PIB Analysis 19 September 2026 | PLFS District Data, HAL Tejas & HTT-40, NGMV Steel Cutting

प्रकाशन तिथि: 19 सितंबर 2026 | स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) | श्रेणी: UPSC करेंट अफेयर्स
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने संशोधित आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के तहत भारत का पहला जिला-स्तरीय श्रम बाजार डेटा (District-Level Labour Market Snapshot) जारी किया है। दूसरी ओर, रक्षा क्षेत्र में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारतीय वायु सेना (IAF) को दो एलसीए तेजस एफओसी ट्विन-सीटर ट्रेनर (LCA Tejas FOC Trainers) और तीन एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर (HTT-40 Trainers) तथा पवन हंस लिमिटेड (PHL) को चार ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन (Dhruv NG) हेलीकॉप्टर औपचारिक रूप से सौंपे हैं। इसके अलावा, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि में भारतीय नौसेना के दूसरे अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत (NGMV) का 'स्टील कटिंग' (Steel Cutting) समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
Aarambh Times Daily PIB Analysis and Current Affairs Update

विषय सूची (Table of Contents)

  1. भारत का पहला जिला-स्तरीय श्रम बाजार डेटा (First District-Level Labour Market Snapshot by NSO): संशोधित पीएलएफएस (PLFS) डिजाइन, श्रम बल भागीदारी दर (LFPR), कामगार जनसंख्या अनुपात (WPR), महिला श्रम भागीदारी और एनईईटी (NEET) दर।
    (GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था - श्रम बाजार, रोजगार का औपचारिकीकरण; GS Paper II: सामाजिक न्याय व लैंगिक समानता)
  2. स्वदेशी एयरोस्पेस प्लेटफॉर्मों का हस्तांतरण (HAL Indigenous Aerospace Platforms Handover): तेजस एफओसी ट्रेनर, एचटीटी-40, ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर, नागरिक-सैन्य विमानन तालमेल और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP Synergy)।
    (GS Paper III: प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण, रक्षा विनिर्माण व आत्मनिर्भर भारत)
  3. द्वितीय अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत (NGMV) का स्टील कटिंग समारोह: कोचीन शिपयार्ड (CSL), स्वदेशी हथियार व सेंसर, हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में समुद्री सुरक्षा और 'मेक फॉर द वर्ल्ड'।
    (GS Paper III: आंतरिक व बाह्य सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा वास्तुकला एवं नौसैन्य स्वदेशीकरण)
  4. निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)
  5. Quick Revision Facts
  6. संदर्भ (References)

1. भारत का पहला जिला-स्तरीय श्रम बाजार डेटा (First District-Level Labour Market Snapshot by NSO)

(GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था - श्रम बाजार, रोजगार का औपचारिकीकरण; GS Paper II: सामाजिक न्याय व लैंगिक समानता)

संदर्भ (Context)

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने 18 सितंबर 2026 को "चयनित जिलों का श्रम बाजार स्नैपशॉट" (Labour Market Snapshot of Selected Districts) जारी किया, जो भारत में जिला स्तर पर श्रम संकेतकों का पहला विस्तृत डेटासेट प्रस्तुत करता है।

मुख्य विवरण (Highlights)

  • संशोधित सर्वेक्षण कार्यप्रणाली (Revised PLFS Survey Design):
    • जनवरी 2025 से लागू नए पीएलएफएस (PLFS) डिजाइन के तहत अधिकांश भौगोलिक क्षेत्रों के लिए जिलों को मूल स्तर (Basic Stratum) माना गया है।
    • अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सर्वेक्षण अवधि को कृषि वर्ष (जुलाई-जून) से बदलकर कैलेंडर वर्ष (जनवरी-दिसंबर) कर दिया गया है।
    • यह नया ढांचा राष्ट्रीय स्तर पर चालू साप्ताहिक स्थिति (Current Weekly Status - CWS) के आधार पर मासिक और त्रैमासिक रोजगार संकेतक प्रदान करता है।
  • प्रमुख राष्ट्रीय निष्कर्ष (National Indicators under Usual Status):
    • 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में, लगभग 98.8% जिलों की श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) तथा 98.3% जिलों का कामगार जनसंख्या अनुपात (WPR) 40% से 80% के बीच केंद्रित है।
    • महिला श्रम बल भागीदारी (Female LFPR): देश के 57.8% जिलों में महिला LFPR 40% या उससे अधिक दर्ज की गई है।
    • बेरोजगारी दर (Unemployment Rate - UR): लगभग 77.8% जिलों में बेरोजगारी दर 0.5% से 5.5% के बीच है (43.1% जिलों में UR 0.5% से 3% के बीच है)।
    • एनईईटी दर (NEET Rate - 15-29 Years): 76.2% जिलों में एनईईटी (शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से बाहर युवा) दर 30% से कम दर्ज की गई।
  • 100 सबसे अधिक आबादी वाले जिलों के आंकड़े:
    • सर्वोच्च LFPR एवं WPR: गुजरात का सूरत (LFPR: 68.6%, WPR: 67.8%) शीर्ष पर रहा, जिसके बाद बिहार का अररिया (68.0%) और तमिलनाडु का सेलम (67.8%) स्थान पर हैं।
    • न्यूनतम LFPR एवं WPR: बिहार का दरभंगा जिला 100 शीर्ष आबादी वाले जिलों में सबसे निचले पायदान पर रहा।
    • न्यूनतम बेरोजगारी दर (Lowest UR): पश्चिम बंगाल का दक्षिण 24 परगना (0.9%) तथा बिहार का अररिया (0.9%) संयुक्त रूप से सबसे कम बेरोजगारी दर वाले जिले रहे, जिसके बाद अहमदाबाद (1.1%) का स्थान है।
    • न्यूनतम एनईईटी दर (Lowest NEET Rate): केरल का एरनाकुलम (9.6%) सबसे कम एनईईटी दर वाला जिला रहा, जिसके बाद कोयंबटूर (14.5%) और बेंगलुरु शहरी (15.0%) का स्थान है।
  • राज्य की राजधानियों के जिलों के आंकड़े:
    • शिमला (हिमाचल प्रदेश) ने राजधानियों में सर्वोच्च LFPR (70.0%) और WPR (65.1%) दर्ज किया।
    • तिरुवनंतपुरम (1.9%) और कोलकाता (1.9%) में राजधानियों के बीच न्यूनतम बेरोजगारी दर दर्ज की गई।

