विषय सूची (Table of Contents)
- भारत का उभरता सुपरकंप्यूटिंग परितंत्र (India's Rising Supercomputing Ecosystem): राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (National Supercomputing Mission - NSM), 68 पेटाफ्लॉप्स (Petaflops - PF) क्षमता, रुद्र सर्वर (Rudra Series Servers), स्वदेशी कूलिंग व इंटरकनेक्ट नेटवर्क, राष्ट्रीय अनुप्रयोग (National Applications), और एस्टिक-2026 (ESTIC-2026) सम्मेलन।
(GS Paper III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग, स्वदेशी तकनीक व डिजिटल संप्रभुता) - डिब्रूगढ़ से बोगीबील-ढाका प्रथम अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग मालवाहक यात्रा (First International Waterway Cargo Voyage from Dibrugarh): बोगीबील टर्मिनल (Bogibeel Terminal), राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (National Waterway-2 - NW-2), भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग (Indo-Bangladesh Protocol Route - IBPR), असम पेट्रो-केमिकल्स (APCL) का मेथनॉल (Methanol), और ऐतिहासिक नदी व्यापार का पुनरुद्धार।
(GS Paper III: अवसंरचना व अंतर्देशीय जलमार्ग - बहु-विध परिवहन, एक्ट ईस्ट नीति व क्षेत्रीय संपर्क) - निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)
- UPSC CSE अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
- Quick Revision Facts
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- References
1. भारत का उभरता सुपरकंप्यूटिंग परितंत्र (India's Rising Supercomputing Ecosystem)
(GS Paper III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग, स्वदेशी तकनीक व डिजिटल संप्रभुता)
संदर्भ (Context)
भारत में उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (High-Performance Computing - HPC) की मांग को पूरा करने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence - AI) तथा मौसम पूर्वानुमान जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को गति देने और 'आत्मनिर्भर भारत' (Aatmanirbhar Bharat) के दृष्टिकोण को सशक्त बनाने हेतु राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (National Supercomputing Mission - NSM) की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट जारी की गई है।
मुख्य विवरण (Main Details)
- मिशन की स्थापना एवं वित्तीय परिव्यय (Mission Outlay and Governance): अप्रैल 2015 में ₹4,500 करोड़ के कुल वित्तीय आवंटन के साथ शुरू किया गया यह मिशन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science and Technology - DST) तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (Ministry of Electronics & IT - MeitY) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जाता है। इसका कार्यान्वयन सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (Centre for Development of Advanced Computing - C-DAC), पुणे तथा भारतीय विज्ञान संस्थान (Indian Institute of Science - IISc), बेंगलुरु द्वारा किया जा रहा है।
- वर्तमान क्षमता एवं परिनियोजन (Current Capacity and Deployment): सितंबर 2026 तक देश भर के शैक्षणिक व अनुसंधान संस्थानों में 68 पेटाफ्लॉप्स (Petaflops - PF) की कुल संचयी क्षमता वाले 40 स्वदेशी सुपरकंप्यूटर (Indigenous Supercomputers) सफलतापूर्वक तैनात किए जा चुके हैं। इनमें 1 पेटाफ्लॉप्स से अधिक क्षमता वाली 13 हाई-एंड प्रणालियां (High-End Systems), 500 टेराफ्लॉप्स से 1 पेटाफ्लॉप्स के बीच की 12 मिड-रेंज प्रणालियां (Mid-Range Systems) तथा 500 टेराफ्लॉप्स से कम की 15 प्रणालियां शामिल हैं। मिशन के तहत कुल 123 पेटाफ्लॉप्स क्षमता वाले 50 सुपरकंप्यूटर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित है।
