विषय सूची (Table of Contents)
- 'मिशन जल रक्षा' (Mission Jal Raksha) - राजनांदगांव: (GS Paper II: सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप; GS Paper III: पर्यावरण - जल संरक्षण और संसाधन प्रबंधन)।
1. 'मिशन जल रक्षा' (Mission Jal Raksha): राजनांदगांव में जल सुरक्षा और स्रोत स्थिरता का एक मॉडल
संदर्भ (Context)
मानसून के आगमन के साथ, छत्तीसगढ़ का राजनांदगांव जिला देशव्यापी #CatchTheRain अभियान के तहत जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में एक अग्रणी जिले के रूप में उभरा है। जिले द्वारा संचालित 'मिशन जल रक्षा' वैज्ञानिक ढांचे और सामुदायिक नेतृत्व का एक अनूठा संगम है, जो लंबी अवधि की जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'तैयारी' को आधार बनाता है। इस पहल का उद्देश्य वर्षा जल की हर बूंद को सहेजकर उसे वापस भूजल भंडारों (Aquifers) तक पहुँचाना है।
मुख्य विवरण (Highlights)
वैज्ञानिक ढांचा: इस मिशन में जीआईएस (GIS) मैपिंग, रिमोट सेंसिंग, एक्विफर मैपिंग, डिजिटल एलिवेशन मॉडल (DEM) और 'रिज-टू-वैली' (Ridge-to-Valley) योजना जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया गया है ताकि पुनर्भरण के लिए सटीक स्थानों की पहचान की जा सके।
नवाचारी हस्तक्षेप: बेकार पड़े बोरवेलों को रिचार्ज शाफ्ट में परिवर्तित किया गया है और गहरे इंजेक्शन कुओं (Injection Wells) के साथ लघु परकोलेशन टैंकों का निर्माण किया गया है, जिससे कठोर चट्टानी क्षेत्रों में भी पानी गहरे जलभृतों तक पहुँच सके।
परिसंपत्ति निर्माण: जिले के 662 गांवों में 60,000 से अधिक जल संरक्षण और पुनर्भरण ढांचे तैयार किए गए हैं।
जियो-टैगिंग: निगरानी और प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए 2,500 से अधिक जल निकायों की जियो-टैगिंग की गई है।
महत्व (Strategic Significance)
स्रोत स्थिरता (Source Sustainability): यह मिशन केवल एक मौसमी गतिविधि नहीं, बल्कि जल स्रोतों को स्थायी बनाने और जलवायु लचीलापन (Climate Resilience) विकसित करने की दिशा में एक सतत संकल्प है।
फसल विविधीकरण: जल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए 70 प्रतिशत ग्रीष्मकालीन धान की खेती को कम पानी वाली फसलों की ओर स्थानांतरित किया गया है, जिससे भूजल पर दबाव कम हुआ है।
संस्थागत पक्ष
जन भागीदारी (Jan Bhagidari): मिशन जल रक्षा एक 'जन-आंदोलन' के रूप में विकसित हुआ है, जिसमें किसान, महिलाएं, युवा और ग्राम पंचायतें जल बजटिंग और जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से शामिल हैं।
रोजगार सृजन: इन जल संरक्षण कार्यों के माध्यम से जिले में 51 लाख से अधिक मानव-दिवस (Person-days) का रोजगार सृजित हुआ है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिला है।
व्यवहार परिवर्तन: समुदाय द्वारा जल के प्रति जिम्मेदारी और व्यवहार में बदलाव लाना इस मिशन की स्थायी सफलता की मुख्य ताकत है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. 'मिशन जल रक्षा' (Mission Jal Raksha) क्या है?
यह छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले द्वारा #CatchTheRain अभियान के तहत संचालित एक पहल है, जो वैज्ञानिक तकनीकों और जन भागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और स्रोत स्थिरता सुनिश्चित करती है।
2. मिशन जल रक्षा में किन वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग किया गया है?
