भारत की अध्यक्षता (Chairship) में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (18th BRICS Summit 2026) का 12–13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय "सुदृढ़ता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) था।
भारत ने एक 'सेतु-निर्माता' (Bridge-builder) के रूप में कार्य करते हुए वैश्विक विभाजन के बीच सहमति कायम की और सर्वसम्मति से 'नई दिल्ली घोषणापत्र' (New Delhi Declaration) को अपनाया। शिखर सम्मेलन के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूएई, ईरान, वियतनाम, मलेशिया, इथियोपिया, दक्षिण अफ्रीका, युगांडा, कजाकिस्तान, नाइजीरिया, फिलीपींस और बुरुंडी (अफ्रीकी संघ) के शीर्ष नेताओं तथा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस के साथ कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें (Bilateral Meetings) कीं।
विषय सूची (Table of Contents)
- 1. 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और नई दिल्ली घोषणापत्र
- 2. शिखर सम्मेलन के इतर उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय कूटनीति
- 3. स्वास्थ्य और आयुष ट्रैक: पारंपरिक चिकित्सा पर ब्रिक्स विशेषज्ञ कार्य समूह
- 4. ब्रिक्स के दो दशक और उभरते आर्थिक एवं तकनीकी ढाँचे
- 5. निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु
- Quick Revision Facts
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और नई दिल्ली घोषणापत्र
(GS Paper II: अंतर्राष्ट्रीय संबंध – द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह; GS Paper III: आर्थिक विकास व वित्तीय तंत्र)
संदर्भ (Context)
नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में विस्तृत ब्रिक्स परिवार (Expanded BRICS) के नेताओं और साझेदार देशों ने भाग लिया। पश्चिम एशिया संघर्ष और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर गहन चर्चाओं के बाद सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणापत्र (New Delhi Declaration) को स्वीकार किया गया।
मुख्य विवरण (Highlights)
ग्लोबल गवर्नेंस सुधार (Global Governance Reform): घोषणापत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सहित ब्रेटन वुड्स संस्थानों (IMF और वर्ल्ड बैंक) के त्वरित सुधार का आह्वान किया गया ताकि ग्लोबल साउथ (Global South) और उभरती अर्थव्यवस्थाओं (EMDCs) को न्यायसंगत प्रतिनिधित्व मिल सके। चीन और रूस ने सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की बड़ी भूमिका का समर्थन दोहराया।
आतंकवाद पर सख्त कूटनीतिक संदेश (Zero Tolerance for Terrorism): घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की गई और 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terrorist Attack) का स्पष्ट उल्लेख करते हुए 26 मृतकों के प्रति शोक व्यक्त किया गया। इसमें सीमा पार आतंकवाद (cross-border movement of terrorists), टेरर फाइनेंसिंग और सुरक्षित ठिकानों (safe havens) के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
डी-डॉलरकरण और स्थानीय मुद्रा निपटान (De-dollarisation Approach): ब्रिक्स देशों ने किसी साझी मुद्रा (Common BRICS Currency) को शुरू करने के बजाय राष्ट्रीय भुगतानों के लिए स्थानीय मुद्राओं (Local Currencies) के उपयोग, ब्रिक्स पेमेंट टास्क फोर्स (BRICS Payment Task Force - BPTF) के तकनीकी कार्यों और राष्ट्रीय भुगतान प्रणालियों के इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability) को प्राथमिकता दी।
पश्चिम एशिया और परमाणु सुरक्षा (West Asia & Nuclear Safety): घोषणापत्र में गाजा में तत्काल और बिना बाधा मानवीय पहुंच (unhindered humanitarian access), दो-राज्य समाधान (Two-State Solution) और संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी (UNRWA) के समर्थन पर बल दिया गया। साथ ही, आईएईए (IAEA) सुरक्षा मानकों के तहत असैन्य परमाणु सुविधाओं पर हमलों का विरोध किया गया।
एकतरफा संरक्षणवाद का विरोध (Opposition to Unilateral Protectionism): ब्रिक्स ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के प्रतिकूल एकतरफा व्यापार प्रतिबंधों और पर्यावरण के नाम पर लगाए जाने वाले भेदभावपूर्ण कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAMs) का विरोध किया।
महत्व (Strategic Significance)
"पिरामिड ऑफ प्रिविलेज से प्लेटफॉर्म ऑफ पार्टनरशिप" (Platform of Partnership): प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स सत्र की अध्यक्षता करते हुए कहा कि ग्लोबल साउथ को केवल नियम मानने वाले (rule-takers) के बजाय नियम बनाने वाले (rule-makers) की भूमिका में आना होगा।
नाविकों की सुरक्षा हेतु आपातकालीन नेटवर्क (Seafarers Emergency Network): वैश्विक व्यापार में नाविकों के योगदान को देखते हुए भारत ने 'समुद्री नाविक आपातकालीन सहायता नेटवर्क' (Seafarers Emergency Assistance Network) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
- घोषणापत्र में किसी साझी ब्रिक्स मुद्रा (Common BRICS Currency) की तत्काल शुरुआत की घोषणा की गई है।
- इसमें आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की गई है और अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकवादी हमले का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
- घोषणापत्र ने आयुष व स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा (TCIM) पर ब्रिक्स विशेषज्ञ कार्य समूह के गठन का समर्थन किया है।
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 1 गलत है — ब्रिक्स ने किसी साझी मुद्रा (Common Currency) की घोषणा नहीं की है, बल्कि राष्ट्रीय भुगतान प्रणालियों की इंटरऑपरेबिलिटी और स्थानीय मुद्राओं के माध्यम से व्यापार निपटान पर व्यावहारिक रुख अपनाया है। कथन 2 और 3 सही हैं — घोषणापत्र में पहलगाम हमले का स्पष्ट उल्लेख है तथा टीसीआईएम पर ब्रिक्स विशेषज्ञ कार्य समूह का समर्थन किया गया है।
2. शिखर सम्मेलन के इतर उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय कूटनीति
(GS Paper II: अंतर्राष्ट्रीय संबंध – भारत के हित और कूटनीतिक संबंध)
क) भारत-चीन द्विपक्षीय वार्ता (India–China Relations)
संदर्भ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की।
तीन पारस्परिकताओं का सिद्धांत (Guided by Three Mutuals): पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत-चीन संबंध पारस्परिक सम्मान (Mutual Respect), पारस्परिक संवेदनशीलता (Mutual Sensitivity) और पारस्परिक हित (Mutual Interest) के तीन सिद्धांतों से निर्देशित होने चाहिए।
सीमा शांति अनिवार्य आधार: दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता (Peace and Tranquility in Border Areas) द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास का आवश्यक आधार है।
ख) भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी (India–Russia Partnership)
संदर्भ: पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच इस वर्ष की दूसरी द्विपक्षीय बैठक हुई।
इन्नोप्रॉम इंडिया 2026 (INNOPROM India 2026): दोनों नेताओं ने नई दिल्ली में आयोजित पहली 'इन्नोप्रॉम इंडिया' अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी की सराहना की।
24वां वार्षिक शिखर सम्मेलन: राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन हेतु रूस आने का निमंत्रण दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
ग) भारत-यूएई कूटनीति (India–UAE Partnership)
ओडिशा में $11.5 बिलियन का प्रोजेक्ट: यूएई की 'इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी' (IHC) ने भारत के ओडिशा में $11.5 बिलियन (USD 11.5 Billion) के एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम प्रोजेक्ट में निवेश की घोषणा की, जो एल्युमिनियम क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा एकीकृत निवेश है।
'ल इमाद' (L'Imad Sovereign Fund): यूएई के नए संप्रभु धन कोष 'ल इमाद' के माध्यम से वित्तीय व रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
घ) अन्य महत्वपूर्ण द्विपक्षीय जुड़ाव (Other Key Bilaterals)
भारत-ईरान: राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ वार्ता में पश्चिम एशिया शांति, नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) और चाबहार बंदरगाह के उपयोग पर चर्चा हुई।
भारत-संयुक्त राष्ट्र (UNSG): संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने भारत की चौथी ब्रिक्स अध्यक्षता की सराहना की; दोनों नेताओं ने यूएनएससी सुधार और मानव-केंद्रित एआई (Human-centric AI) पर चर्चा की।
ग्लोबल साउथ जुड़ाव: वियतनाम (उन्नत समग्र रणनीतिक साझेदारी), मलेशिया (सबाह के कोटा किनाबालु में भारत का नया महावाणिज्य दूतावास), इथियोपिया, दक्षिण अफ्रीका (इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस - IBCA में शामिल होने का निमंत्रण), बुरुंडी (चौथा भारत-अफ्रीका फोरम समिट - IAFS IV), युगांडा, कजाकिस्तान, नाइजीरिया और फिलीपींस के साथ व्यापक समीक्षाएं हुईं।
- भारत – चीन: 'तीन पारस्परिकताओं' (पारस्परिक सम्मान, संवेदनशीलता और हित) का सिद्धांत
- भारत – यूएई: ओडिशा में $11.5 बिलियन का एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम प्रोजेक्ट
- भारत – मलेशिया: सबाह के कोटा किनाबालु में भारत के नए महावाणिज्य दूतावास की सहमति
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
व्याख्या: तीनों युग्म पूर्णतः सही हैं। पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति ने 'तीन पारस्परिकताओं' (Three Mutuals) का मार्गदर्शन अपनाया। यूएई की आईएचसी ने ओडिशा में $11.5B एल्युमिनियम प्रोजेक्ट की घोषणा की। मलेशिया के पीएम ने कोटा किनाबालु में भारतीय महावाणिज्य दूतावास की स्थापना पर सहमति दी।
3. स्वास्थ्य और आयुष ट्रैक: पारंपरिक चिकित्सा पर ब्रिक्स विशेषज्ञ कार्य समूह
(GS Paper II: सामाजिक न्याय एवं स्वास्थ्य; GS Paper III: पारंपरिक ज्ञान व वैज्ञानिक अनुसंधान)
संदर्भ (Context)
नई दिल्ली घोषणापत्र में स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage - UHC) हासिल करने के लिए पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा (Traditional, Complementary and Integrative Medicine - TCIM / Ayush) की भूमिका को आधिकारिक स्वीकृति दी गई।
मुख्य विवरण (Highlights)
ब्रिक्स विशेषज्ञ कार्य समूह की स्थापना (BRICS Expert Working Group on TCIM): घोषणापत्र में ब्रिक्स स्वास्थ्य ट्रैक के अंतर्गत टीसीआईएम पर एक समर्पित ब्रिक्स विशेषज्ञ कार्य समूह (BRICS Expert Working Group) स्थापित करने के प्रस्ताव का स्वागत किया गया।
साझा पारंपरिक फार्माकोपिया (Shared Traditional Pharmacopoeias): सदस्य देशों की साझी पारंपरिक फार्माकोपिया का उपयोग करके सुरक्षित, प्रभावी और किफायती हर्बल व पारंपरिक औषधीय उत्पादों के विकास के लिए समन्वित अनुसंधान का आह्वान किया गया।
चंडीगढ़ बैठक के परिणाम: यह उपलब्धि 21 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित ब्रिक्स टीसीआईएम बैठक में तैयार की गई रूपरेखा पर आधारित है।
डब्ल्यूएचओ रणनीति के साथ संरेखण: यह पहल विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 'ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन स्ट्रैटेजी 2025–2034' के उद्देश्यों को पूरा करती है।
मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health CoE): NIMHANS, बेंगलुरु को ब्रिक्स उत्कृष्ट केंद्रों के नेटवर्क (Network of Centres of Excellence in Mental Health) के समन्वय केंद्र के रूप में नामित किया गया।
- टीसीआईएम पर ब्रिक्स विशेषज्ञ कार्य समूह की स्थापना के प्रस्ताव का घोषणापत्र में स्वागत किया गया है।
- NIMHANS, बेंगलुरु को ब्रिक्स मानसिक स्वास्थ्य उत्कृष्ट केंद्रों के नेटवर्क का समन्वय केंद्र नामित किया गया है।
- यह पहल विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा रणनीति से असंबद्ध है।
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 1 और 2 सही हैं — घोषणापत्र में टीसीआईएम पर ब्रिक्स विशेषज्ञ कार्य समूह की स्थापना का स्वागत किया गया, और NIMHANS बेंगलुरु को मानसिक स्वास्थ्य नेटवर्क का समन्वय केंद्र नामित किया गया। कथन 3 गलत है, क्योंकि यह पहल WHO की 'ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन स्ट्रैटेजी 2025–2034' के उद्देश्यों के साथ पूर्णतः संरेखित है, असंबद्ध नहीं।
4. ब्रिक्स के दो दशक और उभरते आर्थिक एवं तकनीकी ढाँचे
(GS Paper III: प्रौद्योगिकी, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम)
मुख्य विवरण (Highlights)
स्मारक डाक टिकट (Commemorative Postage Stamps): ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होने (2006–2026) पर "BRICS: Two Decades of Cooperation, 2006–2026" शीर्षक से दो स्मारक डाक टिकट जारी किए गए, जो 'मानवता सबसे पहले' और 'जन-केंद्रित' दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड (BRICS Startup Innovation Fund): स्टार्टअप्स और इन्क्यूबेटरों को आपस में जोड़ने के लिए ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क (BRICS Incubator Network) और इनोवेशन फंड का प्रस्ताव स्वीकार किया गया।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI Repository): भारत के सफल डीपीआई (जैसे यूआईडीएआई, यूपीआई) अनुभवों को साझा करने के लिए ब्रिक्स डीपीआई रिपोजिटरी (BRICS DPI Repository) शुरू करने का निर्णय लिया गया।
ब्रिक्स रिस्क लैब (BRICS Risk Lab at GIFT City): गुजरात के गिफ्ट सिटी (GIFT City IFSC) में एक ब्रिक्स रिस्क लैब स्थापित करने के भारत के प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रगति हुई।
एकीकृत पूर्व चेतावनी प्रणाली (BRICS Integrated Early Warning System): संक्रामक महामारियों से निपटने के लिए एकीकृत पूर्व चेतावनी प्रणाली और आपदा प्रबंधन डेटा एकीकरण दिशानिर्देशों पर सहमति बनी।
- ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) रिपोजिटरी की स्थापना पर सहमति बनी है।
- गुजरात के गिफ्ट सिटी में एक ब्रिक्स रिस्क लैब स्थापित करने के भारत के प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रगति हुई है।
- यह पहल ब्रिक्स की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू की गई है।
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 1 और 2 सही हैं — स्टार्टअप इनोवेशन फंड, DPI रिपोजिटरी और गिफ्ट सिटी रिस्क लैब से जुड़ी प्रगति की पुष्टि हुई है। कथन 3 गलत है, क्योंकि ये पहलें ब्रिक्स की स्थापना के 20 वर्ष (2006–2026) पूरे होने के अवसर पर घोषित की गई हैं, न कि 10 वर्ष पर।
5. निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)
प्रारंभिक परीक्षा हेतु (Prelims Focus)
- 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की थीम और स्थल (नई दिल्ली)।
- नई दिल्ली घोषणापत्र में शामिल पहलें (BRICS Startup Innovation Fund, DPI Repository, GIFT City Risk Lab, BPTF)।
- पहलगाम आतंकी हमले का विशिष्ट उल्लेख; टीसीआईएम (TCIM) पर विशेषज्ञ कार्य समूह; NIMHANS बेंगलुरु की भूमिका।
- 20वीं वर्षगांठ का डाक टिकट; ओडिशा में यूएई का $11.5B एल्युमिनियम प्रोजेक्ट; भारत-चीन संबंधों के 'तीन पारस्परिक' (Three Mutuals)।
मुख्य परीक्षा हेतु (GS Paper II & III – International Relations & Economy)
- 'ग्लोबल साउथ' (Global South) की आवाज को मुखर करने और बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था (Multipolar World Order) के निर्माण में ब्रिक्स और 'नई दिल्ली घोषणापत्र' की भूमिका।
- डी-डॉलरकरण की व्यावहारिक नीतियों (Local Currency Settlements) और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों (IMF/World Bank) में कोटा सुधार की कूटनीतिक प्रासंगिकता।
- भारत की 'ब्रिज-बिल्डर' (Bridge-builder) भूमिका और द्विपक्षीय तनावों (जैसे भारत-चीन सीमा) को बहुपक्षीय जुड़ाव से अलग रखने का कूटनीतिक मॉडल।
Quick Revision Facts
- 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: 12–13 सितंबर 2026, नई दिल्ली; थीम — "सुदृढ़ता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण"।
- अपनाया गया दस्तावेज: नई दिल्ली घोषणापत्र (New Delhi Declaration)।
- कोई साझा ब्रिक्स मुद्रा नहीं; स्थानीय मुद्रा निपटान व BPTF (BRICS Payment Task Force) पर बल।
- पहलगाम आतंकी हमला (22 अप्रैल 2025) का स्पष्ट उल्लेख; आतंकवाद पर 'ज़ीरो टॉलरेंस'।
- भारत-चीन: 'तीन पारस्परिकताओं' (सम्मान, संवेदनशीलता, हित) का सिद्धांत।
- भारत-रूस: इन्नोप्रॉम इंडिया 2026; 24वें वार्षिक शिखर सम्मेलन का निमंत्रण स्वीकृत।
- भारत-यूएई: ओडिशा में $11.5 बिलियन एल्युमिनियम प्रोजेक्ट; 'ल इमाद' सॉवरेन फंड।
- भारत-मलेशिया: कोटा किनाबालु (सबाह) में भारत का नया महावाणिज्य दूतावास।
- TCIM पर ब्रिक्स विशेषज्ञ कार्य समूह — 21 जुलाई 2026 चंडीगढ़ बैठक पर आधारित; NIMHANS बेंगलुरु समन्वय केंद्र।
- ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ (2006–2026): स्मारक डाक टिकट, स्टार्टअप इनोवेशन फंड, DPI रिपोजिटरी, गिफ्ट सिटी रिस्क लैब।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कब और कहां आयोजित हुआ?
यह शिखर सम्मेलन 12–13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जिसकी थीम "सुदृढ़ता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" थी।
'नई दिल्ली घोषणापत्र' में आतंकवाद को लेकर क्या रुख अपनाया गया?
घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की गई, 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का स्पष्ट उल्लेख किया गया, और सीमा पार आतंकवाद, टेरर फाइनेंसिंग व सुरक्षित ठिकानों के विरुद्ध 'ज़ीरो टॉलरेंस' की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
क्या ब्रिक्स ने कोई साझा मुद्रा (Common Currency) लॉन्च की है?
नहीं। ब्रिक्स ने साझा मुद्रा शुरू करने के बजाय स्थानीय मुद्राओं में भुगतान, ब्रिक्स पेमेंट टास्क फोर्स (BPTF) और भुगतान प्रणालियों की इंटरऑपरेबिलिटी को प्राथमिकता देने का व्यावहारिक रुख अपनाया है।
भारत-यूएई के बीच ओडिशा में कौन सा बड़ा निवेश प्रस्ताव आया?
यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) ने ओडिशा में $11.5 बिलियन के एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम प्रोजेक्ट में निवेश की घोषणा की, जो एल्युमिनियम क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा एकीकृत निवेश है।
TCIM पर ब्रिक्स विशेषज्ञ कार्य समूह का उद्देश्य क्या है?
यह कार्य समूह पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा (TCIM) पर साक्ष्य-आधारित अनुसंधान और साझा पारंपरिक फार्माकोपिया के माध्यम से सुरक्षित व किफायती हर्बल उत्पादों के विकास को बढ़ावा देगा, जो WHO की वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा रणनीति 2025–2034 के अनुरूप है।
ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ पर क्या नई पहलें शुरू की गईं?
ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) रिपोजिटरी, गुजरात के गिफ्ट सिटी में ब्रिक्स रिस्क लैब, और एक एकीकृत पूर्व चेतावनी प्रणाली की घोषणा की गई, साथ ही दो स्मारक डाक टिकट भी जारी किए गए।
संदर्भ स्रोत (References)
1. ब्रिक्स घोषणापत्र एवं प्रमुख भाषण (BRICS Declaration & Speeches)
- नई दिल्ली घोषणापत्र — आधिकारिक मूल पाठ: PIB प्रेस विज्ञप्ति (PRID 2309505)
- ब्रिक्स बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री का संबोधन: PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309275) | PIB हिंदी (PRID 2309276)
- ब्रिक्स पूर्ण सत्र में प्रधानमंत्री का उद्घाटन वक्तव्य: PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309664) | PIB हिंदी (PRID 2309669)
- समावेशी वैश्विक शासन एवं बहुपक्षवाद सत्र की अध्यक्षता: PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309642) | PIB हिंदी (PRID 2309661)
2. उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें (Bilateral Meetings)
- भारत–चीन (पीएम मोदी व राष्ट्रपति शी जिनपिंग): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309538) | PIB हिंदी (PRID 2309571)
- भारत–रूस (पीएम मोदी व राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309208) | PIB हिंदी (PRID 2309250)
- भारत–यूएई (पीएम मोदी व क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309424) | PIB हिंदी (PRID 2309435)
- भारत–ईरान (पीएम मोदी व राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309308) | PIB हिंदी (PRID 2309352)
- भारत–संयुक्त राष्ट्र (पीएम मोदी व महासचिव एंटोनियो गुटेरस): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309334) | PIB हिंदी (PRID 2309353)
- भारत–वियतनाम (पीएम मोदी व पीएम ली मिन्ह हुंग): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309407) | PIB हिंदी (PRID 2309428)
- भारत–मलेशिया (पीएम मोदी व पीएम अनवर इब्राहिम): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309382) | PIB हिंदी (PRID 2309391)
- भारत–इथियोपिया (पीएम मोदी व पीएम अबिय अहमद अली): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309380) | PIB हिंदी (PRID 2309387)
- भारत–दक्षिण अफ्रीका (पीएम मोदी व राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309803) | PIB हिंदी (PRID 2309828)
- भारत–अफ्रीकी संघ/बुरुंडी (पीएम मोदी व राष्ट्रपति एवारिस्ट नदाइशिमिये): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309806) | PIB हिंदी (PRID 2309855)
- भारत–नाइजीरिया (पीएम मोदी व उपराष्ट्रपति कशीम शेट्टिमा): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309802) | PIB हिंदी (PRID 2309832)
- भारत–कजाकिस्तान (पीएम मोदी व राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309747) | PIB हिंदी (PRID 2309757)
- भारत–फिलीपींस (पीएम मोदी व राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309749) | PIB हिंदी (PRID 2309805)
- भारत–युगांडा (पीएम मोदी व उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो): PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309761) | PIB हिंदी (PRID 2309791)
3. विशेष पहलें एवं क्षेत्रीय परिणाम (Special Initiatives & Sectoral Outcomes)
- पारंपरिक चिकित्सा (TCIM/आयुष) पर ब्रिक्स विशेषज्ञ कार्य समूह की स्वीकृति: PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309695) | PIB हिंदी (PRID 2309740)
- ब्रिक्स सहयोग के दो दशक पर स्मारक डाक टिकट जारी: PIB अंग्रेज़ी (PRID 2309506) | PIB हिंदी (PRID 2309542)
4. समाचार विश्लेषण एवं मीडिया कवरेज (News Analysis & Media Coverage)
- शिखर सम्मेलन के मुख्य बिंदुओं का विश्लेषण: Indian Express