विषय सूची (Table of Contents)
- संरचनात्मक और प्रतिस्पर्धा-समर्थक सुधारों में भारत की वैश्विक रैंकिंग में सुधार: कॉम्पेटेरे फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार की विकृतियों को कम करने के प्रयासों (GST, IBC आदि) के कारण भारत वैश्विक रैंकिंग में 82वें से 57वें स्थान पर पहुँचा है। यह सुधार प्रति वर्ष अतिरिक्त 1% प्रति व्यक्ति जीडीपी लाभ का संकेत देता है (UPSC GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था - समावेशी विकास, औद्योगिक नीति और सरकारी सुधार)।
- भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) के तहत नए बीमा उत्पाद का शुभारंभ: वित्त मंत्रालय ने देश का पहला संप्रभुता-समर्थित 'सुरक्षा एवं क्षतिपूर्ति' (P&I) बीमा उत्पाद लॉन्च किया है। इससे युद्ध जोखिम प्रीमियम दरों में 35-40% की कमी आई है और विदेशी बाजारों पर निर्भरता कम हुई है (UPSC GS Paper III: अर्थव्यवस्था - बुनियादी ढांचा: बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग; निवेश मॉडल और बीमा क्षेत्र)।
- स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल 'निपुण' (DSV Nipun) की सुपुर्दगी: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) द्वारा निर्मित इस जहाज में 75% स्वदेशी सामग्री है। यह गहरे समुद्र में गोताखोरी (Saturation Diving) और पनडुब्बी बचाव (DSRV मदर शिप के रूप में) कार्यों के लिए अत्यधिक विशिष्ट है (UPSC GS Paper III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - रक्षा स्वदेशीकरण, सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत)।
1. संरचनात्मक और प्रतिस्पर्धा-समर्थक सुधारों में भारत की वैश्विक रैंकिंग में सुधार: आर्थिक विकास का नया सोपान
संदर्भ (Context)
कॉम्पेटेरे फाउंडेशन (Competere Foundation) द्वारा जारी रिपोर्ट 'इंडियाज़ नेक्स्ट ग्रोथ फ़्रंटियर: रिड्यूसिंग एंटी-कॉम्पिटिटिव मार्केट डिस्टॉर्शन्स टू बिल्ड ऑन इंडियाज़ 2010–2023 रिफ़ॉर्म प्रोग्रेस' के अनुसार, भारत वैश्विक रैंकिंग में 82वें से 57वें स्थान पर पहुँच गया है। यह रिपोर्ट भारत द्वारा वर्ष 2010 से 2023 के बीच किए गए संरचनात्मक और प्रतिस्पर्धा-समर्थक सुधारों का 'मार्केट डिस्टॉर्शन्स परफ़ॉर्मेंस इंडेक्स' (MDPI) के तहत आकलन करती है।
विवरण (Highlights)
रैंकिंग में उछाल: भारत ने वैश्विक रैंकिंग में 25 पायदान की छलांग लगाई है।
आर्थिक लाभ: रिपोर्ट का अनुमान है कि इन सुधारों के कारण भारत को प्रति वर्ष अतिरिक्त 1% प्रति व्यक्ति जीडीपी (GDP per capita) का लाभ मिल रहा है।
ACMD ढांचा: यह विश्लेषण एंटी-कॉम्पिटिटिव मार्केट डिस्टॉर्शन्स (ACMD) ढांचे पर आधारित है, जो तीन मुख्य स्तंभों पर ध्यान केंद्रित करता है:
संपत्ति अधिकारों का संरक्षण (Property Rights Protection)।
घरेलू प्रतिस्पर्धा (Domestic Competition)।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा (International Competition)।
सुधारों का प्रभाव: भारत की सबसे बड़ी प्रगति घरेलू प्रतिस्पर्धा (DC) स्तंभ में देखी गई है, जहाँ आंतरिक बाजार के घर्षण को कम करने में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
महत्व (Strategic Significance)
बाजार विकृतियों में कमी: यह प्रगति बाजार की उन विकृतियों (Distortions) को कम करने के भारत के प्रयासों को दर्शाती है जो स्वैच्छिक विनिमय (Voluntary Exchange) में बाधा उत्पन्न करती थीं।
प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता: रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को मजबूत करते हुए वैश्विक व्यापार परिवेश में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाई है।
संस्थागत मजबूती: 2010 की तुलना में, भारत अब प्रतिस्पर्धा और दक्षता आधारित अर्थव्यवस्था बनने के 'अगले फ्रंटियर' की ओर बढ़ रहा है।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष
जीएसटी (GST) की भूमिका: 2017 में वस्तु एवं सेवा कर (GST) के कार्यान्वयन ने आंतरिक राजकोषीय विखंडन को समाप्त कर भारत को एक एकीकृत घरेलू बाजार बनाया।
दिवालियापन और ऋण संहिता (IBC): IBC (2016) ने परिसंपत्तियों के पुनर्वितरण और उद्यमशीलता को बढ़ावा देकर ऋण उपलब्धता के ढांचे को मजबूत किया।
व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business): विश्व बैंक की रैंकिंग में भारत का 142वें (2015) से 63वें (2020) स्थान पर पहुंचना घरेलू संस्थागत सुधारों की पुष्टि करता है।
व्यापार सुविधा प्रणालियाँ: सीमा शुल्क प्रशासन में सुधार हेतु ICEGATE, SWIFT और जोखिम प्रबंधन प्रणालियों (Risk Management System) के आधुनिकीकरण ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाया है।
2. भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) के तहत नए बीमा उत्पाद का शुभारंभ: समुद्री सुरक्षा में आत्मनिर्भरता
संदर्भ (Context)
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) ने 30 जुलाई 2026 को भारत का पहला संप्रभुता-समर्थित (Sovereign-backed) 'सुरक्षा एवं क्षतिपूर्ति' (Protection & Indemnity - P&I) बीमा उत्पाद लॉन्च किया है। यह उत्पाद भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) के तहत विकसित किया गया है, जिसे न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा डिजाइन किया गया है।
मुख्य विवरण (Highlights)
प्रथम पॉलिसी: डीएफएस सचिव ने पहली P&I पॉलिसी का दस्तावेज भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड (SCI) को सौंपा।
कवरेज का दायरा: यह पॉलिसी चालक दल और मालवाहक दायित्व (Crew & Cargo liability), प्रदूषण दायित्व, और जहाज के मलबे को हटाने जैसे तीसरे पक्ष के दायित्वों के खिलाफ वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
क्षतिपूर्ति सीमा: पूल की संयुक्त क्षमता के माध्यम से 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक की उच्च क्षतिपूर्ति सीमा (Indemnity limit) निर्धारित की गई है।
नेटवर्क: इसके तहत 24x7 पोर्ट कॉरेस्पोंडेंट नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
उपलब्धि: 29 जुलाई 2026 तक, इस पूल के अंतर्गत कार्गो और पतवार (Hull) युद्ध जोखिमों को कवर करने वाली कुल 1608 पॉलिसियां जारी की जा चुकी हैं।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance)
लागत में कमी: BMIP की शुरुआत के बाद से युद्ध जोखिम प्रीमियम (War risk premium) दरों में 35-40% की महत्वपूर्ण कमी आई है, विशेष रूप से पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान देखी गई उच्च दरों की तुलना में।
आत्मनिर्भर भारत: यह पहल विशेष बीमा समाधानों में विदेशी बाजारों पर निर्भरता को कम करने और समुद्री व्यापार से उत्पन्न मूल्य को घरेलू अर्थव्यवस्था के भीतर बनाए रखने के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को बल देती है।
जोखिम प्रबंधन: P&I कवरेज का विस्तार भारत के समुद्री जोखिम प्रबंधन ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा और इसके समुद्री बीमा इकोसिस्टम (Marine Insurance Ecosystem) का लचीलापन (Resilience) बढ़ाएगा।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष
बाजार स्वीकृति: 12 मई 2026 को संप्रभु गारंटी के साथ परिचालन शुरू करने के बाद से, इस पूल ने बाजार में व्यापक स्वीकृति प्राप्त की है और निर्बाध युद्ध जोखिम बीमा क्षमता सुनिश्चित की है।
संस्थागत सहयोग: इस उत्पाद के निर्माण में नौवहन महानिदेशालय (DG Shipping), जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC), न्यू इंडिया एश्योरेंस, और भारतीय नौवहन निगम (SCI) जैसे प्रमुख हितधारकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अंडरराइटिंग क्षमता: यह तंत्र देश के भीतर घरेलू अंडरराइटिंग क्षमता के विकास को प्रोत्साहित करता है।
3. स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल 'निपुण' (DSV Nipun) की सुपुर्दगी: गहरे समुद्र में नौसेना की क्षमता का विस्तार
संदर्भ (Context)
30 जुलाई 2026 को विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना को दूसरा स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) 'निपुण' सौंपा गया। इस जहाज का निर्माण हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) द्वारा किया गया है और इसे 'इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग' (IRS) के वर्गीकरण नियमों के अनुसार डिजाइन और निर्मित किया गया है।
तकनीकी और मुख्य विवरण (Technical Highlights)
नाम का अर्थ: 'निपुण' नाम संस्कृत से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'वह जो किसी विशेष विषय में कुशल, सक्षम और पारंगत हो'।
विशेषज्ञता: यह जहाज गहरे समुद्र में गोताखोरी (Deep Sea Dive) और बचाव कार्यों के लिए अत्यधिक विशिष्ट है।
अत्याधुनिक उपकरण: जहाज में 'डीप सी सैचुरेशन डाइविंग' (Deep Sea Saturation Diving) की क्षमता है और यह अत्याधुनिक गोताखोरी उपकरणों से सुसज्जित है।
संचालन क्षमता: इसमें गोताखोरों की निगरानी और बचाव कार्यों की सुविधा के लिए 'रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल' (ROV) और साइड डाइविंग स्टेज की व्यवस्था की गई है।
पनडुब्बी बचाव: यह जहाज 'डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू वेसल' (DSRV) के लिए 'मदर शिप' के रूप में कार्य करेगा, जिससे आपात स्थिति में पनडुब्बी कर्मियों को निकाला जा सकेगा।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance)
आत्मनिर्भर भारत: 'निपुण' की सुपुर्दगी लगभग 75% स्वदेशी सामग्री के साथ स्वदेशी जहाज निर्माण में के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को मजबूत करती है।
निश (Niche) क्षमता: यह गहरे समुद्र में गोताखोरी के विशिष्ट क्षेत्र में भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सुरक्षा और बचाव: हिंद महासागर क्षेत्र में एक प्रमुख समुद्री शक्ति के रूप में, यह जहाज नौसेना की खोज और बचाव (SAR) क्षमताओं को वैश्विक मानकों तक ले जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. कॉम्पेटेरे फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार भारत की वैश्विक रैंकिंग में क्या सुधार हुआ है?
कॉम्पेटेरे फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार विकृतियों को कम करने के प्रयासों के कारण भारत वैश्विक रैंकिंग में 82वें से 57वें स्थान पर पहुंच गया है, यानी 25 पायदान की छलांग, जो प्रति वर्ष अतिरिक्त 1% प्रति व्यक्ति जीडीपी लाभ का संकेत देती है।
2. MDPI रिपोर्ट के तीन मुख्य स्तंभ क्या हैं?
एंटी-कॉम्पिटिटिव मार्केट डिस्टॉर्शन्स (ACMD) ढांचे के तीन स्तंभ हैं: संपत्ति अधिकारों का संरक्षण, घरेलू प्रतिस्पर्धा, और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा। भारत की सबसे बड़ी प्रगति घरेलू प्रतिस्पर्धा (DC) स्तंभ में देखी गई है।
3. भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) के तहत लॉन्च हुआ P&I बीमा उत्पाद क्या है?
यह भारत का पहला संप्रभुता-समर्थित 'सुरक्षा एवं क्षतिपूर्ति' (P&I) बीमा उत्पाद है, जिसे न्यू इंडिया एश्योरेंस द्वारा डिजाइन किया गया है और जो चालक दल, मालवाहक व प्रदूषण दायित्वों के खिलाफ 1.5 बिलियन डॉलर तक की क्षतिपूर्ति सीमा प्रदान करता है।
4. BMIP से युद्ध जोखिम प्रीमियम दरों में कितनी कमी आई है?
BMIP की शुरुआत के बाद से युद्ध जोखिम प्रीमियम (War risk premium) दरों में 35-40% की महत्वपूर्ण कमी आई है, जिससे भारतीय शिपिंग कंपनियों की विदेशी बीमा बाजारों पर निर्भरता कम हुई है।
