विषय सूची (Table of Contents)
- देश का पहला गैर-जीएमओ स्वदेशी पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज: आंध्र प्रदेश में प्रक्षेपण, गॉरमेट पॉपकॉर्निका (Gourmet Popcornica) की पहल, कृषि उद्यमशीलता मॉडल और जलवायु अनुकूलनशीलता (climate resilience)। UPSC GS Paper III कृषि — स्वदेशी बीज तकनीक, खाद्य सुरक्षा और कृषि उद्यमिता।
- आरबीआई की विशेष विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा (USD-INR Forex Swap Facility): 11 सप्ताह में 73 अरब डॉलर का अर्जन, विदेशी मुद्रा अनिवासी बैंक जमा [FCNR(B)] का योगदान, 2013 की तुलना और बाह्य आघात प्रतिरोधकता (external sector resilience)। UPSC GS Paper III भारतीय अर्थव्यवस्था — मौद्रिक नीति, विदेशी पूंजी प्रवाह और बैंकिंग क्षेत्र।
1. देश का पहला गैर-जीएमओ स्वदेशी पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज
संदर्भ (Context)
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसुनुरु में देश का पहला गैर-जीएमओ (non-GMO), उच्च-प्रसरण (high-expansion) पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज जारी किया। 'गॉरमेट पॉपकॉर्निका' (Gourmet Popcornica) द्वारा विकसित यह बीज ('Krisna459' और 'Godari234') कृषि क्षेत्र में स्वदेशी नवाचार और तकनीकी विकास को गति देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
तकनीकी व मुख्य विवरण (Technical Highlights)
विकासकर्ता संस्था: यह हाइब्रिड बीज निजी उद्यम 'गॉरमेट पॉपकॉर्निका' द्वारा स्थानीय अनुसंधान के माध्यम से विकसित किया गया है।
तकनीकी विशेषता: यह पूर्णतः गैर-जीएमओ (non-GMO) यानी गैर-आनुवंशिक रूप से संशोधित बीज है, जिसमें उच्च-प्रसरण (high-expansion) की क्षमता है, जिससे यह वैश्विक खाद्य मानकों के अनुकूल उच्च गुणवत्ता वाला पॉपकॉर्न तैयार करता है।
सहयोग का पैमाना: वर्तमान में इस कृषि-उद्यम साझेदारी (farmer-enterprise partnership) के तहत 8 राज्यों के 17,500 से अधिक किसान जुड़े हुए हैं, जो लगभग 40,000 एकड़ भूमि पर इसकी खेती कर रहे हैं।
मूल उद्यमी: आंध्र प्रदेश के स्थानीय उद्यम के रूप में श्री एस.बी.पी. पट्टाभि रामाराव और उनकी संस्था द्वारा शुरू की गई यह यात्रा अब प्रसंस्करण (processing) और बाजार संपर्क के एक प्रमुख मॉडल में बदल चुकी है।
आयात प्रतिस्थापन (Import Substitution): भारत लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाले पॉपकॉर्न मक्के के लिए आयातित हाइब्रिड बीजों और तकनीकों पर निर्भर रहा है। इस स्वदेशी विकल्प के विकास से इस निर्भरता में कमी आएगी और बहुमूल्य विदेशी मुद्रा का संरक्षण सुनिश्चित होगा।
जलवायु लचीलापन (Climate Resilience): एल नीनो (El Niño) जैसी अनिश्चित मौसम स्थितियों और बढ़ते तापमान को देखते हुए, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल श्री एस. अब्दुल नजीर ने कृषि वैज्ञानिकों से सूखा-सहनशील (drought-tolerant) और जल-कुशल (water-efficient) फसल किस्मों को विकसित करने पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया है।
समेकित नीतियां
यह नवाचार केंद्र सरकार की अन्य किसान-केंद्रित योजनाओं के पूरक के रूप में कार्य करेगा, जिनमें शामिल हैं:
- पीएम-किसान (PM-KISAN)।
- पीएम फसल बीमा योजना।
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन।
- नमो ड्रोन दीदी (Namo Drone Didi)।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष (Economic & Institutional Aspects)
बाजार पहुंच (Market Access): इस परियोजना ने स्थानीय किसानों को वैश्विक बाजारों में सीधे प्रतिस्पर्धा करने और अपनी आय के स्रोतों को अधिक टिकाऊ बनाने का अवसर दिया है।
आंध्र प्रदेश सरकार का योगदान: मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में राज्य सरकार बागवानी, प्राकृतिक कृषि (natural farming) और 'रायथु बाजार' (Rythu Bazaars) जैसे विपणन प्रणालियों के माध्यम से इस पहल को संस्थागत सहायता प्रदान कर रही है।
2. आरबीआई की विशेष विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा (USD-INR Forex Swap Facility)
संदर्भ (Context)
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 8 जून 2026 को शुरू की गई विशेष अमेरिकी डॉलर-भारतीय रुपया (USD-INR) विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा ने 21 अगस्त 2026 तक मात्र 11 सप्ताह की अवधि में रिकॉर्ड 73 अरब अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा जुटाई है। इस अभूतपूर्व पूंजी प्रवाह को देखते हुए रिजर्व बैंक ने विदेशी मुद्रा अनिवासी बैंक जमा [FCNR(B)] विंडो को अपनी निर्धारित तिथि 30 सितंबर से पहले बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 को ही बंद करने का निर्णय लिया है।
मुख्य विवरण (Highlights)
कुल बाह्य प्रवाह: $73 अरब (11 सप्ताह में)।
FCNR(B) जमाएं: $65.40 अरब।
प्रारंभ तिथि: 8 जून 2026।
नई समाप्ति तिथि: 31 अगस्त 2026 (पूर्व निर्धारित: 30 सितंबर)।
संचयी प्रवाह: कुल 73 अरब डॉलर के प्रवाह में से अकेले एफसीएनआर(बी) [FCNR(B) — Foreign Currency Non-Resident (Bank)] सावधि जमाओं के माध्यम से 65.40 अरब अमेरिकी डॉलर प्राप्त हुए हैं।
पात्र साधन
यह अदला-बदली सुविधा निम्नलिखित तीन साधनों के लिए लागू की गई थी:
- FCNR(B) जमाएं — Foreign Currency Non-Resident (Bank) सावधि जमाएं।
- विदेशी मुद्रा में विदेशी उधार (OFCB) — Overseas Foreign Currency Borrowings।
- बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECB) — External Commercial Borrowings।
FCNR(B) की प्रकृति: यह अनिवासी भारतीयों (NRIs) द्वारा भारतीय बैंकों में विदेशी मुद्राओं में रखी जाने वाली सावधि जमा है, जो पूरी तरह से प्रत्यावर्तनीय (repatriable) होती है। इससे जमाकर्ताओं को विनिमय दर के सीधे जोखिम (exchange-rate exposure) से सुरक्षा मिलती है।
महत्व (Strategic Significance)
विगत योजनाओं से तुलना: यह भारत द्वारा विदेशी मुद्रा जुटाने के अब तक के सबसे बड़े और तीव्र प्रयासों में से एक है। इसने 2013 में आरबीआई द्वारा शुरू की गई FCNR(B) स्वैप योजना के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है, जिसने लगभग तीन महीनों में 26 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए थे।
बाह्य आघातों से सुरक्षा (External Buffer Fortification): वैश्विक वित्तीय बाजारों में जारी अत्यधिक अस्थिरता के दौर में यह भारी पूंजी प्रवाह भारतीय बैंकिंग प्रणाली के लिए एक सुदृढ़ सुरक्षा कवच (external buffer) प्रदान करता है।
नीतिगत स्वायत्तता: ऑन-टैप (on-tap) प्रणालियों के माध्यम से दीर्घकालिक अनिवासी जमा को लागत-कुशलता के साथ सुरक्षित करके सरकार ने रुपए के मूल्य को स्थिरता प्रदान की है और किसी भी सट्टा गतिविधियों (undue speculation) पर अंकुश लगाने की आरबीआई की क्षमता को सुदृढ़ किया है।
प्रवासी भारतीयों का विश्वास: FCNR(B) जमाओं में आई यह तीव्र गति भारतीय मूल के लोगों (diaspora) के देश की विकास गाथा और वित्तीय प्रणालियों में गहरे आर्थिक व भावनात्मक जुड़ाव को प्रदर्शित करती है।
परिपक्वता अवधि: आरबीआई के नियमों के अनुसार इन FCNR(B) जमाओं की परिपक्वता अवधि 1 वर्ष से 5 वर्ष के बीच हो सकती है, जो बैंकों को दीर्घकालिक तरलता समायोजन में मदद करती है।
3. निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु
प्रारंभिक परीक्षा हेतु (Prelims Focus)
- देश का पहला गैर-जीएमओ हाइब्रिड मक्का बीज — लॉन्च स्थान: आंध्र प्रदेश (एलुरु जिला, मुसुनुरु)।
- FCNR(B) योजना की पात्रता और परिपक्वता सीमा — 1 से 5 वर्ष।
- आरबीआई अदला-बदली सुविधा की प्रभावी तिथियां — प्रारंभ: 8 जून 2026; FCNR(B) विंडो बंद: 31 अगस्त 2026।
- कुल संचयी प्रवाह: $73 अरब; जिसमें FCNR(B) का योगदान: $65.40 अरब।
मुख्य परीक्षा हेतु (GS Paper III — Economy & Agriculture)
- वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने में मौद्रिक अदला-बदली साधनों (Forex Swap Instruments) का महत्व।
- कृषि विनिर्माण में आयातित तकनीकों पर निर्भरता कम करने के लिए सार्वजनिक-निजी-साझेदारी (PPP Model) का सुदृढ़ीकरण।
UPSC CSE Prelims Practice MCQs
आज के PIB विश्लेषण पर आधारित अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
हाल ही में कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए आंध्र प्रदेश में जारी किए गए देश के पहले 'गैर-जीएमओ स्वदेशी पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह बीज पूर्णतः गैर-जीएमओ (non-GMO) तकनीक पर आधारित है और इसे 'गॉरमेट पॉपकॉर्निका' द्वारा विकसित किया गया है।
- इस पहल के तहत देश के आठ राज्यों के लगभग 17,500 से अधिक किसान संविदात्मक कृषि साझेदारी से जुड़े हुए हैं।
- इसका मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले पॉपकॉर्न मक्के के लिए भारत की आयातित हाइब्रिड तकनीक पर निर्भरता को कम करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: D (1, 2 और 3 — सभी कथन सही हैं)
कथन 1 सही है: यह देश का पहला गैर-जीएमओ हाइब्रिड बीज है जिसे एलुरु जिले के मुसुनुरु में गॉरमेट पॉपकॉर्निका द्वारा विकसित किया गया है।
कथन 2 सही है: इस योजना के तहत 8 राज्यों के 17,500 से अधिक किसान लगभग 40,000 एकड़ भूमि पर इसकी खेती कर रहे हैं।
कथन 3 सही है: यह स्वदेशी हाइब्रिड मक्का आयातित हाइब्रिड बीजों पर देश की निर्भरता को कम कर विदेशी मुद्रा भंडार का संरक्षण करेगा।
प्रश्न 2
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की विशेष 'विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा (USD-INR Swap Facility)' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों का मूल्यांकन कीजिए:
- यह विशेष अदला-बदली सुविधा केवल बाह्य वाणिज्यिक उधार (ECB) के लिए ही लागू की गई थी।
- इस योजना के तहत कुल संचित विदेशी मुद्रा प्रवाह में FCNR(B) जमाओं की हिस्सेदारी सर्वाधिक रही है।
- योजना के प्रति अत्यधिक सकारात्मक रुझान के कारण आरबीआई ने FCNR(B) विंडो को उसकी निर्धारित समाप्ति तिथि से पहले बंद करने का निर्णय लिया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A. केवल 1
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: B (केवल 2 और 3)
कथन 1 गलत है: यह सुविधा केवल ईसीबी (ECB) के लिए नहीं, बल्कि FCNR(B) जमाओं, विदेशी मुद्रा में विदेशी उधार (OFCB) और ईसीबी (ECB) — तीनों के लिए शुरू की गई थी।
कथन 2 सही है: कुल जुटाए गए 73 अरब डॉलर में से अकेले FCNR(B) जमाओं का योगदान 65.40 अरब डॉलर रहा है।
कथन 3 सही है: निर्धारित लक्ष्य समय से पहले पूरे हो जाने के कारण आरबीआई ने FCNR(B) विंडो को बंद करने की तिथि को 30 सितंबर से घटाकर 31 अगस्त 2026 कर दिया है।
स्रोत (Sources)
Aarambh Times | PIB Analysis | 25 अगस्त 2026 | UPSC Current Affairs
स्रोत: PIB (Press Information Bureau), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय / PIB India