इस मिशन में GIS मैपिंग, रिमोट सेंसिंग, एक्विफर मैपिंग, डिजिटल एलिवेशन मॉडल (DEM) और 'रिज-टू-वैली' (Ridge-to-Valley) योजना जैसी उन्नत भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया गया है।
3. राजनांदगांव में अब तक कितने जल संरक्षण ढांचे तैयार किए गए हैं?
जिले के 662 गांवों में 60,000 से अधिक जल संरक्षण और पुनर्भरण ढांचे तैयार किए गए हैं, और 2,500 से अधिक जल निकायों की जियो-टैगिंग की गई है।
4. मिशन जल रक्षा से रोजगार सृजन में क्या योगदान हुआ है?
इन जल संरक्षण कार्यों के माध्यम से जिले में 51 लाख से अधिक मानव-दिवस (Person-days) का रोजगार सृजित हुआ है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिला है।
5. मिशन में 'जन भागीदारी' की क्या भूमिका है?
किसान, महिलाएं, युवा और ग्राम पंचायतें जल बजटिंग और जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से शामिल हैं, जिससे यह मिशन केवल एक सरकारी योजना न रहकर एक 'जन-आंदोलन' बन गया है।
MCQ
प्रश्न 1
जल सुरक्षा हेतु राजनांदगांव जिले द्वारा संचालित 'मिशन जल रक्षा' (Mission Jal Raksha) के 'तकनीकी दृष्टिकोण' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
2. इस पहल के अंतर्गत 'इंजेक्शन कुओं' (Injection Wells) को लघु परकोलेशन टैंकों के साथ एकीकृत किया गया है ताकि कठोर चट्टानी भू-भाग में गहरे जलभृतों (Aquifers) तक जल पहुँच सके।
3. इस योजना में केवल नवीन संरचनाओं के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया गया है और पुरानी परिसंपत्तियों के पुनर्चक्रण (Recycling) को वर्जित रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A. केवल 1
- B. केवल 1 और 2
- C. केवल 2 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: B (केवल 1 और 2)
कथन 1 और 2 सही हैं: स्रोतों के अनुसार, मिशन में GIS मैपिंग, रिमोट सेंसिंग और DEM के साथ 'रिज-टू-वैली' रणनीति का प्रयोग किया गया है। साथ ही, इंजेक्शन कुओं और परकोलेशन टैंकों का एकीकरण इसकी प्रमुख तकनीकी विशिष्टता है।
कथन 3 गलत है: यह मिशन नवीन संरचनाओं के साथ-साथ बेकार पड़े बोरवेलों (Defunct Borewells) को 'रिचार्ज शाफ्ट' में परिवर्तित करने जैसे नवाचारी पुनर्चक्रण उपायों पर आधारित है।
प्रश्न 2
मिशन जल रक्षा के अंतर्गत 'जन भागीदारी' (Jan Bhagidari) और 'व्यवहार परिवर्तन' की भूमिका के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
2. जल प्रबंधन की स्थिरता के लिए यह मॉडल 'ढांचागत हस्तक्षेप' (Structural Intervention) के साथ-साथ 'गैर-ढांचागत उपायों' जैसे फसल विविधीकरण के बीच एक पूरक संबंध स्थापित करता है।
3. यह पहल यह सिद्ध करती है कि दीर्घकालिक जल सुरक्षा के लिए केवल सरकारी नीतियां पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समुदाय का 'स्वामित्व बोध' (Sense of Ownership) अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: D (1, 2 और 3)
कथन 1 सही है: स्थानीय समुदायों ने केवल काम नहीं किया, बल्कि जल बजटिंग और जागरूकता अभियानों के माध्यम से इस पहल को एक 'जन-आंदोलन' बना दिया है।
कथन 2 सही है: भूजल पर दबाव कम करने के लिए धान से कम जल-गहन फसलों की ओर स्थानांतरण (70% क्षेत्र) यह दर्शाता है कि नीतिगत व्यवहार और भौतिक ढांचे साथ-साथ काम कर रहे हैं।
कथन 3 सही है: 'राजनांदगांव मॉडल' यह उदाहरण प्रस्तुत करता है कि विज्ञान और जन-भागीदारी का संगम कैसे स्थायी परिणाम दे सकता है।
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