विषय सूची (Table of Contents)
- विक्रम-1 (Vikram-1): भारत का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट। (GS Paper III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास और अनुप्रयोग; अंतरिक्ष; अर्थव्यवस्था- स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और निजी निवेश)
- 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (2024): (GS Paper I: भारतीय संस्कृति - कला रूप और सिनेमा; प्रारंभिक परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य)
1. विक्रम-1: भारत का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट और अंतरिक्ष क्षेत्र के ऐतिहासिक सुधार
संदर्भ और रणनीतिक पृष्ठभूमि
18 जुलाई 2026 को भारत ने स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) द्वारा विकसित देश के पहले निजी ऑर्बिटल प्रक्षेपण यान 'विक्रम-1' का सफल प्रक्षेपण किया गया। 'मिशन आगमन' के तहत श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से संचालित यह अभियान वर्ष 2020 में अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने के साहसी निर्णय की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह मिशन भारत को एक ग्लोबल स्पेस हब (Global Space Hub) के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जहाँ अब वर्ल्ड-क्लास टेक्नोलॉजी पूरी तरह से स्वदेशी रूप से विकसित की जा रही है।
तकनीकी और मुख्य विवरण
- प्रक्षेपण यान की क्षमता: विक्रम-1 लगभग 22 मीटर ऊँचा, चार चरणों वाला रॉकेट है, जो 350 किलोग्राम तक के पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में स्थापित करने में सक्षम है।
- स्वदेशी नवाचार: यह भारत का पहला पूरी तरह से कार्बन-कंपोजिट ऑर्बिटल रॉकेट (all-carbon composite structure,) है। इसके ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल को शक्ति प्रदान करने वाला लिक्विड इंजन 100% 3D-प्रिंटेड है।
- पेलोड विवरण: इस मिशन में स्काईरूट का 'स्कोप' उपग्रह (Skyroot's SCOPE satellite), ग्रहा स्पेस का 'सोलारास एस-3' (Grahaa Space's SOLARAS S3 satellite) और कॉस्मोसर्व स्पेस की 'एम्ब्रेस' (Cosmoserve Space's EMBRACE) नामक रोबोटिक भुजा शामिल है, जो अंतरिक्ष मलबे को पकड़ने के लिए विकसित की गई है।
- वैज्ञानिक श्रद्धांजलि: रॉकेट में भारत के महान वैज्ञानिकों (सी. वी. रमन, विक्रम साराभाई और डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम) को श्रद्धांजलि देते हुए 18 कैरेट सोने से बना एक सूक्ष्म रॉकेट (micro-rocket - smaller than a grain of rice) भेजा गया है।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व
- भारतीय अंतरिक्ष नीति, 2023: इस नीति ने पूरी स्पेस वैल्यू चेन को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया है, जिससे नवाचार और निवेश को नई गति मिली है।
- स्टार्टअप क्रांति: वर्ष 2014 में केवल एक स्पेस स्टार्टअप से बढ़कर 2026 तक भारत में 400 से अधिक Space Startups का एक सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो चुका है।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा: विक्रम-1 की सफलता वैश्विक वाणिज्यिक प्रक्षेपण सेवा बाजार में भारत को एक भरोसेमंद और किफायती पार्टनर के रूप में मजबूती प्रदान करती है।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष
- अर्थव्यवस्था का लक्ष्य: वर्तमान में 8.4 अरब डॉलर की भारतीय अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के वर्ष 2030 तक 44 अरब डॉलर और 2040 तक 100 अरब डॉलर तक पहुँचने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
- नियामक सुगमता (IN-SPACe): एक एकल-खिड़की एजेंसी (Single Window Agency) के रूप में इन-स्पेस ने जून 2026 तक 4,500 से अधिक संस्थाओं का पंजीकरण किया और 133 अनुमतियाँ जारी की हैं।
- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI): नई नीति के तहत उपग्रह निर्माण में 74% तक और पुर्जों के निर्माण में 100% स्वचालित मार्ग से निवेश की अनुमति दी गई है।
- वित्तीय सहायता: सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये का वेंचर कैपिटल कोष और 500 करोड़ रुपये का 'प्रौद्योगिकी अंगीकरण कोष' (Technology Adoption Fund - TAF) स्थापित किया है।
2. 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (2024): भारतीय सिनेमा की उत्कृष्टता और विविधता का सम्मान
संदर्भ और रणनीतिक पृष्ठभूमि
18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वर्ष 2024 के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की गई। ये पुरस्कार भारतीय सिनेमा में फीचर फिल्मों, गैर-फीचर (नॉन-फीचर) फिल्मों और सिनेमा पर लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं। इस वर्ष के पुरस्कारों में 'आर्टिकल 370', 'ब्रह्मयुगम्', 'चंदू चैंपियन' और 'कल्कि 2898 एडी' जैसी फिल्मों ने विभिन्न श्रेणियों में अपनी छाप छोड़ी, जो भारतीय सिनेमा की बदलती विषय-वस्तु और तकनीकी सुदृढ़ता को प्रदर्शित करती हैं।
मुख्य पुरस्कार और विजेता (फीचर फिल्म श्रेणी)
- सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: 'आर्टिकल 370' (हिंदी) को इस श्रेणी में सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ।
- मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: यह पुरस्कार साझा तौर पर ममूटी ('ब्रह्मयुगम्') और कार्तिक आर्यन ('चंदू चैंपियन') को दिया गया।
- मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: यामी गौतम को 'आर्टिकल 370' (हिंदी) में उनके प्रदर्शन के लिए चुना गया।
- सर्वश्रेष्ठ निर्देशन: 'अमरन' (तमिल) के लिए राजकुमार पेरियासामी को सम्मानित किया गया।
- किसी नए निर्देशक की सर्वश्रेष्ठ पहली फिल्म: रणदीप हुड्डा को उनकी फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' (हिंदी) के लिए यह पुरस्कार मिला।
- सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म (संपूर्ण मनोरंजन): 'कल्कि 2898 एडी' (तेलुगु) ने यह सम्मान प्राप्त किया।
नॉन-फीचर और तकनीकी श्रेणियाँ
- सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म: 'भंगार' (मराठी एवं अंग्रेजी) को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।
- सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र (Documentary): 'राम-नामी' (हिंदी) ने यह पुरस्कार जीता।
विशेष श्रेणियाँ
- सर्वश्रेष्ठ पटकथा (मूल): बांडरेड्डी सुकुमार ('पुष्पा: द रूल पार्ट-02')।
- सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन (गीत): शाश्वत सचदेव ('आर्टिकल 370')।
- सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी: विजय गांगुली (फिल्म 'स्त्री 2' के गीत 'आज की रात' के लिए)।
- सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म: 'श्रीकांत'।
संस्थागत और चयन प्रक्रिया
इन पुरस्कारों का चयन तीन अलग-अलग जूरी द्वारा किया गया था:
- फीचर फिल्म जूरी: अध्यक्षता श्री जयराज ने की।
- नॉन-फीचर फिल्म जूरी: अध्यक्षता श्री असीम सिन्हा ने की।
- सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन जूरी: अध्यक्षता श्री ए. चंद्रशेखर ने की। यह प्रक्रिया भारतीय सिनेमा की भाषाई विविधता और क्षेत्रीय कलात्मकता को संतुलित मंच प्रदान करने के उद्देश्य से डिजाइन की गई है।
महत्व
- सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम हैं।
- विविधता का उत्सव: आठवीं अनुसूची की भाषाओं के साथ-साथ गढ़वाली और तुलु जैसी अन्य भाषाओं में भी पुरस्कार देकर सरकार ने सांस्कृतिक समावेशिता को प्रोत्साहित किया है।
- तकनीकी उन्नति: ब्लॉकबस्टर फिल्मों को तकनीकी श्रेणियों (जैसे प्रोडक्शन डिजाइन और साउंड डिजाइन) में सम्मान मिलना भारतीय सिनेमा के वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक कौशल को उन्नत करता है।
UPSC अभ्यास प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1.
भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में हालिया सुधारों और 'विक्रम-1' (Vikram-1) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- विक्रम-1 भारत का पहला निजी तौर पर विकसित चार चरणों वाला ऑर्बिटल रॉकेट है, जो 100% 3D-प्रिंटेड लिक्विड इंजन तकनीक का उपयोग करता है।
- भारतीय अंतरिक्ष नीति, 2023 के तहत अब गैर-सरकारी संस्थाओं को अंतरिक्ष क्षेत्र की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला (Value Chain) में भागीदारी की अनुमति दी गई है।
- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की नई नीति के तहत, उपग्रहों के निर्माण और संचालन में 100% स्वचालित मार्ग (Automatic Route) से निवेश की अनुमति है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(A) केवल 1 और 2 (B) केवल 2 और 3 (C) केवल 1 और 3 (D) 1, 2 और 3
विस्तृत विश्लेषणात्मक व्याख्या:
कथन 1 सही है: स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित 'विक्रम-1' एक चार चरणों वाला रॉकेट है जो 350 किलोग्राम तक के पेलोड को ले जाने में सक्षम है। इसकी एक प्रमुख तकनीकी विशेषता इसका 100% 3D-प्रिंटेड लिक्विड इंजन और कार्बन कम्पोजिट स्ट्रक्चर है।
कथन 2 सही है: भारतीय अंतरिक्ष नीति, 2023 एक ऐतिहासिक सुधार है जिसने पहली बार निजी और गैर-सरकारी संस्थाओं के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन (उपग्रह निर्माण से लेकर प्रक्षेपण सेवाओं तक) के द्वार खोल दिए हैं।
कथन 3 गलत है: एफडीआई नीति के अनुसार, उपग्रहों के निर्माण और संचालन में केवल 74% तक ही स्वचालित मार्ग से निवेश की अनुमति है, जबकि 74% से अधिक के लिए सरकारी मार्ग की आवश्यकता होती है। हालांकि, उपग्रहों के पुर्जों (Components) के निर्माण में 100% स्वचालित निवेश की अनुमति दी गई है।
प्रश्न 2.
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों (2024) और राष्ट्रीय स्तर पर सिनेमाई सम्मान की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 'आर्टिकल 370' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया, जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार ममूटी और कार्तिक आर्यन के बीच साझा किया गया।
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार केवल उन्हीं फिल्मों को दिए जाते हैं जिनकी भाषाएँ भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में निर्दिष्ट हैं।
- इन-स्पेस (IN-SPACe) और एनएसआईएल (NSIL) राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए तकनीकी श्रेणियों के चयन हेतु जूरी को सलाहकारी सहायता प्रदान करते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(A) केवल 1 (B) केवल 1 और 2 (C) केवल 2 और 3 (D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
विस्तृत विश्लेषणात्मक व्याख्या:
कथन 1 सही है: वर्ष 2024 के पुरस्कारों में 'आर्टिकल 370' ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का स्वर्ण कमल जीता। वहीं, ममूटी (ब्रह्मयुगम्) और कार्तिक आर्यन (चंदू चैंपियन) को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के सम्मान हेतु संयुक्त रूप से चुना गया।
कथन 2 गलत है: ये पुरस्कार भाषाई सीमाओं से परे हैं। संविधान की आठवीं अनुसूची में निर्दिष्ट भाषाओं के अलावा अन्य भाषाओं (जैसे गढ़वाली फिल्म 'ढोली' और तुलु फिल्म 'इम्बु') की फिल्मों को भी राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
कथन 3 गलत है: इन-स्पेस और एनएसआईएल अंतरिक्ष क्षेत्र के नियामक और वाणिज्यिक निकाय हैं। फिल्म पुरस्कारों का चयन सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत विशेष रूप से गठित स्वतंत्र जूरी (जैसे फीचर फिल्म जूरी के अध्यक्ष श्री जयराज) द्वारा किया जाता है। इन-स्पेस का कार्य अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को मंजूरी देना और सुगम बनाना है, न कि कलात्मक पुरस्कारों का चयन करना।
हमसे जुड़ें — Aarambh Times को Follow करें
रोज़ाना Free UPSC Current Affairs, GS Notes, Prelims MCQs और Mains Practice Questions सीधे अपने feed में पाने के लिए नीचे दिए गए सभी platforms पर हमें Follow करें।
प्रतिदिन नई सामयिकी, GS विश्लेषण और Practice Questions।
Comments
Post a Comment