- स्वदेशी घटक एवं हार्डवेयर निर्माण (Indigenous Hardware Components): सी-डैक (C-DAC) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित 'रुद्र' श्रृंखला के सर्वर (Rudra Series Servers) और स्वदेशी सिस्टम सॉफ्टवेयर स्टैक के माध्यम से 'परम रुद्र' (PARAM Rudra) सुपरकंप्यूटर बनाए गए हैं, जिनमें 6,000 रुद्र सर्वर तैनात किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 100 जीबीपीएस (Gbps) और 200 जीबीपीएस गति वाले स्वदेशी हाई-स्पीड इंटरकनेक्ट नेटवर्क (High-Speed Interconnect Network), स्वदेशी शीतलन तकनीक (Indigenous Cooling Technology), तथा अभियांत्रिकी कॉलेजों हेतु 'परम शावक' (PARAM Shavak - Supercomputing-in-a-box) का विकास किया गया है।
- राष्ट्रीय सामाजिक अनुप्रयोग (National Societal Applications): इस अवसंरचना का उपयोग दवा खोज हेतु 'जीनोमिक्स एंड ड्रग डिस्कवरी प्लेटफॉर्म' (Genomics and Drug Discovery Platform), महानदी नदी बेसिन (Mahanadi River Basin) के लिए 2-दिन पूर्व बाढ़ पूर्वानुमान चेतावनी प्रणाली (Early Warning System for Flood Prediction), सिक्किम हिमालय (Sikkim Himalayas) क्षेत्र के लिए 'फॉरेस्ट फायर स्प्रेड मॉडल' (Forest Fire Spread Model), तथा तेल व गैस अन्वेषण हेतु 'सीस्मिक इमेजिंग सूट' (Seismic Imaging Suite) में किया जा रहा है।
- राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क एवं कार्यबल (National Knowledge Network & Skilled Workforce): नेशनल नॉलेज नेटवर्क (National Knowledge Network - NKN) सभी केंद्रों को जोड़ने वाली उच्च गति वाली रीढ़ के रूप में कार्य करता है। इस नेटवर्क से 400 से अधिक संस्थानों के 16,000 से अधिक शोधकर्ताओं को लाभ मिला है तथा 1.5 करोड़ से अधिक कंप्यूट जॉब्स (Compute Jobs) निष्पादित किए गए हैं।
- एस्टिक-2026 सम्मेलन (ESTIC-2026 Conclave): वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (Council of Scientific & Industrial Research - CSIR) द्वारा 27–29 अक्टूबर 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली (Bharat Mandapam, New Delhi) में "रचनात्मक दिमाग, विज्ञान को उत्प्रेरत करना और प्रौद्योगिकी को सशक्त बनाना" (Creative Minds, Catalyzing Science, Empowering Technologies) विषय पर द्वितीय एस्टिक (ESTIC-2026) सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
महत्व (Significance)
- डिजिटल संप्रभुता व वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता: यह मिशन आयातित सुपरकंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियों (Imported Technologies) पर भारत की निर्भरता को समाप्त कर राष्ट्रीय डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty) और वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता (Scientific Self-Reliance) को सुदृढ़ करता है। यह जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य देखभाल और आपदा प्रबंधन जैसे सामाजिक अनुप्रयोगों में साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने (Evidence-Based Decision-Making) का आधार बनता है।
2. डिब्रूगढ़ से बोगीबील-ढाका प्रथम अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग मालवाहक यात्रा
(GS Paper III: अवसंरचना व अंतर्देशीय जलमार्ग - बहु-विध परिवहन, एक्ट ईस्ट नीति व क्षेत्रीय संपर्क)
संदर्भ (Context)
05 अक्टूबर 2026 को डिब्रूगढ़ के बोगीबील टर्मिनल (Bogibeel Terminal, Dibrugarh) से बांग्लादेश की राजधानी ढाका स्थित पनगांव बंदरगाह (Pangaon Port, Dhaka) के लिए पहली अंतरराष्ट्रीय मालवाहक यात्रा (International Cargo Voyage) का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। स्वतंत्रता के बाद यह पहला अवसर है जब ऊपरी असम के डिब्रूगढ़ से जलमार्ग द्वारा किसी विदेशी बंदरगाह को माल की खेप भेजी जा रही है।
मुख्य विवरण (Main Details)
- आयोजक एवं शुभारंभकर्ता (Organisers & Dignitaries): इस यात्रा को केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (Union Minister of Ports, Shipping and Waterways) सर्बानंद सोनोवाल हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (Inland Waterways Authority of India - IWAI) द्वारा असम सरकार और असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड (Assam Petro-Chemicals Limited - APCL) के सहयोग से किया जा रहा है।
- जलमार्ग एवं परिवहन मार्ग (Waterway Route): यह मालवाहक यात्रा राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (National Waterway-2 - Brahmaputra River) तथा भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग (Indo-Bangladesh Protocol Route - IBPR) के माध्यम से संपन्न होगी।
- निर्यात उत्पाद (Export Product): इस प्रथम मालवाहक पोत में असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड (APCL) द्वारा उत्पादित मेथनॉल (Methanol) की खेप बांग्लादेश भेजी जा रही है।
- ऐतिहासिक जल व्यापार का पुनरुद्धार (Revival of Historic River Trade): स्वतंत्रता पूर्व के दौर में ब्रह्मपुत्र नदी ऊपरी असम को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला प्राथमिक व्यापारिक मार्ग थी और डिब्रूगढ़ एक प्रमुख नदी बंदरगाह (River Port) था। यह शुभारंभ उस ऐतिहासिक जल व्यापार संबंध का पुनरुद्धार करता है।
महत्व (Significance)
- किफायती व हरित लॉजिस्टिक्स: यह पहल पूर्वोत्तर भारत (Northeast India) के लिए अंतर्देशीय जलमार्गों (Inland Waterways) को सड़क और रेल परिवहन की तुलना में एक किफायती (Cost-Effective), पर्यावरण-अनुकूल (Eco-Friendly) और कुशल लॉजिस्टिक्स विकल्प के रूप में स्थापित करती है। यह भारत की 'एक्ट ईस्ट नीति' (Act East Policy) और पड़ोस प्रथम नीति (Neighbourhood First Policy) के तहत भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूती प्रदान करती है।
3. निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)
प्रारंभिक परीक्षा हेतु (Prelims Focus)
- राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM): 2015 में लॉन्च (₹4,500 करोड़ परिव्यय); डीएसटी (DST) और मेइटी (MeitY) द्वारा संचालित; सी-डैक (C-DAC) व आईआईएससी (IISc) द्वारा कार्यान्वित; 68 पेटाफ्लॉप्स (PF) क्षमता वाले 40 सुपरकंप्यूटर तैनात; स्वदेशी रुद्र सर्वर (Rudra Servers) व 100/200 Gbps हाई-स्पीड इंटरकनेक्ट नेटवर्क; परम शावक (PARAM Shavak); नेशनल नॉलेज नेटवर्क (NKN) रीढ़; एस्टिक-2026 (ESTIC-2026) भारत मंडपम में।
- बोगीबील-ढाका जलमार्ग यात्रा: डिब्रूगढ़ (बोगीबील टर्मिनल) से पनगांव बंदरगाह (ढाका) तक; राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2 / ब्रह्मपुत्र) तथा भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग (IBPR); असम पेट्रो-केमिकल्स (APCL) का मेथनॉल (Methanol); स्वतंत्रता के बाद डिब्रूगढ़ से पहली अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जलयात्रा।
मुख्य परीक्षा हेतु (GS Paper III)
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science and Technology): राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के माध्यम से स्वदेशी हार्डवेयर (Hardware Sovereignty) और डेटा सुरक्षा (Data Security) का विकास तथा औषधि खोज, जलवायु मॉडलिंग और आपदा प्रबंधन में समानांतर प्रसंस्करण (Parallel Processing) का उपयोग।
- अवसंरचना व अंतर्देशीय जलमार्ग (Infrastructure and Inland Waterways): पूर्वोत्तर भारत में बहु-विध परिवहन (Multi-Modal Logistics), अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) की भूमिका तथा भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग (IBPR) द्वारा क्षेत्रीय व्यापार संवर्धन।
