विषय सूची (Table of Contents)
- थोक मूल्य सूचकांक (WPI) - जुलाई 2026: अखिल भारतीय थोक महंगाई दर; प्राथमिक वस्तुओं, ईंधन व विनिर्मित उत्पादों का तुलनात्मक विश्लेषण; थोक खाद्य मूल्य सूचकांक (WPI Food Index) की स्थिति; और मई 2026 का अंतिम संशोधित सूचकांक (UPSC GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था, आर्थिक नीतियां और मौद्रिक नीति का प्रभाव)।
- उत्पादक मूल्य सूचकांक (Output PPI) - जुलाई 2026: राष्ट्रीय उत्पादक मूल्य सूचकांक के मुख्य घटक; कृषि, खनन, विनिर्माण और बिजली उत्पादन की बहिर्गमन मूल्य प्रवृत्तियां; और विनियामक संशोधन (UPSC GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था - औद्योगिक नीति और विनिर्माण क्षेत्र)।
- परीक्षण इनपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक (Trial Input PPI): विनिर्माण क्षेत्र की इनपुट लागत संरचना का आकलन; एनआईसी 2-अंकीय (NIC-2-digit) स्तर पर उद्योग समूह-वार लागत प्रवृत्तियां; और मई 2026 के आंकड़ों का अंतिम संशोधन (UPSC GS Paper III: विनिर्माण क्षेत्र का बुनियादी ढांचा और आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन)।
1. थोक मूल्य सूचकांक (WPI) - जुलाई 2026
मुख्य नीतिगत आंकड़े (Key Macroeconomic Data)
वार्षिक थोक महंगाई दर: आधार वर्ष 2022-23 पर आधारित जुलाई 2026 के लिए वार्षिक थोक महंगाई दर (YoY) 9.78 प्रतिशत (अस्थायी) दर्ज की गई है, जो जून 2026 के 9.87 प्रतिशत से मामूली रूप से कम है।
अखिल वस्तु सूचकांक (All Commodities Index): जुलाई 2026 में संयुक्त वस्तुओं का सूचकांक 110.0 रहा, जबकि जून 2026 में यह 110.2 के स्तर पर था।
प्रमुख समूहों का भारांश और महंगाई दर वर्गीकरण (Major Groups Classification):
I. प्राथमिक वस्तुएं (Primary Articles) — भारांश: 22.75730% | जुलाई 2026 सूचकांक: 117.2 | जुलाई 2026 महंगाई (YoY): 8.52% | जून 2026 महंगाई (YoY): 7.0%
II. ईंधन और बिजली (Fuel & Power) — भारांश: 14.11433% | जुलाई 2026 सूचकांक: 105.4 | जुलाई 2026 महंगाई (YoY): 20.05% | जून 2026 महंगाई (YoY): 27.41%
III. विनिर्मित उत्पाद (Manufactured Products) — भारांश: 63.12837% | जुलाई 2026 सूचकांक: 108.4 | जुलाई 2026 महंगाई (YoY): 8.29% | जून 2026 महंगाई (YoY): 7.48%
महंगाई के मुख्य चालक (Drivers of WPI Inflation): थोक महंगाई को गति देने वाले मुख्य घटकों में 'खनिज तेल (पेट्रोलियम उत्पादों सहित)', 'खाद्य वस्तुएं', 'मूल धातुओं का विनिर्माण', 'गैर-खाद्य वस्तुएं', 'खाद्य उत्पादों का विनिर्माण' और 'रसायनों एवं रासायनिक उत्पादों का विनिर्माण' शामिल रहे हैं।
WPI खाद्य सूचकांक (WPI Food Index - भारांश: 24.99%): प्राथमिक वस्तुओं से 'खाद्य वस्तुओं' और विनिर्मित उत्पादों से 'खाद्य उत्पादों के विनिर्माण' को मिलाकर बने इस सूचकांक की वार्षिक महंगाई दर जुलाई 2026 में 6.65 प्रतिशत दर्ज की गई, जो जून 2026 में 6.14 प्रतिशत थी।
मई 2026 का अंतिम संशोधन (Final WPI Revision): मई 2026 के अनंतिम सूचकांक को 109.9 से संशोधित कर 110.1 किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, मई की वार्षिक थोक महंगाई दर अनंतिम अनुमान के 9.68 प्रतिशत से बढ़कर 9.88 प्रतिशत (अंतिम) हो गई है।
प्रतिक्रिया दर (Response Rate): मई 2026 के अंतिम सूचकांक को 98.14 प्रतिशत की भारित प्रतिक्रिया दर के साथ संकलित किया गया था, जबकि जुलाई 2026 के अनंतिम सूचकांक की संकलन प्रतिक्रिया दर 78.55 प्रतिशत रही है।
2. उत्पादक मूल्य सूचकांक (Output PPI) - जुलाई 2026
उत्पादक मूल्य सूचकांक (Output PPI) अर्थव्यवस्था के विभिन्न उत्पादक क्षेत्रों में घरेलू स्तर पर उत्पादित वस्तुओं के बहिर्गमन (output) मूल्यों में होने वाले परिवर्तनों को मापता है।
