नमस्कार। लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (Larsen & Toubro Ltd - L&T) द्वारा कट्टुपल्ली में निर्मित पहले स्वदेशी बहु-उद्देशीय पोत (Multi-Purpose Vessel - MPV) 'समर्थक' (INS Samarthak) को 27 अगस्त 2026 को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया है। 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री (indigenous content) से निर्मित यह सहायक पोत परीक्षण प्रणालियों को आसान बनाने के साथ-साथ तटीय सुरक्षा प्रणालियों को भी सुदृढ़ करेगा।
1. बहु-उद्देशीय पोत 'समर्थक': संदर्भ और पृष्ठभूमि
भारतीय नौसेना ने अपनी विशिष्ट और बहु-मिशन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने बेड़े में पहले स्वदेशी बहु-उद्देशीय पोत 'समर्थक' को शामिल किया है।
परियोजना का अनुबंध
रक्षा मंत्रालय ने लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के साथ 25 मार्च 2022 को ₹887 करोड़ के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत दो बहु-उद्देशीय पोतों (MPVs) — 'समर्थक' और 'उत्कर्ष' का निर्माण किया जाना निर्धारित किया गया था।
दो जहाजों की श्रृंखला
इस परियोजना का दूसरा जहाज 'आईएनएस उत्कर्ष' (INS Utkarsh) है, जिसे 14 जनवरी 2025 को लॉन्च किया गया था और वर्तमान में यह नौसेना को सौंपे जाने से पहले समुद्री परीक्षणों (sea trials) से गुजर रहा है।
कट्टुपल्ली निर्माण केंद्र
'समर्थक' का निर्माण चेन्नई से लगभग 40 किमी उत्तर में स्थित कट्टुपल्ली शिपबिल्डिंग सुविधा (Kattupalli Shipbuilding facility) में किया गया है।
नामकरण का अर्थ
इस जहाज का नाम 'समर्थक' रखा गया है जिसका अंग्रेजी पर्याय 'The Proponent' (समर्थन करने वाला) है। यह नाम कई तरह के मिशनों और परीक्षणों में एक भरोसेमंद सहयोगी (dependable enabler) के रूप में इसकी भूमिका को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
(GS Paper III: सुरक्षा - तटीय सुरक्षा और विभिन्न नौसैनिक कार्यक्रम)
2. तकनीकी विशिष्टताएँ और क्षमताएँ (Technical Specifications & Capabilities)
'समर्थक' को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह एकल परिचालन भूमिका तक सीमित न रहकर विविध प्रकार के नौसैनिक परीक्षणों और सहायताओं को अंजाम दे सके:
विस्थापन (Displacement)
इस नौसैनिक सहायक पोत (naval auxiliary ship) का कुल विस्थापन 3,750 टन है।
उच्च स्वदेशी सामग्री
पोत में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यह रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में आयात पर निर्भरता को कम करने की दिशा में एक व्यावहारिक सुधार है।
परीक्षण और मूल्यांकन प्लेटफॉर्म (Trial & Evaluation Platform)
इस जहाज को विशेष रूप से नए स्वदेशी नौसैनिक हथियारों और सेंसरों (weapons and sensors) के परीक्षण तथा मूल्यांकन के लिए एक बहु-उपयोगी परीक्षण मंच के रूप में तैयार किया गया है।
(GS Paper III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - स्वदेशी तकनीकी विकास)
3. 'समर्थक' पोत की बहु-आयामी भूमिकाएं (Multi-dimensional Roles of Samarthak)
यह पोत बहु-मिशन आवश्यकताओं को सहज रूप से पूरा करने में सक्षम है:
नौसैनिक हथियार और सेंसर परीक्षण (Weapons & Sensors Testing)
यह पोत नए स्वदेशी नौसैनिक हथियारों (weapons) और सेंसर प्रणालियों (sensor systems) के व्यावहारिक परीक्षण तथा मूल्यांकन के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।
तटीय सुरक्षा और निगरानी (Coastal Security & Patrolling)
यह समुद्री निगरानी, टोह (reconnaissance) और अपतटीय गश्त (offshore patrolling) की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है।
मानव रहित प्रणालियों का संचालन (Unmanned Systems Operations)
यह पोत स्वायत्त (autonomous), रिमोट-कंट्रोल और मानव रहित हवाई तथा समुद्री वाहनों (unmanned surface and aerial vehicles - UAVs/USVs) को समुद्र में तैनात करने तथा संचालित करने की क्षमता रखता है।
आपातकालीन राहत संचालन (Emergency Relief & HADR)
प्राकृतिक आपदाओं के दौरान यह मानवीय सहायता व आपदा राहत (Humanitarian Assistance and Disaster Relief - HADR) अभियानों को सहायता प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, यह अन्य जहाजों को टोलिंग सहायता (towing support) और भारी वजन उठाने के कार्यों (heavy-lift operations) में भी सहायक है।
अन्य सहायक प्रणालियाँ (Environmental Protection)
समुद्री पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले खतरों से निपटने के लिए यह पोत समुद्री प्रदूषण नियंत्रण (pollution control) अभियानों को भी संचालित कर सकता है।
(GS Paper III: आंतरिक सुरक्षा और सैन्य आधुनिकीकरण)
4. रणनीतिक और आर्थिक प्रासंगिकता (Strategic & Economic Significance)
घरेलू रक्षा औद्योगिक इकोसिस्टम का विकास
इस स्तर के जहाजों का स्वदेशी निर्माण देश के घरेलू रक्षा औद्योगिक पारितंत्र (domestic defence industrial ecosystem) को आत्मनिर्भर बनाने के सरकारी दृष्टिकोण के अनुकूल है। L&T जैसी निजी कंपनियों की भागीदारी रक्षा विनिर्माण में सार्वजनिक-निजी समन्वय को सुदृढ़ करती है।
बहुआयामी लचीलापन (Operational Flexibility)
विभिन्न प्रकार के अलग-अलग विशिष्ट सहायक जहाजों को तैनात करने के स्थान पर एक ही 'बहु-उद्देशीय पोत' का उपयोग करना वित्तीय रूप से लागत प्रभावी (cost-effective) है और यह नौसेना को त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता प्रदान करता है।
(GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था और ढांचागत विकास)
5. निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु
प्रारंभिक परीक्षा हेतु
बहु-उद्देशीय पोत (MPV) का नाम और श्रेणी; निर्माण स्थल (L&T कट्टुपल्ली); स्वदेशी सामग्री प्रतिशत (75% से अधिक); विस्थापन क्षमता (3,750 टन); दूसरा जहाज 'उत्कर्ष'।
मुख्य परीक्षा हेतु (GS Paper III - Security & Technology)
नौसैनिक आधुनिकीकरण में सहायक और बहु-उद्देशीय जहाजों का रणनीतिक महत्व; 'आत्मनिर्भर भारत' विजन के तहत निजी रक्षा विनिर्माताओं की भूमिका और घरेलू आपूर्ति श्रृंखला का विकास।
UPSC CSE Prelims Practice MCQs
प्रश्न 1
1. इस पोत का विस्थापन लगभग 3,750 टन है और इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
2. इसका निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम 'मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड' द्वारा मुंबई में किया गया है।
3. इसे मुख्य रूप से नए स्वदेशी नौसैनिक हथियारों और सेंसरों के परीक्षण व मूल्यांकन के लिए एक गतिशील मंच के तौर पर उपयोग किया जाएगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: C (केवल 1 और 3)
कथन 1 सही है: 'समर्थक' का विस्थापन 3,750 टन है और इसमें 75% से अधिक स्वदेशी घटकों का उपयोग किया गया है।
कथन 2 गलत है: इस पोत का निर्माण निजी क्षेत्र की कंपनी लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (L&T) द्वारा कट्टुपल्ली शिपबिल्डिंग सुविधा में किया गया है, न कि मझगांव डॉक द्वारा।
कथन 3 सही है: यह पोत नए स्वदेशी नौसैनिक हथियारों और सेंसर प्रणालियों के परीक्षण व मूल्यांकन के लिए एक व्यावहारिक प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा।
प्रश्न 2
1. इस परियोजना के तहत कुल दो जहाजों — 'समर्थक' और 'उत्कर्ष' के निर्माण के लिए ₹887 करोड़ का अनुबंध हस्ताक्षरित किया गया था।
2. यह पोत केवल तटीय गश्त तक सीमित है और इसमें मानव रहित हवाई प्रणालियों (UAVs) को संचालित करने की क्षमता नहीं है।
3. यह पोत समुद्री पर्यावरण की रक्षा के लिए समुद्री प्रदूषण नियंत्रण अभियानों को संचालित करने में सक्षम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 1 और 3
- C. केवल 2 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: B (केवल 1 और 3)
कथन 1 सही है: मार्च 2022 में हस्ताक्षरित ₹887 करोड़ के अनुबंध के तहत दो पोतों 'समर्थक' और 'उत्कर्ष' का निर्माण किया जाना निर्धारित किया गया था।
कथन 2 गलत है: 'समर्थक' बहु-उद्देशीय क्षमताओं से लैस है और यह स्वायत्त, रिमोट-कंट्रोल और मानव रहित हवाई तथा समुद्री वाहनों को आसानी से संचालित कर सकता है।
कथन 3 सही है: यह पोत समुद्री पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रदूषण नियंत्रण अभियानों को अंजाम देने में सक्षम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. INS समर्थक क्या है?
INS समर्थक भारतीय नौसेना का पहला स्वदेशी बहु-उद्देशीय पोत (Multi-Purpose Vessel) है, जिसे L&T द्वारा कट्टुपल्ली शिपबिल्डिंग सुविधा में निर्मित किया गया है और 27 अगस्त 2026 को नौसेना को सौंपा गया।
2. समर्थक पोत का निर्माण किस कंपनी ने किया?
इसका निर्माण निजी क्षेत्र की कंपनी लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (L&T) ने कट्टुपल्ली शिपबिल्डिंग सुविधा में किया है।
3. समर्थक पोत का विस्थापन और स्वदेशी सामग्री का स्तर कितना है?
इस पोत का कुल विस्थापन 3,750 टन है और इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
4. समर्थक-वर्ग परियोजना का दूसरा जहाज कौन-सा है?
इस परियोजना का दूसरा जहाज 'आईएनएस उत्कर्ष' है, जिसे 14 जनवरी 2025 को लॉन्च किया गया था और यह वर्तमान में समुद्री परीक्षणों से गुजर रहा है।
5. समर्थक पोत की प्रमुख भूमिकाएँ क्या हैं?
यह पोत नौसैनिक हथियारों व सेंसरों के परीक्षण, तटीय सुरक्षा व निगरानी, मानव रहित वाहनों के संचालन, आपातकालीन राहत (HADR) और समुद्री प्रदूषण नियंत्रण जैसी बहु-आयामी भूमिकाएं निभाता है।