नमस्कार। आज दिनांक 04 जुलाई 2026 के PIB Current Affairs में दो प्रमुख विकासक्रमों का विश्लेषण किया जाएगा। इसमें बामाको में आयोजित प्रथम 'भारत-माली निर्यात संवर्धन मंच' तथा मध्य प्रदेश के विदिशा में संपन्न 'पशुजन्य युद्ध अभ्यास (PYA)' शामिल है।
विषय सूची (Table of Contents)
- प्रथम भारत-माली निर्यात संवर्धन मंच
- पशुजन्य युद्ध अभ्यास
1. प्रथम भारत-माली निर्यात संवर्धन मंच: रणनीतिक और आर्थिक सहयोग
संदर्भ (Context)
भारत और माली ने अपने आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ और संस्थागत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 3-4 जुलाई 2026 को बामाको में प्रथम 'भारत–माली निर्यात संवर्धन मंच' का सफल आयोजन किया। इस मंच का मुख्य विषय (Theme) "व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ बनाना" निर्धारित किया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता माली की संक्रमणकालीन सरकार के प्रधानमंत्री महामहिम मेजर जनरल अब्दुलये मैगा ने की, जिसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव (FT-Africa) श्री अमित कुमार ने किया।
तकनीकी/मुख्य विवरण (Technical Highlights)
- व्यापारिक वृद्धि: वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार 326.61 मिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर को पार कर गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि प्रदर्शित करता है।
- प्रमुख निर्यात उत्पाद: भारत माली को मुख्य रूप से फार्मास्यूटिकल्स, सूती कपड़े, दो-पहिया और तिपहिया वाहन तथा साइकिलों का निर्यात करता है। माली से भारत को कच्चे कपास, परिष्कृत चमड़े, काजू, सीसा (Lead) और तिल का आयात प्राप्त होता है।
- विनिर्माण प्रदर्शन: आयोजन के दौरान भारतीय प्रदर्शनी में सोनालिका ट्रैक्टर, तथा महिंद्रा और टाटा मोटर्स द्वारा निर्मित वाहनों का प्रदर्शन किया गया, जो भारतीय ऑटोमोटिव क्षेत्र की वैश्विक पहुंच को दर्शाता है।
- अप्रयुक्त क्षमता: माली के लगभग 4 बिलियन डॉलर के वैश्विक निर्यात के सापेक्ष भारतीय बाजार में 3.96 बिलियन डॉलर की अप्रयुक्त निर्यात क्षमता का अनुमान लगाया गया है, जो भविष्य के विस्तार हेतु व्यापक संभावनाओं को इंगित करता है।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance)
- नीतिगत उत्प्रेरक: भारत की 'ड्यूटी-फ्री टैरिफ प्रेफरेंस (DFTP)' योजना इस द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने में एक प्राथमिक कारक के रूप में उभरी है।
- विजन माली 2063: माली ने अपने 'विजन माली 2063' रोडमैप के माध्यम से स्वयं को पश्चिम अफ्रीका के लिए एक रणनीतिक निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
- प्राथमिकता वाले क्षेत्र: दोनों पक्षों ने कपास और कपड़ा, खनन और ऊर्जा, कृषि-उद्योग, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य और सामाजिक बुनियादी ढांचे को सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया है।
- डिजिटलीकरण सहयोग: माली ने अपने 'सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन' सिस्टम के डिजिटलीकरण और भारतीय फार्मास्युटिकल उत्पादों के त्वरित पंजीकरण हेतु भारत से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की है।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष
- संस्थागत संवाद: मंच के दौरान गहन Business-to-Business (B2B), Business-to-Government (B2G) और Government-to-Government (G2G) बैठकों का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य व्यापारिक अवसरों को वाणिज्यिक साझेदारी और औपचारिक समझौतों (MoUs) में परिवर्तित करना था।
- निवेश अवसर: APEX-Mali द्वारा तत्काल निवेश हेतु 'रेडी-मेड बिजनेस प्लान' प्रस्तुत किए गए।
- भावी रूपरेखा: माली सरकार ने 3-4 दिसंबर 2026 को एक समर्पित 'निवेश मंच' आयोजित करने की घोषणा की है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष अतिरिक्त बैंक योग्य (Bankable) परियोजनाएं प्रस्तुत की जाएंगी।
2. 'पशुजन्य युद्ध अभ्यास (PYA)': राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन के तहत तैयारियों का परीक्षण
संदर्भ (Context)
मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) द्वारा 'नेशनल वन हेल्थ मिशन' के अंतर्गत 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक एक राष्ट्रीय स्तर की मॉक ड्रिल, 'पशुजन्य युद्ध अभ्यास' (PYA) का सफल आयोजन किया गया। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के खारी गांव में संपन्न यह अभ्यास अपनी तरह की तीसरी राष्ट्रीय मॉक ड्रिल थी, जिसका मुख्य उद्देश्य पशु स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों और जूनोटिक रोगों (जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाले रोग) के प्रति देश की तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं को सुदृढ़ करना था।
तकनीकी/मुख्य विवरण (Technical Highlights)
- अनुकरण परिदृश्य (Simulation Scenario): इस ड्रिल में जानवरों के बीच इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) के प्रकोप का एक काल्पनिक परिदृश्य निर्मित किया गया, जिसमें संक्रमण के मानवों और वन्यजीवों में प्रसार का उच्च जोखिम दिखाया गया था।
- रिस्पॉन्स चेन का परीक्षण: अभ्यास के दौरान पूरी प्रतिक्रिया श्रृंखला (Response Chain) का सूक्ष्म आकलन किया गया, जिसमें रोग की निगरानी, प्रारंभिक चेतावनी, नमूना संग्रह और परिवहन, प्रयोगशाला जांच, जोखिम मूल्यांकन, और नियंत्रण उपायों सहित जोखिम संचार शामिल था।
- परिचालन तत्परता: इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के बीच तालमेल और शुरुआती अलर्ट से लेकर नियंत्रण तक के प्रबंधकीय प्रोटोकॉल की परिचालन तत्परता को परखना था।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance)
- वन हेल्थ दृष्टिकोण: यह अभ्यास 'वन हेल्थ' (One Health) दृष्टिकोण को क्रियान्वित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों को स्वीकार करता है।
- नियमित अभ्यास की आवश्यकता: विभाग के सचिव ने इस बात पर बल दिया कि जूनोटिक खतरों को समय पर पहचानने और त्वरित समन्वित प्रतिक्रिया देने के लिए ऐसे नियमित अभ्यास अनिवार्य हैं।
- संकल्प की सुदृढ़ता: PYA के सफल निष्पादन ने नई और दोबारा उभरने वाली जूनोटिक बीमारियों के विरुद्ध भारत की पशु चिकित्सा प्रणालियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने के सरकार के संकल्प को और अधिक सशक्त किया है।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष
- बहु-संस्थागत भागीदारी: इस अभ्यास में DAHD, ICAR, NCDC, ICMR, और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय सहित राष्ट्रीय BSL-3 नेटवर्क की प्रयोगशालाओं (जैसे NIHSAD और AIIMS भोपाल) ने सक्रिय भूमिका निभाई।
- संस्थागत समन्वय: पशु और मानव स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया दल (NJORT) के मार्गदर्शन में समन्वय स्थापित किया, जिससे विभिन्न मंत्रालयों के बीच परिचालन अंतराल को कम करने में सहायता मिली।
- समीक्षा और क्षमता निर्माण: 3 जुलाई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में ड्रिल के दौरान पाई गई कमियों पर चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए बेहतर आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल और क्षमता निर्माण सुनिश्चित करना था।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
प्रश्न. वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, भारत-माली द्विपक्षीय व्यापार में पिछले वर्ष की तुलना में कितने प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है?
(A) 45 प्रतिशत (B) 50 प्रतिशत (C) 55 प्रतिशत (D) 60 प्रतिशत
प्रश्न. राष्ट्रीय स्तर की मॉक ड्रिल 'पशुजन्य युद्ध अभ्यास (PYA)' के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
(A) इसका आयोजन राजस्थान के पोखरण में किया गया था।
(B) इस अभ्यास में जानवरों में इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) के प्रकोप का अनुकरण (Simulation) किया गया था।
(C) यह भारत का पहला राष्ट्रीय स्तर का मॉक ड्रिल था।
(D) इसका आयोजन केवल रक्षा मंत्रालय द्वारा किया गया था।
उत्तर कुंजी (Answer Key)
- (C) 55 प्रतिशत
- (B) इस अभ्यास में जानवरों में इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) के प्रकोप का अनुकरण किया गया था।
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