विषय सूची (Table of Contents)
- वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 (VB–G RAM G Act, 2025) के तहत 375 स्वीकार्य कार्यों (Permissible Works) की अधिसूचना: 41 प्रतिशत का विस्तार, चार विषयगत स्तंभ (Four Thematic Pillars), विकसित ग्राम पंचायत योजना (Viksit Gram Panchayat Plan), और लक्षित वर्ग (Targeted Groups)।
(GS Paper II: शासन एवं विकेंद्रीकरण - ग्रामीण रोजगार नीति व पंचायती राज) - हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL Visakhapatnam) में पहला स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप (Fleet Support Ship - FSS-1) 'सूर्य' (Surya) लॉन्च: एफएसएस-1 का जलावतरण, एफएसएस-5 की नींव, उन्नत स्लिपवे-4 (Upgraded Slipway-4) व 300-टन गोलियाथ क्रेन (300-tonne Goliath Crane), और समुद्री औद्योगिक केंद्र (Maritime Industrial Hub)।
(GS Paper III: सुरक्षा व रक्षा अवसंरचना - ब्लू वाटर नेवी व स्वदेशी जहाज निर्माण) - एचएएल कोरापुट (HAL Koraput) द्वारा 2,000वें एयरो-इंजन (2,000th Aero-Engine) की सुपुर्दगी एवं क्षमता विस्तार: छह दशकों का मील का पत्थर, एएल-31एफपी (AL-31FP) व शक्ति (Shakti) इंजनों का क्षमता विस्तार, स्वदेशी हाई-थ्रस्ट इंजन कार्यक्रम (Indigenous High-Thrust Engine Programme), और एएमसीए (AMCA) प्रोजेक्ट।
(GS Paper III: विज्ञान, प्रौद्योगिकी व स्वदेशीकरण - एयरो-इंजन प्रपल्शन व रक्षा विनिर्माण) - निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)
- UPSC CSE अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
- Quick Revision Facts
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- References
1. वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 (VB–G RAM G Act, 2025) के तहत 375 स्वीकार्य कार्यों (Permissible Works) की अधिसूचना
(GS Paper II: शासन एवं विकेंद्रीकरण - ग्रामीण रोजगार नीति व पंचायती राज)
संदर्भ (Context)
ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) ने 'विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) [वीबी-जी राम जी] अधिनियम, 2025' (Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) [VB–G RAM G] Act, 2025) के अंतर्गत स्वीकार्य कार्यों (Permissible Works) की अनुसूची को अधिसूचित कर दिया है।
मुख्य विवरण (Main Details)
- 41 प्रतिशत का दायरा विस्तार (41 Percent Scope Expansion): नई अनुसूची पिछले ढांचे के तहत निर्धारित 266 कार्यों की तुलना में स्वीकार्य कार्यों के दायरे में 41 प्रतिशत का विस्तार दर्शाती है।
- चार विषयगत स्तंभों में पुनर्गठन (Four Thematic Pillars):
- जल सुरक्षा (Water Security): 128 कार्यों के साथ सर्वाधिक हिस्सा। इसमें चेक डैम, गली प्लग, भूमिगत बांध, रिचार्ज शाफ्ट, ड्रिप/फव्वारा सिंचाई, छतों पर वर्षा जल संचयन, तथा बर्फ-स्तूप (Ice Stupas) व कृत्रिम हिमनद (Artificial Glaciers) शामिल हैं।
- मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा (Core Rural Infrastructure): 111 कार्य। इनमें सौर स्ट्रीट लाइटिंग (Solar Street Lighting), अपशिष्ट से संपदा रीसाइक्लिंग (Waste-to-Wealth Recycling), ग्रे-वॉटर उपचार (Greywater Treatment), कॉमन सर्विस सेंटर (Common Service Centers), और जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) अवसंरचना की मरम्मत शामिल हैं।
