विषय सूची (Table of Contents)
- एसआईडीएम चैंपियन पुरस्कार 2026 एवं निजी रक्षा विनिर्माण प्रोत्साहन (SIDM Champion Awards 2026)
- कारवार नौसेना बेस में 'प्रोजेक्ट सीबर्ड' (Project Seabird) फेज IIA अवसंरचना का उद्घाटन
- निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)
- UPSC CSE अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
- Quick Revision Facts
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- References
एसआईडीएम चैंपियन पुरस्कार 2026 एवं निजी रक्षा विनिर्माण प्रोत्साहन (SIDM Champion Awards 2026)
(GS Paper III: रक्षा विनिर्माण, स्वदेशीकरण एवं रणनीतिक स्वायत्तता)
संदर्भ (Context)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 09 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में 'सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स' (SIDM) के 8वें वार्षिक सत्र में भाग लिया और स्वदेशी तकनीक विकास, उत्पाद नवाचार, डिजाइन, आयात प्रतिस्थापन, विनिर्माण उत्कृष्टता और निर्यात में उपलब्धियों के लिए संगठनों को 15 'SIDM चैंपियन पुरस्कार 2026' प्रदान किए।
मुख्य एवं तकनीकी विवरण (Highlights & Data)
- वार्षिक सत्र का विषय (Session Theme): "संप्रभु क्षमताएं, विवादित सीमाएं: उथल-पुथल के दौर में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को बढ़ावा देना" (Sovereign Capabilities, Contested Frontiers: Accelerating India's Strategic Autonomy in an Era of Disruption)। रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा अब इस बात पर अधिक निर्भर करती है कि देश रक्षा बलों के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकियों और उपकरणों को स्वयं डिजाइन, विकसित, निर्मित और नियंत्रित कर सके। उन्होंने भारत की प्रतिभा, युवा कार्यबल, औद्योगिक क्षमता और नीतिगत समर्थन के बल पर देश के विश्व के अग्रणी रक्षा विनिर्माण राष्ट्रों में शामिल होने का विश्वास जताया।
- सर्वकालिक उच्च रक्षा निर्यात (Record Defence Exports): वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 60% से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। रक्षा मंत्री ने वर्ष 2029 तक ₹50,000 करोड़ के रक्षा निर्यात के लक्ष्य को दोहराया।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी का लक्ष्य (Private Sector Share): रक्षा मंत्री ने देश के कुल रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी को लगभग 24% से बढ़ाकर 50% करने के अपने पूर्व आह्वान को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में निजी क्षेत्र का योगदान उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है और उद्योग जगत के नेताओं से इस साझा राष्ट्रीय उद्देश्य को पाने के लिए प्रगतिशील लक्ष्य (Milestones) तय करने का आग्रह किया। उन्होंने उद्योग को आश्वासन दिया कि नियमन, सुरक्षा, गुणवत्ता और जवाबदेही के आवश्यक मानकों को बनाए रखते हुए सरकार उसके विकास का समर्थन करती रहेगी।
- आधुनिक युद्धकौशल एवं R&D को निवेश मानने का आह्वान (R&D as Investment): रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक संघर्ष ड्रोन, मिसाइल, वायु रक्षा प्रणाली और तेजी से बदलती सॉफ्टवेयर तथा संचार प्रौद्योगिकियों पर अधिकाधिक निर्भर हो गए हैं। उन्होंने रक्षा निर्माताओं से अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर होने वाले व्यय को ऐसे निवेश के रूप में देखने का आग्रह किया जो परिचालन तैयारियों को मजबूत करता है, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाता है और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देता है।
- ऑपरेशन सिंदूर एवं क्षमता विस्तार (Operation Sindoor & Surge Capacity): ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने यह सुनिश्चित करने के महत्व पर बल दिया कि घरेलू विनिर्माण इकाइयां आवश्यकता पड़ने पर उत्पादन को तेजी से बढ़ा सकें (Surge Capacity)। उन्होंने उद्योग से उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बदलती परिचालन मांगों का शीघ्र जवाब देने के लिए नवाचारी समाधान विकसित करने का आग्रह किया।
