PIB Analysis 26 September 2026 | Agnibaan RLV, Pharma PLI, Govt Borrowing

प्रकाशन तिथि: 26 सितंबर 2026 | स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) | श्रेणी: UPSC करेंट अफेयर्स
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने चेन्नई स्थित एयरोस्पेस स्टार्ट-अप अग्निकुल कॉसमॉस के साथ पूर्णतः पुनः उपयोग योग्य प्रक्षेपण यान 'अग्निबान RLV' (Agnibaan Reusable Launch Vehicle) के विकास हेतु ₹200 करोड़ के वित्तीय सहायता समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। दूसरी ओर, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग ने बल्क ड्रग्स, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइसेज के लिए संचालित तीन उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं के तहत घरेलू उत्पादन, आयात प्रतिस्थापन और 3 दशकों बाद पेनिसिलिन-जी के पुनरुद्धार सहित अभूतपूर्व मील के पत्थरों की रिपोर्ट जारी की है। इसके अतिरिक्त, वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के परामर्श से वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही (H2) के लिए ₹7,86,000 करोड़ का बाज़ार उधारी कैलेंडर तथा Q3 हेतु ट्रेजरी बिल नीलामी अनुसूची जारी की है।

विषय सूची (Table of Contents)

  1. अग्निकुल कॉसमॉस एवं TDB-DST द्वारा पूर्ण पुनः उपयोग योग्य 'अग्निबान RLV' का विकास: ₹200 करोड़ का आरडीआई (RDI) समर्थन, TRL-4 से TRL-8 तक तकनीक का उन्नयन, पूर्ण-प्रणाली पुन: उपयोग (Full-system Reusability), सेमी-क्रायोजेनिक लिक्विड प्रोपल्शन और 3D-प्रिंटेड अग्निशोधित 'अग्निलेट' इंजन।
    (GS Paper III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - स्वदेशी तकनीक का विकास, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी व प्राइवेट स्पेस इकोसिस्टम)
  2. फार्मास्यूटिकल्स, बल्क ड्रग्स एवं मेडिकल डिवाइसेज में PLI योजनाओं की ऐतिहासिक उपलब्धियां: ₹6,940 करोड़ बल्क ड्रग्स PLI (39 चालू परियोजनाएं), पेनिसिलिन-जी (3 दशक बाद घरेलू उत्पादन), क्लैवुलैनिक एसिड, पीएपी, ₹15,000 करोड़ फार्मा PLI (1.21 लाख+ रोजगार) और ₹3,420 करोड़ मेडिकल डिवाइसेज PLI (57 स्वदेशी उच्च-स्तरीय उपकरण)।
    (GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था - विनिर्माण क्षेत्र, आत्मनिर्भर भारत, स्वास्थ्य सुरक्षा व आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन)
  3. वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही (H2) के लिए भारत सरकार का उधारी कार्यक्रम: ₹7,86,000 करोड़ की कुल बाजार उधारी (23 साप्ताहिक नीलामी), ₹15,000 करोड़ के सोवरन ग्रीन बॉन्ड (SGrBs), Q3 हेतु ₹2.99 लाख करोड़ के ट्रेजरी बिल (T-Bills) और ₹50,000 करोड़ की WMA सीमा।
    (GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था - राजकोषीय नीति, बाजार उधारी, सोवरन ग्रीन बॉन्ड व सरकारी वित्तीय प्रबंधन)
  4. निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)
  5. UPSC CSE अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

1. अग्निकुल कॉसमॉस एवं TDB-DST द्वारा पूर्ण पुनः उपयोग योग्य 'अग्निबान RLV' का विकास

(GS Paper III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - स्वदेशी तकनीक का विकास, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी व प्राइवेट स्पेस इकोसिस्टम)

संदर्भ (Context)

