PIB Analysis 04 August 2026 | UPSC Current Affairs | Aarambh Times

03 अगस्त 2026 | PIB Analysis UPSC Current Affairs
नमस्कार। आज के PIB Analysis में हम अरुणाचल प्रदेश की पहली रामसर साइट 'ग्लाव झील' (Glaw Lake), वाहन-से-वाहन (V2V) संचार प्रणाली के चरणबद्ध कार्यान्वयन हेतु जारी मसौदा अधिसूचना और महान कलाकार श्री सतीश गुजराल के शताब्दी वर्ष पर जारी स्मारक डाक टिकट के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर प्रकाश डालेंगे।

विषय सूची (Table of Contents)

  1. ग्लाव झील (Glaw Lake): अरुणाचल प्रदेश की पहली और भारत की 101वीं रामसर साइट घोषित (UPSC GS Paper III: पर्यावरण और पारिस्थितिकी - आर्द्रभूमि संरक्षण और जैव विविधता)।
  2. वाहन-से-वाहन (V2V) संचार प्रणाली: सड़क सुरक्षा और 'कनेक्टेड मोबिलिटी' को सुदृढ़ करने हेतु 5.9 GHz फ्रीक्वेंसी बैंड के उपयोग के लिए सरकारी मसौदा अधिसूचना (UPSC GS Paper III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - संचार क्रांति; बुनियादी ढांचा - परिवहन सुरक्षा)।
  3. सतीश गुजराल स्मारक डाक टिकट: पद्म विभूषण से सम्मानित प्रसिद्ध कलाकार, वास्तुकार और मूर्तिकार के शताब्दी वर्ष पर डाक विभाग द्वारा विशेष सम्मान (UPSC GS Paper I: भारतीय संस्कृति - आधुनिक भारत की कला, वास्तुकला और महत्वपूर्ण व्यक्तित्व)।

1. ग्लाव झील (Glaw Lake): भारत की 101वीं रामसर साइट और पारिस्थितिक मील का पत्थर

संदर्भ (Context)

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने 03 अगस्त 2026 को घोषणा की कि अरुणाचल प्रदेश की ग्लाव झील (Glaw Lake) को भारत का 101वां रामसर स्थल नामित किया गया है। यह अरुणाचल प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि यह राज्य का पहला रामसर स्थल बन गया है। यह घोषणा भारत की आर्द्रभूमि संरक्षण, जल सुरक्षा और जलवायु लचीलापन (Climate Resilience) के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।

तकनीकी और मुख्य विवरण (Technical Highlights)

अवस्थिति: यह झील अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में कमलांग टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभ्यारण्य के सुरक्षित परिवेश के भीतर स्थित है।

पारिस्थितिक स्वरूप: यह पूर्वी हिमालय की एक निर्मल मीठे पानी की झील (Freshwater Lake) है, जिसे बारहमासी पहाड़ी धाराएं (Perennial streams) निरंतर जल प्रदान करती हैं।

वनस्पति समृद्धि: इस आर्द्रभूमि और इसके जलग्रहण क्षेत्र में 150 से अधिक वृक्ष प्रजातियां और 49 ऑर्किड प्रजातियां दर्ज की गई हैं, जो इसकी उच्च पारिस्थितिक महत्ता को दर्शाती हैं।

प्राकृतिक परिवेश: झील चारों ओर से घनी वनस्पतियों और समृद्ध जैव-विविधता हॉटस्पॉट से घिरी हुई है।

रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance)

एशियाई नेतृत्व: इस नई साइट के साथ, भारत अब एशिया में रामसर स्थलों की सर्वाधिक संख्या वाला देश बन गया है।

वैश्विक रैंकिंग: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, भारत अब यूनाइटेड किंगडम (176) और मैक्सिको (144) के बाद रामसर स्थलों की संख्या में विश्व में तीसरे स्थान पर पहुँच गया है।