5. DSV निपुण (Nipun) क्या है?
यह हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) द्वारा निर्मित भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल है, जिसमें 75% स्वदेशी सामग्री है। यह गहरे समुद्र में सैचुरेशन डाइविंग और DSRV के लिए मदर शिप के रूप में कार्य करने में सक्षम है।
MCQ
प्रश्न 1
कॉम्पेटेरे फाउंडेशन (Competere Foundation) की 'मार्केट डिस्टॉर्शन्स परफ़ॉर्मेंस इंडेक्स' (MDPI) रिपोर्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
2. यह सूचकांक तीन मुख्य स्तंभों—संपत्ति अधिकारों का संरक्षण (PR), घरेलू प्रतिस्पर्धा (DC) और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा (IC) के आधार पर अर्थव्यवस्था का मूल्यांकन करता है।
3. रिपोर्ट के अनुसार, भारत की प्रगति का सबसे प्रमुख कारक 'घरेलू प्रतिस्पर्धा' (Domestic Competition) स्तंभ में हुआ सुधार है, जिसमें आंतरिक बाजार के विखंडन को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A. केवल 1 और 2 B. केवल 2 और 3 C. केवल 1 और 3 D. 1, 2 और 3
उत्तर: D (1, 2 और 3)
भारत की आर्थिक प्रगति का विश्लेषण करने वाली कॉम्पेटेरे फाउंडेशन की रिपोर्ट 'इंडियाज़ नेक्स्ट ग्रोथ फ़्रंटियर' के अनुसार, भारत ने अपनी वैश्विक रैंकिंग में सुधार करते हुए 82वें से 57वें स्थान पर पहुँचने में सफलता प्राप्त की है। यह प्रगति मुख्य रूप से एंटी-कॉम्पिटिटिव मार्केट डिस्टॉर्शन्स (ACMD) ढांचे के तीन स्तंभों पर आधारित है: संपत्ति अधिकार, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा। विश्लेषण दर्शाता है कि भारत का सबसे सुदृढ़ प्रदर्शन 'घरेलू प्रतिस्पर्धा' के क्षेत्र में रहा है, जहाँ वस्तु एवं सेवा कर (GST) और दिवालियापन संहिता (IBC) जैसे सुधारों ने आंतरिक बाजार की बाधाओं को कम किया है। इन सुधारों के कारण भारत को प्रति वर्ष अतिरिक्त 1% प्रति व्यक्ति जीडीपी का आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है।
प्रश्न 2
भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) के तहत नव-लॉन्च 'सुरक्षा एवं क्षतिपूर्ति' (P&I) बीमा उत्पाद के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
2. इस तंत्र के कार्यान्वयन के पश्चात, विशेष रूप से युद्ध जोखिम प्रीमियम (War risk premium) दरों में 35-40% की महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई है।
3. यह उत्पाद पूल की संयुक्त क्षमता के माध्यम से 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक की उच्च क्षतिपूर्ति सीमा प्रदान करने में सक्षम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A. केवल 1 और 2 B. केवल 2 और 3 C. केवल 1 और 3 D. 1, 2 और 3
उत्तर: D (1, 2 और 3)
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) द्वारा 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में शुरू किया गया भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMIP) भारतीय नौवहन क्षेत्र के लिए एक रणनीतिक सुरक्षा कवच है। न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी द्वारा डिजाइन किया गया यह P&I (Protection & Indemnity) उत्पाद वैश्विक स्तर पर युद्ध जैसी स्थितियों के दौरान बढ़ती प्रीमियम दरों को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध हुआ है, जिससे लागत में 35-40% की कमी आई है। यह प्रणाली संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) के साथ 1.5 बिलियन डॉलर तक की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करती है, जिससे भारतीय निर्यातकों और शिपिंग कंपनियों की विदेशी बीमा बाजारों पर निर्भरता कम हुई है।
प्रश्न 3
भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल हुए डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) 'निपुण' (Nipun) की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
2. यह जहाज 'डीप सी सैचुरेशन डाइविंग' और खोज एवं बचाव अभियानों के लिए अत्याधुनिक गोताखोरी उपकरणों से सुसज्जित है।
3. यह पनडुब्बी आपात स्थिति में कर्मियों को सुरक्षित निकालने हेतु 'डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू वेसल' (DSRV) के लिए एक 'मदर शिप' के रूप में कार्य करने हेतु विशिष्ट रूप से डिजाइन किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A. केवल 1 और 2 B. केवल 2 और 3 C. केवल 1 और 3 D. 1, 2 और 3
उत्तर: D (1, 2 और 3)
30 जुलाई 2026 को विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना को सौंपा गया 'निपुण' दूसरा स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल है। संस्कृत में 'निपुण' का अर्थ 'किसी विषय में पारंगत' होता है, जो इस जहाज की गहरे समुद्र (Deep Sea) में जटिल गोताखोरी और बचाव कार्यों की विशिष्ट क्षमता को दर्शाता है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह पनडुब्बी दुर्घटनाओं की स्थिति में बचाव के लिए उपयोग किए जाने वाले DSRV (Deep Submergence Rescue Vessel) के लिए आधार पोत (Mother Ship) की भूमिका निभाता है। 75% स्वदेशी तकनीक के साथ निर्मित यह पोत नौसेना की परिचालन तत्परता को मजबूत करते हुए रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
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