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार ने चेन्नई, तमिलनाडु स्थित अंतरिक्ष स्टार्ट-अप मेसर्स अग्निकुल कॉसमॉस प्राइवेट लिमिटेड (Agnikul Cosmos) के साथ ₹200 करोड़ के वित्तीय सहायता समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह निधि अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) कोष के तहत वैकल्पिक परिवर्तनीय डिबेंचर (Optionally Convertible Debentures - OCD) के माध्यम से प्रदान की जा रही है।

तकनीकी व मुख्य विवरण (Technical Highlights)

  • तकनीकी तत्परता स्तर का उन्नयन (TRL-4 to TRL-8 Elevation):
    • इस परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य अग्निबान RLV (Agnibaan Reusable Launch Vehicle) का विकास करना है और इस स्वदेशी तकनीक को TRL-4 (प्रायोगिक प्रयोगशाला सत्यापन) से TRL-8 (उड़ान-योग्य प्रणाली पूर्णता) तक पहुँचाना है।
  • पूर्ण-प्रणाली पुन: उपयोगिता (Full-System Reusability):
    • केवल प्रथम चरण के बूस्टर को पुनर्प्राप्त करने के पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़कर यह परियोजना पूरे रॉकेट (ऊपरी चरण सहित) के पुनः उपयोग की वास्तुकला पर केंद्रित है।
    • इसका लक्ष्य प्रक्षेपण व विनिर्माण लागत को अत्यधिक घटाना, प्रक्षेपणों की आवृत्ति (Launch Frequency) बढ़ाना और अंतरिक्ष मलबे (Space Debris) को नियंत्रित करना है।
  • प्रणोदन एवं निर्माण तकनीक (Propulsion Architecture & 3D-Printing):
    • इसमें एक हल्का ऊपरी चरण, सटीक कक्षीय प्रवेश (Orbital Insertion) और सेमी-क्रायोजेनिक तरल प्रणोदन प्रणाली (Semi-cryogenic Liquid Propulsion) शामिल है जो डीप थ्रॉटलिंग (Deep Throttling) और पुनः आरंभ (Restart) करने की क्षमता से लैस है।
    • अग्निकुल द्वारा पूर्व में प्रदर्शित 'अग्निलेट' (Agnilet) इंजन दुनिया का पहला एकल-भाग 3D-प्रिंटेड (Single-piece 3D-printed) रॉकेट इंजन है।

रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance)

  • स्वदेशी अंतरिक्ष परिवहन इकोसिस्टम: यह RDI सपोर्ट प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप के माध्यम से भारत को वैश्विक वाणिज्यिक उपग्रह प्रक्षेपण बाजार (Commercial Satellite Launch Market) में लागत-प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल वैश्विक लीडर के रूप में स्थापित करता है।

2. फार्मास्यूटिकल्स, बल्क ड्रग्स एवं मेडिकल डिवाइसेज में PLI योजनाओं की ऐतिहासिक उपलब्धियां

(GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था - विनिर्माण क्षेत्र, आत्मनिर्भर भारत, स्वास्थ्य सुरक्षा व आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन)

संदर्भ (Context)

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग (Department of Pharmaceuticals) ने 25 सितंबर 2026 को भारत की स्वास्थ्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने वाली तीन प्रमुख उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं—बल्क ड्रग्स, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइसेज—के कार्यान्वयन की व्यापक रिपोर्ट जारी की है।

मुख्य विवरण (Highlights)

  1. बल्क ड्रग्स के लिए पीएलआई योजना (PLI Scheme for Bulk Drugs):

    • परिव्यय व स्वीकृति: ₹6,940 करोड़ के वित्तीय परिव्यय के साथ 41 critical उत्पादों और APIs के लिए स्वीकृत योजना के तहत 48 परियोजनाएं स्वीकृत की गईं। जून 2026 तक ₹5,210.74 करोड़ का वास्तविक निवेश हो चुका है और 28 APIs/KSMs हेतु 39 ग्रीनफील्ड परियोजनाएं चालू हो चुकी हैं।
    • पेनिसिलिन-जी (Penicillin G) का पुनरुद्धार: ऑरोबिंदो फार्मा की सहायक कंपनी लाइफियस फार्मा ने काकीनाडा SEZ (आंध्र प्रदेश) में ₹2,270.05 करोड़ के निवेश से 15,000 मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता वाला संयंत्र चालू किया है। 90% से अधिक घरेलू मूल्यवर्धन के साथ लगभग तीन दशकों (30 वर्षों) के अंतराल के बाद भारत में पेनिसिलिन-जी का निर्माण पुनः शुरू हुआ है।
    • अन्य प्रमुख किण्वन व रासायनिक इकाइयां:
      • क्लैवुलैनिक एसिड (Potassium Clavulanate): किनवान प्राइवेट लिमिटेड द्वारा नालागढ़ (हिमाचल प्रदेश) में ₹504.68 करोड़ के निवेश से 400 MT क्षमता वाली भारत की पहली किण्वन-आधारित सुविधा।
      • सल्फेडियाज़िन (Sulfadiazine): आंध्र ऑर्गेनिक्स (AOL) द्वारा पायदिभीमावरम (AP) में ₹151.47 करोड़ से स्थापित संयंत्र, जिसने सल्फेडियाज़िन आयात में 73% की भारी गिरावट दर्ज की।
      • पैरा अमीनो फिनोल (PAP): मेघमानी LLP द्वारा दहेज (गुजरात) में ₹60.46 करोड़ से 13,500 MT क्षमता वाला संयंत्र, जो पैरासिटामोल के लिए मुख्य raw material है।
      • एटोरवास्टेटिन (Atorvastatin): सेंट्रिएंट फार्मास्यूटिकल्स द्वारा नवांशहर (पंजाब) में ₹161.13 करोड़ का संयंत्र (80%+ घरेलू मूल्यवर्धन)।
  2. फार्मास्यूटिकल्स के लिए पीएलआई योजना (PLI Scheme for Pharmaceuticals):

    • ₹15,000 करोड़ के परिव्यय वाली इस योजना में 55 आवेदकों (20 MSMEs सहित) का चयन हुआ।
    • जून 2026 तक ₹17,275 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले ₹46,744 करोड़ का वास्तविक निवेश आकर्षित हुआ और 1,21,294 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए।
    • लाभार्थी कंपनियों ने ₹4,02,869 करोड़ की संचयी बिक्री की, जिसमें ₹2,57,370 करोड़ का निर्यात शामिल है।
  3. मेडिकल डिवाइसेज के लिए पीएलआई योजना (PLI Scheme for Medical Devices):

    • ₹3,420 करोड़ के परिव्यय के साथ 5 वर्षों के लिए 5% प्रोत्साहन दर।
    • 57 विशिष्ट चिकित्सा उपकरणों (MRI मशीन, CT स्कैनर, कैथ लैब, लीनियर एक्सीलेरेटर, C-आर्म्स, मैमोग्राफी, अल्ट्रासाउंड, एनेस्थीसिया मशीन और हार्ट वाल्व) का स्वदेशी विनिर्माण शुरू हुआ है।
    • GE हेल्थकेयर, सीमेंस, फिलिप्स, वेरेक्स, निप्रो और ओमरोन जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनियों ने भारत में विनिर्माण सुविधाएं स्थापित की हैं।

तीनों योजनाओं का सार-संक्षेप (जून 2026 तक):

  • बल्क ड्रग्स PLI: वित्तीय परिव्यय ₹6,940 करोड़, वास्तविक निवेश ₹5,210.74 करोड़; 39 परियोजनाएं चालू, 3 दशक बाद पेनिसिलिन-जी निर्माण पुनर्जीवित।
  • फार्मास्यूटिकल्स PLI: वित्तीय परिव्यय ₹15,000 करोड़ के मुकाबले ₹46,744 करोड़ (लक्ष्य से 2.7 गुना) का वास्तविक निवेश; 1.21 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित, ₹2.57 लाख करोड़ का निर्यात।
  • मेडिकल डिवाइसेज PLI: वित्तीय परिव्यय ₹3,420 करोड़, 5 वर्षों के लिए 5% इंक्रीमेंटल प्रोत्साहन दर; 57 स्वदेशी चिकित्सा उपकरणों का विनिर्माण शुरू, GE हेल्थकेयर, सीमेंस, फिलिप्स जैसी कंपनियां शामिल।

3. वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही (H2) के लिए भारत सरकार का उधारी कार्यक्रम

(GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था - राजकोषीय नीति, बाजार उधारी, सोवरन ग्रीन बॉन्ड व सरकारी वित्तीय प्रबंधन)

संदर्भ (Context)

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के परामर्श से वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही (H2: अक्टूबर 2026 से मार्च 2027) के लिए अपनी बाज़ार उधारी योजना और प्रतिभूतियां जारी करने का आधिकारिक कैलेंडर जारी किया है।

मुख्य विवरण (Highlights)

  • कुल उधारी एवं बजट तुलना (Gross Market Borrowing):
    • H2 FY 2026-27 के दौरान सरकार ₹7,86,000 करोड़ की बाजार उधारी तय करेगी।
    • पुरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल बाजार उधारी ₹15,99,506 करोड़ रहने का अनुमान है, जो ₹17,20,000 करोड़ के बजट अनुमान से कम है।
  • सोवरन ग्रीन बॉन्ड (Sovereign Green Bonds - SGrBs):
    • कुल उधारी में ₹15,000 करोड़ के सोवरन ग्रीन बॉन्ड (30-वर्षीय परिपक्वता) शामिल हैं, जिन्हें हरित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं हेतु जारी किया जाएगा।
  • नीलामी संरचना व परिपक्वता अवधि (Maturity Breakdown across 23 Auctions):
    • उधारी 23 साप्ताहिक नीलामियों के माध्यम से 3 से 50 वर्षों की परिपक्वता अवधि वाली प्रतिभूतियों में पूरी की जाएगी।
    • परिपक्वता हिस्सेदारी: 10-वर्षीय (26.3%), 15-वर्षीय (17.6%), 5-वर्षीय (12.1%), 50-वर्षीय (9.9%), 30-वर्षीय (9.2%), 7-वर्षीय (9.1%), 40-वर्षीय (8.9%), और 3-वर्षीय (6.9%)।
  • ग्रीनशू विकल्प व खुदरा निवेशक (Greenshoe Option & Retail Participation):
    • सरकार प्रत्येक प्रतिभूति के लिए ₹2,000 करोड़ तक का अतिरिक्त ग्रीनशू विकल्प बनाए रखेगी।
    • खुदरा निवेशकों के लिए गैर-प्रतिस्पर्धी बोली (Non-competitive bidding) के तहत 5% राशि आरक्षित रखी गई है।
  • ट्रेजरी बिल (T-Bills) एवं WMA सीमा:
    • Q3 (अक्टूबर-दिसंबर 2026) के दौरान 13 नीलामी सप्ताहों में प्रति सप्ताह ₹23,000 करोड़ के टी-बिल जारी कर कुल ₹2,99,000 करोड़ जुटाए जाएंगे (91-दिवसीय: ₹8,000 करोड़; 182-दिवसीय: ₹8,000 करोड़; 364-दिवसीय: ₹7,000 करोड़ प्रति सप्ताह)।
    • नकदी बेमेल दूर करने हेतु RBI ने H2 के लिए वेज़ एंड मीन्स एडवांसेज (WMA) की सीमा ₹50,000 करोड़ निर्धारित की है।

4. निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)

प्रारंभिक परीक्षा हेतु (Prelims Focus)

  • अग्निबान RLV (अग्निकुल कॉसमॉस, TDB ₹200 करोड़ OCD सहायता, TRL-4 से TRL-8, 3D-प्रिंटेड अग्निलेट इंजन)।
  • PLI आंकड़े: बल्क ड्रग्स (₹6,940 करोड़), पेनिसिलिन-जी (काकीनाडा SEZ, लाइफियस फार्मा, 30 साल बाद पुनरुद्धार), Clavulanic Acid (हिमाचल प्रदेश), Sulfadiazine (73% आयात कमी), PAP (पैरासिटामोल KSM), 57 स्वदेशी मेडिकल डिवाइसेज।
  • H2 उधारी: ₹7,86,000 करोड़ (23 नीलामियाँ); ₹15,000 करोड़ SGrBs; उच्चतम शेयर 10-वर्षीय प्रतिभूति (26.3%); Q3 T-Bills ₹2,99,000 करोड़; WMA सीमा ₹50,000 करोड़।

मुख्य परीक्षा हेतु (GS Paper III)

  • GS Paper III (अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी व स्टार्टअप्स): RDI सपोर्ट के जरिए एयरोस्पेस इकोसिस्टम में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी और स्पेस मलबे में कमी।
  • GS Paper III (औषधीय विनिर्माण व स्वास्थ्य सुरक्षा): अति-आवश्यक APIs/KSMs का स्वदेशीकरण करके विदेशी आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों से भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा।
  • GS Paper III (राजकोषीय प्रबंधन व ऋण नीतियां): उधारी का बजट अनुमान से कम रहना, बॉन्ड यील्ड में स्थिरता और सोवरन ग्रीन बॉन्ड्स के माध्यम से सतत वित्तपोषण।

5. UPSC CSE अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

प्रश्न 1

स्वदेशी एयरोस्पेस विकास 'अग्निबान RLV' (Agnibaan Reusable Launch Vehicle) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने इस परियोजना के लिए अग्निकुल कॉसमॉस को ₹200 करोड़ की आरडीआई (RDI) वित्तीय सहायता प्रदान की है।
  2. यह परियोजना केवल प्रक्षेपण यान के पहले चरण (First Stage) को पुनः प्राप्त करने तक सीमित है।
  3. इसमें विश्व के प्रथम एकल-भाग 3D-प्रिंटेड 'अग्निलेट' (Agnilet) इंजन और सेमी-क्रायोजेनिक प्रणोदन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3

उत्तर: C (केवल 1 और 3)

व्याख्या: कथन 1 और 3 सही हैं — TDB-DST ने अग्निकुल कॉसमॉस को ₹200 करोड़ की सहायता दी है, जिसमें 3D-प्रिंटेड अग्निलेट इंजन और सेमी-क्रायोजेनिक लिक्विड प्रोपल्शन शामिल है। कथन 2 गलत है — यह केवल पहले चरण को पुनः प्राप्त करने के पारंपरिक दृष्टिकोण से आगे बढ़कर पूर्ण-प्रणाली पुन: उपयोग (Full-System Reusability) और ऊपरी चरण के नियंत्रण पर काम करता है।

प्रश्न 2

भारत में हाल की PLI-समर्थित विनिर्माण उपलब्धियों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा उत्पाद-स्थान युग्म सही सुमेलित है?

  • A. पेनिसिलिन-जी — काकीनाडा SEZ, आंध्र प्रदेश (लाइफियस फार्मा)
  • B. क्लैवुलैनिक एसिड — दहेज, गुजरात
  • C. पैरा अमीनो फिनोल (PAP) — नालागढ़, हिमाचल प्रदेश
  • D. उपरोक्त में से कोई भी सही सुमेलित नहीं है

उत्तर: A

व्याख्या: पेनिसिलिन-जी का उत्पादन लाइफियस फार्मा द्वारा काकीनाडा SEZ (आंध्र प्रदेश) में होता है — यह सही सुमेलित है। क्लैवुलैनिक एसिड वास्तव में किनवान द्वारा नालागढ़ (हिमाचल प्रदेश) में बनाया जाता है, न कि दहेज में। पैरा अमीनो फिनोल (PAP) वास्तव में मेघमानी LLP द्वारा दहेज (गुजरात) में बनाया जाता है, न कि नालागढ़ में।

प्रश्न 3

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही (H2) के लिए सरकार के बाज़ार उधारी कैलेंडर के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. H2 FY 2026-27 के दौरान सरकार की कुल बाजार उधारी ₹7,86,000 करोड़ निर्धारित की गई है।
  2. सोवरन ग्रीन बॉन्ड इस उधारी योजना से अलग एक स्वतंत्र व्यवस्था के तहत जारी किए जाएंगे।
  3. सरकार यह उधारी 23 साप्ताहिक नीलामियों के माध्यम से पूरी करेगी, जिसमें 10-वर्षीय प्रतिभूतियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक (26.3%) है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3

उत्तर: C (केवल 1 और 3)

व्याख्या: कथन 1 और 3 सही हैं — सरकार ने H2 FY 2026-27 के लिए ₹7,86,000 करोड़ की बाजार उधारी और 23 साप्ताहिक नीलामियों का कैलेंडर जारी किया है, जिसमें 10-वर्षीय प्रतिभूतियों की हिस्सेदारी सबसे अधिक (26.3%) है। कथन 2 गलत है — सोवरन ग्रीन बॉन्ड (₹15,000 करोड़, 30-वर्षीय परिपक्वता) इसी उधारी कैलेंडर का हिस्सा हैं, अलग व्यवस्था नहीं।

Quick Revision Facts

  • अग्निबान RLV: TDB-DST + अग्निकुल कॉसमॉस, ₹200 करोड़ RDI सहायता (OCD के माध्यम से), TRL-4 से TRL-8, पूर्ण-प्रणाली पुनः उपयोग, अग्निलेट इंजन (विश्व का पहला एकल-भाग 3D-प्रिंटेड रॉकेट इंजन)।
  • पेनिसिलिन-जी: लाइफियस फार्मा (काकीनाडा SEZ, आंध्र प्रदेश), ₹2,270.05 करोड़ निवेश, 15,000 मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता, 30 साल बाद घरेलू उत्पादन पुनः शुरू, 90%+ घरेलू मूल्यवर्धन।
  • क्लैवुलैनिक एसिड: किनवान प्रा. लि., नालागढ़ (हिमाचल प्रदेश) — भारत की पहली किण्वन-आधारित सुविधा, ₹504.68 करोड़, 400 MT क्षमता।
  • सल्फाडियाज़िन: आंध्र ऑर्गेनिक्स, पायदिभीमावरम (आंध्र प्रदेश) — ₹151.47 करोड़, आयात में 73% गिरावट।
  • PAP: मेघमानी LLP, दहेज (गुजरात) — ₹60.46 करोड़, 13,500 MT क्षमता, पैरासिटामोल का प्रमुख कच्चा माल।
  • फार्मास्यूटिकल्स PLI: ₹15,000 करोड़ परिव्यय; ₹46,744 करोड़ वास्तविक निवेश; 1.21 लाख+ रोजगार; ₹2.57 लाख करोड़ निर्यात।
  • मेडिकल डिवाइसेज PLI: ₹3,420 करोड़ परिव्यय; 57 स्वदेशी उपकरण; GE, सीमेंस, फिलिप्स जैसी कंपनियां शामिल।
  • H2 FY2026-27 उधारी: ₹7,86,000 करोड़ कुल बाजार उधारी, 23 साप्ताहिक नीलामियां; ₹15,000 करोड़ सोवरन ग्रीन बॉन्ड (30-वर्षीय); 10-वर्षीय प्रतिभूति की सबसे अधिक हिस्सेदारी (26.3%); Q3 ट्रेजरी बिल ₹2,99,000 करोड़; WMA सीमा ₹50,000 करोड़।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

अग्निबान RLV परियोजना के लिए TDB-DST ने अग्निकुल कॉसमॉस को कितनी वित्तीय सहायता दी है?

₹200 करोड़, अनुसंधान, विकास व नवाचार (RDI) कोष के तहत वैकल्पिक परिवर्तनीय डिबेंचर (OCD) के माध्यम से।

अग्निलेट (Agnilet) इंजन की क्या विशेषता है?

यह विश्व का पहला एकल-भाग (सिंगल-पीस) 3D-प्रिंटेड रॉकेट इंजन है, जो सेमी-क्रायोजेनिक तरल प्रणोदन तकनीक पर आधारित है।

पेनिसिलिन-जी का घरेलू उत्पादन किसने और कहां पुनः शुरू किया?

ऑरोबिंदो फार्मा की सहायक कंपनी लाइफियस फार्मा ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा SEZ में ₹2,270.05 करोड़ के निवेश से, लगभग तीन दशकों बाद इसका उत्पादन पुनः शुरू किया है।

बल्क ड्रग्स PLI योजना का कुल वित्तीय परिव्यय कितना है और अब तक कितना निवेश हुआ है?

₹6,940 करोड़ का परिव्यय है; जून 2026 तक ₹5,210.74 करोड़ का वास्तविक निवेश हो चुका है, और 39 ग्रीनफील्ड परियोजनाएं चालू हैं।

फार्मास्यूटिकल्स PLI योजना से कितना रोजगार सृजित हुआ है?

1,21,294 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं, और ₹46,744 करोड़ का वास्तविक निवेश आकर्षित हुआ है, जो लक्ष्य से लगभग 2.7 गुना अधिक है।

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही के लिए सरकार की कुल बाजार उधारी कितनी है?

₹7,86,000 करोड़, जिसे 23 साप्ताहिक नीलामियों के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

सोवरन ग्रीन बॉन्ड (SGrBs) के तहत कितनी राशि जुटाई जाएगी और किस उद्देश्य से?

₹15,000 करोड़ (30-वर्षीय परिपक्वता), हरित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण हेतु।

संदर्भ (References)

अग्निबान RLV (Agnikul Cosmos / TDB-DST)

  1. PIB अंग्रेज़ी (PRID 2314836): TDB-DST signs agreement with Agnikul Cosmos for ₹200 crore RDI support to develop fully reusable Agnibaan launch vehicle
  2. PIB हिंदी (PRID 2315045): पूर्णरूप से पुन: उपयोग योग्य अग्निबान प्रक्षेपण यान के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) समर्थन हेतु टीडीबी-डीएसटी ने अग्निकुल कॉसमॉस के साथ समझौता किया

PLI योजनाएं (बल्क ड्रग्स, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज)

  1. PIB अंग्रेज़ी (PRID 2314746): Production Linked Incentive Schemes have Strengthened India's Pharmaceutical, Bulk Drugs and Medical Devices Manufacturing Ecosystem
  2. PIB हिंदी (PRID 2314842): उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं ने भारत के फार्मास्युटिकल, सक्रिय औषधि अवयवों और चिकित्सा उपकरण विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत किया
  3. PIB अंग्रेज़ी (PRID 2314891): PLI Scheme for Bulk Drugs for Resilient Pharmaceutical Supply Chain
  4. PIB हिंदी (PRID 2315047): लचीली दवा आपूर्ति श्रृंखला के लिए थोक दवाओं हेतु पीएलआई योजना

H2 FY2026-27 उधारी कैलेंडर (वित्त मंत्रालय / RBI)

  1. PIB अंग्रेज़ी (PRID 2315024): Government's Borrowing Plan for the second half of FY 2026-27
  2. PIB हिंदी (PRID 2315097): वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही के लिए सरकार की उधार लेने की योजना
  3. PIB अंग्रेज़ी (PRID 2315022): Issuance Calendar for Marketable Dated Securities for October 2026-March 2027
  4. PIB हिंदी (PRID 2315149): अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के लिए बाजार योग्य दिनांकित प्रतिभूतियों को जारी करने वाला कैलेंडर
  5. PIB अंग्रेज़ी (PRID 2315021): Calendar for Auction of Government of India Treasury Bills (For the Quarter ending December 2026)
  6. PIB हिंदी (PRID 2315086): भारत सरकार के ट्रेजरी बिलों की नीलामी का कैलेंडर (दिसंबर 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए)