PIB Current Affairs 24 June 2026 | UPSC Daily Updates | AarambhTimes

 

PIB Current Affairs  |  24 जून 2026  |  स्रोत: Press Information Bureau (PIB)
आज के PIB Current Affairs में आपका स्वागत है। आज के समाचारों में अल नीनो (El Niño) की चुनौती के खिलाफ भारत की बहु-स्तरीय कृषि और समुद्री सुरक्षा तैयारी, प्रशासनिक सुधार (CPGRAMS) में AI और 'समाधान दीदी' की भूमिका, औषधीय क्षेत्र (Pharmaceuticals) में भारत की वैश्विक व्यापारिक स्थिति, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए परामर्शी बैठक, और वस्त्र क्षेत्र (Textiles) में वैश्विक महाशक्ति बनने के लिए नई रणनीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सामयिकी शामिल हैं।
PIB Current Affairs 24 June 2026 | UPSC Daily Updates | AarambhTimes

विषय-सूची (Table of Contents)

  1. 46वीं CPGRAMS रिपोर्ट: लोक शिकायत निवारण में ई-गवर्नेंस एवं AI ('समाधान दीदी') का एकीकरण (GS पेपर 2: शासन)
  2. अल नीनो: समुद्री सुरक्षा (INCOIS बुलेटिन) एवं जिला कृषि आकस्मिकता योजना (DACP) (GS पेपर 1: भूगोल | GS पेपर 3: आपदा प्रबंधन एवं कृषि)
  3. प्रथम SCO मानवाधिकार परामर्शी बैठक: क्षेत्रीय सहयोग एवं संस्थागत क्षमता निर्माण में भारत की भूमिका (GS पेपर 2: अंतर्राष्ट्रीय संबंध)
  4. NITI आयोग 'ट्रेड वॉच क्वार्टरली': औषधीय (Pharma) क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा एवं निर्यात चुनौतियाँ (GS पेपर 3: भारतीय अर्थव्यवस्था)
  5. वस्त्र निर्यात रणनीति 2030: $100 बिलियन का निर्यात लक्ष्य एवं '5F' विजन फ्रेमवर्क (GS पेपर 3: भारतीय अर्थव्यवस्था)

1. 46वीं CPGRAMS रिपोर्ट

GS पेपर 2: शासन (Governance) – शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ।

"चर्चा में क्यों" (Why in News)

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) ने मई 2026 के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) पर अपनी 46वीं मासिक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट का मुख्य केंद्र शिकायतों के निपटान में दक्षता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एकीकरण है।

मुख्य विश्लेषण (Thematic Breakdown)

निपटान के रुझान (Disposal Trends): मई 2026 के दौरान, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कुल 85,900 लोक शिकायत मामले प्राप्त किए, जिनमें से 84,365 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।

शीर्ष प्रदर्शनकर्ता राज्य: शिकायतों के निवारण में उत्तर प्रदेश 27,030 मामलों के निपटान के साथ प्रथम स्थान पर रहा, जबकि महाराष्ट्र 9,476 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

डिजिटल और ग्रामीण पहुंच: CPGRAMS को अब 5 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटरों (CSCs) के साथ एकीकृत कर दिया गया है, जो 2.5 लाख ग्राम स्तरीय उद्यमियों (VLEs) के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों तक इस सेवा की पहुंच सुनिश्चित कर रहे हैं।

फीडबैक तंत्र: रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में फीडबैक कॉल सेंटर के माध्यम से कुल 78,830 फीडबैक एकत्र किए गए, जो सेवा वितरण की गुणवत्ता सुधारने में मदद करते हैं।

तुलनात्मक विश्लेषण: सेवोत्तम योजना (Sevottam Scheme) — सरकारी अधिकारियों की सेवा वितरण क्षमता को बढ़ाने के लिए पिछले पांच वित्तीय वर्षों में आयोजित प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का डेटा:

वित्तीय वर्ष प्रशिक्षण आयोजित प्रशिक्षित अधिकारी
2022-23 280 8,496
2023-24 236 8,477
2024-25 319 10,881
2025-26 322 10,223
2026-27 (31 मई तक) 18 616
कुल 1175 38,693

क्या है 'समाधान दीदी'?

