PIB Analysis 11 October 2026 | NGOPV ‘Shreyas’ Launch & Exercise Tarang Shakti 2026

PIB Analysis UPSC Current Affairs | करेंट अफेयर्स | समसामयिकी
भारतीय नौसेना के लिए गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (M/s GRSE), कोलकाता द्वारा निर्मित अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (Next Generation Offshore Patrol Vessel - NGOPV) 'श्रेयस' (यार्ड 3040) का 10 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में औपचारिक जलावतरण (Launch) संपन्न हुआ। दूसरी ओर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना केंद्र जोधपुर (Air Force Station Jodhpur) में बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' (Exercise Tarang Shakti 2026) के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए भविष्य के युद्धकौशल में प्रौद्योगिकी, गति और विश्वास-आधारित अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया।

अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (NGOPV) 'श्रेयस' (यार्ड 3040) का जलावतरण

(GS Paper III: रक्षा, स्वदेशीकरण एवं जहाज निर्माण उद्योग)

संदर्भ (Context)

भारतीय नौसेना के उप प्रमुख (Vice Chief of the Naval Staff) वाइस एडमिरल अजय कोचर की उपस्थिति में श्रीमती रेमन कोचर (Mrs Reyman Kochhar) ने 10 अक्टूबर 2026 को मेसर्स जीआरएसई (GRSE), कोलकाता में अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (NGOPV) 'श्रेयस' (YARD 3040) का जलावतरण किया। समारोह में भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय, जीआरएसई और उद्योग भागीदारों के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुख्य एवं तकनीकी विवरण (Technical Highlights & Data)

  • पोत का नामकरण व विरासत (Naming & Heritage): इन पोतों के नाम भारत की समृद्ध विरासत से लिए गए हैं। 'श्रेयस' संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ 'सर्वश्रेष्ठ' (Best) या 'अति उत्कृष्ट' (Most Excellent) होता है। PIB के अनुसार यह समारोह भारतीय नौसेना की समृद्ध परंपराओं और लोकाचार को दर्शाता है।
  • दो शिपयार्ड में समानांतर निर्माण (Concurrent Construction): एनजीओपीवी का निर्माण एक साथ दो शिपयार्ड, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL), गोवा और जीआरएसई, कोलकाता में किया जा रहा है। ये स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित पोत मौजूदा अपतटीय गश्ती पोतों (OPVs/NOPVs) की क्षमता को बढ़ाएंगे।
  • बहु-क्षेत्रीय परिचालन भूमिकाएं (Multi-Domain Operational Roles): ये पोत समुद्री निगरानी (Maritime Surveillance), खोज एवं बचाव (SAR), अपतटीय परिसंपत्तियों (Offshore Assets) की सुरक्षा, मानवीय सहायता व आपदा राहत (HADR) तथा समुद्री डकैती-रोधी अभियानों (Anti-Piracy Missions) जैसे बहु-क्षेत्रीय अभियानों में तैनात किए जाएंगे।

रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic & Policy Significance)

PIB के अनुसार यह जलावतरण भारतीय नौसेना के स्वदेशी पोत निर्माण के प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है और भारत सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' (Aatmanirbhar Bharat) तथा 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहलों के विजन के अनुरूप है। स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित ये पोत मौजूदा अपतटीय गश्ती पोतों (OPVs/NOPVs) की क्षमता को बढ़ाएंगे।

परीक्षा की दृष्टि से ध्यान रहे कि जलावतरण (Launch) का अर्थ नौसेना में कमीशनिंग नहीं है।

'अभ्यास तरंग शक्ति 2026': जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर रक्षा मंत्री का संबोधन

(GS Paper II & III: अंतर्राष्ट्रीय संबंध, रक्षा कूटनीति एवं स्वदेशीकरण)

संदर्भ (Context)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 10 अक्टूबर 2026 को वायुसेना केंद्र जोधपुर में 'अभ्यास तरंग शक्ति 2026' (Exercise Tarang Shakti 2026) के दूसरे संस्करण के प्रतिभागियों को संबोधित किया। भारतीय वायु सेना (IAF) द्वारा 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 के दौरान आयोजित इस बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास का पहला संस्करण 2024 में हुआ था।

मुख्य विवरण (Highlights)

  • अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी (International Participation): अभ्यास में 7 मित्र देशों (Friendly Foreign Countries - FFC) ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका की वायु सेनाओं के साथ-साथ 32 प्रेक्षक देश (Observer Nations) भी शामिल हुए। अभ्यास में लड़ाकू, परिवहन, निगरानी और हवा में ईंधन भरने जैसी अलग-अलग क्षमताएं एक साथ आईं, जिससे संयुक्त मिशन की योजना बनाने, परिचालन संबंधी सीख और बेहतर आपसी समन्वय के अवसर मिले।
  • मुख्य उद्धरण (Key Quotes):
    • "अलग-अलग देश, अलग-अलग विमान, अलग-अलग अनुभव, लेकिन एक ही आसमान। यही 'तरंग शक्ति' का संदेश है।"
    • "भविष्य की सैन्य शक्ति का निर्धारण इस बात से कम होगा कि हमारे पास कितने प्लेटफॉर्म हैं। इसका निर्धारण चीजों को भांपने, समझने, फैसला लेने और कार्रवाई करने की गति से होगा।"
    • "भविष्य के रक्षा संबंध तकनीक और भरोसे पर आधारित होंगे, न कि सिर्फ प्लेटफॉर्म पर।"
  • आधुनिक युद्धकौशल का आयाम (Changing Nature of Warfare): रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक युद्ध-कला अब जमीन, समुद्र और हवा जैसे पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर अंतरिक्ष, साइबर, विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम और सूचना क्षेत्र (Information Domain) तक फैल गई है। उन्होंने मानवरहित प्रणालियों, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रॉनिक युद्ध-कला और लंबी दूरी तक सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया तथा कहा कि गति, सटीकता, जानकारी और तालमेल सैन्य क्षमता की अहम पहचान बन गए हैं।
  • आत्मनिर्भरता का अर्थ (Meaning of Atmanirbharta): रक्षा मंत्री ने कहा कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्षों और अनिश्चितता के दौर में किसी भी देश के पास अपने हथियार एवं जरूरी तकनीकों के निर्माण की क्षमता होनी चाहिए। 'आत्मनिर्भर भारत' का आशय दुनिया से अलग-थलग पड़ना नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण रक्षा तकनीकों को डिजाइन करने, विकसित करने, उत्पादन व रखरखाव करने और उन्नत करने की घरेलू क्षमताएं विकसित करना है।
  • स्वदेशी एयरोस्पेस परिसंपत्तियां (Indigenous Aerospace Assets): रक्षा मंत्री ने हल्के लड़ाकू विमान एलसीए तेजस (LCA Tejas), हेलीकॉप्टर वर्ग में ध्रुव, रुद्र, प्रचंड (LCH) व लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH), आकाश वायु रक्षा प्रणाली, एईएसए (AESA) रडार, इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों और उभरती मानवरहित एवं एयरोस्पेस तकनीकों जैसे स्वदेशी कार्यक्रमों को रेखांकित किया। उन्होंने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम को पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ फाइटर तकनीक में महारत हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम बताया और उन्नत एयरो-इंजन के विकास और सह-उत्पादन के महत्व पर जोर दिया।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का दृष्टिकोण (Approach to Cooperation): रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अनुसंधान, सह-विकास, सह-उत्पादन, रखरखाव, प्रशिक्षण और नवाचार के क्षेत्रों में समान विचार वाले देशों के साथ सहयोग करने का इच्छुक है। उन्होंने भरोसेमंद साझेदारी और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के बढ़ते महत्व पर जोर दिया तथा कहा कि भारत को आवश्यकता पड़ने पर स्वतंत्र रूप से काम करने में सक्षम होने के साथ-साथ हित एवं जिम्मेदारियां मेल खाने पर दूसरे देशों के साथ भी प्रभावी ढंग से काम करना चाहिए।
  • अभ्यास का महत्व (Significance of the Exercise): यह अभ्यास क्षमता, तकनीक, आपसी समन्वय (Interoperability) और भरोसे के सिद्धांतों को परिचालन अनुभव में बदलने में सहायक रहा। इसने प्रतिभागी वायु सेनाओं को एक-दूसरे के साथ काम करने, परिचालन जानकारियों का आदान-प्रदान करने, प्रक्रियाओं का आकलन करने और मिशन की योजना बनाने के अलग-अलग प्लेटफॉर्म, सिद्धांतों और तरीकों को समझने का अवसर दिया। एलसीए तेजस और एलसीएच प्रचंड जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म की भागीदारी ने स्वदेशी एयरोस्पेस डिजाइन, इंजीनियरिंग और मैन्यूफैक्चरिंग में भारत की प्रगति को भी रेखांकित किया।
  • ऑपरेशन सिंदूर की प्रासंगिकता (Relevance of Operation Sindoor): PIB के अनुसार 'ऑपरेशन सिंदूर' में हवाई शक्ति की निर्णायक भूमिका इस अभ्यास की समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित करती है। इस ऑपरेशन ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लक्ष्यों को पूरा करने हेतु सटीक, सुनियोजित और प्रभावी कार्रवाई करने की भारतीय वायु सेना की क्षमता को प्रदर्शित किया।
  • पेशेवर व सांस्कृतिक गतिविधियां (Professional & Cultural Activities): उड़ान संबंधी गतिविधियों के अलावा अभ्यास में पेशेवर बातचीत, उद्योगों के दौरे और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी शामिल थे, जिनमें योग सत्र, धरोहर स्थलों की यात्रा और प्रतिभागी देशों की परंपराओं का उत्सव मनाने वाली 'इंटरनेशनल नाइट' शामिल थी।
  • शीर्ष सैन्य नेतृत्व की उपस्थिति (Dignitaries): इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह तथा नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन उपस्थित रहे।

रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic & Policy Significance)

तरंग शक्ति जैसे बहुराष्ट्रीय अभ्यास भारत की रक्षा कूटनीति (Defence Diplomacy) और भरोसे पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करते हैं। विश्लेषण की दृष्टि से, स्वदेशी तकनीकों और मित्र राष्ट्रों के साथ इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability) का यह संयोजन हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) और व्यापक भारत-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में भारत की 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' (Net Security Provider) की भूमिका को बल देता है।

निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)

प्रारंभिक परीक्षा हेतु (Prelims Focus)

  • एनजीओपीवी श्रेयस (Yard 3040): जीआरएसई कोलकाता में 10 अक्टूबर 2026 को लॉन्च; श्रीमती रेमन कोचर ने उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर की उपस्थिति में किया; संस्कृत अर्थ 'सर्वश्रेष्ठ' या 'अति उत्कृष्ट'; निर्माण दो शिपयार्ड (GSL गोवा और GRSE कोलकाता) में एक साथ; भूमिकाएं: समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव, अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा, HADR और समुद्री डकैती-रोधी अभियान।
  • तरंग शक्ति 2026: जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर आयोजित दूसरा संस्करण (पहला 2024 में); 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026; 7 मित्र देश (ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका, यूएई, अमेरिका) और 32 प्रेक्षक देश; संदेश: "एक ही आसमान"; ऑपरेशन सिंदूर की प्रासंगिकता; AMCA को पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ फाइटर तकनीक की दिशा में अहम कदम बताया गया।

मुख्य परीक्षा हेतु (Mains Focus)

  • GS Paper II (अंतर्राष्ट्रीय संबंध व रक्षा कूटनीति): 'तरंग शक्ति' के माध्यम से वैश्विक रक्षा साझेदारियों का सुदृढ़ीकरण, भरोसेमंद साझेदारी और आपूर्ति श्रृंखला पर जोर, तथा भारत-प्रशांत व हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका।
  • GS Paper III (सुरक्षा व स्वदेशीकरण): स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित NGOPV जैसे पोतों के माध्यम से जहाज निर्माण में आत्मनिर्भरता तथा एयरोस्पेस क्षेत्र में AMCA और तेजस के माध्यम से तकनीकी संप्रभुता हासिल करना।

UPSC CSE अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

प्रश्न 1. हाल ही में जलावतरित अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (NGOPV) 'श्रेयस' (यार्ड 3040) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. एनजीओपीवी का निर्माण एक साथ दो शिपयार्ड, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL), गोवा और जीआरएसई, कोलकाता में किया जा रहा है।
  2. 'श्रेयस' (यार्ड 3040) का जलावतरण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) में किया गया है।
  3. स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित ये पोत मौजूदा अपतटीय गश्ती पोतों की क्षमता बढ़ाकर समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव, अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा, HADR और समुद्री डकैती-रोधी जैसे बहु-क्षेत्रीय अभियानों में सहायक होंगे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3

उत्तर: C (केवल 1 और 3)

व्याख्या: कथन 1 और 3 सही हैं: एनजीओपीवी का निर्माण GSL, गोवा और GRSE, कोलकाता में एक साथ हो रहा है, और ये पोत मौजूदा OPVs/NOPVs की क्षमता बढ़ाकर बहु-क्षेत्रीय अभियानों में सहायक होंगे। कथन 2 गलत है: 'श्रेयस' (यार्ड 3040) का जलावतरण जीआरएसई, कोलकाता में हुआ है, गोवा शिपयार्ड में नहीं।

प्रश्न 2. जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर आयोजित बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. इस अभ्यास का आयोजन भारतीय नौसेना द्वारा बंगाल की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा अभियानों हेतु किया गया।
  2. इसमें ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका सहित 7 मित्र देशों की वायु सेनाओं तथा 32 प्रेक्षक देशों ने भाग लिया।
  3. इस अभ्यास में एलसीए तेजस और एलसीएच प्रचंड जैसे स्वदेशी एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म ने भागीदारी की।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3

उत्तर: B (केवल 2 और 3)

व्याख्या: कथन 2 और 3 सही हैं: अभ्यास में 7 मित्र देशों की वायु सेनाएं और 32 प्रेक्षक देश शामिल हुए तथा इसमें तेजस और प्रचंड जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म ने भागीदारी की। कथन 1 गलत है: 'तरंग शक्ति 2026' भारतीय वायु सेना (IAF) द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है और इसका आयोजन जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर हुआ, यह नौसैन्य अभ्यास नहीं है।

Quick Revision Facts

  • एनजीओपीवी 'श्रेयस' (यार्ड 3040) का जलावतरण 10 अक्टूबर 2026 को जीआरएसई, कोलकाता में हुआ।
  • जलावतरण श्रीमती रेमन कोचर ने वाइस एडमिरल अजय कोचर (उप प्रमुख, नौसेना) की उपस्थिति में किया।
  • यह समारोह भारतीय नौसेना की समृद्ध परंपराओं और लोकाचार को दर्शाता है; यह पहल 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' के अनुरूप है।
  • 'श्रेयस' का संस्कृत में अर्थ 'सर्वश्रेष्ठ' या 'अति उत्कृष्ट' है।
  • एनजीओपीवी का निर्माण दो शिपयार्ड, GSL (गोवा) और GRSE (कोलकाता) में समानांतर रूप से हो रहा है।
  • एनजीओपीवी की भूमिकाएं: समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव, अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा, HADR और समुद्री डकैती-रोधी अभियान।
  • अभ्यास तरंग शक्ति 2026 का दूसरा संस्करण भारतीय वायु सेना ने 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया; पहला संस्करण 2024 में हुआ था।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 10 अक्टूबर 2026 को वायुसेना केंद्र जोधपुर में प्रतिभागियों को संबोधित किया।
  • 7 मित्र देश: ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका; साथ में 32 प्रेक्षक देश।
  • अभ्यास में लड़ाकू, परिवहन, निगरानी और हवा में ईंधन भरने की क्षमताएं शामिल थीं।
  • संदेश: "अलग-अलग देश, अलग-अलग विमान, अलग-अलग अनुभव, लेकिन एक ही आसमान।"
  • AMCA को पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ फाइटर तकनीक में महारत की दिशा में अहम कदम बताया गया।
  • एलसीए तेजस और एलसीएच प्रचंड ने अभ्यास में भागीदारी की; ऑपरेशन सिंदूर में हवाई शक्ति की निर्णायक भूमिका का उल्लेख हुआ।
  • कार्यक्रम में CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, वायु सेना प्रमुख ए.पी. सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन उपस्थित रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

अगली पीढ़ी का अपतटीय गश्ती पोत (NGOPV) क्या है?

अगली पीढ़ी का अपतटीय गश्ती पोत (Next Generation Offshore Patrol Vessel - NGOPV) भारतीय नौसेना के लिए स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित गश्ती पोतों की श्रृंखला है। ये पोत मौजूदा अपतटीय गश्ती पोतों की क्षमता बढ़ाकर समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव, अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा, HADR और समुद्री डकैती-रोधी अभियानों जैसे बहु-क्षेत्रीय अभियान संभालेंगे।

अभ्यास तरंग शक्ति क्या है?

अभ्यास तरंग शक्ति भारतीय वायु सेना (IAF) द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है, जिसका पहला संस्करण 2024 में हुआ था। इसका दूसरा संस्करण 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हुआ, जिसमें 7 मित्र देशों की वायु सेनाओं ने भाग लिया और 32 देश प्रेक्षक के रूप में शामिल हुए।

एनजीओपीवी 'श्रेयस' का जलावतरण कब, कहाँ और किसने किया?

'श्रेयस' (यार्ड 3040) का जलावतरण 10 अक्टूबर 2026 को जीआरएसई, कोलकाता में श्रीमती रेमन कोचर ने भारतीय नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर की उपस्थिति में किया।

'श्रेयस' नाम का क्या अर्थ है?

'श्रेयस' संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ 'सर्वश्रेष्ठ' (Best) या 'अति उत्कृष्ट' (Most Excellent) होता है। PIB के अनुसार इन पोतों के नाम भारत की समृद्ध विरासत से लिए गए हैं।

एनजीओपीवी का निर्माण किन शिपयार्ड में हो रहा है और ये किन अभियानों के लिए हैं?

PIB के अनुसार अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोतों का निर्माण एक साथ दो शिपयार्ड, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL), गोवा और जीआरएसई, कोलकाता में किया जा रहा है। स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित ये पोत समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव, अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा, HADR और समुद्री डकैती-रोधी अभियानों जैसे बहु-क्षेत्रीय अभियानों के लिए मौजूदा अपतटीय गश्ती पोतों की क्षमता बढ़ाएंगे।

तरंग शक्ति 2026 में कौन-से देश शामिल हुए?

अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका की वायु सेनाओं ने भाग लिया, जबकि 32 देश प्रेक्षक (Observer) के रूप में शामिल हुए।

रक्षा मंत्री ने तरंग शक्ति में AMCA और स्वदेशी एयरोस्पेस कार्यक्रमों के बारे में क्या कहा?

रक्षा मंत्री ने तेजस, ध्रुव, रुद्र, प्रचंड, लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, आकाश वायु रक्षा प्रणाली और AESA रडार जैसे स्वदेशी कार्यक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (AMCA) कार्यक्रम को पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ फाइटर तकनीक में महारत हासिल करने की दिशा में अहम कदम बताया और उन्नत एयरो-इंजन के विकास व सह-उत्पादन के महत्व पर जोर दिया।

References

अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (यार्ड 3040, श्रेयस) का जलावतरण (रक्षा मंत्रालय / नौसेना)

  1. PIB अंग्रेज़ी (PRID 2321795): LAUNCH OF NEXT GENERATION OFFSHORE PATROL VESSEL (YARD 3040, SHREYAS) AT M/s GRSE, KOLKATA
  2. PIB हिंदी (PRID 2321824): मेसर्स जीआरएसई, कोलकाता में अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (यार्ड 3040, श्रेयस) का लॉन्च

अभ्यास तरंग शक्ति 2026: जोधपुर में रक्षा मंत्री का संबोधन (रक्षा मंत्रालय / वायु सेना)

  1. PIB अंग्रेज़ी (PRID 2321694): Raksha Mantri Addresses Participants of Exercise Tarang Shakti 2026 at Jodhpur, Emphasises Self-Reliance in Defence and International Cooperation
  2. PIB हिंदी (PRID 2321771): रक्षा मंत्री ने जोधपुर में 'अभ्यास तरंग शक्ति 2026' के प्रतिभागियों को संबोधित किया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया