PIB Analysis 7 September 2026 : 16th National Meet of State Biodiversity Boards, ABS Fund & NBSAP 2024-2030
चंडीगढ़ में राज्य जैव विविधता बोर्डों (State Biodiversity Boards - SBBs) और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों (Union Territory Biodiversity Councils - UTBCs) की 16वीं राष्ट्रीय बैठक का भव्य शुभारंभ हुआ है। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority - NBA) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक का उद्देश्य देश में जैव विविधता शासन ढांचे (biodiversity governance framework) को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना है।
1. 16वीं राष्ट्रीय बैठक: पृष्ठभूमि और प्रशासनिक संरचना
संदर्भ और उद्घाटन (Context & Inauguration)
आयोजन: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) द्वारा 6 से 7 सितंबर 2026 तक चंडीगढ़ में राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक का आयोजन किया गया है।
मुख्य अतिथि व नेतृत्व: इस उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता संयुक्त रूप से पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव, और हरियाणा के पर्यावरण, वन और वन्यजीव मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने की।
सहभागिता: बैठक में MoEFCC के सचिव श्री तन्मय कुमार, वन महानिदेशक श्री सुशील कुमार अवस्थी और राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र तिवारी सहित देश भर के वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल हुए।
पारिस्थितिक सुरक्षा का राष्ट्रीय विजन (National Vision)
पारस्परिक संबंध: पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने रेखांकित किया कि देश की पारिस्थितिक सुरक्षा सीधे तौर पर हमारी खाद्य सुरक्षा, जल सुरक्षा, आजीविका और समग्र सतत विकास (sustainable development) से जुड़ी हुई है।
ज्ञान का संलयन: उन्होंने आर्द्रभूमि (wetlands), नदी प्रणालियों और कृषि जैव विविधता के महत्व पर जोर देते हुए पारंपरिक सामुदायिक ज्ञान (traditional knowledge) को समकालीन संरक्षण पद्धतियों के साथ जोड़ने की वकालत की।
1. इस बैठक का प्राथमिक उद्देश्य जैविक विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 और जैविक विविधता नियम, 2024 के तहत राज्यों के नियमों को संरेखित करना था।
2. बैठक के दौरान यह जानकारी साझा की गई कि देश भर में वर्तमान में 2.76 लाख से अधिक जैव विविधता प्रबंधन समितियां (BMCs) कार्यशील हैं।
3. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने किसानों और समुदायों के साथ कुल 1,000 करोड़ रुपये की पहुंच और लाभ साझाकरण (ABS) निधि साझा की है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 1 और 2 सही हैं: चंडीगढ़ बैठक में राज्यों को जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 और जैव विविधता नियम, 2024 के नए राष्ट्रीय ढांचे के अनुरूप अपने स्थानीय प्रशासनिक तंत्र को संरेखित करने के लिए कहा गया। इसके अतिरिक्त, देश में 2.76 लाख से अधिक जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ (BMCs) कार्यशील स्थिति में हैं। कथन 3 गलत है: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) द्वारा हितधारकों के साथ साझा की गई पहुंच और लाभ साझाकरण (ABS) निधि का कुल मूल्य 200 करोड़ रुपये से अधिक है, न कि 1,000 करोड़ रुपये।
2. संशोधित कानूनी ढांचा और जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन
जैव विविधता संरक्षण को अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए विनियामक नियमों में दूरगामी सुधार किए गए हैं:
संशोधित विनियामक ढांचा
केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने रेखांकित किया कि जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 और जैव विविधता नियम, 2024 ने देश में जैव विविधता शासन ढांचे को अत्यधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाया है। उन्होंने राज्यों से इन नए राष्ट्रीय नियमों के अनुरूप अपने स्थानीय तंत्र को सुसज्जित करने का आग्रह किया।
जैव विविधता प्रबंधन समितियां (BMCs) की भूमिका
जमीनी स्तर पर पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए देश भर में स्थापित की गई 2.76 लाख से अधिक जैव विविधता प्रबंधन समितियों को पूरी तरह से क्रियाशील और सशक्त बनाने का आह्वान किया गया है।
जन जैव विविधता रजिस्टर (PBRs) का आधुनिकीकरण
श्री यादव ने कहा कि पीबीआर को केवल दस्तावेजीकरण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इन्हें स्थानीय निकायों (local bodies) के लिए गतिशील नियोजन उपकरणों (dynamic planning instruments) के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इससे स्थानीय जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान का उपयोग विकास योजनाओं के निर्माण में प्रत्यक्ष रूप से किया जा सकेगा।
3. पहुंच और लाभ साझाकरण (Access and Benefit Sharing - ABS)
जैविक संसाधनों के उपयोग से प्राप्त होने वाले लाभों को स्थानीय समुदायों के साथ साझा करना इस नीति का एक प्रमुख स्तंभ है:
संसाधनों का न्यायसंगत वितरण
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने जैव संसाधनों के उपयोग के बदले प्राप्त होने वाले 200 करोड़ रुपये से अधिक के एबीएस (ABS) कोष को सीधे तौर पर किसानों, स्थानीय समुदायों, अनुसंधान संस्थानों और स्थानीय प्रबंधन समितियों (BMCs) के साथ साझा किया है।
सतत आजीविका
इस नीतिगत पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एबीएस तंत्र न केवल जैव विविधता के संरक्षण में सहायता करे, बल्कि स्थानीय स्तर पर आजीविका सुरक्षा (sustainable livelihoods) को भी वित्तीय संबल प्रदान करे। इस अवसर पर एबीएस योजना और कोष वितरण के कुशल क्रियान्वयन से संबंधित एक वार्षिक प्रगति दस्तावेज भी जारी किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति
भारत ने जैविक संसाधनों की सुलभता सुनिश्चित करने और नागोया प्रोटोकॉल (Nagoya Protocol) के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करते हुए अपनी पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट सफलतापूर्वक प्रस्तुत कर दी है।
4. वैश्विक प्रतिबद्धताएं और अद्यतन राष्ट्रीय रणनीति (NBSAP)
राष्ट्रीय रणनीति का नवीनीकरण
भारत ने अपनी अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना (National Biodiversity Strategy and Action Plan - NBSAP) 2024-2030 को पूरी तरह से लागू कर दिया है। यह रणनीति वैश्विक कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे (KMGBF) के लक्ष्यों के साथ संरेखित है।
30-बाय-30 संरक्षण लक्ष्य
भारत ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैश्विक 30-बाय-30 लक्ष्य (जिसके तहत वर्ष 2030 तक पृथ्वी की कम से कम 30 प्रतिशत भूमि और महासागरों को संरक्षित क्षेत्र के अंतर्गत लाना है) में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया है।
समग्र दृष्टिकोण (Whole of Society Approach)
भारत जैव विविधता संरक्षण की इस यात्रा में वैज्ञानिक उत्कृष्टता के साथ-साथ 'एक पेड़ मां के नाम', 'मिशन लाइफ' (Mission LiFE), 'अमृत सरोवर' और 'ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम' जैसी प्रधानमंत्री मोदी के विजन वाली जन-भागीदारी पहलों को एकीकृत कर रहा है।
1. भारत की अद्यतन 'राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना' (NBSAP) 2024-2030 वैश्विक कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे (KMGBF) के लक्ष्यों के साथ पूर्णतः संरेखित है।
2. भारत ने पहुंच और लाभ साझाकरण (ABS) से संबंधित नागोया प्रोटोकॉल के तहत अपनी पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है।
3. वैश्विक 30-बाय-30 संरक्षण लक्ष्य के तहत सदस्य देशों को वर्ष 2030 तक अपनी कम से कम 50 प्रतिशत भूमि को पूर्णतः मानवीय गतिविधियों से मुक्त और आरक्षित घोषित करना होगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A. केवल 1
