PIB Analysis 01 September 2026 | SCO Summit Bishkek, India's Security Connectivity Opportunity Vision
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation - SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 26वीं बैठक में भाग लिया। यह शिखर सम्मेलन संगठन की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था, जो सदस्य देशों के बीच संवाद और सहयोग के भविष्य का मार्ग तैयार करने का एक ऐतिहासिक अवसर है। भारत ने इस मंच पर क्षेत्रीय सुरक्षा, संप्रभुता-सम्मानित कनेक्टिविटी और सभ्यतागत आदान-प्रदान से जुड़े कई महत्वपूर्ण विन्दुओं पर अपना कड़ा कूटनीतिक रुख साझा किया है।
1. शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2026: संदर्भ और पृष्ठभूमि
आयोजन और मेजबानी
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 26वीं बैठक 31 अगस्त से 1 सितंबर, 2026 के दौरान किर्गिज गणराज्य के बिश्केक में आयोजित की गई। किर्गिज गणराज्य ने अपनी 2025-2026 की घूर्णन अध्यक्षता (rotating presidency) के तहत इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी की।
शिखर सम्मेलन का स्थल और अध्यक्षता
इस शिखर सम्मेलन का आयोजन बिश्केक के 'यिरिस ओर्डो' (Yrys Ordo) नामक वेन्यू पर किया गया, जिसकी अध्यक्षता किर्गिज़ राष्ट्रपति महामहिम श्री सादिर जापारोव (Sadyr Japarov) द्वारा की गई।
25वीं वर्षगांठ और आधिकारिक थीम
यह वर्ष संगठन की स्थापना (15 जून 2001) के 25 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। इस अवसर पर किर्गिज़स्तान की अध्यक्षता में आधिकारिक थीम "एससीओ के 25 वर्ष: सतत शांति, विकास और समृद्धि की ओर एक साथ" (25 Years of the SCO: Together Towards Sustainable Peace, Development and Prosperity) अपनाई गई थी।
सांस्कृतिक और खेल समन्वय
अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री ने शिखर सम्मेलन के इतर 31 अगस्त 2026 को बिश्केक में आयोजित छठे 'विश्व खानाबदोश खेल' (World Nomad Games) के उद्घाटन समारोह में भी भाग लिया।
1. यह शिखर सम्मेलन शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की औपचारिक स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था।
2. इस बैठक के दौरान सदस्य देशों द्वारा 'बिश्केक घोषणा-पत्र' को सर्वसम्मति से अंगीकृत किया गया।
3. भारत ने इस शिखर सम्मेलन में यूरेशियाई देशों के साथ संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने वाली बुनियादी ढांचागत कनेक्टिविटी पहलों का समर्थन किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
व्याख्या: 26वां एससीओ शिखर सम्मेलन संगठन की स्थापना (15 जून 2001) के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बिश्केक में आयोजित किया गया था। शिखर सम्मेलन में 'बिश्केक घोषणा-पत्र' को अपनाया गया और भारत ने इसमें सक्रिय भागीदारी की। इसके अतिरिक्त, भारत ने स्पष्ट किया कि सभी परिवहन और आर्थिक कनेक्टिविटी पहलों के दौरान सदस्य राष्ट्रों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरी तरह सम्मान किया जाना चाहिए।
2. भारतीय दृष्टिकोण और नीतिगत प्राथमिकताएं (Core Pillars)
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले शिखर सम्मेलन में साझा किए गए भारत के त्रि-स्तरीय दृष्टिकोण — सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर (Security, Connectivity and Opportunity) के कार्यान्वयन पर जोर दिया:
संघर्षों का शांतिपूर्ण समाधान
भारत ने अपने पारंपरिक सिद्धांतों के अनुरूप पुनः इस रुख को दोहराया कि किसी भी प्रकार के संघर्षों का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं खोजा जा सकता। केवल वार्ता और कूटनीति (dialogue and diplomacy) ही शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में आगे बढ़ने का एकमात्र मार्ग है।
आतंकवाद के विरुद्ध कड़ा रुख (No Double Standards)
आतंकवाद को मानवता के लिए गंभीर खतरा बताते हुए भारत ने सीमा पार के आतंकी तंत्र (terror ecosystem) को पूरी तरह नष्ट करने के लिए साझा कार्रवाई की मांग की। भारत ने वैश्विक मंच पर स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी प्रकार का दोहरा मापदंड (double standards) स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
अफगानिस्तान में स्थिरता
यूरेशिया क्षेत्र की दीर्घकालिक सुरक्षा सीधे तौर पर अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता से जुड़ी हुई है। इस संदर्भ में, भारत द्वारा अफगानिस्तान में दी जा रही विकास संबंधी और मानवीय सहायता को रेखांकित किया गया।
संप्रभुता-सम्मत कनेक्टिविटी
भारत ने बाजारों को जोड़ने और व्यापार को बढ़ावा देने वाले कनेक्टिविटी प्रयासों का पुरजोर समर्थन किया, लेकिन इसके साथ यह शर्त भी दोहराई कि ऐसी बुनियादी ढांचागत परियोजनाएं सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता (sovereignty and territorial integrity) का सम्मान करने वाली होनी चाहिए।
नवाचार और युवा सशक्तिकरण
क्षेत्र के विकास के लिए प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, स्टार्टअप्स और लोगों के बीच आपसी संपर्क (people-to-people initiatives) के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने की वकालत की गई।
3. भारत के नेतृत्व में पारित प्रमुख पहलें और बिश्केक घोषणा-पत्र
शिखर सम्मेलन के अंत में महत्वपूर्ण बहुपक्षीय नीतियों को औपचारिक मान्यता देने के लिए बिश्केक घोषणा-पत्र (Bishkek Declaration) अपनाया गया। इसके अतिरिक्त, जलवायु परिवर्तन, परमाणु सुरक्षा, ऊर्जा संरक्षण और मादक पदार्थों की लत से निपटने जैसे विविध क्षेत्रों में 4 समझौता-ज्ञापनों (MoUs) और 20 से अधिक निर्णयों को अंगीकृत किया गया।
भारत ने कई ऐसी पहलों का नेतृत्व और समर्थन किया जिन्हें बिश्केक घोषणा-पत्र में शामिल किया गया है:
चार्टर में अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा बनाना
भारत के कूटनीतिक प्रयासों के परिणामस्वरूप अब शंघाई सहयोग संगठन के चार्टर में अंग्रेजी (English) को एक आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया गया है, जिससे संगठन के भीतर वैश्विक संवाद अधिक सुलभ हो सकेगा।
एससीओ सिविलाइजेशन डायलॉग फोरम (Civilisation Dialogue Forum)
सदस्य देशों के बीच प्राचीन और आधुनिक सभ्यतागत आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत इस वर्ष के अंत में इसके पहले संस्करण की मेजबानी करेगा।
युवा वैज्ञानिक मंच (Young Scientist Forum)
क्षेत्रीय वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को एक साझा मंच प्रदान करने का समर्थन।
युवा लेखक सम्मेलन (Young Author's Conclave)
सदस्य देशों के युवा साहित्यकारों और विचारकों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाने के लिए एक रचनात्मक साझा मंच का निर्माण।
1. एससीओ चार्टर के अंतर्गत अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में दर्जा प्रदान करना।
2. प्रथम 'सभ्यतागत संवाद मंच' (Civilisation Dialogue Forum) की मेजबानी का प्रस्ताव।
3. युवा वैज्ञानिक मंच (Young Scientist Forum) और युवा लेखक सम्मेलन (Young Author's Conclave) का आयोजन।
सही विकल्प का चयन कीजिए:
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
व्याख्या: भारत ने कई महत्वपूर्ण और युगांतरकारी पहलों का नेतृत्व तथा समर्थन किया जिन्हें सर्वसम्मति से बिश्केक घोषणा-पत्र में शामिल किया गया है। इनमें एससीओ के चार्टर में अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के रूप में जोड़ना, सभ्यतागत आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए 'सिविलाइजेशन डायलॉग फोरम' के पहले संस्करण की भारत द्वारा मेजबानी, तथा बौद्धिक जुड़ाव के लिए 'यंग साइंटिस्ट फोरम' और 'यंग ऑथर्स कॉन्क्लेव' का आयोजन शामिल है।
4. एससीओ (SCO) का संस्थागत विकास और रणनीतिक महत्व
स्थापना और विस्तार
यह संगठन वर्ष 1996 में निर्मित 'शंघाई फाइव' (Shanghai Five) ढांचे से विकसित हुआ था, जिसकी औपचारिक रूप से एससीओ के रूप में स्थापना 15 जून 2001 को शंघाई में की गई थी।
वर्तमान 10 सदस्य राष्ट्र
वर्तमान में इसके सदस्यों की संख्या बढ़कर 10 हो चुकी है। इसके संस्थापक सदस्यों (चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान) के बाद 2017 में भारत और पाकिस्तान इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस को 10वें पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया।
स्थायी निकाय
एससीओ का सचिवालय बीजिंग (चीन) में स्थित है, जबकि आतंकवाद विरोधी गतिविधियों की निगरानी करने वाली इसकी प्रमुख शाखा क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (Regional Anti-Terrorist Structure - RATS) ताशकंद (उज्बेकिस्तान) में स्थित है।
आर्थिक प्रासंगिकता
यह संगठन विश्व की लगभग 3.4 अरब से अधिक की आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। वर्तमान में यूरेशिया क्षेत्र में चीन-किर्गिस्तान-उज्बेकिस्तान रेलवे जैसी महत्वाकांक्षी कनेक्टिविटी परियोजनाएं व्यापारिक लागत को कम करने और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
5. निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु
प्रारंभिक परीक्षा हेतु (Prelims Focus)
एससीओ के 10 सदस्य देशों की सूची; घूर्णन अध्यक्षता वर्ष 2025-26 (किर्गिस्तान); शिखर सम्मेलन का वर्ष और 25वीं वर्षगांठ; आधिकारिक भाषाएं (रूसी, चीनी और चार्टर में जोड़ी गई अंग्रेजी); आरएटीएस (RATS) का मुख्यालय (ताशकंद); बिश्केक घोषणा-पत्र में भारत समर्थित प्रमुख पहलें; विश्व खानाबदोश खेल (किर्गिस्तान)।
मुख्य परीक्षा हेतु (GS Paper II - International Relations)
यूरेशियाई क्षेत्र में शांति और आर्थिक एकीकरण सुनिश्चित करने में एससीओ की भूमिका; संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए सुरक्षित कनेक्टिविटी के विकास की आवश्यकता (चीन के बीआरआई - BRI के प्रत्युत्तर में); आतंकवाद पर 'दोहरे मापदंड' को समाप्त करने के वैश्विक रणनीतिक निहितार्थ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 26वीं बैठक कहाँ और कब आयोजित हुई?
उत्तर: यह बैठक 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के दौरान किर्गिज गणराज्य के बिश्केक शहर में 'यिरिस ओर्डो' (Yrys Ordo) परिसर में आयोजित हुई।
प्रश्न: SCO 2026 शिखर सम्मेलन की आधिकारिक थीम क्या थी?
उत्तर: आधिकारिक थीम थी "एससीओ के 25 वर्ष: सतत शांति, विकास और समृद्धि की ओर एक साथ", जो संगठन की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रखी गई थी।
प्रश्न: वर्तमान में शंघाई सहयोग संगठन के कितने सदस्य देश हैं?
उत्तर: वर्तमान में SCO के 10 पूर्ण सदस्य देश हैं — चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत, पाकिस्तान, ईरान और बेलारूस।
प्रश्न: बिश्केक घोषणापत्र में भारत की कौन-सी प्रमुख पहलें शामिल की गईं?
उत्तर: भारत के नेतृत्व में एससीओ चार्टर में अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा बनाना, सिविलाइजेशन डायलॉग फोरम, युवा वैज्ञानिक मंच और युवा लेखक सम्मेलन जैसी पहलें घोषणा-पत्र में शामिल की गईं।
प्रश्न: SCO के सचिवालय और RATS का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
उत्तर: SCO का सचिवालय बीजिंग (चीन) में है, जबकि क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (RATS) का मुख्यालय ताशकंद (उज्बेकिस्तान) में स्थित है।
त्वरित पुनरावृत्ति तथ्य (Quick Revision Facts)
- SCO की 26वीं बैठक: 31 अगस्त–1 सितंबर 2026, बिश्केक, किर्गिज गणराज्य ('यिरिस ओर्डो')
- SCO की स्थापना: 15 जून 2001, शंघाई; 'शंघाई फाइव' (1996) से विकसित
- वर्तमान सदस्य: 10 (नवीनतम — ईरान 2023, बेलारूस 2024)
- सचिवालय: बीजिंग; RATS मुख्यालय: ताशकंद
- भारत का दृष्टिकोण: सुरक्षा, कनेक्टिविटी, अवसर (Security, Connectivity, Opportunity)
- बिश्केक घोषणा-पत्र: 4 MoUs, 20+ निर्णय अंगीकृत; अंग्रेजी अब आधिकारिक भाषा