4. UPSC CSE अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
प्रश्न 1
'राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन' (National Supercomputing Mission - NSM) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह मिशन संयुक्त रूप से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY) द्वारा संचालित किया जाता है।
- इसके तहत स्वदेशी रूप से विकसित 'रुद्र' श्रृंखला के सर्वर (Rudra Series Servers) का उपयोग 'परम रुद्र' सुपरकंप्यूटरों के निर्माण में किया गया है।
- नेशनल नॉलेज नेटवर्क (National Knowledge Network - NKN) इस मिशन के तहत देश भर की सुपरकंप्यूटिंग सुविधाओं को जोड़ने वाली रीढ़ के रूप में कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: D (1, 2 और 3 - सभी कथन सही हैं)
व्याख्या: तीनों कथन पूर्णतः सही हैं। एनएसएम को डीएसटी और मेइटी द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है। सी-डैक द्वारा निर्मित रुद्र सर्वर से परम रुद्र सुपरकंप्यूटर बनाए गए हैं, और एनकेएन सभी शैक्षणिक व अनुसंधान केंद्रों को हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़ता है।
प्रश्न 2
भारत में अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन (Inland Waterways Transport) और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- डिब्रूगढ़ के बोगीबील टर्मिनल से ढाका (बांग्लादेश) के पनगांव बंदरगाह हेतु प्रथम अंतरराष्ट्रीय मालवाहक यात्रा राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) और भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग (IBPR) से संचालित की जा रही है।
- इस ऐतिहासिक मालवाहक यात्रा के माध्यम से असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड द्वारा उत्पादित मेथनॉल (Methanol) का निर्यात किया जा रहा है।
- राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) गंगा नदी पर प्रयागराज से हलदिया तक विस्तृत है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: A (केवल 1 और 2)
व्याख्या: कथन 1 और 2 सही हैं — डिब्रूगढ़ (बोगीबील) से पनगांव (ढाका) तक की यात्रा NW-2 (ब्रह्मपुत्र नदी) और IBPR के माध्यम से APCL के मेथनॉल की खेप ले जा रही है। कथन 3 गलत है — गंगा नदी पर प्रयागराज से हलदिया तक राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) स्थित है, जबकि राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सादिया से धुबरी तक स्थित है।
Quick Revision Facts
- NSM: अप्रैल 2015 में ₹4,500 करोड़ परिव्यय से शुरू; DST + MeitY संचालित; C-DAC पुणे व IISc बेंगलुरु द्वारा कार्यान्वित।
- वर्तमान क्षमता: सितंबर 2026 तक 68 PF (40 सुपरकंप्यूटर — 13 हाई-एंड, 12 मिड-रेंज, 15 अन्य); लक्ष्य — 123 PF (50 सुपरकंप्यूटर)।
- स्वदेशी घटक: रुद्र सर्वर (6,000 तैनात) से परम रुद्र सुपरकंप्यूटर; 100/200 Gbps इंटरकनेक्ट; स्वदेशी कूलिंग; परम शावक (इंजीनियरिंग कॉलेजों हेतु)।
- राष्ट्रीय अनुप्रयोग: जीनोमिक्स एंड ड्रग डिस्कवरी, महानदी बेसिन के लिए 2-दिन बाढ़ पूर्वानुमान, सिक्किम हिमालय फॉरेस्ट फायर मॉडल, सीस्मिक इमेजिंग सूट।
- NKN व सम्मेलन: 400+ संस्थान, 16,000+ शोधकर्ता, 1.5 करोड़+ कंप्यूट जॉब्स; ESTIC-2026 (27-29 अक्टूबर, भारत मंडपम, CSIR द्वारा)।
- बोगीबील-ढाका यात्रा: 5 अक्टूबर 2026, सर्बानंद सोनोवाल द्वारा फ्लैग-ऑफ; डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा वर्चुअल मुख्य अतिथि; NW-2 (ब्रह्मपुत्र) व IBPR मार्ग से।
- निर्यात उत्पाद: APCL का मेथनॉल, बोगीबील टर्मिनल से ढाका के पनगांव बंदरगाह तक; स्वतंत्रता के बाद डिब्रूगढ़ से पहली अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जलयात्रा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सुपरकंप्यूटर (Supercomputer) क्या है?