- B. केवल 1 और 2
- C. केवल 2 और 3
- D. 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 1 और 2 सही हैं: भारत की नवीनीकृत रणनीति (NBSAP) 2024-2030 वैश्विक स्तर पर कुनमिंग-मॉन्ट्रियल फ्रेमवर्क के लक्ष्यों के साथ जुड़ी हुई है। साथ ही, भारत ने नागोया प्रोटोकॉल पर अपनी पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट और जैव विविधता पर कन्वेंशन (CBD) को अपनी सातवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट सौंप दी है। कथन 3 गलत है: वैश्विक '30-बाय-30' लक्ष्य का उद्देश्य वर्ष 2030 तक पृथ्वी की कम से कम 30 प्रतिशत भूमि और महासागरों को संरक्षित क्षेत्रों के अंतर्गत लाना है, न कि 50 प्रतिशत।
5. निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु
प्रारंभिक परीक्षा हेतु (Prelims Focus)
16वीं राष्ट्रीय बैठक का स्थल (चंडीगढ़) और इसकी तिथि (6-7 सितंबर 2026); भारत में क्रियाशील जैव विविधता प्रबंधन समितियों की कुल संख्या (2.76 लाख से अधिक); जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 और जैव विविधता नियम, 2024; राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) द्वारा वितरित एबीएस निधि (₹200 करोड़ से अधिक); अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना (NBSAP) 2024-2030; कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा और नागोया प्रोटोकॉल।
मुख्य परीक्षा हेतु (GS Paper III - Environment & Biodiversity)
भारत के राष्ट्रीय जैव विविधता नीतिगत लक्ष्यों और वैश्विक कुनमिंग-मॉन्ट्रियल फ्रेमवर्क (KMGBF) के बीच रणनीतिक संरेखण; जैव संसाधनों के दोहन में स्थानीय समुदायों के आर्थिक अधिकारों की रक्षा के लिए 'एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग' (ABS) तंत्र का महत्व; 'जन जैव विविधता रजिस्टर' (PBR) को स्थानीय सतत विकास के लिए एक सक्रिय योजना उपकरण बनाने की राह में आने वाली प्रशासनिक चुनौतियाँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: 16वीं राष्ट्रीय बैठक कहाँ और कब आयोजित हुई?
उत्तर: यह बैठक 6 से 7 सितंबर 2026 तक चंडीगढ़ में राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) द्वारा आयोजित की गई।
प्रश्न: भारत में वर्तमान में कितनी जैव विविधता प्रबंधन समितियां (BMCs) कार्यशील हैं?
उत्तर: देश भर में 2.76 लाख से अधिक जैव विविधता प्रबंधन समितियां (BMCs) कार्यशील हैं, जिन्हें पूरी तरह सशक्त बनाने का आह्वान किया गया है।
प्रश्न: पहुंच और लाभ साझाकरण (ABS) कोष के तहत कितनी राशि वितरित की गई?
उत्तर: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने 200 करोड़ रुपये से अधिक की ABS निधि किसानों, स्थानीय समुदायों और अनुसंधान संस्थानों के साथ साझा की है।
प्रश्न: वैश्विक 30-बाय-30 संरक्षण लक्ष्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक पृथ्वी की कम से कम 30 प्रतिशत भूमि और महासागरों को संरक्षित क्षेत्रों के अंतर्गत लाना है।
प्रश्न: भारत की NBSAP 2024-2030 किस वैश्विक ढांचे से संरेखित है?
उत्तर: भारत की अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना (NBSAP) 2024-2030 कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे (KMGBF) के लक्ष्यों के साथ संरेखित है।
Quick Revision Facts
- 16वीं राष्ट्रीय बैठक: चंडीगढ़, 6-7 सितंबर 2026, आयोजक — NBA
- कानूनी ढांचा: जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023; जैव विविधता नियम, 2024
- BMCs: 2.76 लाख से अधिक कार्यशील; PBRs को गतिशील नियोजन उपकरण बनाने पर जोर
- ABS कोष: ₹200 करोड़ से अधिक वितरित; नागोया प्रोटोकॉल के तहत पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट प्रस्तुत
- NBSAP 2024-2030: KMGBF लक्ष्यों से संरेखित; 30-बाय-30 वैश्विक संरक्षण लक्ष्य (30% भूमि व महासागर, 2030 तक)
- जन-भागीदारी पहलें: एक पेड़ मां के नाम, मिशन लाइफ, अमृत सरोवर, ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम

