PIB Analysis 08 October 2026 | SAREX-2026 and Indigenous Fleet Support Ship

PIB Analysis UPSC Current Affairs | करेंट अफेयर्स | समसामयिकी
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 07 अक्टूबर 2026 को बहुराष्ट्रीय खोज एवं बचाव अभ्यास 'सारेक्स-2026' (SAREX-2026) का उद्घाटन किया, जो 08 अक्टूबर 2026 को पारादीप (Paradip) के पास आयोजित किया जाएगा। इसी दिन भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard - ICG) के महानिदेशक परमेश शिवमणि की अध्यक्षता में 24वीं राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव (NMSAR) बोर्ड बैठक भी आयोजित हुई। दूसरी ओर, रक्षा मंत्रालय के तहत विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (Hindustan Shipyard Limited - HSL) में 82 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ निर्मित फ्लीट सपोर्ट शिप श्रृंखला के पहले पोत एफएसएस-1 (FSS-1) का 06 अक्टूबर 2026 को जलावतरण किया गया।
Aarambh Times Daily PIB Analysis and Current Affairs Update

सारेक्स-2026 (SAREX-2026) का उद्घाटन एवं 24वीं एनएमएसएआर (NMSAR) बोर्ड बैठक

(GS Paper II & III: अंतर्राष्ट्रीय संबंध, आंतरिक सुरक्षा एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी)

संदर्भ (Context)

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 07 अक्टूबर 2026 को बहुराष्ट्रीय खोज एवं बचाव अभ्यास 'सारेक्स-2026' (SAREX-2026) का उद्घाटन किया। यह अभ्यास 08 अक्टूबर 2026 को पारादीप (Paradip) के पास आयोजित किया जाएगा। इसी दिन भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक एवं राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव (National Maritime Search and Rescue - NMSAR) बोर्ड के अध्यक्ष परमेश शिवमणि की अध्यक्षता में बोर्ड की 24वीं बैठक भी आयोजित की गई।

मुख्य विवरण (Main Details)

  • अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी एवं बहु-एजेंसी समन्वय (International Participation & Multi-Agency Coordination): इस अभ्यास में 30 मित्र देशों के 32 प्रतिनिधि भाग लेंगे और अभ्यास का अवलोकन करेंगे। रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि नौसेना, तटरक्षक बल, वायु सेना, तटीय पुलिस, बंदरगाहों, असैन्य एजेंसियों, समुद्री परिवहन क्षेत्र तथा अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय साझेदारों की भागीदारी यह दर्शाती है कि आधुनिक समुद्री सुरक्षा किसी एक एजेंसी की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए सम्पूर्ण सरकार (Whole-of-Government) और सम्पूर्ण राष्ट्र (Whole-of-Nation) दृष्टिकोण आवश्यक है।
  • अभ्यास के उद्देश्य (Objectives of SAREX-2026): सारेक्स-2026 कई एजेंसियों का संयुक्त अभ्यास है। इसका उद्देश्य परिचालन तैयारियों को परखना, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय और सहयोग (Interoperability) को मजबूत करना, संयुक्त कार्रवाई की प्रक्रियाओं का अभ्यास करना तथा सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों का आदान-प्रदान करना है। समुद्र में संकटग्रस्त लोगों की जान बचाना हर मिशन का सर्वोपरि लक्ष्य है।
  • उपग्रह-आधारित खोज एवं बचाव में विकास (Evolution in Satellite-Aided SAR): रक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि भारत का सफर लो अर्थ ऑर्बिट सर्च एंड रेस्क्यू (Low Earth Orbit Search and Rescue - LEOSAR) से जियोस्टेशनरी सर्च एंड रेस्क्यू (Geostationary Search and Rescue - GEOSAR) और अब मीडियम अर्थ ऑर्बिट सर्च एंड रेस्क्यू (Medium Earth Orbit Search and Rescue - MEOSAR) की दिशा में आगे बढ़ा है।
  • एमईओएलयूटी (MEOLUT) की भूमिका: मीडियम अर्थ ऑर्बिट लोकल यूजर टर्मिनल (Medium Earth Orbit Local User Terminal - MEOLUT) ने पूर्ण परिचालन क्षमता (Full Operations Capability) हासिल कर ली है। रक्षा राज्य मंत्री ने इसे भारत की उपग्रह-आधारित खोज एवं बचाव क्षमता में महत्वपूर्ण प्रगति बताया और इस उपलब्धि के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) तथा उससे जुड़ी सभी टीमों को बधाई दी। MEOLUT वह भू-टर्मिनल है जो मीडियम अर्थ ऑर्बिट के उपग्रहों के माध्यम से संकट-संकेत (Distress Alert) प्राप्त करता है।
  • 24वीं एनएमएसएआर बोर्ड बैठक एवं भारतीय खोज एवं बचाव क्षेत्र की समीक्षा (24th NMSAR Board Meeting & Review of ISRR): बैठक में 46 लाख वर्ग किलोमीटर में फैले भारतीय खोज एवं बचाव क्षेत्र (Indian Search & Rescue Region - ISRR) में समुद्री खोज व बचाव अभियानों की तैयारियों की समीक्षा की गई। इसमें तकनीकी एकीकरण, वास्तविक समय में सूचना साझा करने, संकट चेतावनी प्रबंधन (Distress-Alert Management), पोतों की निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय पर चर्चा हुई। अध्यक्ष ने कहा कि पिछले अभियानों और अभ्यासों से मिले अनुभवों का सीधा लाभ भविष्य की तैयारियों और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में दिखना चाहिए।
  • राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव पुरस्कार-2026 (National Maritime SAR Awards 2026): बैठक के दौरान समुद्र में संकट में फंसे लोगों की जान बचाने के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित किया गया।

महत्व (Significance)

'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से एक अधिक सुरक्षित, लचीला और सहयोगपूर्ण समुद्री समुदाय बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्यों की ओर बढ़ते हुए भारत की खोज एवं बचाव क्षमताओं को और अधिक तेज, सटीक व सुदृढ़ बनाना आवश्यक है। यह प्रतिबद्धता भारतीय तटरक्षक बल के आदर्श वाक्य 'वयम् रक्षामः' (We Protect) में भी प्रतिबिंबित होती है।

विश्लेषण की दृष्टि से, यह अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region - IOR) में भारत की सहयोगी समुद्री सुरक्षा भूमिका को रेखांकित करता है। इसे 'सगर' (SAGAR - Security and Growth for All in the Region) और 'महासागर' (MAHASAGAR - Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) जैसी समुद्री दृष्टि के संदर्भ में समझा जा सकता है।

फ्लीट सपोर्ट शिप श्रृंखला के पहले पोत एफएसएस-1 (FSS-1) का जलावतरण

(GS Paper III: रक्षा, स्वदेशीकरण एवं जहाज निर्माण उद्योग)

संदर्भ (Context)

हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (Hindustan Shipyard Limited - HSL), विशाखापत्तनम में निर्माणाधीन फ्लीट सपोर्ट शिप (Fleet Support Ship - FSS) श्रृंखला के पहले पोत एफएसएस-1 (FSS-1) को 06 अक्टूबर 2026 को लॉन्च किया गया।

मुख्य विवरण (Main Details)

  • समारोह व गणमान्य व्यक्ति (Ceremonial Launch & Dignitaries): नौसेना की परंपराओं के अनुरूप नौसेना कल्याण एवं स्वास्थ्य संघ (Navy Welfare & Wellness Association - NWWA) की अध्यक्ष श्रीमती लैला स्वामीनाथन ने मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में जहाज का शुभारंभ किया। नौसेना प्रमुख (Chief of the Naval Staff) एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन तथा भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय और HSL के वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में उपस्थित थे।
  • एफएसएस-5 की नींव एवं अवसंरचना उन्नयन (Keel Laying of FSS-5 & Infrastructure Upgrade): इसी अवसर पर श्रृंखला के पांचवें पोत एफएसएस-5 (FSS-5) की नींव (Keel Laying) रखी गई। साथ ही HSL में एक महत्वपूर्ण अवसंरचना उन्नयन के रूप में 'ऑगमेंटेड स्लिपवे' (Augmented Slipway) का उद्घाटन किया गया।
  • उच्च स्वदेशी सामग्री (High Indigenous Content): फ्लीट सपोर्ट शिप का डिजाइन और निर्माण विशाखापत्तनम स्थित HSL द्वारा स्वदेशी रूप से किया गया है, जिसमें 82 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। यह नौसेना, शिपयार्ड, रक्षा उद्योगों और लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के बीच उच्चतम स्तर के पारस्परिक सहयोग को दर्शाता है।
  • परिचालन भूमिका (Operational Role): नौसेना में शामिल होने के बाद ये जहाज समुद्र में बेड़े के जहाजों की आपूर्ति (Replenishment at Sea) करके भारतीय नौसेना की 'ब्लू वाटर' (Blue Water) क्षमताओं को बढ़ाएंगे। ये परिचालन रसद (Operational Logistics) को मजबूत करेंगे, जिससे बेड़े की रणनीतिक पहुंच और गतिशीलता में वृद्धि होगी।
  • सहायक भूमिका (Secondary Role: HADR & NEO): अपनी सहायक भूमिका में ये जहाज मानवीय सहायता और आपदा राहत (Humanitarian Assistance and Disaster Relief - HADR) अभियानों तथा गैर-लड़ाकू निकासी अभियानों (Non-combatant Evacuation Operations - NEO) को चलाने में सक्षम होंगे। इससे राहत सामग्री का त्वरित वितरण और कर्मियों की निकासी सुनिश्चित होगी।

महत्व (Significance)

यह परियोजना भारतीय जहाज निर्माण उद्योग को उल्लेखनीय बढ़ावा देती है और भारत सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' (Aatmanirbhar Bharat) तथा 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहल का गौरवशाली ध्वजवाहक है। बेड़े के जहाजों को समुद्र में ही आपूर्ति देने की क्षमता नौसेना को बंदरगाह पर बार-बार लौटे बिना लंबे समय तक अभियान चलाने में सहायक होती है।

परीक्षा की दृष्टि से ध्यान रहे कि जलावतरण (Launch) का अर्थ नौसेना में कमीशनिंग नहीं है। PIB के अनुसार ये जहाज नौसेना में शामिल होने के बाद अपनी भूमिकाएं निभाएंगे।

निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)

प्रारंभिक परीक्षा हेतु (Prelims Focus)

  • सारेक्स-2026 (SAREX-2026): 07 अक्टूबर 2026 को रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा उद्घाटन; अभ्यास 08 अक्टूबर 2026 को पारादीप के पास; 30 मित्र देशों के 32 प्रतिनिधि; LEOSAR से GEOSAR और अब MEOSAR की ओर; MEOLUT ने पूर्ण परिचालन क्षमता हासिल की (ISRO को बधाई)।
  • एनएमएसएआर बोर्ड बैठक: 24वीं बैठक; अध्यक्ष महानिदेशक परमेश शिवमणि (DG, ICG); 46 लाख वर्ग किमी का भारतीय खोज एवं बचाव क्षेत्र (ISRR); 'राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव पुरस्कार-2026' प्रदान किए गए।
  • भारतीय तटरक्षक बल का आदर्श वाक्य: 'वयम् रक्षामः' (हम रक्षा करते हैं)।
  • एफएसएस-1 (FSS-1): HSL, विशाखापत्तनम में निर्मित फ्लीट सपोर्ट शिप श्रृंखला का पहला पोत; जलावतरण 06 अक्टूबर 2026 को; 82 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री; FSS-5 की नींव और ऑगमेंटेड स्लिपवे का उद्घाटन; HADR व NEO अभियानों में सक्षम।
  • सगर एवं महासागर (स्टैटिक GK): सगर (SAGAR) का पूर्ण रूप Security and Growth for All in the Region है; महासागर (MAHASAGAR) का पूर्ण रूप Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री ने मार्च 2025 में मॉरीशस यात्रा के दौरान की थी।

मुख्य परीक्षा हेतु (Mains Focus)

  • GS Paper II (अंतर्राष्ट्रीय संबंध व क्षेत्रीय कूटनीति): सारेक्स जैसे बहुराष्ट्रीय अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' (Net Security Provider) की भूमिका और 'सगर' व 'महासागर' जैसी समुद्री दृष्टि को व्यावहारिक रूप देते हैं।
  • GS Paper III (सुरक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी व स्वदेशीकरण): समुद्री खोज व बचाव में MEOLUT जैसे उपग्रह-आधारित तंत्र का महत्व, सम्पूर्ण सरकार दृष्टिकोण के तहत बहु-एजेंसी समन्वय, तथा 82 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री वाले फ्लीट सपोर्ट शिप द्वारा 'ब्लू वाटर' नौसैन्य रसद का सुदृढ़ीकरण।

UPSC CSE अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

प्रश्न 1. 'सारेक्स-2026' (SAREX-2026) और भारत के समुद्री खोज एवं बचाव ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. सारेक्स-2026 में 30 मित्र देशों के 32 प्रतिनिधियों के भाग लेने और अभ्यास का अवलोकन करने की बात कही गई है।
  2. उपग्रह-आधारित खोज एवं बचाव प्रणाली के क्षेत्र में भारत के लिए मीडियम अर्थ ऑर्बिट लोकल यूजर टर्मिनल (MEOLUT) ने पूर्ण परिचालन क्षमता हासिल की है।
  3. भारतीय तटरक्षक बल का आदर्श वाक्य 'वयम् रक्षामः' (We Protect) है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3

उत्तर: D (1, 2 और 3 - सभी कथन सही हैं)

व्याख्या: तीनों कथन सही हैं। सारेक्स-2026 में 30 मित्र देशों के 32 प्रतिनिधि भाग लेंगे और अभ्यास का अवलोकन करेंगे। MEOLUT ने पूर्ण परिचालन क्षमता हासिल की है, जो भारत की LEOSAR से GEOSAR और अब MEOSAR की ओर बढ़ती उपग्रह-आधारित क्षमता में महत्वपूर्ण प्रगति है। भारतीय तटरक्षक बल का आदर्श वाक्य 'वयम् रक्षामः' है।

प्रश्न 2. हाल ही में लॉन्च किए गए फ्लीट सपोर्ट शिप श्रृंखला के पहले पोत एफएसएस-1 (FSS-1) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. इसका डिजाइन और निर्माण हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL), विशाखापत्तनम द्वारा किया गया है।
  2. इसमें 82 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
  3. यह पोत केवल युद्ध अभियानों के लिए है और इसका उपयोग मानवीय सहायता तथा आपदा राहत (HADR) अभियानों में नहीं किया जा सकता।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3

उत्तर: A (केवल 1 और 2)

व्याख्या: कथन 1 और 2 सही हैं: एफएसएस-1 का डिजाइन और निर्माण HSL, विशाखापत्तनम द्वारा 82 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ किया गया है। कथन 3 गलत है: ये जहाज अपनी सहायक भूमिका में मानवीय सहायता व आपदा राहत (HADR) तथा गैर-लड़ाकू निकासी अभियानों (NEO) को चलाने में सक्षम होंगे।

Quick Revision Facts

  • सारेक्स-2026 का उद्घाटन 07 अक्टूबर 2026 को रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किया।
  • सारेक्स-2026 अभ्यास 08 अक्टूबर 2026 को पारादीप के पास आयोजित किया जाएगा।
  • अभ्यास में 30 मित्र देशों के 32 प्रतिनिधि भाग लेंगे और अवलोकन करेंगे।
  • भारत की उपग्रह-आधारित खोज एवं बचाव क्षमता: LEOSAR से GEOSAR और अब MEOSAR की ओर।
  • MEOLUT ने पूर्ण परिचालन क्षमता हासिल की; रक्षा राज्य मंत्री ने ISRO को बधाई दी।
  • 24वीं एनएमएसएआर बोर्ड बैठक 07 अक्टूबर 2026 को हुई; अध्यक्षता DG ICG परमेश शिवमणि ने की।
  • भारतीय खोज एवं बचाव क्षेत्र (ISRR) का विस्तार 46 लाख वर्ग किलोमीटर है।
  • 'राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव पुरस्कार-2026' बैठक के दौरान प्रदान किए गए।
  • भारतीय तटरक्षक बल का आदर्श वाक्य: 'वयम् रक्षामः' (We Protect)।
  • एफएसएस-1 का जलावतरण 06 अक्टूबर 2026 को HSL, विशाखापत्तनम में हुआ।
  • जलावतरण श्रीमती लैला स्वामीनाथन (अध्यक्ष, NWWA) ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में किया।
  • एफएसएस-5 की नींव रखी गई और 'ऑगमेंटेड स्लिपवे' का उद्घाटन हुआ।
  • फ्लीट सपोर्ट शिप में 82 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है।
  • प्रमुख भूमिका: समुद्र में बेड़े के जहाजों की आपूर्ति (Replenishment at Sea); सहायक भूमिका: HADR व NEO।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

सारेक्स (SAREX) क्या है?

सारेक्स (SAREX) का अर्थ खोज एवं बचाव अभ्यास (Search and Rescue Exercise) है। सारेक्स-2026 एक बहुराष्ट्रीय और बहु-एजेंसी अभ्यास है, जिसका उद्देश्य परिचालन तैयारियों को परखना, अंतरराष्ट्रीय समन्वय बढ़ाना, संयुक्त कार्रवाई की प्रक्रियाओं का अभ्यास करना और सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों का आदान-प्रदान करना है।

फ्लीट सपोर्ट शिप (FSS) क्या है?

फ्लीट सपोर्ट शिप ऐसे बड़े सहायक पोत हैं जो समुद्र में ही बेड़े के जहाजों को ईंधन, पानी, गोला-बारूद और प्रावधानों की आपूर्ति करते हैं। इससे युद्धपोत बंदरगाह लौटे बिना लंबे समय तक अभियान चला पाते हैं। भारतीय नौसेना के लिए HSL इन पोतों की श्रृंखला बना रहा है और अपनी सहायक भूमिका में ये HADR व NEO अभियान भी चला सकेंगे।

मीडियम अर्थ ऑर्बिट सर्च एंड रेस्क्यू (MEOSAR) और MEOLUT क्या हैं?

MEOSAR उपग्रह-आधारित खोज एवं बचाव की वह प्रणाली है जिसमें मीडियम अर्थ ऑर्बिट के उपग्रहों के माध्यम से संकट-संकेत पकड़े जाते हैं। MEOLUT इन संकेतों को प्राप्त करने वाला भू-टर्मिनल है। PIB के अनुसार भारत के MEOLUT ने पूर्ण परिचालन क्षमता हासिल कर ली है।

राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव (NMSAR) बोर्ड क्या है?

राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव (NMSAR) बोर्ड भारत में समुद्री खोज एवं बचाव की तैयारियों की समीक्षा और समन्वय का मंच है। भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक इसके अध्यक्ष होते हैं। इसकी 24वीं बैठक 07 अक्टूबर 2026 को महानिदेशक परमेश शिवमणि की अध्यक्षता में हुई।

सारेक्स-2026 कब और कहाँ आयोजित होगा और इसमें कितने देश भाग ले रहे हैं?

सारेक्स-2026 का उद्घाटन 07 अक्टूबर 2026 को हुआ और अभ्यास 08 अक्टूबर 2026 को पारादीप के पास आयोजित किया जाएगा। इसमें 30 मित्र देशों के 32 प्रतिनिधि भाग लेंगे और अभ्यास का अवलोकन करेंगे।

भारतीय खोज एवं बचाव क्षेत्र (ISRR) कितना बड़ा है?

PIB के अनुसार भारतीय खोज एवं बचाव क्षेत्र (Indian Search & Rescue Region - ISRR) 46 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है। 24वीं एनएमएसएआर बोर्ड बैठक में इसी क्षेत्र में समुद्री खोज व बचाव अभियानों की तैयारियों की समीक्षा की गई।

एफएसएस-1 का जलावतरण कब, कहाँ और किसने किया?

एफएसएस-1 का जलावतरण 06 अक्टूबर 2026 को हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, विशाखापत्तनम में हुआ। नौसेना की परंपरा के अनुरूप नौसेना कल्याण एवं स्वास्थ्य संघ (NWWA) की अध्यक्ष श्रीमती लैला स्वामीनाथन ने मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में जहाज का शुभारंभ किया।

फ्लीट सपोर्ट शिप में कितनी स्वदेशी सामग्री है और एफएसएस-5 की नींव कब रखी गई?

फ्लीट सपोर्ट शिप का डिजाइन और निर्माण HSL द्वारा स्वदेशी रूप से किया गया है, जिसमें 82 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। एफएसएस-1 के जलावतरण वाले कार्यक्रम में ही श्रृंखला के पांचवें पोत एफएसएस-5 की नींव रखी गई और ऑगमेंटेड स्लिपवे का उद्घाटन किया गया।

References

सारेक्स-2026 एवं 24वीं एनएमएसएआर बोर्ड बैठक (रक्षा मंत्रालय)

  1. PIB अंग्रेज़ी (PRID 2320300): RRM Inaugurates SAREX-2026 as 24th NMSAR Board Meeting Reviews Maritime SAR Preparedness
  2. PIB हिंदी (PRID 2320389): रक्षा राज्य मंत्री ने सारेक्स-2026 का उद्घाटन किया; 24वीं एनएमएसएआर बोर्ड बैठक में समुद्री खोज एवं बचाव तैयारियों की समीक्षा की गई

फ्लीट सपोर्ट शिप एफएसएस-1 का जलावतरण एवं एफएसएस-5 की नींव (रक्षा मंत्रालय / HSL)

  1. PIB अंग्रेज़ी (PRID 2320049): LAUNCH AND KEEL LAYING OF FLEET SUPPORT SHIPS
  2. PIB हिंदी (PRID 2320182): बेड़े के सहायक जहाजों की आधिकारिक शुरुआत