महत्व (Significance)

  • स्थानीयकृत साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (Evidence-based Local Policy Making): पहले पीएलएफएस आंकड़े NSS क्षेत्रों (NSS Regions) तक सीमित थे। जिला-स्तरीय डेटा से आकांक्षी जिलों (Aspirational Districts) और स्थानीय श्रम बाज़ार की विषमताओं को समझकर लक्षित कौशल विकास (Targeted Skill Development) योजनाएं बनाना संभव होगा।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1. हाल ही में जारी "चयनित जिलों के श्रम बाजार स्नैपशॉट" (Labour Market Snapshot of Selected Districts) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. संशोधित पीएलएफएस (PLFS) डिजाइन के तहत 2025 से जिलों को सर्वेक्षण के लिए मूल स्तर (Basic Stratum) के रूप में अपनाया गया है।
  2. 100 सबसे अधिक आबादी वाले जिलों में गुजरात के सूरत ने सर्वोच्च श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) दर्ज की, जबकि बिहार का दरभंगा सबसे निचले स्थान पर रहा।
  3. देश के 10% से भी कम जिलों में महिला श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) 40% या उससे अधिक दर्ज की गई।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3

उत्तर: A (केवल 1 और 2)

व्याख्या:

कथन 1 और 2 सही हैं: 2025 के नए पीएलएफएस सर्वे डिजाइन में जिलों को बेसिक स्ट्रेटम बनाया गया है। 100 शीर्ष आबादी वाले जिलों में सूरत में सर्वोच्च LFPR (68.6%) तथा दरभंगा में सबसे कम LFPR दर्ज किया गया।

कथन 3 गलत है: एनएसओ आंकड़ों के अनुसार देश के 57.8% जिलों (न कि 10% से कम) में महिला LFPR 40% या उससे अधिक दर्ज की गई है।

2. स्वदेशी एयरोस्पेस प्लेटफॉर्मों का हस्तांतरण (HAL Indigenous Aerospace Platforms Handover)

(GS Paper III: प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण, रक्षा विनिर्माण व आत्मनिर्भर भारत)

संदर्भ (Context)

18 सितंबर 2026 को बेंगलुरु, कर्नाटक में आयोजित एक भव्य समारोह में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और नागर विमानन मंत्री श्री के. राममोहन नायडू की उपस्थिति में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारतीय वायु सेना (IAF) को 2 एलसीए तेजस एफओसी ट्विन-सीटर ट्रेनर और 3 एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर तथा पवन हंस लिमिटेड (PHL) को 4 ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन (Dhruv NG) हेलीकॉप्टर सौंपे।

तकनीकी व मुख्य विवरण (Technical Highlights)

