विषय सूची (Table of Contents)
- विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025: ग्रामीण भारत में 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार और संशोधित मजदूरी दरों का क्रियान्वयन।
- भारत की पहली प्राइवेट 'प्वाइंट-इन-स्पेस' (PinS) इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया: उपग्रह-आधारित नेविगेशन और विमानन सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि।
1. विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025
संदर्भ (Context) एवं पृष्ठभूमि
ग्रामीण भारत के सामाजिक-आर्थिक ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए 'विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025' को 1 जुलाई, 2026 से पूरे देश में लागू कर दिया गया है। यह नया अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के पिछले ढांचे का स्थान लेता है या उसे उन्नत करता है, जिसमें ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाती थी। (नोट: MGNREGA का नामकरण और इसकी 2005 की उत्पत्ति एक स्थापित तथ्य है, हालांकि वर्तमान स्रोतों में सीधे तौर पर '100 दिनों के प्रावधान' का उल्लेख है जो इस पूर्ववर्ती कानून की विशेषता रही है)।
VB-G RAM G का औपचारिक राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई, 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव से किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे ग्रामीण श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षित आजीविका का एक नया अध्याय बताया है।
मुख्य तकनीकी और वैधानिक विवरण (Technical Highlights)
- कार्य दिवसों में वृद्धि: इस अधिनियम के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार का वैधानिक अधिकार प्राप्त होगा।
- न्यूनतम मजदूरी की सीमा: केंद्र सरकार ने अधिसूचित किया है कि अब देश के किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में दैनिक मजदूरी ₹300 से कम नहीं होगी।
- मजदूरी दरों में संशोधन: राष्ट्रीय औसत अधिसूचित मजदूरी ₹298.8 से बढ़कर अब ₹327.4 प्रतिदिन हो गई है, जो 10% से अधिक की वृद्धि है।
- राज्य-विशिष्ट वृद्धि: उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में मजदूरी दरों में 15% से 25% तक की महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है।
- वित्तीय आवंटन: अधिनियम के निर्बाध क्रियान्वयन के लिए राज्यों को ₹95,692.31 करोड़ की अंतरिम राशि पहले ही आवंटित की जा चुकी है।
रणनीतिक एवं नीतिगत महत्व (Strategic Significance)
- आजीविका संवर्धन: यह मिशन न केवल रोजगार प्रदान करेगा बल्कि टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।
- आत्मनिर्भर भारत: 'विजन 2047' के अनुरूप, यह पहल गांवों को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पारदर्शी और परिणामोन्मुख रोजगार प्रणाली सुनिश्चित करती है।
2. भारत की पहली प्राइवेट 'प्वाइंट-इन-स्पेस' (PinS) इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया
संदर्भ (Context)
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भारत के विमानन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण तकनीकी स्थापित करते हुए आंध्र प्रदेश के उंडावल्ली हेलीपोर्ट पर हेलीकॉप्टर परिचालन के लिए देश की प्रथम प्राइवेट प्वाइंट-इन-स्पेस (PinS) इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान कर दी है। यह कदम भारत के हेलीकॉप्टर इकोसिस्टम को आधुनिक बनाने और इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्वाइंट-इन-स्पेस (PinS) क्या है?
यह हेलीकॉप्टरों के लिए एक विशेष इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया है जो उन्नत उपग्रह-आधारित नेविगेशन तकनीक का उपयोग करती है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- बिना धरातलीय अवसंरचना के नेविगेशन: पारंपरिक लैंडिंग प्रणालियों (जैसे ILS) के विपरीत, जहाँ जमीन पर भारी उपकरणों की आवश्यकता होती है, PinS प्रक्रिया उपग्रह के माध्यम से पायलट को अंतरिक्ष में एक 'निश्चित बिंदु' (Point) तक सटीक मार्गदर्शन प्रदान करती है।
- IFR परिचालन: यह हेलीकॉप्टरों को इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (IFR) के तहत संचालित करने की अनुमति देता है, जिसका अर्थ है कि पायलट बाहरी दृश्यता कम होने पर भी केवल उपकरणों और उपग्रह सिग्नल के आधार पर सुरक्षित नेविगेशन कर सकते हैं।
- प्रतिकूल मौसम में सुरक्षा: यह तकनीक विशेष रूप से उन क्षेत्रों में लाभकारी है जहाँ पहाड़, घने जंगल या खराब मौसम के कारण पारंपरिक 'दृश्य दृष्टिकोण' (Visual Approach) संभव नहीं होता।
तकनीकी एवं मुख्य विवरण (Technical Highlights)
- विकास एवं अनुमोदन: इसे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा विकसित किया गया है और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा अनुमोदित किया गया है।
- नियामक अनुपालन: यह प्रक्रिया DGCA के नियमों और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों एवं अनुशंसित प्रथाओं (SARPs) के पूर्णतः अनुरूप है।
- स्वदेशी तकनीक: यह पहल 'गगन' (GAGAN) जैसी भारत की अपनी उपग्रह-आधारित नेविगेशन प्रणाली के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
महत्व (Significance)
- संपर्क का विस्तार: इस मंजूरी से देश के दूरस्थ और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
- आपातकालीन सेवाएं: यह तकनीक आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं (EMS), आपदा राहत, और अपतटीय (offshore) गतिविधियों के दौरान मिशन की सफलता और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
- विमानन आधुनिकीकरण: यह परफॉर्मेंस-बेस्ड नेविगेशन (PBN) के माध्यम से भारत की विमानन अवसंरचना को 'विजन 2047' के वैश्विक मानकों की ओर ले जाने का हिस्सा है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
'VB-G RAM G: विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का स्थान लेता है।
- इसके तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को अब प्रति वर्ष न्यूनतम 150 दिनों के रोजगार का वैधानिक अधिकार प्राप्त होगा।
- केंद्र सरकार ने अब सभी राज्यों के लिए दैनिक मजदूरी की न्यूनतम सीमा (Floor) ₹300 निर्धारित की है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 और 3 (c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 2 गलत है क्योंकि अधिनियम के तहत रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन की गई है, न कि 150 दिन। कथन 1 और 3 सही हैं क्योंकि यह MGNREGA को प्रतिस्थापित करता है और इसमें ₹300 का न्यूनतम मजदूरी बेंचमार्क अनिवार्य किया गया है।
प्रश्न 2
भारत की पहली प्राइवेट 'प्वाइंट-इन-स्पेस' (PinS) इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह प्रक्रिया आंध्र प्रदेश के उंडावल्ली हेलीपोर्ट पर हेलीकॉप्टर परिचालन के लिए शुरू की गई है।
- इसे नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा विकसित किया गया है और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा अनुमोदित किया गया है।
- यह तकनीक उपग्रह-आधारित नेविगेशन का उपयोग करती है, जिससे प्रतिकूल मौसम में भी सुरक्षित लैंडिंग संभव है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2 (b) केवल 1 और 3 (c) केवल 3 (d) 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 2 गलत है क्योंकि यह प्रक्रिया भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा विकसित की गई है और DGCA द्वारा अनुमोदित की गई है। कथन 1 और 3 पूर्णतः सही हैं क्योंकि यह उंडावल्ली में शुरू हुई है और उन्नत उपग्रह तकनीक का उपयोग करती है।
हमसे जुड़ें — Aarambh Times को Follow करें
रोज़ाना Free UPSC Current Affairs, GS Notes, Prelims MCQs और Mains Practice Questions सीधे अपने feed में पाने के लिए नीचे दिए गए सभी platforms पर हमें Follow करें।
प्रतिदिन नई सामयिकी, GS विश्लेषण और Practice Questions।



Comments
Post a Comment