दशकीय विस्तार: भारत की रामसर साइटों की संख्या वर्ष 2014 में 26 से बढ़कर अब 101 हो गई है, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति देश के संरचनात्मक बदलाव को दर्शाती है।

रामसर कन्वेंशन (1971): यह अंतरराष्ट्रीय संधि आर्द्रभूमि और उनके संसाधनों के संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग के लिए रूपरेखा प्रदान करती है।

2. वाहन-से-वाहन (V2V) संचार प्रणाली: सड़क सुरक्षा और 'कनेक्टेड मोबिलिटी' का नया युग

संदर्भ (Context)

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 03 अगस्त 2026 को मोटर वाहनों में वाहन-से-वाहन (V2V - Vehicle-to-Vehicle Communication Systems ) संचार प्रणालियों के चरणबद्ध कार्यान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण मसौदा अधिसूचना जारी की है। इसके तहत केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं, जो भारत की सड़कों पर दुर्घटनाओं को रोकने और भविष्य की 'इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम' (ITS) की नींव रखने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

तकनीकी और मुख्य विवरण (Technical Highlights)

आवृत्ति बैंड (Frequency Band): इस प्रणाली हेतु 5.875 GHz से 5.925 GHz आवृत्ति बैंड को विचाराधीन किया गया है, जिसे दूरसंचार विभाग ने 10 जून 2026 के अधिसूचना (जीएसआर 466(E)) के माध्यम से लाइसेंसिंग आवश्यकताओं से छूट प्रदान की है।

AIS-230 मानक: V2V प्रणालियों के लिए न्यूनतम तकनीकी, कार्यात्मक और सुरक्षा आवश्यकताओं को निर्दिष्ट करने हेतु AIS-230 मानक विकसित किया गया है। यह मानक फैक्ट्री-स्थापित ऑन-बोर्ड इकाइयों में सेलुलर व्हीकल-टू-एवरीथिंग (C-V2X) तकनीक के उपयोग को कवर करता है।

डेटा विनिमय: यह प्रणाली आस-पास के वाहनों के बीच वास्तविक समय में उनकी गति, स्थिति, दिशा और त्वरण जैसी जानकारी का आदान-प्रदान सुनिश्चित करती है।

कार्यान्वयन समयसीमा (Proposed Timeline):

01 अक्टूबर 2027: श्रेणी L, M और N के उन वाहनों के लिए AIS-230 अनुपालन आवश्यक होगा, जिनमें पहले से V2V प्रणाली लगी हो।

01 अक्टूबर 2028: श्रेणी L, M और N के सभी नए वाहनों में AIS-230 के अनुरूप V2V प्रणाली लगाना अनिवार्य होगा।

महत्व (Strategic Significance)

सुरक्षा का विस्तार: पारंपरिक सेंसर-आधारित प्रणालियों के विपरीत, V2V संचार प्रत्यक्ष दृष्टि रेखा (Line of Sight) से परे की जानकारी प्रदान कर सकता है, जिससे चालक संभावित खतरों के प्रति पहले से सचेत हो जाते हैं।

ADAS का पूरक: यह तकनीक उन्नत चालक सहायता प्रणालियों (ADAS) के पूरक के रूप में कार्य करेगी और सक्रिय दुर्घटना रोकथाम (Proactive Accident Prevention) को बढ़ावा देगी।

सुरक्षा उपयोग के मामले (Safety Use Cases): इसमें आपातकालीन ब्रेक चेतावनी, आगे से टक्कर की चेतावनी, गलत दिशा में गाड़ी चलाना (Wrong-way Driving) और आपातकालीन वाहनों (जैसे एम्बुलेंस) के आने की अग्रिम चेतावनी शामिल हैं।

आर्थिक और संस्थागत पक्ष

टास्क फोर्स की सिफारिश: मंत्रालय द्वारा गठित एक विशेष टास्क फोर्स ने सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए 5.9 GHz ITS/V2X आवृत्ति रेंज के उपयोग की सिफारिश की थी।