- नीतिगत सुधार (Policy Reforms): निजी रक्षा उद्योग की क्षमताओं के विस्तार हेतु सरकार द्वारा लागू किए गए सुधारों में 'रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया' (Defence Acquisition Procedure - DAP), 'रक्षा खरीद नियमावली' (Defence Procurement Manual - DPM), 'सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां' (Positive Indigenisation Lists), 'सृजन पोर्टल' (SRIJAN Portal) और 'रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार' (Innovations for Defence Excellence - iDEX) शामिल हैं।
- SIDM की भूमिका (Role of SIDM): वर्ष 2017 में स्थापित SIDM आज बड़े उद्यमों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), स्टार्टअप, शिक्षा जगत और विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं (OEMs) का प्रतिनिधित्व करने वाला एकीकृत मंच बन चुका है। रक्षा मंत्री ने घरेलू रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और नीति-उद्योग संवाद को सुगम बनाने में SIDM की भूमिका की सराहना की।
- उपस्थिति (Attendees): कार्यक्रम में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, महानिदेशक (अधिग्रहण) ए. अन्बरासु, SIDM के संस्थापक अध्यक्ष बाबा कल्याणी, SIDM अध्यक्ष अरुण रामचंदानी, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, रक्षा बलों के प्रतिनिधि तथा भारतीय और अंतरराष्ट्रीय रक्षा कंपनियों के प्रमुख उपस्थित रहे।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic & Policy Significance)
रक्षा मंत्री ने भारत के रक्षा उद्योग के प्रमुख आयातक से सुनिश्चित और विश्वसनीय निर्यातक के रूप में रूपांतरण को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। स्वदेशी विनिर्माण, डिजाइन और R&D पर नियंत्रण स्थापित करने से युद्ध के समय विदेशी आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chains) पर निर्भरता कम होती है, जिससे भारत की रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) सुरक्षित होती है।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष (Economic & Institutional Aspects)
निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी को लगभग 24% से 50% तक ले जाने का लक्ष्य रक्षा उत्पादन में निजी निवेश, MSME और स्टार्टअप की भागीदारी को बढ़ावा देता है। SIDM जैसे उद्योग मंच नीति निर्माताओं और उद्योग के बीच संवाद का माध्यम बनकर DAP, iDEX और सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियों जैसे सुधारों को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने में सहायक होते हैं।
कारवार नौसेना बेस में 'प्रोजेक्ट सीबर्ड' (Project Seabird) फेज IIA अवसंरचना का उद्घाटन
(GS Paper III: सुरक्षा अवसंरचना एवं नौसैनिक क्षमता)
संदर्भ (Context)
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और सैन्य कार्य विभाग (DMA) के सचिव जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने 08 अक्टूबर 2026 को कारवार (कर्नाटक) स्थित नौसेना बेस में 'प्रोजेक्ट सीबर्ड' (Project Seabird) फेज IIA के तहत भारतीय नौसेना के वरिष्ठ नौसैनिकों (Senior Sailors) और रक्षा नागरिकों के लिए आवासीय आवास तथा महत्वपूर्ण ट्रंक उपयोगिता एवं सुविधा अवसंरचना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर महानिदेशक सीबर्ड वाइस एडमिरल विवेक दहिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य एवं तकनीकी विवरण (Highlights & Data)
- उद्घाटन की गई अवसंरचना (Inaugurated Infrastructure): ईस्ट ऑफ मंजिल क्रीक (East of Manzil Creek - EOMC) और अमादल्ली (Amadalli) में वरिष्ठ नौसैनिकों के विवाहित आवास हेतु 60 आवास इकाइयों वाला एक टावर, नौसेना रक्षा नागरिकों (Naval Defence Civilians) के लिए 60 आवास इकाइयों वाला एक टावर, रक्षा सुरक्षा कोर (Defence Security Corps - DSC) के 156 कर्मियों के लिए आवासीय परिसर और एक केजी स्कूल (KG School)।
- निर्माण एजेंसियां (Construction Agencies): सुविधाओं सहित आवासीय परिसरों का निर्माण एनसीसी लिमिटेड, हैदराबाद (M/s NCC Ltd) द्वारा तथा ट्रंक अवसंरचना का निर्माण सेमिंडिया प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड (M/s Cemindia Projects India Ltd) द्वारा किया गया है।