यह एक अत्यधिक उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग प्रणाली है जो कई प्रोसेसरों को समानांतर रूप से जोड़कर जटिल गणनाएं असाधारण गति से करती है; इसकी क्षमता फ्लॉप्स (FLOPS) में मापी जाती है।
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (National Supercomputing Mission - NSM) क्या है?
यह अप्रैल 2015 में ₹4,500 करोड़ के परिव्यय से शुरू किया गया मिशन है, जिसे DST और MeitY संयुक्त रूप से संचालित करते हैं तथा C-DAC व IISc बेंगलुरु द्वारा कार्यान्वित किया जाता है, जिसका उद्देश्य भारत में स्वदेशी उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करना है।
पेटाफ्लॉप्स (Petaflop) का क्या अर्थ है?
यह किसी सुपरकंप्यूटर की गणना क्षमता की इकाई है; एक पेटाफ्लॉप्स का अर्थ है प्रति सेकंड एक क्वाड्रिलियन (10 लाख अरब) गणनाएं करने की क्षमता।
भारत में सितंबर 2026 तक कितने सुपरकंप्यूटर तैनात किए जा चुके हैं?
68 पेटाफ्लॉप्स की संयुक्त क्षमता वाले 40 स्वदेशी सुपरकंप्यूटर, जिनमें 13 हाई-एंड, 12 मिड-रेंज और 15 अन्य प्रणालियां शामिल हैं।
राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (National Waterway-2 - NW-2) क्या है?
यह ब्रह्मपुत्र नदी पर स्थित एक राष्ट्रीय जलमार्ग है, जो असम में सादिया से धुबरी तक फैला है और पूर्वोत्तर भारत व बांग्लादेश के बीच व्यापार का प्रमुख माध्यम है।
डिब्रूगढ़ से बोगीबील-ढाका मालवाहक यात्रा कब और किसके द्वारा शुरू की जा रही है?
5 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल बोगीबील टर्मिनल, डिब्रूगढ़ से इसे हरी झंडी दिखाएंगे।
बोगीबील-ढाका प्रथम अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग मालवाहक यात्रा ऐतिहासिक क्यों है?
असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड (APCL) द्वारा उत्पादित मेथनॉल; यह स्वतंत्रता के बाद पहला अवसर है जब डिब्रूगढ़ से जलमार्ग द्वारा किसी विदेशी बंदरगाह को माल भेजा जा रहा है।
'रुद्र' श्रृंखला और 'परम रुद्र' सुपरकंप्यूटर क्या हैं?
'रुद्र' C-DAC द्वारा स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किए गए सर्वर हैं, जिनका उपयोग करके 'परम रुद्र' सुपरकंप्यूटर बनाए जाते हैं; सितंबर 2026 तक 6,000 रुद्र सर्वर तैनात किए जा चुके हैं।
References
भारत का उभरता सुपरकंप्यूटिंग परितंत्र (NSM)
- PIB अंग्रेज़ी (PRID 2318908): India's Rising Supercomputing Ecosystem
- PIB हिंदी (PRID 2318910): भारत का उभरता सुपरकंप्यूटिंग परितंत्र
डिब्रूगढ़ से बोगीबील-ढाका प्रथम अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग मालवाहक यात्रा (पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय)
- PIB अंग्रेज़ी (PRID 2318945): Union Minister Sarbananda Sonowal to Flag Off First International Cargo Voyage from Dibrugarh
- PIB हिंदी (PRID 2318953): केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल डिब्रूगढ़ से पहली अंतरराष्ट्रीय मालवाहक यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे