विषय सूची (Table of Contents)
- घरेलू पीएनजी प्रोत्साहन योजना: संदर्भ और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: योजना की घोषणा, क्रियान्वयन की तिथि और Strait of Hormuz के भू-राजनीतिक व्यवधान के बीच इसका सामरिक महत्व (UPSC GS Paper III: बुनियादी ढांचा - ऊर्जा सुरक्षा और सरकारी नीतियां)।
- घरेलू स्तर पर पीएनजी के बहुआयामी लाभ: सुरक्षा, सुविधा, सामर्थ्य, पर्यावरणीय अनुकूलता और निर्बाध आपूर्ति के मानकों पर एलपीजी की तुलना में पीएनजी का मूल्यांकन (UPSC GS Paper III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पर्यावरण प्रदूषण)।
- पीएनजी विस्तार के लिए सरकार के समवर्ती नीतिगत प्रयास: एकीकृत पीएनजी पंजीकरण पोर्टल, वैट (VAT) युक्तिकरण और प्राकृतिक गैस एवं पेट्रोलियम वितरण आदेश, 2026 के नीतिगत प्रावधान (UPSC GS Paper II: शासन व्यवस्था व विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए सरकारी नीतियां)।
- प्रोत्साहन योजना की तकनीकी व वित्तीय संरचना: अतिरिक्त 200 SCM गैस आवंटन मॉडल, लागत प्रतिस्थापन और पेबैक अवधि में कटौती का आर्थिक विश्लेषण (UPSC GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था और संसाधन जुटाना)।
1. घरेलू पीएनजी प्रोत्साहन योजना: संदर्भ और पृष्ठभूमि
भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 18 अगस्त 2026 को देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के पारिस्थितिकी तंत्र को गति देने के लिए एक विशेष प्रोत्साहन योजना को स्वीकृति दी है।
उद्देश्य और समय-सीमा: यह योजना 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। इसका प्राथमिक उद्देश्य शहरी गैस वितरण (CGD) कंपनियों को सीधे वित्तीय प्रोत्साहन देकर उन घरेलू पीएनजी कनेक्शनों को सक्रिय गैस कनेक्शनों (working gas connections) में परिवर्तित करना है जो स्थापित होने के बावजूद अभी तक बिलिंग चरण में नहीं आ पाए हैं, तथा नए भौगोलिक क्षेत्रों में पाइपलाइन नेटवर्क का तीव्र विस्तार करना है।
वर्तमान अवसंरचनात्मक स्थिति: वर्तमान में संपूर्ण भारत में सक्रिय घरेलू पीएनजी कनेक्शनों की कुल संख्या 1.74 करोड़ है। सरकार का लक्ष्य इस संख्या को गुणात्मक रूप से बढ़ाना है।
भू-राजनीतिक अनिवार्यता: यह नीतिगत पहल ऐसे समय में आई है जब अमेरिका-इरान संघर्ष के कारण Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) की नाकेबंदी होने से भारत की घरेलू तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) की आपूर्ति श्रृंखला गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। यह संकट दर्शाता है कि आयातित एलपीजी पर निर्भरता कम करके पाइपलाइन-संचालित स्वदेशी वितरण नेटवर्क को मजबूत करना भारत की राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए कितना अपरिहार्य है।
2. घरेलू स्तर पर पीएनजी के बहुआयामी लाभ
घरेलू उपयोग के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पारंपरिक एलपीजी सिलेंडरों और अन्य पारंपरिक खाना पकाने के ईंधनों की तुलना में एक अत्यधिक सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम विकल्प प्रस्तुत करती है:
उच्च सुरक्षा मानक: पीएनजी का संचरण भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से अत्यंत निम्न दबाव पर किया जाता है, जिससे सिलेंडरों के भंडारण और परिवहन से जुड़े जोखिम समाप्त हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक गैस हवा से हल्की होने के कारण किसी भी आकस्मिक रिसाव की स्थिति में वायुमंडल में तेजी से और सुरक्षित रूप से फैल जाती है, जिससे आग लगने की दुर्घटनाओं की संभावना न्यूनतम हो जाती है।
दैनिक सुविधा: उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने, उनके वितरण की प्रतीक्षा करने या उन्हें बार-बार बदलने की झंझट से मुक्ति मिलती है। यह गैस घरों में चौबीसों घंटे सीधे उपलब्ध रहती है और इसका बिल वास्तविक मीटर रीडिंग के आधार पर आता है, जो बिजली या पानी के बिल की तरह ही पारदर्शी होता है।
आर्थिक सामर्थ्य: पीएनजी में उपभोक्ता केवल उतनी ही गैस का भुगतान करते हैं जितनी वे वास्तव में उपभोग करते हैं। प्रति इकाई ऊर्जा लागत के मामले में पीएनजी सामान्यतः एलपीजी से सस्ती होती है, जिससे मध्यम और गरीब परिवारों के मासिक ईंधन खर्च में दीर्घकालिक बचत होती है।
पर्यावरण के अनुकूल: एक स्वच्छ जलने वाले ईंधन (cleaner-burning fuel) के रूप में पीएनजी पारंपरिक ईंधनों की तुलना में नगण्य प्रदूषक उत्सर्जित करती है। यह घरों के भीतर वायु की गुणवत्ता (indoor air quality) को बेहतर बनाती है और देश के समग्र कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायता करती है।
