण में भारत का वैश्विक नेतृत्व
संदर्भ और रणनीतिक पृष्ठभूमि
भारत ने जिनेवा, स्विट्जरलैंड में 6 से 10 जुलाई, 2026 तक आयोजित Codex Alimentarius Commission (CAC49) के 49वें सत्र में महत्वपूर्ण मील के पत्थर स्थापित किए हैं। इस वैश्विक मंच पर भारत ने विज्ञान-आधारित अंतरराष्ट्रीय खाद्य मानकों के विकास में अपने योगदान को सुदृढ़ करते हुए सात प्रमुख मानकों और दिशा-निर्देशों को अपनाने में सफलता प्राप्त की है। यह उपलब्धि वैश्विक खाद्य व्यापार में भारत की 'सॉफ्ट पावर' और कृषि निर्यात की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
तकनीकी और मुख्य विवरण
नेतृत्व: भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रजित पुन्हानी ने किया, जिसमें FSSAI और मसाला बोर्ड (Spices Board) के तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे।
भारत की अध्यक्षता में स्वीकृत मानक: आयोग ने सूखे धनिया बीज (Dried Coriander Seeds) और ताजा करी पत्ता (Fresh Curry Leaves) के लिए कोडेक्स मानकों को अपनाया, जिन्हें भारत की अध्यक्षता में विकसित किया गया था।
सह-अध्यक्षता में स्वीकृत मानक: भारत की सह-अध्यक्षता में पाँच अन्य महत्वपूर्ण टेक्स्ट अपनाए गए, जिनमें वैनिला और बड़ी इलायची के मानक, खाद्य उत्पादन में जल के सुरक्षित पुन: उपयोग हेतु दिशा-निर्देश, और चिकन मांस में कैम्पिलोबैक्टर व साल्मोनेला के नियंत्रण हेतु दिशा-निर्देश शामिल हैं।
काजू के लिए नया मानक: आयोग ने काजू (Cashew Kernels) के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक विकसित करने के भारत के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसे कोडेक्स कमेटी ऑन प्रोसेस्ड फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स (CCPFV) के तहत क्रियान्वित किया जाएगा।
नई वैश्विक भूमिका: भारत को 'न्यू फूड सोर्सेज एंड प्रोडक्शन सिस्टम्स' (NFPS) पर गठित इलेक्ट्रॉनिक वर्किंग ग्रुप का सह-अध्यक्ष चुना गया है, जो भविष्य के खाद्य नियामक ढांचे की समीक्षा करेगा।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व
व्यापार बाधाओं में कमी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामंजस्यपूर्ण मानकों (Harmonized Standards) के विकास से व्यापार की तकनीकी बाधाएं (TBT) कम होंगी और भारतीय निर्यात की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
बाजार पहुंच: काजू और मसालों के लिए बेंचमार्क मानक स्थापित होने से भारतीय निर्यातकों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक आसान पहुंच प्राप्त होगी।
उपभोक्ता संरक्षण: विज्ञान-आधारित मानक न केवल सुरक्षित खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं, बल्कि वैश्विक व्यापार में पारदर्शिता और निष्पक्षता को भी बढ़ावा देते हैं।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष
किसानों और व्यवसायों को लाभ: इन मानकों के निर्धारण से भारतीय किसानों और खाद्य व्यवसायों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर मूल्य और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
संस्थागत सहयोग: यह सफलता FSSAI, वाणिज्य मंत्रालय (मसाला बोर्ड के माध्यम से) और अंतरराष्ट्रीय निकायों (FAO/WHO) के बीच सुदृढ़ समन्वय का परिणाम है।
UPSC अभ्यास प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1.
'सेवा उत्पादन सूचकांक' (Index of Services Production - ISP) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह सूचकांक सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा आधार वर्ष 2024-25 के सापेक्ष मासिक आधार पर जारी किया जाता है।
- ISP के संकलन में पहली बार वस्तु एवं सेवा कर (GST) डेटा का उपयोग सांख्यिकी अनुप्रयोगों के लिए किया जा रहा है।
- यह सूचकांक रक्षा, सार्वजनिक प्रशासन और सरकारी स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे गैर-बाजार गतिविधियों वाले क्षेत्रों को अपने दायरे से बाहर रखता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 2 (B) केवल 2 और 3 (C) केवल 1 और 3 (D) 1, 2 और 3
उत्तर: (D) 1, 2 और 3
विस्तृत व्याख्या:
कथन 1 सही है: भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने ISP के लिए 2024-25 को आधार वर्ष चुना है, जो नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) श्रृंखला के साथ संरेखित है। इसे लगभग 60 दिनों के अंतराल (Lag) के साथ जारी किया जाएगा।
कथन 2 सही है: भारत के सांख्यिकीय इतिहास में यह पहली बार है जब GST डेटा का उपयोग सांख्यिकीय अनुप्रयोगों के लिए किया जा रहा है। यह थोक व्यापार, खुदरा व्यापार, रियल एस्टेट और टेलीकम्युनिकेशन जैसे महत्वपूर्ण उप-क्षेत्रों के मापन हेतु डेटा पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करता है।
कथन 3 सही है: ISP में सार्वजनिक प्रशासन, रक्षा, और सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं को शामिल नहीं किया गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि ये क्षेत्र या तो प्रमुख सरकारी गतिविधियों से संबंधित हैं या इनमें गैर-बाजार गतिविधियों और अनौपचारिक क्षेत्र का प्रभुत्व है, जिनका सटीक अल्पकालिक मापन कठिन होता है।
प्रश्न 2.
सेवा अर्थव्यवस्था की निगरानी के लिए अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) 'मूल्य-आधारित' (Nominal) डेटा को 'मात्रा-आधारित' (Real) डेटा में बदलने के लिए थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) जैसे डिफ्लेटर का उपयोग करता है।
- औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के विपरीत, ISP सेवा क्षेत्र की अल्पकालिक प्रवृत्तियों को पकड़ने के लिए एक समर्पित ढांचा प्रदान करता है।
- ISP का संकलन पूर्णतः केवल निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (ASISSE) के आंकड़ों पर निर्भर है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 2 (B) केवल 2 और 3 (C) केवल 1 (D) 1, 2 और 3
उत्तर: (A) केवल 1 और 2
विस्तृत व्याख्या:
कथन 1 सही है: चूँकि प्राथमिक सेवा डेटा आमतौर पर 'मूल्य' (Value) के रूप में एकत्र किया जाता है, इसलिए इसमें मूल्य परिवर्तन और मूल्यवर्धन दोनों शामिल होते हैं। वास्तविक उत्पादन (Volume) को मापने के लिए 'प्राइस डिफ्लेटर' का उपयोग किया जाता है।
कथन 2 सही है: पारंपरिक रूप से भारत के पास औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) था, जो केवल औद्योगिक गतिविधियों को मापता था और सेवाओं की अल्पकालिक प्रवृत्तियों को नहीं पकड़ पाता था। ISP इस महत्वपूर्ण अंतराल (Gap) को भरता है।
कथन 3 गलत है: ISP का संकलन तीन मुख्य डेटा स्रोतों के समन्वय पर आधारित है: (i) प्रशासनिक/द्वितीयक डेटा (जैसे हवाई और रेल परिवहन), (ii) उच्च-आवृत्ति GST डेटा, और (iii) निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASISSE) Data।
प्रश्न 3.
'कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमीशन' (CAC) और इसमें भारत की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमीशन (CAC) संयुक्त रूप से खाद्य और कृषि संगठन (FAO) तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा स्थापित एक अंतर-सरकारी निकाय है।
- भारत द्वारा हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काजू (Cashew Kernels) के लिए मानक विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे आयोग ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है।
- यह आयोग विज्ञान-आधारित अंतरराष्ट्रीय खाद्य मानक विकसित करता है जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा और खाद्य व्यापार में निष्पक्ष प्रथाओं को सुनिश्चित करना है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 2 (B) केवल 2 और 3 (C) केवल 3 (D) 1, 2 और 3
उत्तर: (D) 1, 2 और 3
विस्तृत व्याख्या:
कथन 1 सही है: कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमीशन (CAC) एक प्रमुख वैश्विक निकाय है जिसे FAO और WHO द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित किया गया है। भारत में FSSAI और मसाला बोर्ड जैसे तकनीकी विशेषज्ञों के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभाता है।
कथन 2 सही है: CAC के 49वें सत्र (CAC49) में भारत की एक बड़ी उपलब्धि काजू (Cashew Kernels) के लिए एक नया वैश्विक मानक विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलना है। यह प्रस्ताव भारत द्वारा CCPFV समिति के तहत पेश किया गया था।
कथन 3 सही है: CAC का प्राथमिक उद्देश्य विज्ञान-आधारित पारदर्शी मानक विकसित करना है जो खाद्य सुरक्षा, उपभोक्ता संरक्षण और निष्पक्ष व्यापार का समर्थन करते हैं। भारत ने हाल ही में धनिया बीज और ताज़ा करी पत्ते के लिए मानक विकसित कर इस दिशा में अपनी वैश्विक नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित किया है।
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