- फेज IIA का दायरा (Scope of Phase IIA): ये अवसंरचना विकास कारवार में पोतों और पनडुब्बियों की तैनाती (Basing) को समर्थन देने हेतु जारी फेज IIA का हिस्सा हैं। इसके दायरे में एक दोहरे उपयोग वाले नौसेना वायु स्टेशन (Naval Air Station), एक पूर्ण विकसित नौसेना डॉकयार्ड (Naval Dockyard) तथा पोतों और विमानों के लिए रसद सुविधाओं (Logistics Facilities) का निर्माण शामिल है।
- पर्यावरण मानक (Green Standards): परियोजना पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) और भारतीय हरित भवन परिषद (IGBC) के मानकों के अनुरूप है और पूर्ण होने पर इसे IGBC गोल्ड रेटिंग प्राप्त होगी।
- स्वदेशीकरण (Indigenisation): यह परियोजना 'आत्मनिर्भर भारत' की अवधारणा के अनुरूप है, जिसमें 90% से अधिक सामग्री और उपकरण घरेलू स्रोतों से प्राप्त किए गए हैं।
- पृष्ठभूमि (Background, PIB विज्ञप्ति के अतिरिक्त): सामान्य जानकारी के अनुसार 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद मुंबई बंदरगाह पर भीड़भाड़ के कारण पश्चिमी तट पर एक अतिरिक्त नौसैनिक बेस की आवश्यकता महसूस की गई। परियोजना को वर्ष 1985 में मंजूरी मिली और कारवार नौसेना बेस INS कदंब (INS Kadamba) को वर्ष 2005 में कमीशन किया गया।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic & Policy Significance)
सामान्य जानकारी के अनुसार, प्रोजेक्ट सीबर्ड के फेज IIA और IIB पूरे होने पर कारवार का नौसेना बेस पूर्वी गोलार्द्ध के सबसे बड़े नौसैनिक बेसों में से एक बनने की क्षमता रखता है। पश्चिमी तट पर पोतों और पनडुब्बियों की तैनाती को समर्थन देने वाला यह बेस भारतीय नौसेना की 'नीले पानी' की परिचालन क्षमता (Blue Water Operations) को सुदृढ़ करता है।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष (Economic & Institutional Aspects)
लगभग 10,000 सैन्य और नागरिक कर्मियों तथा उनके परिवारों को समायोजित करने वाला यह नौसेना बेस कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ (Uttara Kannada) क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था, उद्योग और पर्यटन को उल्लेखनीय बढ़ावा देगा और प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार के अनेक अवसर सृजित करेगा।
निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)
प्रारंभिक परीक्षा हेतु (Prelims Focus)
- SIDM चैंपियन पुरस्कार 2026: रक्षा मंत्री द्वारा 15 पुरस्कार प्रदान किए गए; SIDM की स्थापना 2017 में हुई; SIDM का 8वां वार्षिक सत्र, 09 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली; थीम: "Sovereign Capabilities, Contested Frontiers"; वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ (60% से अधिक वृद्धि); 2029 का निर्यात लक्ष्य ₹50,000 करोड़; निजी क्षेत्र का उत्पादन लक्ष्य लगभग 24% से 50%।
- प्रोजेक्ट सीबर्ड फेज IIA: कारवार (कर्नाटक) में; CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि द्वारा 08 अक्टूबर 2026 को उद्घाटन; 90% से अधिक स्वदेशी सामग्री; पूर्ण होने पर IGBC गोल्ड रेटिंग; दायरे में दोहरे उपयोग वाला नौसेना वायु स्टेशन, नौसेना डॉकयार्ड और रसद सुविधाएं; नौसेना बेस में लगभग 10,000 कर्मी।
मुख्य परीक्षा हेतु (Mains Focus)
- GS Paper III (सुरक्षा चुनौतियां व स्वदेशीकरण): रक्षा क्षेत्र में R&D निवेश, निजी क्षेत्र की 50% भागीदारी और रणनीतिक स्वायत्तता हासिल करने में SIDM व iDEX की भूमिका।
- GS Paper III (सुरक्षा अवसंरचना व नीले पानी की नौसेना): हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत की रणनीतिक पहुंच बढ़ाने हेतु कारवार नौसेना बेस का विस्तार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव।
UPSC CSE अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
प्रश्न 1. हाल ही में प्रदान किए गए 'SIDM चैंपियन पुरस्कार 2026' और भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 60% से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।
- रक्षा मंत्री ने देश के कुल रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी को लगभग 24% से बढ़ाकर 50% करने के अपने आह्वान को दोहराया।
- सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) की स्थापना 2017 में हुई थी और यह केवल बड़े रक्षा उद्यमों का प्रतिनिधित्व करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: A (केवल 1 और 2)
व्याख्या: कथन 1 और 2 सही हैं: वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ दर्ज किया गया और रक्षा मंत्री ने निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 24% से 50% करने के आह्वान को दोहराया। कथन 3 गलत है: SIDM की स्थापना 2017 में हुई थी, लेकिन यह केवल बड़े उद्यमों का नहीं, बल्कि बड़े उद्यमों, MSMEs, स्टार्टअप, शिक्षा जगत और विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं का प्रतिनिधित्व करने वाला एकीकृत मंच है।
प्रश्न 2. कारवार (कर्नाटक) स्थित 'प्रोजेक्ट सीबर्ड' (Project Seabird) फेज IIA के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- फेज IIA का उद्देश्य कारवार में पोतों और पनडुब्बियों की तैनाती को समर्थन देना है, जिसके दायरे में दोहरे उपयोग वाला नौसेना वायु स्टेशन और पूर्ण विकसित नौसेना डॉकयार्ड शामिल हैं।
- परियोजना में 50% से अधिक सामग्री और उपकरण विदेशों से आयातित किए गए हैं।
- परियोजना पर्यावरण मानदंडों के अनुरूप है और पूर्ण होने पर इसे भारतीय हरित भवन परिषद (IGBC) गोल्ड रेटिंग प्राप्त होगी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: C (केवल 1 और 3)
व्याख्या: कथन 1 और 3 सही हैं: फेज IIA कारवार में पोतों और पनडुब्बियों की तैनाती को समर्थन देने के लिए है, जिसके दायरे में दोहरे उपयोग वाला नौसेना वायु स्टेशन, पूर्ण विकसित नौसेना डॉकयार्ड और रसद सुविधाएं हैं, और परियोजना पूर्ण होने पर IGBC गोल्ड रेटेड होगी। कथन 2 गलत है: परियोजना में 90% से अधिक सामग्री और उपकरण घरेलू स्रोतों से प्राप्त किए गए हैं।
Quick Revision Facts
- SIDM (सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स) का 8वां वार्षिक सत्र 09 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुआ।
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 'SIDM चैंपियन पुरस्कार 2026' प्रदान किए।
- पुरस्कार स्वदेशी तकनीक विकास, उत्पाद नवाचार, डिजाइन, आयात प्रतिस्थापन, विनिर्माण उत्कृष्टता और निर्यात में उपलब्धियों के लिए दिए गए।
- सत्र की थीम: Sovereign Capabilities, Contested Frontiers: Accelerating India's Strategic Autonomy in an Era of Disruption।
- वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर रहा (60% से अधिक वृद्धि)।
- वर्ष 2029 तक ₹50,000 करोड़ के रक्षा निर्यात का लक्ष्य दोहराया गया।
- रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 24% से बढ़ाकर 50% करने का आह्वान दोहराया गया।
- SIDM की स्थापना वर्ष 2017 में हुई; इसके संस्थापक अध्यक्ष बाबा कल्याणी और अध्यक्ष अरुण रामचंदानी हैं।
- सुधार: DAP, DPM, सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां, सृजन पोर्टल और iDEX।
- प्रोजेक्ट सीबर्ड फेज IIA के तहत कारवार नौसेना बेस में अवसंरचना का उद्घाटन 08 अक्टूबर 2026 को CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने किया।
- उद्घाटन: वरिष्ठ नौसैनिकों के लिए 60 इकाइयों का टावर, रक्षा नागरिकों के लिए 60 इकाइयों का टावर, 156 DSC कर्मियों का आवास और केजी स्कूल।
- निर्माण एजेंसियां: एनसीसी लिमिटेड, हैदराबाद (आवासीय) और सेमिंडिया प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड (ट्रंक अवसंरचना)।
- फेज IIA के दायरे में दोहरे उपयोग वाला नौसेना वायु स्टेशन, नौसेना डॉकयार्ड और रसद सुविधाएं शामिल हैं।
- परियोजना में 90% से अधिक सामग्री और उपकरण स्वदेशी हैं; पूर्ण होने पर IGBC गोल्ड रेटिंग।
- कारवार नौसेना बेस में लगभग 10,000 सैन्य और नागरिक कर्मी परिवारों सहित रहेंगे; उत्तर कन्नड़ क्षेत्र को आर्थिक लाभ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) क्या है?
सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) भारतीय रक्षा उद्योग का एकीकृत मंच है, जिसकी स्थापना 2017 में हुई। यह बड़े उद्यमों, MSMEs, स्टार्टअप, शिक्षा जगत और विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं का प्रतिनिधित्व करता है और नीति-उद्योग संवाद को सुगम बनाता है। इसका 8वां वार्षिक सत्र 09 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुआ।
प्रोजेक्ट सीबर्ड (Project Seabird) क्या है?
प्रोजेक्ट सीबर्ड कर्नाटक के कारवार में भारतीय नौसेना का नौसैनिक बेस (INS कदंब) विकसित करने की बड़ी अवसंरचना परियोजना है। सामान्य जानकारी के अनुसार इसे 1985 में मंजूरी मिली और INS कदंब को 2005 में कमीशन किया गया। वर्तमान फेज IIA का उद्देश्य पोतों और पनडुब्बियों की तैनाती को समर्थन देना है, जिसके दायरे में दोहरे उपयोग वाला नौसेना वायु स्टेशन, नौसेना डॉकयार्ड और रसद सुविधाएं शामिल हैं।
SIDM चैंपियन पुरस्कार 2026 में कितने पुरस्कार दिए गए और किन क्षेत्रों में?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कुल 15 SIDM चैंपियन पुरस्कार प्रदान किए। ये पुरस्कार स्वदेशी तकनीक विकास, उत्पाद नवाचार, डिजाइन, आयात प्रतिस्थापन, विनिर्माण उत्कृष्टता और निर्यात में उपलब्धियों के लिए संगठनों को दिए गए।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात कितना रहा और 2029 का लक्ष्य क्या है?
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 60% से अधिक की वृद्धि है। रक्षा मंत्री ने वर्ष 2029 तक ₹50,000 करोड़ के रक्षा निर्यात के लक्ष्य को दोहराया।
रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी का लक्ष्य क्या है?
रक्षा मंत्री ने कुल रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी को लगभग 24% से बढ़ाकर 50% करने के अपने आह्वान को दोहराया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में निजी क्षेत्र का योगदान उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है और उद्योग से इस लक्ष्य के लिए प्रगतिशील मील के पत्थर तय करने को कहा।
निजी रक्षा उद्योग के विस्तार के लिए कौन-से नीतिगत सुधार लागू किए गए हैं?
रक्षा मंत्री के अनुसार इनमें रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP), रक्षा खरीद नियमावली (DPM), सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियां, सृजन पोर्टल और रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (iDEX) शामिल हैं। इनका उद्देश्य निजी रक्षा उद्योग की क्षमताओं का विस्तार करना है।
प्रोजेक्ट सीबर्ड फेज IIA के तहत कारवार में क्या उद्घाटित किया गया?
CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने 08 अक्टूबर 2026 को वरिष्ठ नौसैनिकों के लिए 60 इकाइयों का टावर, नौसेना रक्षा नागरिकों के लिए 60 इकाइयों का टावर, 156 DSC कर्मियों के लिए आवासीय परिसर और एक केजी स्कूल का उद्घाटन किया। साथ ही महत्वपूर्ण ट्रंक उपयोगिता एवं सुविधा अवसंरचना भी राष्ट्र को समर्पित की गई।
प्रोजेक्ट सीबर्ड फेज IIA में कितनी स्वदेशी सामग्री है और इसे कौन-सी रेटिंग मिलेगी?
परियोजना में 90% से अधिक सामग्री और उपकरण घरेलू स्रोतों से प्राप्त किए गए हैं, जो 'आत्मनिर्भर भारत' की अवधारणा के अनुरूप है। परियोजना MoEF&CC और IGBC के मानकों के अनुरूप है और पूर्ण होने पर इसे IGBC गोल्ड रेटिंग प्राप्त होगी।
References
एसआईडीएम चैंपियन पुरस्कार 2026 एवं रक्षा विनिर्माण (रक्षा मंत्रालय / SIDM)
- PIB अंग्रेज़ी (PRID 2321523): Raksha Mantri Presents SIDM Champion Awards 2026 and Calls for Greater Private Sector Participation, R&D Investment and Enhanced Defence Production Capacity
- PIB हिंदी (PRID 2321585): रक्षा मंत्री ने एसआईडीएम चैंपियन पुरस्कार 2026 प्रदान किए तथा रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने, अनुसंधान एवं विकास में निवेश को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया
प्रोजेक्ट सीबर्ड फेज IIA अवसंरचना का उद्घाटन (रक्षा मंत्रालय / भारतीय नौसेना)
- PIB अंग्रेज़ी (PRID 2321333): INAUGURATION OF PROJECT SEABIRD INFRASTRUCTURE BY GENERAL N S RAJA SUBRAMANI, CDS AND SECRETARY, DMA
- PIB हिंदी (PRID 2321460): चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सैन्य कार्य विभाग के सचिव जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने प्रोजेक्ट सीबर्ड का उद्घाटन किया