निर्बाध आपूर्ति की गारंटी: पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होने से घने शहरी क्षेत्रों और बहुमंजिला इमारतों (high-rise buildings) में रहने वाले परिवारों को सिलेंडर डिलीवरी की तार्किक बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ता।
3. पीएनजी विस्तार के लिए सरकार के समवर्ती नीतिगत प्रयास
यह प्रोत्साहन योजना सरकार द्वारा पिछले कुछ महीनों में पीएनजी नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और परिवारों के लिए स्वच्छ ईंधन में संक्रमण को आसान बनाने के लिए उठाए गए कदमों की श्रृंखला का ही हिस्सा है:
नियामक मंजूरी को सुगम बनाना: सरकार ने 'प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम वितरण आदेश, 2026' के अंतर्गत एक त्वरित स्वीकृति ढांचा (Accelerated Approval Framework) और मानकीकृत राइट-ऑफ़-वे (Right-of-Way - RoW) शुल्क संरचना लागू की है। इससे पीएनजी अवसंरचना के विकास से संबंधित आवेदनों का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर निपटान सुनिश्चित होगा।
मूल्य संवर्द्धन और वैट (VAT) युक्तिकरण: राज्यों को प्राकृतिक गैस पर मूल्य वर्धित कर (VAT) को घटाकर 5% तक लाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कई राज्यों ने पहले ही वैट दरों में कटौती कर पीएनजी को उपभोक्ताओं के लिए और अधिक किफायती बना दिया है।
राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0 (National PNG Drive 2.0): स्वच्छ ईंधन में परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत एलपीजी सिलेंडरों को सरेंडर करने के लिए एक समर्पित पोर्टल शुरू किया गया है, आवासीय सोसायटियों को पीएनजी में परिवर्तित करने की मुहिम चलाई जा रही है और जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
एकीकृत डिजिटल पोर्टल: पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करने और उसकी प्रगति को ट्रैक करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक 'एकल खिड़की' एकीकृत डिजिटल पंजीकरण पोर्टल (Unified PNG registration portal) का विकास किया जा रहा है।
4. प्रोत्साहन योजना की तकनीकी व वित्तीय संरचना
इस योजना को विशेष रूप से इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह वित्तीय रूप से व्यवहार्य होकर शहरी गैस वितरण (CGD) संस्थाओं को त्वरित निवेश के लिए आकर्षित कर सके:
अतिरिक्त गैस आवंटन मॉडल: योजना के अंतर्गत, निर्धारित 'थ्रेसहोल्ड स्तर' से ऊपर प्राप्त किए गए प्रत्येक अतिरिक्त बिल वाले घरेलू पीएनजी कनेक्शन के लिए पात्र सीजीडी संस्थाओं को 200 एससीएम (SCM - स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) घरेलू रूप से उत्पादित और कम कीमत वाली प्रशासनिक मूल्य निर्धारण तंत्र (APM/NAPM) गैस आवंटित की जाएगी।
लागत प्रतिस्थापन और दो चरणों में क्रियान्वयन: यह योजना छह महीने की अवधि में दो चरणों (Tranches) में लागू की जाएगी। अतिरिक्त आवंटित कम कीमत वाली एपीएम गैस सीजीडी कंपनियों द्वारा वर्तमान में परिवहन खंड (CNG Transport Segment) के लिए खरीदी जाने वाली महंगी तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) को प्रतिस्थापित करेगी, जिससे कंपनियों की कुल गैस-स्रोतीकरण लागत (gas-sourcing costs) में भारी कमी आएगी।
पेबैक अवधि में भारी कमी: गैस-स्रोतीकरण लागत में होने वाली इस बचत से पीएनजी कनेक्शन अवसंरचना पर सीजीडी कंपनियों द्वारा किए जाने वाले पूंजीगत व्यय (CapEx) की पेबैक अवधि लगभग 10 वर्ष से घटकर मात्र 3 वर्ष रह जाने का अनुमान है। यह वित्तीय सुगमता सीजीडी ऑपरेटरों को नए क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने के लिए एक अत्यंत मजबूत प्रोत्साहन प्रदान करती है।
निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु
प्रारंभिक परीक्षा हेतु: योजना का नाम और क्रियान्वयन तिथि (1 सितंबर 2026); देश में कुल वर्तमान पीएनजी कनेक्शन (1.74 करोड़); प्रति अतिरिक्त कनेक्शन 200 SCM एपीएम गैस का आवंटन नियम; पेबैक अवधि में कमी (10 वर्ष से घटकर 3 वर्ष)।
मुख्य परीक्षा हेतु (GS Paper III - Energy Security & Economy): अमेरिकी-इरान संघर्ष और Strait of Hormuz नाकेबंदी के आलोक में आयातित एलपीजी की तुलना में घरेलू पाइप्ड गैस का सामरिक महत्व; शहरी गैस वितरण (CGD) के बुनियादी ढांचे के विकास में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और वित्तीय प्रोत्साहनों की भूमिका; वैट (VAT) युक्तिकरण और सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. 'घरेलू पीएनजी कनेक्शन संवर्धन प्रोत्साहन योजना' कब से लागू होगी?
यह योजना 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। इसे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 18 अगस्त 2026 को स्वीकृति दी, जिसका उद्देश्य CGD कंपनियों को वित्तीय प्रोत्साहन देकर निष्क्रिय कनेक्शनों को सक्रिय करना और नेटवर्क विस्तार करना है।
2. यह योजना Strait of Hormuz संकट से कैसे जुड़ी है?
अमेरिका-इरान संघर्ष के कारण Strait of Hormuz की नाकेबंदी से भारत की LPG आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इस योजना का उद्देश्य आयातित LPG पर निर्भरता कम कर पाइपलाइन-संचालित स्वदेशी PNG नेटवर्क को मजबूत करना है, जिससे राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित हो।
3. PNG के LPG की तुलना में क्या प्रमुख लाभ हैं?
PNG अधिक सुरक्षित (कम दबाव पर भूमिगत पाइपलाइन से आपूर्ति), अधिक सुविधाजनक (24x7 उपलब्धता, मीटर आधारित बिलिंग), आर्थिक रूप से किफायती, पर्यावरण के अनुकूल और निर्बाध आपूर्ति वाली है।
4. योजना के तहत CGD कंपनियों को क्या वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा?
निर्धारित थ्रेसहोल्ड से ऊपर प्रत्येक अतिरिक्त सक्रिय कनेक्शन के लिए पात्र CGD संस्थाओं को 200 SCM कम कीमत वाली घरेलू APM/NAPM गैस आवंटित की जाएगी, जिससे उनकी पेबैक अवधि 10 वर्ष से घटकर लगभग 3 वर्ष हो जाएगी।
5. सरकार ने PNG विस्तार के लिए और कौन-से नीतिगत कदम उठाए हैं?
'प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम वितरण आदेश, 2026' के तहत त्वरित स्वीकृति ढांचा, राज्यों में VAT को घटाकर 5% करने का प्रोत्साहन, राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0 (LPG सरेंडर पोर्टल सहित), और एकीकृत डिजिटल पंजीकरण पोर्टल शामिल हैं।
UPSC CSE Prelims Practice MCQs
प्रश्न 1
हाल ही में स्वीकृत 'घरेलू पीएनजी (PNG) कनेक्शन संवर्धन प्रोत्साहन योजना' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
2. इसके तहत, सीजीडी संस्थाओं को प्रत्येक अतिरिक्त सक्रिय कनेक्शन के लिए 200 SCM कम कीमत वाली घरेलू एपीएम (APM) गैस आवंटित की जाएगी।
3. इस प्रोत्साहन के कारण पीएनजी अवसंरचना पर सीजीडी कंपनियों के पूंजीगत व्यय की पेबैक अवधि 10 वर्ष से घटकर लगभग 3 वर्ष होने का अनुमान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: D (1, 2 और 3 - सभी कथन सही हैं)
कथन 1 सही है: यह प्रोत्साहन योजना 1 सितंबर 2026 से प्रभावी हो रही है, जिसका उद्देश्य देश के 1.74 करोड़ के वर्तमान आधार का विस्तार करना है।
कथन 2 सही है: योजना के तहत निर्धारित थ्रेसहोल्ड से ऊपर प्रत्येक अतिरिक्त बिल वाले कनेक्शन के लिए कंपनियों को 200 SCM एपीएम गैस दी जाएगी।
कथन 3 सही है: इस योजना से सीजीडी ऑपरेटरों की गैस-स्रोतीकरण लागत कम होगी, जिससे उनकी पेबैक अवधि 10 वर्ष से घटकर मात्र 3 वर्ष रह जाएगी।
प्रश्न 2
भारत में प्राकृतिक गैस वितरण अवसंरचना को सुगम बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों का मूल्यांकन कीजिए:
2. केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को प्राकृतिक गैस पर वैट (VAT) को बढ़ाकर न्यूनतम 15% करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
3. राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0 के अंतर्गत उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडरों को सरेंडर करने हेतु एक समर्पित पोर्टल की शुरुआत की गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: C (केवल 1 और 3)
कथन 1 सही है: सरकार ने त्वरित स्वीकृति ढांचा और मानकीकृत राइट-ऑफ़-वे (RoW) शुल्क लागू किए हैं।
कथन 2 गलत है: सरकार राज्यों को वैट बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि प्राकृतिक गैस पर वैट की दरों को घटाकर 5% तक लाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
कथन 3 सही है: राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0 के तहत एलपीजी सरेंडर पोर्टल, जागरूकता शिविर और आवासीय सोसायटियों के परिवर्तन जैसे कार्य किए जा रहे हैं।