अखिल उत्पाद सूचकांक: जुलाई 2026 के लिए अखिल भारतीय आउटपुट पीपीआई सूचकांक 109.9 पर स्थिर रहा, जो कि ठीक जून 2026 के स्तर के समान ही है।
क्षेत्रवार उत्पादक मूल्य प्रवृत्तियां (July 2026 vs June 2026):
कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन (भारांश: 22.15648): सूचकांक जून के 114.1 से बढ़कर जुलाई में 115.6 हो गया। इसमें 'फसल और पशु उत्पादन' का सूचकांक बढ़कर 116.1 पर पहुँच गया।
खनन और उत्खनन (भारांश: 3.42065): सूचकांक जून के 121.5 से गिरकर जुलाई में 119.4 पर आ गया। इसमें कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के मूल्य संकुचन की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसका सूचकांक जून के 114.2 से घटकर 108.9 दर्ज किया गया।
विनिर्मित उत्पाद (भारांश: 69.93568): इसका उत्पादक मूल्य सूचकांक जून के 109.2 से घटकर जुलाई में 108.8 दर्ज किया गया।
बिजली (भारांश: 4.48719): बिजली क्षेत्र का आउटपुट सूचकांक जून के 92.0 से आंशिक रूप से सुधरकर 92.4 पर पहुँच गया।
मई 2026 का अंतिम संशोधन: मई 2026 के आउटपुट पीपीआई सूचकांक को अनंतिम अनुमान के 109.6 से संशोधित कर 109.9 (अंतिम) किया गया है।
3. परीक्षण इनपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक (Trial Input PPI)
ट्रायल इनपुट पीपीआई का मुख्य उद्देश्य विनिर्माण क्षेत्र में विनिर्माण प्रक्रिया के दौरान उपभोग किए जाने वाले इनपुट्स (कच्चे माल और मध्यवर्ती वस्तुओं) के मूल्य परिवर्तन की वास्तविक समय में निगरानी करना है।
विनिर्माण क्षेत्र की इनपुट लागत स्थिति: जुलाई 2026 के लिए विनिर्माण क्षेत्र का समग्र ट्रायल इनपुट पीपीआई 105.9 (अस्थायी) दर्ज किया गया, जो जून 2026 के 107.1 से कम है। यह कमी विनिर्माताओं के लिए कच्ची इनपुट लागतों में आई राहत को प्रदर्शित करती है।
मई 2026 का संशोधन: मई 2026 के विनिर्माण क्षेत्र के इनपुट सूचकांक को 104.9 (अनंतिम) से संशोधित कर 106.5 (अंतिम) किया गया है।
एनआईसी 2-अंकीय स्तर पर महत्वपूर्ण उद्योग समूहों की लागत प्रवृत्तियां (July 2026):
खाद्य उत्पादों का विनिर्माण (भारांश: 14.84638): इनपुट लागत सूचकांक लगातार बढ़ते हुए जून के 112.2 से जुलाई में 113.8 हो गया।
तंबाकू उत्पादों का विनिर्माण (भारांश: 0.26443): इनपुट लागत सूचकांक तेजी से जून के 123.4 से जुलाई में 130.8 हो गया।
कोक और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद (भारांश: 12.3291): इसके इनपुट सूचकांक में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई; यह जून के 113.5 से गिरकर जुलाई में 99.9 के स्तर पर आ गया, जो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के प्रभाव को दर्शाता है।
रसायन और रासायनिक उत्पाद (भारांश: 7.98919): इसका इनपुट लागत सूचकांक जून के 112.5 से घटकर जुलाई में 109.4 पर आ गया।
मूल धातुओं का विनिर्माण (भारांश: 11.25229): धातु विनिर्माण की इनपुट लागत जून के 99.2 से बढ़कर जुलाई में 101.5 हो गई।
कपड़ा विनिर्माण (Manufacture of Textiles) (भारांश: 5.88918): इसका इनपुट सूचकांक जून के 107.8 से सुधरकर जुलाई में 103.9 पर आ गया, जो वस्त्र क्षेत्र के मार्जिन के लिए सकारात्मक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. जुलाई 2026 में भारत की थोक महंगाई दर कितनी रही?
आधार वर्ष 2022-23 पर आधारित जुलाई 2026 की वार्षिक थोक महंगाई दर (WPI YoY) 9.78 प्रतिशत (अस्थायी) दर्ज की गई, जो जून 2026 के 9.87 प्रतिशत से मामूली कम है।
2. WPI के तीन प्रमुख समूह और उनके भारांश क्या हैं?
प्राथमिक वस्तुएं (22.75730%), ईंधन और बिजली (14.11433%), और विनिर्मित उत्पाद (63.12837%) — विनिर्मित उत्पादों का भारांश शेष दोनों समूहों के संयुक्त भारांश से भी अधिक है।
3. उत्पादक मूल्य सूचकांक (Output PPI) क्या मापता है?
यह अर्थव्यवस्था के विभिन्न उत्पादक क्षेत्रों (कृषि, खनन, विनिर्माण, बिजली) में घरेलू स्तर पर उत्पादित वस्तुओं के बहिर्गमन (output) मूल्यों में होने वाले बदलावों को मापता है। जुलाई 2026 में यह सूचकांक 109.9 पर स्थिर रहा।
4. Trial Input PPI का उद्देश्य क्या है?
यह विनिर्माण प्रक्रिया में उपभोग होने वाले कच्चे माल और मध्यवर्ती वस्तुओं (इनपुट्स) के मूल्य परिवर्तन की वास्तविक समय में निगरानी करता है। जुलाई 2026 में यह सूचकांक 105.9 रहा, जो जून के 107.1 से कम है।
5. WPI खाद्य सूचकांक (WPI Food Index) में क्या शामिल है?
इसमें प्राथमिक वस्तु समूह से 'खाद्य वस्तुएं' और विनिर्मित उत्पाद समूह से 'खाद्य उत्पादों का विनिर्माण' दोनों शामिल हैं, जिसका कुल भारांश 24.99% है। जुलाई 2026 में इसकी महंगाई दर 6.65% रही।
Practice MCQ for UPSC CSE Prelims
प्रश्न 1
थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
2. WPI के तीन प्रमुख समूहों में विनिर्मित उत्पादों (Manufactured Products) का भारांश (Weight) ईंधन और बिजली तथा प्राथमिक वस्तुओं के संयुक्त भारांश से भी अधिक है।
3. WPI खाद्य सूचकांक (WPI Food Index) केवल प्राथमिक वस्तु समूह के अंतर्गत आने वाली खाद्य वस्तुओं की कीमतों के उतार-चढ़ाव को ही मापता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A. केवल 1 और 3 B. केवल 2 C. केवल 2 और 3 D. 1, 2 और 3
उत्तर: B (केवल 2)
कथन 1 गलत है: जुलाई 2026 के अनंतिम अनुमानों के अनुसार अखिल भारतीय वार्षिक थोक महंगाई दर (YoY) 9.78 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो कि 10% के स्तर से नीचे है।
कथन 2 सही है: विनिर्मित उत्पादों (Manufactured Products) का भारांश 63.12837% है। प्राथमिक वस्तुओं (22.75730%) और ईंधन एवं बिजली (14.11433%) का संयुक्त भारांश केवल 36.87163% होता है। अतः विनिर्मित उत्पादों का भारांश संयुक्त रूप से भी अधिक है।
कथन 3 गलत है: WPI खाद्य सूचकांक में प्राथमिक वस्तु समूह से 'खाद्य वस्तुएं' (Food Articles) और विनिर्मित उत्पाद समूह से 'खाद्य उत्पादों का विनिर्माण' (Manufacture of Food Products) दोनों को मिलाकर शामिल किया जाता है, इसका भारांश 24.99% है।
प्रश्न 2
भारत के औद्योगिक विनियामक संकेतकों के रूप में प्रयुक्त 'उत्पादक मूल्य सूचकांक' (Output PPI) और 'परीक्षण इनपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक' (Trial IPPI) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
2. परीक्षण इनपुट पीपीआई (Trial Input PPI) का विकास विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन प्रक्रिया के दौरान खपे इनपुट्स (कच्चे माल) के मूल्य उतार-चढ़ाव की निगरानी के लिए किया गया है।
3. जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र के इनपुट सूचकांक में जून की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई है, जो विनिर्माण की बढ़ती हुई इनपुट लागतों को इंगित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
A. केवल 1 और 2 B. केवल 2 और 3 C. केवल 1 और 3 D. 1, 2 और 3
उत्तर: A (केवल 1 और 2)
कथन 1 सही है: उत्पादक मूल्य सूचकांक (Output PPI) घरेलू विनिर्माताओं और उत्पादकों द्वारा बेचे जाने वाले अंतिम बहिर्गमन (output) के मूल्य परिवर्तनों का प्रतिनिधित्व करता है।
कथन 2 सही है: ट्रायल इनपुट पीपीआई (Trial Input PPI) औद्योगिक इनपुट लागत संरचना का आकलन करने के लिए एक पायलट विनियामक तंत्र है, जो विनिर्माण क्षेत्र की मध्यवर्ती और कच्ची इनपुट प्रवृत्तियों को दर्शाता है।
कथन 3 गलत है: विनिर्माण क्षेत्र का ट्रायल इनपुट सूचकांक जून के 107.1 से घटकर जुलाई 2026 में 105.9 (अस्थायी) पर आ गया है, जो विनिर्माण इनपुट लागतों में आई राहत/गिरावट को इंगित करता है, वृद्धि को नहीं।