- आजीविका-संबंधी बुनियादी ढांचा (Livelihood-related Infrastructure): 98 कार्य। आजीविका-संबंधी कार्यों का हिस्सा बढ़कर कुल कार्यों का 26 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले ढांचे में 1.1 प्रतिशत था। इसमें कृषि-प्रसंस्करण (Agro-Processing), शीत भंडारण (Cold Storage), मिनी आटा मिलें, एसएचजी कार्यशालाएं (SHG Worksheds), और 'शी मार्ट' (SHE Marts) शामिल हैं।
- आपदा तैयारी और जलवायु अनुकूलन (Disaster Preparedness and Climate Resilience): 38 कार्य। पहली बार शामिल इस समर्पित श्रेणी में बाढ़ राहत आश्रय स्थल (Flood Relief Shelters), तटबंध सुदृढ़ीकरण (Embankment Strengthening), तथा जंगल की आग से बचाव हेतु 'फायर लाइन' (Fire Lines) शामिल हैं।
- जमीनी स्तर की योजना व डिजिटल ट्रैकिंग (Bottom-up Planning & Digital Tracking): प्रत्येक कार्य की शुरुआत विकसित ग्राम पंचायत योजना (Viksit Gram Panchayat Plan) के तहत ग्राम सभा (Gram Sabha) के अनुमोदन से होगी और इसे 'विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण बुनियादी ढांचा स्टैक' (Viksit Bharat National Rural Infrastructure Stack) से ट्रैक किया जाएगा।
- लक्षित सामाजिक वर्ग (Targeted Social Groups): कुल 181 कार्य कृषि व सम्बद्ध गतिविधियों (Agriculture and Allied Sectors), 107 कार्य अंत्योदय/कमजोर परिवारों (Antyodaya/Vulnerable Households), 36 कार्य नारी शक्ति (Nari Shakti), तथा 36 कार्य युवा शक्ति (Yuva Shakti) से संबंधित हैं। इसमें दिव्यांगजनों (Divyangjan) के लिए सीढ़ियों और रैंप निर्माण का स्पष्ट प्रावधान भी शामिल है।
महत्व (Significance)
- मजदूरी रोजगार से परिसंपत्ति निर्माण तक: यह ढांचा पारंपरिक परिसंपत्ति निर्माण (Conventional Asset Creation) से आगे बढ़कर मजदूरी रोजगार (Wage Employment) को टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण और मापन योग्य विकास परिणामों से जोड़ता है। यह केंद्र, राज्य और स्थानीय योजनाओं का अभिसरण सुनिश्चित करते हुए विकसित भारत @2047 (Viksit Bharat @2047) के विजन में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
2. हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL Visakhapatnam) में पहला स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप (FSS-1) 'सूर्य' (Surya) लॉन्च
(GS Paper III: सुरक्षा व रक्षा अवसंरचना - ब्लू वाटर नेवी व स्वदेशी जहाज निर्माण)
संदर्भ (Context)
रक्षा मंत्री (Defence Minister) राजनाथ सिंह ने 06 अक्टूबर 2026 को हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (Hindustan Shipyard Limited - HSL), विशाखापत्तनम में पहले स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप (Fleet Support Ship - FSS-1) 'सूर्य' (Surya) का जलावतरण (Launch) किया।
मुख्य विवरण (Main Details)
- तीन प्रमुख अवसंरचनात्मक उपलब्धियां (Three Infrastructure Milestones):
- एफएसएस-1 'सूर्य' का जलावतरण (Launch of FSS-1 'Surya'): नेवी वाइव्स वेलनेस एसोसिएशन (Navy Wives Wellness Association - NWWA) की अध्यक्ष श्रीमती लैला स्वामीनाथन द्वारा पारंपरिक अनुष्ठान के बाद पोत ने बंगाल की खाड़ी में प्रवेश किया।
- एफएसएस-5 की नींव (Keel Laying of FSS-5): पांचवें फ्लीट सपोर्ट शिप की नींव रखी गई।
- उन्नत स्लिपवे-4 व गोलियाथ क्रेन (Upgraded Slipway-4 and Goliath Crane): 45,000 DWT तक के जहाजों के निर्माण हेतु विस्तारित स्लिपवे-4 और 'मेक इन इंडिया' (Make in India) के तहत मेसर्स एल एंड टी (L&T) व कोनेक्रेन्स (Konecranes) द्वारा निर्मित 300-टन गोलियाथ क्रेन (Goliath Crane) का उद्घाटन किया गया।
- पोत की क्षमताएं (Vessel Capabilities): एचएसएल (HSL) द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित एफएसएस में उन्नत कार्गो व तरल पदार्थ परिवहन क्षमता, ऑनबोर्ड प्रथम-पंक्ति रखरखाव कार्यशालाएं (Maintenance Workshops), बहु-भूमिका हेलीकॉप्टर (Multi-Role Helicopter) संचालन हेतु समर्पित डेक और आत्मरक्षा प्रणालियाँ (Self-defence Systems) शामिल हैं।
- मिनीरत्न दर्जा (Miniratna Status): रक्षा मंत्रालय के अधीन आने के बाद एचएसएल को वर्ष 2025 में मिनीरत्न श्रेणी-I (Miniratna Category-I) का दर्जा प्रदान किया गया था।
महत्व (Significance)
- परिचालन पहुंच व समुद्री औद्योगिक केंद्र: ये पोत हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region - IOR) में भारतीय नौसेना की परिचालन पहुंच (Operational Reach), समुद्री पुनर्भरण (At-sea Replenishment) और दीर्घकालिक क्षमता (Operational Endurance) को सुदृढ़ करते हैं। यह विशाखापत्तनम को पूर्वी नौसेना कमान (Eastern Naval Command) व नौसेना डॉकयार्ड (Naval Dockyard) के तालमेल के साथ एक प्रमुख समुद्री औद्योगिक केंद्र (Maritime Industrial Hub) के रूप में विकसित करने में सहायता करता है।
3. एचएएल कोरापुट (HAL Koraput) द्वारा 2,000वें एयरो-इंजन की सुपुर्दगी एवं क्षमता विस्तार
(GS Paper III: विज्ञान, प्रौद्योगिकी व स्वदेशीकरण - एयरो-इंजन प्रपल्शन व रक्षा विनिर्माण)
संदर्भ (Context)
रक्षा मंत्री (Defence Minister) राजनाथ सिंह 06 अक्टूबर 2026 को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited - HAL) के कोरापुट डिवीजन (Koraput Division) द्वारा 2,000वें एयरो-इंजन (2,000th Aero-Engine) के सुपुर्दगी समारोह के साक्षी बने।
मुख्य विवरण (Main Details)
- छह दशकों का परिचालन इतिहास (Six Decades of Propulsion Manufacturing): वर्ष 1964 में स्थापित एचएएल कोरापुट ने मिग-21 (MiG-21), मिग-27 (MiG-27), मिग-29 (MiG-29) और सुखोई-30 एमकेआई (Su-30MKI) जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों के इंजनों को शक्ति प्रदान की है। अब तक 9,000 से अधिक इंजनों का ओवरहॉल (Overhaul) किया जा चुका है।
- एएल-31एफपी क्षमता विस्तार (AL-31FP Capacity Expansion): सुखोई-30 एमकेआई के लिए 240 इंजनों के ऑर्डर के तहत ₹335 करोड़ के निवेश से एएल-31एफपी (AL-31FP) इंजन की वार्षिक उत्पादन क्षमता 30 से बढ़ाकर 50 इंजन की जा रही है।
- शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन (Second Shakti Engine Line): ₹218 करोड़ के निवेश से शक्ति (Shakti) इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन स्थापित की जा रही है, जो 2028-29 तक पूरी तरह तैयार होगी और वार्षिक क्षमता 100 इंजनों तक पहुंचेगी। यह ध्रुव (Dhruv ALH) और प्रचंड (Prachand LCH) हेलीकॉप्टरों की जरूरतों को पूरा करेगी।
- स्वदेशी हाई-थ्रस्ट प्रोग्राम (Indigenous High-Thrust Engine Programme): एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम हेतु सरकार लगभग ₹5,000 करोड़ के निवेश से स्वदेशी हाई-थ्रस्ट इंजन कार्यक्रम पर काम कर रही है। इसमें मिश्र धातु निगम लिमिटेड (MIDHANI) के साथ कच्चे माल का स्वदेशीकरण और भारत की पहली स्वदेशी हाई-थ्रस्ट इंजन परीक्षण सुविधा (Testing Facility) की स्थापना शामिल है।
महत्व (Significance)
- राष्ट्रीय संप्रभुता व एयरोस्पेस इकोसिस्टम: प्रपल्शन प्रौद्योगिकी (Propulsion Technology) में महारत हासिल करना विमान सामग्री (Materials), डिजाइन (Design), विनिर्माण (Manufacturing) और रखरखाव (MRO) में राष्ट्रीय संप्रभुता (National Sovereignty) सुनिश्चित करता है। यह ओडिशा के ढेंकनाल स्थित गजमारा (Gajamara) एयरोस्पेस परिसर के साथ मिलकर कोरापुट को एयरोस्पेस प्रपल्शन इकोसिस्टम (Aerospace Propulsion Ecosystem) के केंद्र के रूप में स्थापित करता है।
4. निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)
प्रारंभिक परीक्षा हेतु (Prelims Focus)
- वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 (VB–G RAM G Act, 2025): 375 स्वीकार्य कार्य (41% वृद्धि); 4 विषयगत स्तंभ (जल सुरक्षा: 128, मुख्य अवसंरचना: 111, आजीविका: 98, आपदा तैयारी: 38); विकसित ग्राम पंचायत योजना; विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण बुनियादी ढांचा स्टैक।
- एफएसएस-1 'सूर्य' (FSS-1 'Surya'): एचएसएल विशाखापत्तनम द्वारा निर्मित पहला स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप; 45,000 DWT हेतु स्लिपवे-4 व 300-टन गोलियाथ क्रेन; एचएसएल को 2025 में मिनीरत्न श्रेणी-I।
- एचएएल कोरापुट (HAL Koraput): 1964 में स्थापित; 2,000वां एयरो-इंजन सौंपा; ₹335 करोड़ से एएल-31एफपी क्षमता (30 से 50); ₹218 करोड़ से शक्ति इंजन की दूसरी लाइन (100 इंजन/वर्ष); ₹5,000 करोड़ का स्वदेशी हाई-थ्रस्ट इंजन कार्यक्रम (AMCA हेतु)।
मुख्य परीक्षा हेतु (GS Paper II & III)
- GS Paper II (शासन एवं विकेंद्रीकरण): ग्राम सभाओं और विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत ग्रामीण नियोजन और डिजिटल निगरानी।
- GS Paper III (सुरक्षा व रक्षा अवसंरचना): नीले पानी की नौसेना (Blue Water Navy) हेतु फ्लीट सपोर्ट शिप की भूमिका तथा विशाखापत्तनम का एकीकृत समुद्री औद्योगिक केंद्र।
- GS Paper III (विज्ञान, प्रौद्योगिकी व स्वदेशीकरण): एयरो-इंजन प्रपल्शन प्रौद्योगिकी में स्वदेशीकरण (MRO, superalloys, AMCA) और रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम।
5. UPSC CSE अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
प्रश्न 1
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अधिसूचित 'विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) [वीबी-जी राम जी] अधिनियम, 2025' की स्वीकार्य कार्यों की अनुसूची के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- नई अनुसूची के तहत स्वीकार्य कार्यों के दायरे में पिछले ढांचे की तुलना में 41 प्रतिशत का विस्तार किया गया है।
- जल सुरक्षा स्तंभ के अंतर्गत सबसे अधिक 128 कार्यों को शामिल किया गया है, जिनमें बर्फ-स्तूप और कृत्रिम हिमनद जैसे उपाय भी शामिल हैं।
- आजीविका से संबंधित बुनियादी ढांचे का हिस्सा कुल स्वीकार्य कार्यों का 26 प्रतिशत कर दिया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: D (1, 2 और 3 - सभी कथन सही हैं)
व्याख्या: तीनों कथन सही हैं। वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के तहत 375 कार्यों की अनुसूची अधिसूचित की गई है जो 41% विस्तार दर्शाती है। जल सुरक्षा में सर्वाधिक 128 कार्य हैं और आजीविका संबंधी कार्य 1.1% से बढ़कर 26% हो गए हैं।
प्रश्न 2
हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम में हाल ही में लॉन्च हुए पहले स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप (FSS-1) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- एफएसएस-1 'सूर्य' हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम द्वारा निर्मित भारत का पहला स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप है।
- इसी अवसर पर पांचवें फ्लीट सपोर्ट शिप (FSS-5) की नींव भी रखी गई तथा 45,000 DWT तक के जहाजों हेतु उन्नत स्लिपवे-4 व 300-टन गोलियाथ क्रेन का उद्घाटन किया गया।
- एचएसएल को रक्षा मंत्रालय के अधीन आने से पहले, वर्ष 2010 में ही मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा प्राप्त हो गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: A (केवल 1 और 2)
व्याख्या: कथन 1 और 2 सही हैं — एफएसएस-1 'सूर्य' एचएसएल विशाखापत्तनम द्वारा निर्मित पहला स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप है, और इसी अवसर पर FSS-5 की नींव तथा उन्नत स्लिपवे-4 व 300-टन गोलियाथ क्रेन का उद्घाटन हुआ। कथन 3 गलत है — एचएसएल को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा वर्ष 2025 में, रक्षा मंत्रालय के अधीन आने के बाद मिला था (2010 में नहीं)।
प्रश्न 3
भारत के एयरो-इंजन विनिर्माण और एयरोस्पेस कार्यक्रमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- एचएएल कोरापुट डिवीजन ने हाल ही में अपना 2,000वां एयरो-इंजन सुपुर्द किया, जो इसके छह दशकों के इतिहास का एक मील का पत्थर है।
- एचएएल कोरापुट द्वारा निर्मित 'शक्ति' इंजन का उपयोग मुख्य रूप से सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों में किया जाता है।
- सरकार एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम हेतु लगभग ₹5,000 करोड़ के निवेश से स्वदेशी हाई-थ्रस्ट इंजन कार्यक्रम पर काम कर रही है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 1 और 3
- C. केवल 2 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: B (केवल 1 और 3)
व्याख्या: कथन 1 और 3 सही हैं — एचएएल कोरापुट ने अपना 2,000वां एयरो-इंजन सुपुर्द किया, और सरकार AMCA के लिए ₹5,000 करोड़ के स्वदेशी हाई-थ्रस्ट इंजन कार्यक्रम पर काम कर रही है। कथन 2 गलत है — 'शक्ति' इंजन का उपयोग ध्रुव (ALH) और प्रचंड (LCH) हेलीकॉप्टरों में होता है, जबकि सुखोई-30 एमकेआई में एएल-31एफपी (AL-31FP) इंजन का उपयोग होता है।
Quick Revision Facts
- वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025: ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 375 कार्यों की अनुसूची अधिसूचित (41% विस्तार, 266 से 375); 4 स्तंभ — जल सुरक्षा (128), मुख्य अवसंरचना (111), आजीविका (98), आपदा तैयारी (38, पहली बार)।
- लक्षित वर्ग: आजीविका कार्यों का हिस्सा 1.1% से बढ़कर 26%; कृषि (181, जिसमें 52 व्यक्तिगत लाभार्थी), अंत्योदय/कमजोर परिवार (107, जिसमें 68 व्यक्तिगत लाभार्थी), नारी शक्ति (36), युवा शक्ति (36); दिव्यांगजन हेतु सीढ़ी-रैंप प्रावधान।
- योजना तंत्र: विकसित ग्राम पंचायत योजना (ग्राम सभा अनुमोदन); विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण बुनियादी ढांचा स्टैक से डिजिटल ट्रैकिंग।
- FSS-1 'सूर्य': HSL विशाखापत्तनम द्वारा निर्मित भारत का पहला स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा 6 अक्टूबर 2026 को जलावतरण; FSS-5 की नींव भी रखी गई; उन्नत स्लिपवे-4 (45,000 DWT तक) व 300-टन गोलियाथ क्रेन (L&T व Konecranes निर्मित) का उद्घाटन।
- HSL: वर्ष 2025 में मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा (रक्षा मंत्रालय के अधीन आने के बाद)।
- HAL कोरापुट: 1964 में स्थापित; मिग-21/27/29, सुखोई-30 एमकेआई इंजनों का निर्माण; 9,000+ इंजनों का ओवरहॉल; 2,000वां एयरो-इंजन सुपुर्द।
- एएल-31एफपी व शक्ति इंजन विस्तार: एएल-31एफपी क्षमता ₹335 करोड़ से 30→50 इंजन/वर्ष; शक्ति की दूसरी उत्पादन लाइन ₹218 करोड़ से (2028-29 तक, 100 इंजन/वर्ष — ध्रुव व प्रचंड हेतु); AMCA हेतु ₹5,000 करोड़ का स्वदेशी हाई-थ्रस्ट इंजन कार्यक्रम (MIDHANI सहयोग)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
वीबी-जी राम जी (VB–G RAM G) अधिनियम, 2025 क्या है?
यह 'विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' अधिनियम है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी रोजगार को टिकाऊ परिसंपत्ति निर्माण और मापन योग्य विकास परिणामों से जोड़ता है।
नई VBGRAMG अनुसूची में स्वीकार्य कार्यों की संख्या कितनी है और यह पिछले ढांचे से कितनी अधिक है?
कुल 375 कार्य, जो पिछले 266 कार्यों की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक हैं।
फ्लीट सपोर्ट शिप (Fleet Support Ship) क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
यह एक सहायक नौसैनिक पोत है जो समुद्र में युद्धपोतों को ईंधन, पानी, गोला-बारूद और रसद की आपूर्ति करता है, जिससे वे बिना बंदरगाह लौटे लंबे समय तक परिचालन में रह सकें।
भारत का पहला स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप कौन-सा है और इसे कहां बनाया गया?
'सूर्य' (FSS-1), जिसे हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम में बनाया गया है और जिसका जलावतरण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 6 अक्टूबर 2026 को किया।
एचएएल कोरापुट ने हाल ही में क्या उपलब्धि हासिल की?
अपने छह दशकों के इतिहास में 2,000वें एयरो-इंजन की सुपुर्दगी, साथ ही एएल-31एफपी व शक्ति इंजनों की उत्पादन क्षमता के विस्तार की घोषणा।
AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) क्या है?
यह भारत का स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ लड़ाकू विमान कार्यक्रम है, जिसके लिए सरकार लगभग ₹5,000 करोड़ के निवेश से स्वदेशी हाई-थ्रस्ट इंजन कार्यक्रम पर काम कर रही है।
'शक्ति' और 'एएल-31एफपी' इंजनों का उपयोग किन विमानों/हेलीकॉप्टरों में होता है?
'शक्ति' इंजन ध्रुव (ALH) और प्रचंड (LCH) हेलीकॉप्टरों में, जबकि एएल-31एफपी इंजन सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उपयोग होता है।
संदर्भ (References)
वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के तहत 375 कार्य (ग्रामीण विकास मंत्रालय)
- PIB अंग्रेज़ी (PRID 2319426): Ministry of Rural Development Notifies 375 Permissible Works under VB–G RAM G
- PIB हिंदी (PRID 2319446): ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वीबी–जी राम जी के तहत 375 स्वीकार्य कार्यों की अधिसूचना जारी की
पहला स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप 'सूर्य' (FSS-1) — रक्षा मंत्रालय / HSL
- PIB अंग्रेज़ी (PRID 2319481): Raksha Mantri launches first indigenous Fleet Support Ship 'Surya' at Hindustan Shipyard Ltd in Visakhapatnam
- PIB हिंदी (PRID 2319536): रक्षा मंत्री ने विशाखापत्तनम के हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड में पहला स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप 'सूर्य' का जलावतरण किया
एचएएल कोरापुट — 2,000वां एयरो-इंजन (रक्षा मंत्रालय / HAL)
- PIB अंग्रेज़ी (PRID 2319668): HAL Koraput Delivers 2,000th Aero-Engine, Marking Six Decades of Propulsion Manufacturing
- PIB हिंदी (PRID 2319805): एचएएल कोरापुट ने अपना 2,000वां एयरो-इंजन सौंपा, प्रपल्शन विनिर्माण के छह दशक पूरे किए