विषय सूची (Table of Contents)
- मिजोरम नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम: भारत का 21वां 'डेजिग्नेटेड रिपोजिटरी' घोषित
- परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI 2.0): राज्यों और जिलों हेतु शिक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट (2025-26)
- भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक संबंध: प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया यात्रा के मुख्य परिणाम और समझौते
- TribeX डिजिटल प्लेटफॉर्म: जनजातीय कला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण हेतु नई पहल
1. मिजोरम नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम: भारत का 21वां 'डेजिग्नेटेड रिपोजिटरी' घोषित
संदर्भ (Context)
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जैविक विविधता अधिनियम, 2002 की धारा 39 के अंतर्गत मिजोरम विश्वविद्यालय (आइजोल) के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम (NHM) को भारत के 21वें 'डेजिग्नेटेड रिपोजिटरी' (निर्दिष्ट भंडार) के रूप में अधिसूचित किया है। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) की अनुशंसा पर आधारित यह अधिसूचना 19 जून 2026 को औपचारिक रूप से प्रभावी हुई।
तकनीकी विवरण (Technical Highlights)
- भौगोलिक अवस्थिति: यह संग्रहालय इंडो-बर्मा जैव विविधता हॉटस्पॉट में स्थित है, जो वैश्विक स्तर पर प्रजाति संपन्नता के लिए जाना जाता है।
- संरक्षण का दायरा: यहाँ टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes), मैक्रोफंगी, सरीसृप, उभयचर, मछलियों, पतंगों, भृंग और तितलियों के प्रामाणिक जैविक नमूनों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा।
- प्रजाति विविधता: मिजोरम और व्यापक पूर्वोत्तर क्षेत्र में 7,500 से अधिक पुष्पीय पौधों और 2,000 से अधिक जीव प्रजातियों का वास है।
- वैज्ञानिक तैयारी: अपनी घोषणा से पूर्व ही इस संग्रहालय ने 500 से अधिक नमूनों (हर्बेरियम और वेट-प्रिजर्व्ड) का संग्रह सुनिश्चित कर लिया है।
वैज्ञानिक विशेषज्ञता और भविष्य की उपयोगिता (Scientific Expertise and Future Utility)
- विशेषज्ञ टीम: इस संग्रहालय में मिजोरम विश्वविद्यालय के सात विशिष्ट टैक्सोनोमिक समूहों के विशेषज्ञों की एक बहुविषयक वैज्ञानिक टीम कार्यरत है।
- टाइप स्पेसिमेन (Type Specimens): यह रिपोजिटरी क्षेत्र से खोजी गई नई प्रजातियों के 'टाइप नमूनों' के लिए निर्दिष्ट भंडार के रूप में कार्य करेगी, जो वैज्ञानिक अनुसंधान में ट्रेसेबिलिटी और पहचान को सुदृढ़ करेगा।
- पारिस्थितिक बहाली (Ecological Restoration): आवास क्षति, प्राकृतिक आपदाओं या प्रजातियों की संख्या में गिरावट की स्थिति में, यह भंडार भविष्य में पारिस्थितिक पुनर्स्थापन हेतु एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगा।
- स्थानिक प्रजाति संरक्षण: यह 'लेप्टोब्राचेला तामदिल' (Leptobrachella tamdil) जैसे स्थानिक (endemic) जीवों के संरक्षण और दस्तावेजीकरण में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
- रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance): यह पहल भारत की राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना (NBSAP) 2024-2030 के 'लक्ष्य 4' के अनुरूप है। साथ ही, यह वैश्विक Kunming-Montreal फ्रेमवर्क के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है, जो आनुवंशिक विविधता के 'एक्स-सीटू' संरक्षण पर बल देता है।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष
यह रिपोजिटरी जैविक नमूनों को उनके मूल स्रोत के निकट संरक्षित करने की सुविधा प्रदान करती है, जिससे तार्किक चुनौतियां कम होती हैं। यह मिजोरम राज्य जैव विविधता बोर्ड और क्षेत्रीय संस्थानों के मध्य समन्वय स्थापित कर जैविक संसाधनों की रणनीतिक संप्रभुता सुनिश्चित करेगी।
2. परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI 2.0): राज्यों और जिलों हेतु शिक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट (2025-26)
संदर्भ (Context)
शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा जारी PGI 2.0 (2025-26) रिपोर्ट भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली के प्रदर्शन का व्यापक मूल्यांकन प्रस्तुत करती है। इस वर्ष की रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष यह है कि देश का कोई भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश वर्तमान में शीर्ष तीन प्रदर्शन श्रेणियों (दक्ष, उत्कर्ष और अति-उत्तम) में स्थान बनाने में सफल नहीं रहा है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
तकनीकी विवरण (Technical Highlights)
- मूल्यांकन संरचना: सूचकांक कुल 1000 अंकों और 70 संकेतकों पर आधारित है, जिन्हें छह मुख्य डोमेन में विभाजित किया गया है।
- प्रमुख डोमेन: सीखने के परिणाम (Learning Outcomes), पहुंच (Access), बुनियादी ढांचा, इक्विटी, शासन प्रक्रियाएं और शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण।
- डेटा संरेखण: रिपोर्ट का निर्माण UDISE+, पारख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024, पीएम पोषण और विद्यांजलि पोर्टल के आंकड़ों के आधार पर किया गया है।
प्रदर्शन विश्लेषण और शीर्ष प्रदर्शनकर्ता (Performance Analysis & Top Performers)
- अग्रणी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश: चंडीगढ़ 1,000 में से 766 अंकों के साथ देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा है, और यह 'उत्तम-3' (Uttam-3) ग्रेड प्राप्त करने वाला एकमात्र केंद्र शासित प्रदेश है।
- प्रचेष्टा-1 श्रेणी (Prachesta-1): दिल्ली, केरल, पंजाब और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को इस श्रेणी (701-760 अंक) में रखा गया है।
- प्रचेष्टा-2 श्रेणी (Prachesta-2): महाराष्ट्र, ओडिशा, गोवा, हिमाचल प्रदेश और लक्षद्वीप ने इस स्तर पर स्थान प्राप्त किया है।
डोमेन-विशिष्ट प्रदर्शन
- सीखने के परिणाम (Learning Outcomes): पंजाब सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता के रूप में उभरा है।
- पहुंच (Access): केरल और पुडुचेरी ने 'उत्कर्ष' ग्रेड हासिल किया है।
- इक्विटी (Equity): दिल्ली, चंडीगढ़ और तमिलनाडु ने उच्चतम ग्रेड प्राप्त किया है।
- शिक्षक शिक्षा: केरल और लक्षद्वीप इस क्षेत्र में अग्रणी रहे हैं।
- शासन प्रक्रियाएं (Governance): चंडीगढ़ 'उत्तम-1' श्रेणी तक पहुंचने वाला एकमात्र क्षेत्र है।
- उल्लेखनीय सुधार: मेघालय ने अपने स्कोर में सबसे तीव्र सुधार (448 से 525.7) दर्ज किया है, जबकि बिहार 'आकांक्षी-2' से 'आकांक्षी-1' श्रेणी में उन्नत हुआ है।
महत्व (Significance)
रिपोर्ट के अनुसार, राज्यों के बीच प्रदर्शन का अंतर (Gap) वर्ष 2017-18 के 51% से घटकर 2025-26 में 31.4% रह गया है। यह डेटा-संचालित निगरानी और साक्ष्य-आधारित हस्तक्षेपों की सफलता को दर्शाता है। यह प्रणाली पदानुक्रम बनाने के बजाय राज्यों को विकासात्मक सुधार हेतु प्रेरित करने के लिए ग्रेडिंग का उपयोग करती है।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष
PGI 2.0 का ढांचा अब गुणात्मक संकेतकों (जैसे सीखने के परिणाम और शिक्षक शिक्षा) को अधिक महत्व देता है, जो कुल 1000 अंकों में से 600 अंकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह जिलों को फंड्स के तार्किक आवंटन और 'अटेंडेंस मॉनिटरिंग सिस्टम' (AMS) जैसी डिजिटल शासन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने हेतु प्रेरित करता है।
3. भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक संबंध
संदर्भ (Context)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 6-8 जुलाई 2026 की इंडोनेशिया यात्रा ने दोनों देशों के बीच 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Comprehensive Strategic Partnership) को एक ऐतिहासिक मोड़ पर पहुँचा दिया है। इस यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य सक्रियता के बीच रक्षा निर्यात, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक बंदरगाहों का विकास रहा है।
तकनीकी और सामरिक विवरण (Technical & Strategic Highlights)
- रक्षा निर्यात और मिसाइल सौदे: भारत और इंडोनेशिया ने ब्रह्मोस (BrahMos) सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और अस्त्र (Astra Mk-1) बियॉन्ड-विजुअल-रेंज मिसाइलों की आपूर्ति हेतु महत्वपूर्ण अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भारत की बढ़ती 'परिपक्वता' को दर्शाता है।
- साबांग पोर्ट (Sabang Port) विकास: इंडोनेशिया के आचे (Aceh) प्रांत में स्थित इस गहरे पानी के बंदरगाह का भारत के सहयोग से विकास किया जाएगा। 40 मीटर की गहराई वाला यह बंदरगाह पनडुब्बियों सहित सभी श्रेणी के नौसैनिक जहाजों के लिए उपयुक्त है।
- ग्रेटर निकोबार परियोजना (Great Nicobar Project): भारत अपनी ₹81,000-₹92,000 करोड़ की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से इंदिरा पॉइंट पर एक 'फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस' विकसित कर रहा है।
- भौगोलिक निकटता: साबांग बंदरगाह और भारत का ग्रेटर निकोबार द्वीप एक-दूसरे से मात्र 150-160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं।
महत्व (Significance)
- मलक्का चोकपॉइंट पर नियंत्रण: साबांग और ग्रेटर निकोबार का संयुक्त विकास भारत और इंडोनेशिया को मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) के दोनों सिरों पर प्रभावी रणनीतिक निगरानी (Strategic Oversight) प्रदान करेगा। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार के 40% हिस्से का मार्ग है।
- A2/AD रणनीति का विलोम: रणनीतिकारों के अनुसार, ग्रेटर निकोबार भारत के लिए एक 'सामरिक बुलबुला' (Strategic Bubble) बनाएगा जो संकट की स्थिति में प्रतिकूल नौसैनिक पारगमन को रोकने की क्षमता रखता है।
- रक्षा उद्योग सहयोग: दोनों पक्ष अब केवल खरीद-बिक्री से आगे बढ़कर संयुक्त उत्पादन (Co-production), प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष
- शिक्षा और संस्कृति: इंडोनेशिया के सिंघासारी एसईजेड में IIM बैंगलोर के विदेशी परिसर की स्थापना की घोषणा की गई है। साथ ही, 2026-27 को 'टैगोर-देवतारा सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कूटनीति वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा।
- डिजिटल और औद्योगिक समन्वय: भारत के ONDC आर्किटेक्चर पर आधारित इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) का शुभारंभ हुआ है। इस्पात क्षेत्र में SAIL और 'Pt. Krakatau Steel' के बीच स्टेनलेस स्टील निर्माण हेतु संयुक्त उद्यम पर सहमति बनी है।
- सुरक्षा सहयोग: इंडोनेशिया अब गुरुग्राम स्थित IFC-IOR (इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर) में अपना संपर्क अधिकारी (Liaison Officer) तैनात करेगा।
4. TribeX डिजिटल प्लेटफॉर्म: जनजातीय कला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण हेतु नई पहल
संदर्भ (Context)
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने 07 जुलाई, 2026 को भुवनेश्वर (ओडिशा) में जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (TRIs) के सुदृढ़ीकरण पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान 'TribeX' नामक एक अभिनव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया है। यह मंच भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत के डिजिटल रूपांतरण, शिक्षा और कौशल विकास को एकीकृत करने की दिशा में जनजातीय कार्य मंत्रालय की एक युगांतकारी पहल है।
तकनीकी विवरण (Technical Highlights)
- प्लेटफॉर्म संरचना: TribeX को एक व्यापक डिजिटल शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में तैयार किया गया है, जो लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) और रिपोजिटरी मैनेजमेंट सिस्टम से सुसज्जित है।
- पाठ्यक्रम विवरण: वर्तमान में यहाँ जनजातीय कला, हस्तशिल्प और संगीत वाद्ययंत्रों से संबंधित 20 निःशुल्क प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिन्हें भविष्य में 100 तक विस्तारित करने की योजना है। यह प्लेटफॉर्म यूजीसी (UGC) मान्यता प्राप्त पाँच हाइब्रिड पीजी डिप्लोमा कार्यक्रम प्रदान करता है, जिनमें संताली भाषा (ओल चिकी), सतत आजीविका प्रथाएं, संग्रहालय विज्ञान (Museology), जनजातीय कला एवं शिल्प, और जनजातीय वस्त्र शामिल हैं।
- विरासत संग्रह (Heritage Archive): यहाँ 5,000 से अधिक मल्टीमीडिया संसाधन (ऑडियो, वीडियो और साहित्य) उपलब्ध हैं, जो जनजातीय त्योहारों, मौखिक परंपराओं और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रथाओं का दस्तावेजीकरण करते हैं, जिसे 10,000 तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
महत्व (Significance)
TribeX का मुख्य उद्देश्य भौगोलिक बाधाओं को दूर कर जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाना और उनके सदियों पुराने ज्ञान प्रणालियों को आधुनिक विश्व के साथ जोड़ना है। यह पहल प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप भारत की जनजातीय विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने और 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत जनजातीय कौशल को पेशेवर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष
- संस्थागत सहयोग: पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के संचालन हेतु जनजातीय कार्य मंत्रालय और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के मध्य एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- रोजगार के अवसर: ये कार्यक्रम विशेषज्ञों के व्याख्यान, इंटर्नशिप और शोध प्रबंध (Dissertation) के माध्यम से छात्रों को न केवल ज्ञान प्रदान करेंगे, बल्कि भविष्य में रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेंगे।
- आधिकारिक पोर्टल: tribexdigital.org.in
MCQ
- इस संग्रहालय को अधिनियम की धारा 39 के तहत भारत के 21वें 'डेजिग्नेटेड रिपोजिटरी' के रूप में अधिसूचित किया गया है।
- यह रिपोजिटरी मुख्य रूप से 'एक्स-सीटू' (Ex-situ) संरक्षण और आनुवंशिक विविधता के प्रबंधन के माध्यम से भारत की राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति (NBSAP) के 'राष्ट्रीय लक्ष्य 4' को प्राप्त करने के लिए उत्तरदायी है।
- अधिसूचना के अनुसार, यह संस्थान केवल 'पुष्पीय पौधों' (Flowering Plants) के नमूनों तक सीमित रहेगा, ताकि क्षेत्रीय टैक्सोनोमिक अंतराल को भरा जा सके।
(a) केवल 1 (b) केवल 1 और 2 (c) केवल 2 और 3 (d) 3, 2 और 1
उत्तर: (b)
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: पर्यावरण मंत्रालय ने 19 जून 2026 को इस संग्रहालय को देश के 21वें 'निर्दिष्ट भंडार' (Designated Repository) के रूप में अधिसूचित किया है।
- कथन 2 सही है: यह पदनाम NBSAP (2024-2030) के 'राष्ट्रीय लक्ष्य 4' के साथ संरेखित है, जो विशिष्ट रूप से 'एक्स-सीटू' संरक्षण और आनुवंशिक विविधता के सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित है।
- कथन 3 गलत है: यह केवल पुष्पीय पौधों तक सीमित नहीं है; यह टेरिडोफाइट्स, मैक्रोफंगी, सरीसृप, उभयचर, मछलियों, पतंगों, भृंगों और तितलियों जैसे विविध समूहों के 'टाइप नमूनों' का भी दस्तावेजीकरण करेगा।
- PGI-S (राज्यों हेतु) में 1000 अंकों का भार है, जो विशेष रूप से 'सीखने के परिणाम' (Outcome) और 'शासन एवं प्रबंधन' श्रेणियों में विभाजित है।
- PGI-D (जिलों हेतु) संरचना में 600 अंकों के कुल भार को 11 विशिष्ट डोमेन में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें 'फंड अभिसरण एवं उपयोग' (FCU) एक प्रमुख मानक है।
- सूचकांक की गणना हेतु डेटा का प्राथमिक स्रोत केवल 'राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण' (NAS) 2021 तक ही सीमित रखा गया है।
(a) केवल 1 (b) केवल 2 (c) केवल 1 और 2 (d) 1, 2 और 3
उत्तर: (c)
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: PGI-S ढांचा 1000 अंकों और 70 संकेतकों पर आधारित है, जो शैक्षिक परिणामों और प्रशासनिक दक्षता (Governance) का व्यापक आकलन करता है।
- कथन 2 सही है: जिला स्तर के मूल्यांकन (PGI-D) में 600 अंक निर्धारित हैं और इसमें 'फंड्स कन्वर्जेंस' और 'अटेंडेंस मॉनिटरिंग सिस्टम' जैसे 11 महत्वपूर्ण डोमेन शामिल हैं।
- कथन 3 गलत है: वर्तमान PGI 2.0 (2025-26) का डेटा स्रोत PARAKH राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024, UDISE+, और विद्यांजलि जैसे अद्यतन पोर्टल्स के साथ पूर्णतः संरेखित है।
- इंडोनेशिया के आचे (Aceh) प्रांत में स्थित साबांग बंदरगाह की 40 मीटर की गहराई इसे सभी श्रेणी के जहाजों और पनडुब्बियों के लिए एक 'डीप-वाटर' रणनीतिक संपत्ति बनाती है।
- साबांग बंदरगाह और भारत का इंदिरा पॉइंट भौगोलिक रूप से 'सिक्स डिग्री चैनल' (Great Channel) के विपरीत छोरों पर स्थित हैं, जो मलक्का जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार की निगरानी को सक्षम बनाते हैं।
- द्विपक्षीय रक्षा निर्यात समझौते के तहत, इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइलों के साथ-साथ अस्त्र Mk-1 (Beyond Visual Range) मिसाइलों की आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई है।
(a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 और 3 (c) केवल 3 (d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d)
व्याख्या:
- कथन 1 सही है: साबांग पोर्ट की प्राकृतिक गहराई 40 मीटर है, जो पनडुब्बियों सहित भारी नौसैनिक जहाजों के लिए उपयुक्त है।
- कथन 2 सही है: साबांग और इंदिरा पॉइंट के बीच लगभग 150-160 किमी की दूरी है। यह निकटता दोनों देशों को 'सिक्स डिग्री चैनल' पर प्रभावी रणनीतिक नियंत्रण (Strategic Oversight) प्रदान करती है, जहाँ से वैश्विक व्यापार का 40% हिस्सा गुजरता है।
- कथन 3 सही है: 2026 के साझा वक्तव्य में ब्रह्मोस प्रणाली और अस्त्र Mk-1 मिसाइल सहयोग समझौते की पुष्टि की गई है, जो भारत के रक्षा उद्योग की तकनीकी परिपक्वता को दर्शाता है।
- यह प्लेटफॉर्म जनजातीय कार्य मंत्रालय की पहल है, जो जनजातीय कला और कौशल हेतु 100 से अधिक निःशुल्क प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के साथ लॉन्च किया गया है।
- इसके तहत पेश किए जाने वाले हाइब्रिड पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के शैक्षणिक संचालन हेतु संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) किया गया है।
- यह प्लेटफॉर्म 'लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम' (LMS) और एक हेरिटेज आर्काइव को एकीकृत करता है, जिसमें 5000 से अधिक मल्टीमीडिया संसाधनों का संग्रह है।
(a) केवल 1 (b) केवल 2 और 3 (c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3
उत्तर: (b)
व्याख्या:
- कथन 1 गलत है: TribeX ने वर्तमान में 20 निःशुल्क प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के साथ शुरुआत की है, जिन्हें भविष्य में 100 तक विस्तारित करने की योजना है।
- कथन 2 सही है: पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के साथ औपचारिक समझौता किया गया है, जो शैक्षणिक प्रमाणन सुनिश्चित करेगा।
- कथन 3 सही है: यह डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र LMS और रिपोजिटरी मैनेजमेंट सिस्टम पर आधारित है, जहाँ 5000 से अधिक संसाधन पहले से उपलब्ध हैं और इसे 10,000 तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
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