संस्थागत समन्वय: AIS-230 मानक के निर्माण पर केंद्रीय मोटर वाहन नियम-तकनीकी स्थायी समिति (CMVR-TSC) ने 07 मई 2026 को आयोजित अपनी 56वीं बैठक में गहन विचार किया था।

फीडबैक प्रक्रिया: मसौदा नियमों पर सुझाव प्राप्त करने के लिए 30 दिनों की अवधि निर्धारित की गई है, जिसके उपरांत अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।

3. सतीश गुजराल शताब्दी वर्ष: कलात्मक विरासत और सांस्कृतिक स्मृति का संरक्षण

संदर्भ (Context)

केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 03 अगस्त 2026 को बीकानेर हाउस, नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रसिद्ध बहुमुखी कलाकार दिवंगत श्री सतीश गुजराल के शताब्दी वर्ष पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। यह डाक टिकट न केवल एक महान विभूति का सम्मान है, बल्कि भारत की कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने का एक प्रयास भी है।

तकनीकी और मुख्य विवरण (Technical Highlights)

व्यक्तित्व: श्री सतीश गुजराल एक प्रसिद्ध चित्रकार, वास्तुकार, मूर्तिकार, भित्ति चित्रकार (म्यूरालिस्ट) और लेखक थे, जिनका करियर सात दशकों से अधिक समय तक फैला रहा।

सम्मान: उन्हें भारत के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

टिकट का डिजाइन:

टिकट पर श्री गुजराल की एक मुद्रित आकृति है, जिसमें उन्हें विचारशील मुद्रा में हाथ में पेंटब्रश थामे हुए दिखाया गया है।

पृष्ठभूमि उनकी विशिष्ट शैली से प्रेरित है, जिसमें बैंगनी और नीले रंगों के समृद्ध शेड्स का उपयोग किया गया है।

डिजाइनर: इस टिकट को श्रीमती रसील गुजराल अंसल के प्रस्ताव पर श्री अनुज कुमार द्वारा डिजाइन किया गया है।

महत्व (Significance)

सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: संचार मंत्री के अनुसार, "डाक टिकट देश की आत्मा को समेटे रहते हैं" और ये आकार में छोटे होने के बावजूद 140 करोड़ लोगों के जज्बे और भारत के इतिहास को पीढ़ियों तक पहुँचाते हैं।

प्रेरणा का स्रोत: यह स्मारक डाक टिकट श्री गुजराल की दृढ़ता, नवाचार और उत्कृष्टता की विरासत को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरित करेगा।

डाक विभाग के साथ जुड़ाव: श्री सतीश गुजराल का डाक विभाग के साथ गहरा संबंध था; उन्होंने स्वयं VSNL की 125वीं वर्षगांठ और वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिष्ठित डाक टिकटों के डिजाइन तैयार किए थे।

फिलेटली (Philately) में योगदान: उनकी असाधारण कलात्मक दृष्टि ने भारतीय डाक विभाग की फिलेटली को एक नया आयाम प्रदान किया और विचारों को प्रभावशाली दृश्य कथाओं में रूपांतरित किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. 'ग्लाव झील' (Glaw Lake) को भारत की कौन-सी रामसर साइट घोषित किया गया है?

ग्लाव झील को भारत की 101वीं रामसर साइट और अरुणाचल प्रदेश की पहली रामसर साइट के रूप में घोषित किया गया है। यह लोहित जिले में कमलांग टाइगर रिजर्व के भीतर स्थित एक मीठे पानी की झील है।

2. रामसर स्थलों की संख्या के मामले में भारत की वैश्विक रैंकिंग क्या है?

भारत अब एशिया में सर्वाधिक रामसर स्थलों वाला देश है और वैश्विक स्तर पर यूनाइटेड किंगडम (176) और मैक्सिको (144) के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत की रामसर साइटों की संख्या 2014 में 26 से बढ़कर 101 हो गई है।

3. वाहन-से-वाहन (V2V) संचार प्रणाली के लिए किस फ्रीक्वेंसी बैंड का उपयोग किया जाएगा?

इस प्रणाली हेतु 5.875 GHz से 5.925 GHz आवृत्ति बैंड को विचाराधीन किया गया है, जिसे दूरसंचार विभाग ने लाइसेंसिंग आवश्यकताओं से छूट प्रदान की है, और इसके लिए AIS-230 मानक निर्धारित किया गया है।

4. V2V प्रणाली के लिए अनिवार्य फिटमेंट की समयसीमा क्या है?

01 अक्टूबर 2027 से पहले से V2V प्रणाली वाले वाहनों के लिए AIS-230 अनुपालन आवश्यक होगा, और 01 अक्टूबर 2028 से श्रेणी L, M और N के सभी नए वाहनों में V2V प्रणाली लगाना अनिवार्य होगा।

5. सतीश गुजराल स्मारक डाक टिकट किस अवसर पर जारी किया गया?

यह स्मारक डाक टिकट प्रसिद्ध कलाकार, वास्तुकार और मूर्तिकार श्री सतीश गुजराल के शताब्दी वर्ष (जन्म शताब्दी) पर 03 अगस्त 2026 को बीकानेर हाउस, नई दिल्ली में जारी किया गया। उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

अभ्यास प्रश्न (MCQs for UPSC CSE Prelims)

प्रश्न 1

हाल ही में समाचारों में रही 'ग्लाव झील' (Glaw Lake) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. यह अरुणाचल प्रदेश का पहला और भारत का 101वां रामसर स्थल है।
2. यह झील नामदफा टाइगर रिजर्व के भीतर स्थित एक खारे पानी की झील है।
3. इस आर्द्रभूमि क्षेत्र में 150 से अधिक वृक्ष प्रजातियां और 49 ऑर्किड प्रजातियां दर्ज की गई हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A. केवल 1 और 2   B. केवल 2 और 3   C. केवल 1 और 3   D. 1, 2 और 3

उत्तर: C (केवल 1 और 3)

व्याख्या:

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने 03 अगस्त 2026 को ग्लाव झील को भारत का 101वां रामसर स्थल घोषित किया, जो अरुणाचल प्रदेश की पहली ऐसी साइट है। हालांकि, यह झील कमलांग टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभ्यारण्य के भीतर स्थित है (न कि नामदफा) और यह एक निर्मल मीठे पानी की झील है। यहाँ की समृद्ध जैव विविधता में 150 से अधिक वृक्ष और 49 ऑर्किड प्रजातियां शामिल हैं।

प्रश्न 2

भारत में रामसर स्थलों के नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. ग्लाव झील के जुड़ने के साथ, भारत अब एशिया में सर्वाधिक रामसर स्थलों वाला देश बन गया है।
2. वैश्विक स्तर पर, भारत अब यूनाइटेड किंगडम और मैक्सिको के बाद रामसर स्थलों की संख्या में तीसरे स्थान पर है।
3. वर्ष 2014 से 2026 के बीच भारत में रामसर स्थलों की संख्या 26 से बढ़कर 101 हो गई है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A. केवल 1 और 2   B. केवल 2 और 3   C. केवल 1 और 3   D. 1, 2 और 3

उत्तर: D (1, 2 और 3)

व्याख्या:

भारत ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लंबी यात्रा तय की है, जिसके तहत रामसर स्थलों की संख्या 2014 के 26 से बढ़कर अब 101 पहुँच गई है। इस उपलब्धि के साथ भारत एशिया में शीर्ष पर है और वैश्विक स्तर पर केवल यूनाइटेड किंगडम (176) और मैक्सिको (144) से पीछे तीसरे स्थान पर है।

प्रश्न 3

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित 'वाहन-से-वाहन' (V2V) संचार प्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. इस प्रणाली हेतु 5.875 GHz से 5.925 GHz आवृत्ति बैंड का उपयोग किया जाएगा, जिसे दूरसंचार विभाग द्वारा लाइसेंसिंग से छूट दी गई है।
2. यह तकनीक सेलुलर व्हीकल-टू-एवरीथिंग (C-V2X) पर आधारित है और इसके लिए AIS-230 मानक निर्धारित किया गया है।
3. 01 अक्टूबर 2028 से श्रेणी L, M और N के सभी नए निर्मित वाहनों में V2V प्रणाली लगाना अनिवार्य होगा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A. केवल 1 और 2   B. केवल 2 और 3   C. केवल 1 और 3   D. 1, 2 और 3

उत्तर: D (1, 2 और 3)

व्याख्या:

सड़क परिवहन मंत्रालय ने V2V संचार के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन का मसौदा जारी किया है। यह तकनीक वाहनों को वास्तविक समय में गति, स्थिति और दिशा साझा करने की अनुमति देती है, जो प्रत्यक्ष दृष्टि रेखा (Line of Sight) से परे खतरों की सूचना दे सकती है। AIS-230 मानक के तहत इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जहाँ 2028 से अनिवार्य फिटमेंट का प्रावधान है।

प्रश्न 4

हाल ही में जारी 'सतीश गुजराल स्मारक डाक टिकट' और उनके कलात्मक योगदान के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. यह स्मारक डाक टिकट श्री सतीश गुजराल के शताब्दी वर्ष (Birth Centenary) के अवसर पर जारी किया गया है।
2. सतीश गुजराल एक बहुमुखी कलाकार थे जिन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
3. उन्होंने स्वयं VSNL की 125वीं वर्षगांठ और वित्तीय समावेशन पर आधारित डाक टिकटों के डिजाइन तैयार किए थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A. केवल 1 और 2   B. केवल 2 और 3   C. केवल 1 और 3   D. 1, 2 और 3

उत्तर: D (1, 2 और 3)

व्याख्या:

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 03 अगस्त 2026 को बीकानेर हाउस में यह टिकट जारी किया। सतीश गुजराल न केवल एक प्रसिद्ध चित्रकार, वास्तुकार और मूर्तिकार थे, बल्कि उनका डाक विभाग के साथ पुराना रिश्ता था, जहाँ उन्होंने महत्वपूर्ण विषयों पर टिकट डिजाइन किए थे। उनकी कलात्मक दृष्टि ने विचारों को शक्तिशाली दृश्य रूपकों में बदलने का कार्य किया।

प्रश्न 5

V2V संचार प्रणाली के 'सुरक्षा उपयोग के मामलों' (Safety Use Cases) में निम्नलिखित में से कौन-से परिदृश्य शामिल हैं?

1. आपातकालीन ब्रेक चेतावनी (Emergency Brake Alert)
2. आगे से टक्कर की चेतावनी (Forward Collision Warning)
3. गलत दिशा में गाड़ी चलाना (Wrong-way Driving)
4. आपातकालीन वाहन चेतावनी (Emergency Vehicle Alert)

सही कूट का चयन कीजिए:

A. केवल 1, 2 और 4   B. केवल 2, 3 और 4   C. केवल 1 और 2   D. उपर्युक्त सभी

उत्तर: D (उपर्युक्त सभी)

व्याख्या:

AIS-230 मानक में इन सभी सुरक्षा स्थितियों को कवर किया गया है। V2V प्रणाली चालकों को उन खतरों के प्रति अग्रिम चेतावनी देती है जिन्हें वे स्वयं नहीं देख पाते, जैसे अचानक ब्रेक लगाना या किसी आपातकालीन वाहन (एम्बुलेंस) का पास आना। यह प्रणाली उन्नत चालक सहायता प्रणालियों (ADAS) का पूरक है।