PIB Analysis 26 August 2026 | Indigenous Gas Turbine Engines and Delivery of ICGS Ajit to Indian Coast Guard
विषय सूची (Table of Contents)
- स्वदेशी सूक्ष्म और लघु गैस टर्बाइन इंजन (NJ-05, NJ-50, NJ-100): सीएसआईआर-एनएएल का नवाचार, तकनीकी विनिर्देश (technical specifications) और मानवरहित रक्षा प्रणालियों (unmanned defence systems) में इनका महत्व। (UPSC GS Paper III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- स्वदेशी तकनीक का विकास और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता)
- फास्ट पेट्रोल वेसल 'आईसीजीएस अजीत' (ICGS Ajit): गोवा शिपयार्ड द्वारा सुपुर्दगी, कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर (Controllable Pitch Propellers - CPP) तकनीक और तटीय रक्षा ढांचा। (UPSC GS Paper III: सुरक्षा- तटीय सुरक्षा चुनौतियां और विभिन्न नौसैनिक कार्यक्रम)
1. स्वदेशी सूक्ष्म और लघु गैस टर्बाइन इंजन (NJ-05, NJ-50, NJ-100)
संदर्भ (Context)
एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख (Chief of Integrated Defence Staff - CISC) एयर मार्शल तेजिंदर सिंह की उपस्थिति में सीएसआईआर-राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशाला (CSIR-NAL) ने नई दिल्ली में तीन स्वदेशी सूक्ष्म और लघु गैस टर्बाइन इंजनों का अनावरण किया। उन्नत एयरोस्पेस प्रणोदन (advanced aerospace propulsion) के क्षेत्र में यह विकास मानवरहित सामरिक प्रणालियों के लिए आवश्यक घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देगा।
तकनीकी व मुख्य विवरण (Technical Highlights)
इंजन मॉडल और थ्रस्ट क्षमता (Thrust Capacity): सीएसआईआर-एनएएल की परियोजना टीम ने निम्नलिखित तीन प्रणोदन प्रणालियां (propulsion systems) पेश की हैं:
- एनजे-05 (NJ-05): 5 किलोग्राम थ्रस्ट क्षमता।
- एनजे-50 (NJ-50): 50 किलोग्राम थ्रस्ट क्षमता।
- एनजे-100 (NJ-100): 100 किलोग्राम थ्रस्ट क्षमता।
लक्ष्य अनुप्रयोग (Target Applications): इन सुव्यवस्थित इंजनों को विशेष रूप से सामरिक मानवरहित हवाई वाहनों (Tactical Unmanned Aerial Vehicles - UAVs), ड्रोन इंटरसेप्टर (drone interceptors) और सघन मिसाइल प्रणालियों (compact missile systems) को शक्ति प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
तकनीकी नवाचार: श्री आर. प्रथापनायका के नेतृत्व वाली वैज्ञानिक टीम द्वारा विकसित इन इंजनों में उच्च-आरपीएम टर्बोमशीनरी (high-RPM turbomachinery) और उच्च-तापमान दहन प्रौद्योगिकियों (high-temperature combustion technologies) का प्रभावी समन्वय किया गया है।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance)
महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों का स्वदेशीकरण (Indigenisation of Critical Subsystems): सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलाइसेल्वी के अनुसार, इन अत्यधिक विशिष्ट प्रणालियों का स्वदेशी विकास एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
राष्ट्रीय सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण: वर्तमान रक्षा परिदृश्य में मानवरहित प्रणालियों की भूमिका बढ़ रही है। ऐसे नाजुक उपकरणों की प्रणोदन तकनीकों के लिए विदेशी विनिर्माताओं पर निर्भरता को कम करना हमारी सैन्य स्वायत्तता (military autonomy) और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करता है।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष (Economic & Institutional Aspects)
बहु-स्तरीय समेकित ढांचा (Multi-stage Integrator): सीएसआईआर-एनएएल के निदेशक डॉ. अभय ए. पशिलकर ने रेखांकित किया कि देश में बढ़ते ड्रोन पारितंत्र (drone ecosystem) को विकसित करने में प्रयोगशाला एक समेकक की भूमिका निभा रही है।
एयरोस्पेस स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन: देश में तेजी से विस्तार कर रहे एयरोस्पेस स्टार्टअप पारितंत्र (aerospace startup ecosystem) और घरेलू उद्योगों में इन उन्नत प्रणालियों का बड़े पैमाने पर विनिर्माण करने तथा भारतीय रक्षा क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता है।
2. फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) 'आईसीजीएस अजीत' (ICGS Ajit)
संदर्भ (Context)
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) ने औपचारिक सुपुर्दगी प्रक्रिया के तहत एक उन्नत फास्ट पेट्रोल वेसल (Fast Patrol Vessel - FPV) आईसीजीएस अजीत (ICGS Ajit - यार्ड 1277) को भारतीय तटीय रक्षक बल को सौंप दिया है। यह हैंडओवर समारोह गोवा में जीएसएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री ब्रजेश कुमार उपाध्याय और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
तकनीकी व मुख्य विवरण (Technical Highlights)
भौतिक विनिर्देश (Physical Specifications): इस जहाज की कुल लंबाई 51.43 मीटर और चौड़ाई 8 मीटर है। यह पोत 2.5 मीटर के ड्राफ्ट (draught) पर लगभग 330 टन का विस्थापन (displacement) प्रदर्शित करता है।
कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर तकनीक (Controllable Pitch Propellers - CPP): यह जहाज दोहरे मरीन डीजल इंजनों (twin marine diesel engines) द्वारा संचालित होता है, जो 'कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर' को गति प्रदान करते हैं। इस श्रेणी के फास्ट पेट्रोल वेसल्स में पहली बार इस उन्नत तकनीक का उपयोग किया गया है, जो जहाज को बेहतर प्रणोदन दक्षता (propulsion efficiency) प्रदान करती है।
प्रदर्शन और गतिशीलता (Operational Performance):
- गति: इसकी अधिकतम गति 27 नॉट (knots) से अधिक है।
- परिचालन सीमा: यह जहाज 1,500 समुद्री मील (nautical miles) की सहनशीलता (endurance) सीमा रखता है।
- नियंत्रण प्रणालियां: पोत को परिचालन के लिए तैयार रखने और परिचालन स्थिरता के लिए इसमें एक उन्नत एकीकृत मशीनरी नियंत्रण प्रणाली (integrated machinery control system) लगाई गई है।
- चालक दल: इसके सुचारू संचालन के लिए 6 अधिकारियों और 35 नाविकों का दल नियुक्त किया जाएगा।
ICGS Ajit (यार्ड 1277) — मुख्य विशिष्टताएँ:
- लंबाई और चौड़ाई: 51.43 मीटर x 8 मीटर
- कुल विस्थापन: 330 टन (2.5 मीटर ड्राफ्ट पर)
- प्रणोदन तकनीक: ट्विन डीजल इंजन + कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर (CPP)
- परिचालन क्षमता: अधिकतम गति 27 नॉट से अधिक, रेंज 1,500 समुद्री मील
- स्वदेशी सामग्री: 65% से अधिक (Atmanirbhar Bharat विजन के तहत)
रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance)
बहुआयामी समुद्री मिशन (Multi-mission Capability): इस पोत को विशेष रूप से विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone - EEZ) की निगरानी, तटीय गश्त (coastal patrolling), मत्स्य पालन संरक्षण (fisheries protection), तस्करी रोधी (anti-smuggling), समुद्री डकैती विरोधी अभियानों (anti-piracy) और खोज व बचाव अभियानों (Search and Rescue - SAR) के लिए डिजाइन किया गया है।
तटीय रक्षा ढांचे को मजबूती: भारत के संवेदनशील समुद्री तटों और सीमावर्ती अपतटीय क्षेत्रों की सुरक्षा को बेहतर बनाने में इस पोत का शामिल होना सुरक्षा ढांचे को अधिक सुदृढ़ बनाएगा।
वैश्विक जहाज निर्माण केंद्र (Global Shipbuilding Hub): 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी घटकों से निर्मित आईसीजीएस अजीत 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत घरेलू जहाज निर्माण क्षमता और देश की नीली अर्थव्यवस्था (blue economy) के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
UPSC CSE Prelims Practice MCQs
प्रश्न 1
हाल ही में सीएसआईआर-राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशाला (CSIR-NAL) द्वारा अनावरित स्वदेशी गैस टर्बाइन इंजनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- सीएसआईआर-एनएएल ने एनजे-05, एनजे-50 और एनजे-100 नाम से तीन लघु गैस टर्बाइन इंजनों का अनावरण किया है।
- इन प्रणोदन प्रणालियों की थ्रस्ट क्षमता क्रमशः 5 किलोग्राम, 50 किलोग्राम और 100 किलोग्राम है।
- इन प्रणोदन प्रणालियों को विशेष रूप से सामरिक यूएवी (Tactical UAVs) और मिसाइल प्रणालियों के लिए विकसित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: D (1, 2 और 3 — सभी कथन सही हैं)
कथन 1, 2 और 3 सही हैं: सीएसआईआर-राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशाला (CSIR-NAL) ने रक्षा प्रणालियों को गति देने के लिए तीन स्वदेशी अत्यंत छोटे और लघु गैस टर्बाइन इंजन (NJ-05, NJ-50 और NJ-100) जारी किए हैं। इनकी थ्रस्ट क्षमता क्रमशः 5 किलोग्राम, 50 किलोग्राम और 100 किलोग्राम है और इनका मुख्य उपयोग सामरिक यूएवी, ड्रोन इंटरसेप्टर और सघन मिसाइल प्रणालियों में किया जाएगा।
प्रश्न 2
भारतीय तटीय रक्षक बल में शामिल किए गए नए जहाज 'आईसीजीएस अजीत' (ICGS Ajit) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों का मूल्यांकन कीजिए:
- इस जहाज का विस्थापन लगभग 1,100 टन है और इसे कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया है।
- यह अपनी श्रेणी का पहला फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) है जो कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर (CPP) तकनीक से लैस है।
- इस पोत का निर्माण 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के उपयोग से किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: B (केवल 2 और 3)
कथन 1 गलत है: आईसीजीएस अजीत का विस्थापन 330 टन है (न कि 1,100 टन) और इसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) द्वारा निर्मित किया गया है।
कथन 2 सही है: यह अपनी श्रेणी का पहला जहाज है जो कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर (CPP) से लैस है, जो इसकी प्रणोदन दक्षता को बढ़ाता है।
कथन 3 सही है: इस जहाज में 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है जो आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप है।
