विषय सूची (Table of Contents)
- आईएनएस मालवन (INS Malvan): (GS Paper III: आंतरिक सुरक्षा - तटीय सुरक्षा और रक्षा स्वदेशीकरण)।
1. आईएनएस मालवन: तटीय रक्षा और रणनीतिक संप्रभुता
संदर्भ (Context)
भारतीय नौसेना ने 22 जुलाई 2026 को कारवार में आयोजित एक औपचारिक समारोह में स्वदेशी रूप से निर्मित युद्धपोत आईएनएस मालवन (INS Malvan) को कमीशन किया। यह 'माहे-श्रेणी' का दूसरा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने की, जो भविष्य के संघर्षों में सेनाओं के बीच 'त्रि-सेवा एकीकरण' (Tri-service integration) और निर्बाध समन्वय के महत्व को रेखांकित करता है।
तकनीकी और मुख्य विवरण (Technical Highlights)
- श्रेणी और डिजाइन: यह कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा निर्मित 16 नियोजित ASW-SWC जहाजों में से छठा और कोचीन शिपयार्ड का दूसरा जहाज है।
- प्राथमिक भूमिका: इसे उथले पानी और तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, ट्रैक करने और उन्हें नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।
- उन्नत सेंसर: यह 'अभय' (Abhay) हल-माउंटेड सोनार, लो-फ्रीक्वेंसी सोनार और उन्नत पानी के नीचे ध्वनिक संचार प्रणालियों से लैस है।
- घातक हथियार: इसमें हल्के वजन वाले टॉरपीडो, रॉकेट, एंटी-टॉरपीडो डिकॉय और आधुनिक माइन-लेइंग (समुद्र के नीचे बारूदी सुरंगें बिछाना) की क्षमताएं शामिल हैं।
- स्वदेशी सामग्री: युद्धपोत में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो भारत के बढ़ते नौसेना डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाता है।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance)
- आत्मनिर्भर भारत: आईएनएस मालवन का निर्माण 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' विजन के तहत किया गया है, जो विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में मील का पत्थर है।
- ऐतिहासिक विरासत: इसका नाम महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवन के नाम पर रखा गया है, जो छत्रपति शिवाजी महाराज की समुद्री विरासत से गहरा संबंध रखता है।
- प्रतीकवाद (Crest & Motto): जहाज के शिखर (Crest) पर 'बाघ नख' (Tiger's Claw) अंकित है, जो बहादुरी और फुर्ती का प्रतीक है। इसका आदर्श वाक्य 'साइलेंट क्लॉज़' (Silent Claws) इसकी चुपके से हमला करने की घातक क्षमता को परिभाषित करता है।
- तटीय सुरक्षा: यह जहाज लिटोरल (तटीय) सुरक्षा और समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA) को बढ़ाकर भारत की रणनीतिक संप्रभुता को सुरक्षित करता है।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष
- निवेश और परियोजना: यह लगभग ₹13,000 करोड़ की परियोजना का हिस्सा है, जिसके तहत CSL और GRSE प्रत्येक 8 जहाजों का निर्माण कर रहे हैं।
- संस्थागत नवाचार: नौसेना ने जहाज निर्माण प्रक्रिया में सीधे अधिकारियों को तैनात (Embedding) करने का मॉडल अपनाया है, जिसे अन्य रक्षा क्षेत्रों में भी लागू करने का सुझाव दिया गया है ताकि आत्मनिर्भरता की गति तेज हो सके।
- DAP 2020 का कार्यान्वयन: यह रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP) 2020 की सफलता को दर्शाता है, जो स्वदेशी डिजाइन और विनिर्माण को प्राथमिकता देती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. आईएनएस मालवन (INS Malvan) क्या है?
आईएनएस मालवन भारतीय नौसेना का एक स्वदेशी रूप से निर्मित युद्धपोत है, जो 'माहे-श्रेणी' का दूसरा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है। इसे 22 जुलाई 2026 को कारवार में कमीशन किया गया।
2. आईएनएस मालवन का निर्माण किसने किया है?
इसका निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा किया गया है। यह CSL द्वारा निर्मित दूसरा जहाज है और कुल नियोजित 16 ASW-SWC जहाजों की श्रृंखला में छठा जहाज है।
3. आईएनएस मालवन में कितनी स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है?
इस युद्धपोत में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' पहल का एक प्रमुख उदाहरण है।
4. आईएनएस मालवन का नाम किस पर आधारित है?
इस जहाज का नाम महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवन के नाम पर रखा गया है, जिसका छत्रपति शिवाजी महाराज की समुद्री विरासत से गहरा संबंध है।
5. आईएनएस मालवन की प्राथमिक भूमिका क्या है?
इसे उथले पानी (Shallow Water) और तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, ट्रैक करने और नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे भारत की तटीय सुरक्षा और समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA) मजबूत होती है।
MCQ
प्रश्न 1.
हाल ही में कमीशन किए गए युद्धपोत 'आईएनएस मालवन' (INS Malvan) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह 'माहे-श्रेणी' का दूसरा स्वदेशी एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है।
- इसका निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा किया गया है और इसमें 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है।
- इस जहाज का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज की समुद्री विरासत से जुड़े महाराष्ट्र के एक तटीय शहर के नाम पर रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
स्पष्टीकरण:
- कथन 1 सही है: आईएनएस मालवन को 22 जुलाई 2026 को कारवार में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। यह 'माहे-श्रेणी' के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे जहाजों में से दूसरा है।
- कथन 2 सही है: यह युद्धपोत 'आत्मनिर्भर भारत' विज़न का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें 80% से अधिक स्वदेशी प्रणालियों का एकीकरण किया गया है। इसका निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।
- कथन 3 सही है: जहाज का नाम महाराष्ट्र के ऐतिहासिक शहर 'मालवन' से लिया गया है, जो अपनी समृद्ध समुद्री संस्कृति और छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास के लिए प्रसिद्ध है।
प्रश्न 2.
आईएनएस मालवन की परिचालन क्षमताओं और प्रतीकों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- A. इसके शिखर (Crest) पर 'बाघ नख' (Tiger's Claw) अंकित है और इसका आदर्श वाक्य 'साइलेंट क्लॉज़' (Silent Claws) है।
- B. यह जहाज मुख्य रूप से गहरे समुद्र (Deep-sea) में लंबी दूरी की पनडुब्बी रोधी गश्त के लिए डिजाइन किया गया है।
- C. इसके कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता थल सेना प्रमुख द्वारा की गई थी।
- D. यह कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा निर्मित किया गया 16वां ASW-SWC युद्धपोत है।
स्पष्टीकरण:
- कथन A सही है: जहाज के शिखर पर 'बाघ नख' बहादुरी, फुर्ती और चुपके से वार करने की क्षमता का प्रतीक है। इसका आदर्श वाक्य 'साइलेंट क्लॉज़' इसकी घातक और अदृश्य हमलावर पहचान को परिभाषित करता है।
- कथन B गलत है: आईएनएस मालवन का प्राथमिक कार्य उथले पानी (Shallow Water) और तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना, उन्हें ट्रैक करना और नष्ट करना है।
- कथन C गलत है: इस महत्वपूर्ण समारोह की अध्यक्षता वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने की थी, जो त्रि-सेवा एकीकरण के महत्व को दर्शाता है।
- कथन D गलत है: यह कोचीन शिपयार्ड द्वारा निर्मित दूसरा और नौसेना के लिए नियोजित कुल 16 ASW-SWC जहाजों की श्रृंखला में छठा जहाज है।
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