'समाधान दीदी' एक AI-सक्षम वॉयस चैटबॉट है, जिसे 30 मई 2026 को नई दिल्ली में लॉन्च किया गया। यह डिजिटल सार्वजनिक शिकायत निवारण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो नागरिकों को प्राकृतिक भाषा (Natural Language) में संवाद करने और अपनी समस्याओं को पंजीकृत करने की सुविधा प्रदान करता है, जिससे तकनीकी बाधाएं कम होती हैं।

रणनीतिक महत्व (Strategic Significance)

CPGRAMS का यह अद्यतन स्वरूप भारत की "न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन" की नीति को चरितार्थ करता है। AI का उपयोग न केवल शिकायतों के वर्गीकरण और वितरण की गति बढ़ाता है, बल्कि यह प्रशासन में मानवीय त्रुटि को कम कर पारदर्शिता सुनिश्चित कर सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

46वीं CPGRAMS रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि डिजिटल इंडिया मिशन के तहत AI और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग शासन को अधिक संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित बना रहा है, जिससे सरकारी सेवाओं के प्रति आम जनता का विश्वास बढ़ रहा है।

DARPG 46th CPGRAMS Report May 2026 highlights: 84,365 grievance disposals, Samadhan Didi AI chatbot launch, and Sevottam scheme training for 38,693 officers.

प्रिलिम्स पॉइंटर्स (Prelims Pointers)

  • CPGRAMS: केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली।
  • समाधान दीदी: AI-आधारित वॉयस चैटबॉट, 30 मई 2026 को लॉन्च।
  • सेवोत्तम (Sevottam): सेवा वितरण में उत्कृष्टता के लिए एक सरकारी मॉडल।
  • नोडल विभाग: DARPG (प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग)।

2. अल नीनो: भारत की बहु-स्तरीय कृषि और समुद्री सुरक्षा रणनीति

GS पेपर 1: महत्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएं (अल नीनो - प्रभाव और गतिकी)।

GS पेपर 3: आपदा प्रबंधन, भारतीय कृषि (संसाधन, सिंचाई और आकस्मिक योजना), और खाद्य सुरक्षा।

"चर्चा में क्यों" (Why in News)

भारत में इस वर्ष मानसून की प्रगति सामान्य से काफी धीमी रही है और अब तक 43 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इस संभावित संकट और अल नीनो (El Niño) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए 'डिस्ट्रिक्ट एग्रीकल्चर कंटिजेंसी प्लान' और समुद्री क्षेत्र के लिए 'विशेष अल नीनो बुलेटिन' जैसे प्रोएक्टिव (Proactive) कदम उठाए हैं।

विषय-वार विश्लेषण (Thematic Breakdown)

I. समुद्री क्षेत्र पर प्रभाव (INCOIS बुलेटिन)

समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र: बढ़ते तापमान के कारण उत्तरी हिंद महासागर (अरब सागर और बंगाल की खाड़ी) में ऊष्मीय दबाव (Thermal Stress) बढ़ेगा, जिससे प्रवाल भित्तियों (Coral Reefs) का विरंजन और समुद्री तापप्रसव (Marine Heatwaves) की घटनाएं हो सकती हैं।

मत्स्य पालन: सार्डिन और मैकेरल जैसी मछलियों के प्रवास या प्रजनन में कमी की आशंका है, जिससे कुल वाणिज्यिक पकड़ कम हो सकती है।

तटीय गतिकी: बंगाल की खाड़ी में अशांत स्थिति के कारण पूर्वी तट पर कटाव और बाढ़ का खतरा अधिक है, जबकि पश्चिमी तट पर समुद्र की स्थिति सामान्य से शांत रहने की संभावना है।

II. कृषि सुरक्षा और आकस्मिकता योजना

संवेदनशील जिलों की पहचान: वैज्ञानिक डेटा के आधार पर 315 जिलों की पहचान की गई है, जहाँ मानसून कमजोर रहने की संभावना है।

प्राथमिकता श्रेणी: इनमें से 111 जिले 'उच्च प्राथमिकता' वाले हैं, जहाँ सिंचाई क्षमता 25% से भी कम है।

फसल रणनीति: कम पानी और कम अवधि वाली फसलों (जैसे- दलहन, मोटा अनाज/श्री अन्न और तिलहन) को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

इनपुट प्रबंधन: पुनर्बुवाई (Re-sowing) की स्थिति के लिए 1% अतिरिक्त बीज रिजर्व रखा गया है और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

III. जल संरक्षण और वित्तीय सुरक्षा

जल संचयन: मनरेगा के माध्यम से खेत-तालाब, चेक डैम और स्टॉप डैम जैसी संरचनाओं को दुरुस्त करने को प्राथमिकता दी गई है।

वित्तीय ढाल: प्रभावित क्षेत्रों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का कवरेज बढ़ाने और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला कृषि आकस्मिकता योजना (DACP) क्या है?

ICAR और ICAR-CRIDA द्वारा तैयार की गई यह एक स्थानीय स्तर की कार्ययोजना है। यह प्रत्येक जिले की विशिष्ट जलवायु, मृदा प्रकार, उपलब्ध जल संसाधनों और वहां के फसल पैटर्न को ध्यान में रखकर बनाई जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य मानसून की विफलता या कमी की स्थिति में किसानों को वैकल्पिक फसल विकल्पों और जल प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीके बताना है।

रणनीतिक महत्व (Strategic Significance)

भारत सरकार "संकट का इंतज़ार नहीं, पूर्व तैयारी" की रणनीति पर काम कर रही है। दिल्ली में स्थापित 'अल नीनो मॉनिटरिंग सेल' और राज्यों के बीच रीयल-टाइम डेटा शेयरिंग भारत की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए एक वैज्ञानिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रहे हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

अल नीनो के प्रभाव से निपटने के लिए भारत का यह एकीकृत दृष्टिकोण—जिसमें समुद्री बुलेटिन और कृषि आकस्मिक योजना शामिल है—न केवल आपदा प्रबंधन की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रति भारत की अनुकूलन (Adaptation) क्षमता को भी पुख्ता करता है।

INCOIS specialized El Niño advisory for India's maritime sector warning of coral bleaching, fisheries migration, and rougher seas on the East Coast.

प्रिलिम्स पॉइंटर्स (Prelims Pointers)

  • INCOIS (हैदराबाद): भारत का समुद्री सूचना सेवा केंद्र, जिसने पहला विशेष अल नीनो बुलेटिन जारी किया।
  • वर्तमान वर्षा की कमी: 43% (जून 2026 तक)।
  • DACP: जिला-स्तरीय कृषि प्रबंधन के लिए आकस्मिक योजना।
  • अल नीनो का चरम: नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच होने की उम्मीद।

3. प्रथम SCO मानवाधिकार परामर्शी बैठक: क्षेत्रीय सहयोग एवं संस्थागत क्षमता निर्माण

GS पेपर 2: अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations) – द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले समझौते।

"चर्चा में क्यों" (Why in News)

भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हाल ही में किर्गिज़ गणराज्य के बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थानों (NHRIs) की पहली परामर्शी बैठक में भाग लिया। यह बैठक मानवाधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जिम्मेदार संस्थानों के बीच क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।

विषय-वार विश्लेषण (Thematic Breakdown)

क्षेत्रीय सहयोग के सिद्धांत: भारत ने जोर दिया कि SCO के भीतर सहयोग संप्रभुता के सम्मान, गैर-हस्तक्षेप, समानता और राष्ट्रीय हितों के आपसी ध्यान रखने के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए।

संस्थागत अनुभव साझा करना: NHRC भारत ने अपने 32 वर्षों के कार्यकाल में 23.7 मिलियन (2.37 करोड़) से अधिक मामलों के निपटारे का अपना विशाल अनुभव साझा किया। भारत ने सुझाव दिया कि अन्य सदस्य देश इस अनुभव का लाभ उठाकर अपने मानवाधिकार अभ्यासों को मानकीकृत (Standardize) कर सकते हैं।

क्षमता निर्माण (Capacity Building): भारत ने सदस्य देशों के बीच संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने के लिए सुनियोजित शिक्षण और सीमा पार जुड़ाव के महत्व को रेखांकित किया।

सहयोग के माध्यम: भविष्य के सहयोग के लिए ऑनलाइन, ऑफलाइन और हाइब्रिड मोड में नियमित सेमिनार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और बातचीत आयोजित करने का प्रस्ताव दिया गया।

ITEC कार्यक्रम क्या है?

न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यन ने NHRC के 'भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग' (ITEC) क्षमता निर्माण कार्यक्रम पर विशेष प्रकाश डाला। ITEC भारत सरकार का एक प्रमुख द्विपक्षीय सहायता कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से भारत विकासशील देशों के साथ अपने विकास के अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता साझा करता है। मानवाधिकारों के संदर्भ में, यह अन्य देशों के NHRIs को संस्थागत सुदृढ़ीकरण में मदद करता है।

रणनीतिक महत्व (Strategic Significance)

यह बैठक SCO के भीतर एक ऐसे परामर्शी तंत्र की नींव रखती है जो मानवीय गरिमा और मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए समर्पित है। यह मंच सदस्य देशों को समकालीन सामाजिक-आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों से निपटने में सार्थक संवाद और आपसी समझ विकसित करने में मदद करेगा।

निष्कर्ष (Conclusion)

NHRC भारत की इस बैठक में सक्रिय भागीदारी मानवाधिकारों के प्रति भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता और SCO क्षेत्र में एक "नेतृत्वकारी संस्थान" के रूप में उसकी भूमिका को दर्शाती है। यह पहल भविष्य में क्षेत्रीय स्थिरता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी।

NHRC India participates in the first SCO Consultative Meeting on Human Rights in Bishkek, focusing on ITEC capacity building and regional cooperation.

प्रिलिम्स पॉइंटर्स (Prelims Pointers)

  • बैठक का स्थान: बिश्केक, किर्गिज़ गणराज्य।
  • भारतीय प्रतिनिधि: न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यन (अध्यक्ष, NHRC)।
  • NHRC स्थापना वर्ष: 1993।
  • SCO सदस्य देश (बैठक में शामिल): भारत, रूस, चीन, ईरान, पाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, कज़ाकिस्तान, ताजिकिस्तान और बेलारूस।

4. NITI आयोग 'ट्रेड वॉच क्वार्टरली': औषधीय (Pharma) क्षेत्र में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता

GS पेपर 3: भारतीय अर्थव्यवस्था – औद्योगिक नीति, वृद्धि और विकास, और औषधीय क्षेत्र से संबंधित मुद्दे।

"चर्चा में क्यों" (Why in News)

नीति आयोग ने हाल ही में वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के लिए 'ट्रेड वॉच क्वार्टरली' का आठवां संस्करण जारी किया है। इस रिपोर्ट का मुख्य विषय औषध (Pharmaceutical) क्षेत्र है, जो वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में भारत के योगदान और इसकी व्यापारिक शक्ति का विश्लेषण करता है।

मुख्य विश्लेषण (Thematic Breakdown)

व्यापार प्रदर्शन (Trade Performance): वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत का कुल वस्तु एवं सेवा व्यापार 5.4% की वार्षिक वृद्धि के साथ 1.84 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया।

सेवा निर्यात में लचीलापन: भारत ने 2025 में विश्व के आठवें सबसे बड़े सेवा निर्यातक के रूप में अपनी स्थिति बरकरार रखी है। सेवा निर्यात में 9% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।

फार्मा क्षेत्र की शक्ति: भारत जेनेरिक दवाओं, टीकों और आवश्यक दवाओं का अग्रणी आपूर्तिकर्ता है। वर्ष 2025 में वैश्विक मांग 1.3 ट्रिलियन डॉलर थी, जिसमें भारत ने 35.8 बिलियन डॉलर मूल्य के उत्पादों का निर्यात किया।

प्रमुख क्लस्टर: भारत के फार्मा उद्योग के तीन मुख्य स्तंभ तेलंगाना, गुजरात और महाराष्ट्र हैं, जो सुदृढ़ विनिर्माण पारितंत्र और सहायक नीतियों के कारण वैश्विक मूल्य श्रृंखला के केंद्र बने हुए हैं।

चुनौतियां और कमियां (Sectoral Gaps)

रिपोर्ट में भारतीय फार्मा क्षेत्र की दो प्रमुख बाधाओं को रेखांकित किया गया है:

  • कच्चे माल पर निर्भरता: सक्रिय औषधीय संघटक (API) और मध्यवर्ती उत्पादों के लिए भारत की निर्भरता अभी भी चीन से होने वाले आयात पर बनी हुई है।
  • मूल्य संवर्धन की कमी: भारत का निर्यात मुख्य रूप से 'फॉर्म्युलेशन्स' और जेनेरिक दवाओं तक सीमित है, जबकि वैश्विक मांग बायोलॉजिक्स, इम्यूनोलॉजिकल्स और उन्नत उपचारात्मक दवाओं जैसे उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है।

रणनीतिक महत्व (Strategic/Economic Significance)

भारत को 'विश्व की फार्मेसी' के रूप में अपनी भूमिका को सुदृढ़ करने के लिए 'वॉल्यूम-आधारित' से 'वैल्यू-आधारित' (Innovation-led) मॉडल की ओर बढ़ने की आवश्यकता है। अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निवेश और महत्वपूर्ण कच्चे घटकों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन को मजबूत किया जा सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

नीति आयोग की रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि यद्यपि भारत वैश्विक जेनेरिक बाजार में नेतृत्व कर रहा है, लेकिन अगली पीढ़ी की दवाओं और एपीआई में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र बनाने के लिए अनिवार्य है।

NITI Aayog 8th Trade Watch Quarterly report focusing on India's pharmaceutical competitiveness, $35.8 billion exports, and API import dependency.

प्रिलिम्स पॉइंटर्स (Prelims Pointers)

  • ट्रेड वॉच क्वार्टरली: नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट।
  • विश्व सेवा निर्यात रैंक: भारत 8वें स्थान पर (2025)।
  • प्रमुख फार्मा राज्य: तेलंगाना, गुजरात और महाराष्ट्र।
  • API: सक्रिय औषधीय संघटक (दवाओं का कच्चा माल)।

5. वस्त्र निर्यात रणनीति 2030: $100 बिलियन का लक्ष्य और '5F' विजन

GS पेपर 3: भारतीय अर्थव्यवस्था – औद्योगिक नीति, विकास, रोजगार और निर्यात क्षेत्र।

"चर्चा में क्यों" (Why in News)

वस्त्र मंत्रालय ने नई दिल्ली में "वैश्विक बाजारों के लिए वस्त्र: 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात का लक्ष्य" विषय पर एक दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया है। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत को वैश्विक वस्त्र उद्योग की महाशक्ति बनाने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच एक समन्वित कार्ययोजना तैयार करना है।

विषय-वार विश्लेषण (Thematic Breakdown)

निर्यात लक्ष्य: भारत का लक्ष्य वर्तमान वस्त्र एवं परिधान निर्यात को 37 अरब डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 100 अरब डॉलर पहुँचाना है।

'5F' विजन: यह रणनीति प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण पर आधारित है—

  • Farm to Fibre (खेत से रेशा)
  • Fibre to Factory (रेशा से कारखाना)
  • Factory to Fashion (कारखाना से फैशन)
  • Fashion to Foreign (फैशन से विदेश)

विकेंद्रीकृत रणनीति (Decentralized Planning): इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए 36 राज्य निर्यात कार्य योजनाएं (SEAP) और 200 जिला निर्यात कार्य योजनाएं (DEAP) तैयार की गई हैं, ताकि स्थानीय क्लस्टरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सके।

प्रमुख वस्त्र क्लस्टर: सम्मेलन में चार प्रमुख क्लस्टरों—लुधियाना, तिरुप्पुर, सूरत और भदोही—के विकास और उनकी चुनौतियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

फाइबर शिफ्ट (MMF और तकनीकी वस्त्र)

वैश्विक मांग के पैटर्न में तेजी से बदलाव आ रहा है। भारत अब कपास-प्रधान उत्पादन से हटकर मानव-निर्मित फाइबर (MMF) और तकनीकी वस्त्रों (Technical Textiles) की ओर बढ़ रहा है। तकनीकी वस्त्रों का उपयोग केवल पहनावे के लिए नहीं, बल्कि ऑटोमोबाइल, कृषि, स्वास्थ्य और निर्माण जैसे उद्योगों में किया जाता है, जो निर्यात में मूल्य संवर्धन (Value Addition) का एक बड़ा अवसर प्रदान करते हैं।

चुनौतियां और आगे की राह (Challenges and Way Forward)

  • लागत संबंधी बाधाएं: निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए रसद (Logistics) और बुनियादी ढांचे की लागत को कम करना अनिवार्य है।
  • एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र: PM-MITRA पार्क और एकीकृत विनिर्माण क्लस्टरों के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाना।
  • कौशल और तकनीक: वस्त्र क्षेत्र में नवीनतम तकनीक को अपनाने और श्रमिकों के कौशल विकास पर जोर देना।
  • मुक्त व्यापार समझौते (FTA): भारत द्वारा हाल ही में किए गए FTAs का लाभ उठाकर नए बाजारों (जैसे- ऑस्ट्रेलिया, यूएई) तक पहुँच बनाना।

निष्कर्ष (Conclusion)

शिखर सम्मेलन के निष्कर्षों को 'राष्ट्रीय वस्त्र निर्यात रोडमैप 2030' में समेकित किया जाएगा। यह रोडमैप न केवल निर्यात बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और 'सहकारी संघवाद' के माध्यम से आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा।

Ministry of Textiles strategy for $100 Billion exports by 2030 using 5F vision, decentralized district action plans, and shift to Man-Made Fibres.

प्रिलिम्स पॉइंटर्स (Prelims Pointers)

  • निर्यात लक्ष्य: 2030 तक $100 बिलियन।
  • 5F विजन: Farm to Fibre to Factory to Fashion to Foreign।
  • योजनाएं: SEAP (राज्य स्तर) और DEAP (जिला स्तर)।
  • प्रमुख पार्क: PM-MITRA (Mega Integrated Textile Region and Apparel) पार्क।


अभ्यास प्रश्न एवं MCQ (Practice Questions & MCQs)

विषय 1 — CPGRAMS / समाधान दीदी

अभ्यास मुख्य परीक्षा प्रश्न (Practice Mains Question):

"लोक शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावकारिता बढ़ाने में AI-आधारित उपकरणों की भूमिका पर चर्चा करें। क्या डिजिटल समावेशन की चुनौतियां इस तकनीक के लाभों को सीमित कर सकती हैं?"
(150 शब्द, 10 अंक)

प्रिलिम्स प्रैक्टिस MCQ:

प्रश्न: 'समाधान दीदी' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. यह एक डिजिटल भुगतान गेटवे है।
  2. इसे CPGRAMS पोर्टल पर लोक शिकायतों के निवारण के लिए लॉन्च किया गया है।
  3. यह पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा संचालित एक वॉयस चैटबॉट है।

सही विकल्प चुनें:
(A) केवल 1 और 2    (B) केवल 2 और 3    (C) केवल 1 और 3    (D) 1, 2 और 3

✅ सही उत्तर: (B)
व्याख्या: समाधान दीदी एक AI-सक्षम वॉयस चैटबॉट है जिसका उद्देश्य लोक शिकायतों के पंजीकरण और निवारण को डिजिटल रूप से सरल बनाना है।

विषय 2 — अल नीनो / DACP / INCOIS

अभ्यास मुख्य परीक्षा प्रश्न (Practice Mains Question):

"अल नीनो भारतीय कृषि और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करता है। भारत सरकार द्वारा अपनाए गए 'बहु-स्तरीय तैयारी ढांचे (2026)' (Multi-tier Preparedness Framework) का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें।"
(250 शब्द, 15 अंक)

प्रिलिम्स प्रैक्टिस MCQ:

प्रश्न: INCOIS द्वारा जारी हालिया 'अल नीनो बुलेटिन' के अनुसार, भारतीय तटों पर इसके संभावित प्रभाव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. अल नीनो के दौरान अरब सागर और पश्चिमी तट पर समुद्र की स्थिति अशांत रहेगी।
  2. बंगाल की खाड़ी के कारण पूर्वी तट पर तटीय कटाव और बाढ़ की संभावना बढ़ जाएगी।
  3. समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण प्रवाल भित्तियों का विरंजन (Coral Bleaching) हो सकता है।

उपरोक्त में से कौन से कथन सही हैं?
(A) केवल 1 और 2    (B) केवल 2 और 3    (C) केवल 1 और 3    (D) 1, 2 और 3

✅ सही उत्तर: (B)
व्याख्या: स्रोत के अनुसार, अरब सागर और पश्चिमी तट पर समुद्र की स्थिति सामान्य से शांत रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी तट पर स्थिति अशांत रहेगी। कथन 2 और 3 सीधे तौर पर स्रोत से समर्थित हैं।

विषय 3 — SCO मानवाधिकार परामर्शी बैठक

अभ्यास मुख्य परीक्षा प्रश्न (Practice Mains Question):

"क्षेत्रीय समूहों (जैसे SCO) के भीतर मानवाधिकारों पर परामर्शी तंत्र विकसित करने के महत्व का विश्लेषण करें। यह वैश्विक मानवाधिकार मानकों के क्षेत्रीय अनुकूलन में किस प्रकार सहायक हो सकता है?"
(150 शब्द, 10 अंक)

प्रिलिम्स प्रैक्टिस MCQ:

प्रश्न: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थानों की पहली परामर्शी बैठक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. यह बैठक हाल ही में ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित की गई।
  2. भारत ने इस मंच पर अपने ITEC क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से सहयोग का प्रस्ताव दिया।
  3. SCO का यह तंत्र 'हस्तक्षेप न करने' और 'संप्रभुता के सम्मान' के सिद्धांतों पर आधारित है।

उपरोक्त में से कौन से कथन सही हैं?
(A) केवल 1 और 2    (B) केवल 2 और 3    (C) केवल 1 और 3    (D) 1, 2 और 3

✅ सही उत्तर: (B)
व्याख्या: यह बैठक किर्गिज़ गणराज्य की राजधानी बिश्केक में आयोजित की गई थी, न कि दुशांबे में। कथन 2 और 3 स्रोतों द्वारा समर्थित हैं।

विषय 4 — NITI आयोग ट्रेड वॉच / Pharma

अभ्यास मुख्य परीक्षा प्रश्न (Practice Mains Question):

"भारतीय फार्मास्युटिकल उद्योग 'विश्व की फार्मेसी' के रूप में जाना जाता है, फिर भी यह कच्चे माल के लिए आयात पर अत्यधिक निर्भर है। नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट के आलोक में इस क्षेत्र की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करें।"
(250 शब्द, 15 अंक)

प्रिलिम्स प्रैक्टिस MCQ:

प्रश्न: नीति आयोग की 8वीं 'ट्रेड वॉच क्वार्टरली' रिपोर्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. वर्ष 2025 में भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा सेवा निर्यातक बन गया है।
  2. भारतीय फार्मा निर्यात मुख्य रूप से बायोलॉजिक्स और उन्नत उपचारात्मक दवाओं पर केंद्रित है।
  3. तेलंगाना, गुजरात और महाराष्ट्र भारत के औषध उद्योग के प्रमुख स्तंभ हैं।

उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 3    (B) केवल 3    (C) केवल 2 और 3    (D) 1, 2 और 3

✅ सही उत्तर: (B)
व्याख्या: भारत 8वां सबसे बड़ा सेवा निर्यातक है (कथन 1 गलत) और भारत का फार्मा निर्यात मुख्य रूप से जेनेरिक और फॉर्म्युलेशन्स पर केंद्रित है, न कि बायोलॉजिक्स पर (कथन 2 गलत)।

विषय 5 — वस्त्र निर्यात रणनीति 2030 / 5F विजन

अभ्यास मुख्य परीक्षा प्रश्न (Practice Mains Question):

"भारत को वैश्विक वस्त्र निर्यात का केंद्र बनाने के लिए आवश्यक रणनीतिक बदलावों पर चर्चा करें।"
(250 शब्द, 15 अंक)

प्रिलिम्स प्रैक्टिस MCQ:

प्रश्न: 'राष्ट्रीय वस्त्र निर्यात रोडमैप 2030' के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

  1. इसका लक्ष्य 2030 तक वस्त्र निर्यात को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाना है।
  2. यह रणनीति केवल कपास आधारित वस्त्रों के निर्यात पर केंद्रित है।
  3. इसमें जिला स्तर पर निर्यात बढ़ाने के लिए DEAP (District Export Action Plans) का उपयोग किया जाएगा।

सही विकल्प चुनें:
(A) केवल 1 और 2    (B) केवल 2 और 3    (C) केवल 1 और 3    (D) 1, 2 और 3

✅ सही उत्तर: (C)
व्याख्या: यह रणनीति कपास के साथ-साथ मानव-निर्मित फाइबर (MMF) और तकनीकी वस्त्रों पर विशेष जोर देती है, इसलिए कथन 2 गलत है।