  • हस्तांतरित प्लेटफॉर्मों की विशेषताएं (Platform Specifications):
    • एलसीए तेजस एफओसी ट्विन-सीटर ट्रेनर (LCA Tejas FOC Trainer): एफओसी अनुबंध के तहत ये अंतिम दो विमान हैं। यह फाइटर जेट फ्रंटलाइन तेजस की मुख्य युद्ध क्षमताओं को बरकरार रखता है और वायु सेना के प्रशिक्षु पायलटों को सीधे फ्रंटलाइन ऑपरेशन्स के लिए स्वदेशी प्रशिक्षण प्रदान करता है।
    • एचटीटी-40 (Hindustan Turbo Trainer-40): एचएएल द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित टर्बोप्रॉप इंजन आधारित बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट, जो एरोबेटिक्स, इंस्ट्रूमेंट फ्लाइंग, नेविगेशन और नाइट फ्लाइंग जैसी प्राथमिक प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करता है।
    • ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन (Dhruv NG): असैन्य संचालन के लिए उन्नत एवियोनिक्स और अधिक शक्तिशाली इंजन के साथ विकसित हेलीकॉप्टर, जो पवन हंस द्वारा यात्री परिवहन, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं (EMS) और ऑफशोर लॉजिस्टिक्स में उपयोग किया जाएगा।
  • नागरिक-सैन्य विमानन तालमेल (Civil-Military Aerospace Synergy): यह पहली बार है जब सैन्य और असैन्य (पवन हंस) दोनों क्षेत्रों के उन्नत प्लेटफॉर्मों का एक साथ हस्तांतरण हुआ है, जो दोहरे उपयोग वाली एयरोस्पेस तकनीक (Dual-use Aerospace Tech) का उदाहरण है।

महत्व (Strategic Significance)

  • आत्मनिर्भरता और निर्यात क्षमता (Export Potential & Aatmanirbharta): बुनियादी प्रशिक्षण के लिए विदेशी आयात पर निर्भरता खत्म करने के साथ-साथ एचटीटी-40 और ध्रुव एनजी में अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए उच्च निर्यात क्षमता (Export Potential) मौजूद है।
  • सार्वजनिक-निजी सहयोग (Public-Private Synergy): रक्षा मंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्वायत्त प्रणालियों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और साइबर तकनीकों के विकास के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 2. हाल ही में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा सौंपे गए स्वदेशी प्लेटफॉर्मों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. एचटीटी-40 (HTT-40) जेट इंजन आधारित एक एडवांस्ड जेट ट्रेनर विमान है।
  2. ध्रुव नेक्स्ट जनरेशन (Dhruv NG) हेलीकॉप्टर को असैन्य संचालन के लिए विन्यस्त किया गया है और इसे पवन हंस लिमिटेड को सौंपा गया है।
  3. एलसीए तेजस एफओसी ट्विन-सीटर ट्रेनर एफओसी अनुबंध के तहत अंतिम दो विमान हैं, जिन्हें भारतीय वायु सेना को सौंपा गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3

उत्तर: B (केवल 2 और 3)

व्याख्या:

कथन 1 गलत है: एचटीटी-40 (Hindustan Turbo Trainer-40) जेट इंजन आधारित नहीं, बल्कि टर्बोप्रॉप इंजन पर आधारित स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित बेसिक ट्रेनर विमान है।

कथन 2 और 3 सही हैं: ध्रुव एनजी असैन्य संचालन के लिए विन्यस्त है, जिसमें उन्नत एवियोनिक्स और अधिक शक्तिशाली इंजन है, और इसके 4 हेलीकॉप्टर पवन हंस को सौंपे गए हैं। एलसीए तेजस एफओसी ट्विन-सीटर ट्रेनर के दो विमान एफओसी अनुबंध के तहत अंतिम विमान हैं, जो वायु सेना को दिए गए।

3. द्वितीय अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत (NGMV) का स्टील कटिंग समारोह

(GS Paper III: आंतरिक व बाह्य सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा वास्तुकला एवं नौसैन्य स्वदेशीकरण)

संदर्भ (Context)

17 सितंबर 2026 को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि में भारतीय नौसेना की अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत (Next Generation Missile Vessel - NGMV) परियोजना के दूसरे युद्धपोत का 'स्टील कटिंग' (Steel Cutting) समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक नियंत्रक युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण रियर एडमिरल कपिल मेहता थे।

मुख्य विवरण (Highlights)

  • अनुबंध पृष्ठभूमि (Contractual Background): रक्षा मंत्रालय ने मार्च 2023 में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) के साथ इन जहाजों के निर्माण का अनुबंध किया था।
  • युद्धपोत की क्षमताएं (Combat Capabilities):
    • ये मिसाइल पोत अत्याधुनिक स्वदेशी हथियारों, सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों (Surface-to-Surface Missiles) और उन्नत एंटी-शिप सेंसर प्रणालियों से लैस होंगे।
    • ये युद्धपोत तेज गति से हमला करने और तटीय व गहरे समुद्र में रक्षात्मक और आक्रामक संचालन करने में सक्षम हैं।
  • स्वदेशीकरण दर (Indigenisation Rate): जहाजों के सभी मुख्य उपकरण और भूमिका-निर्धारक हथियार भारत में निर्मित हैं, जो 'आत्मनिर्भर भारत', 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' के राष्ट्रीय संकल्प को प्रदर्शित करते हैं।

महत्व (Strategic Significance)

  • हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में समुद्री संप्रभुता: हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्द्धा और गैर-पारंपरिक समुद्री खतरों के बीच ये मिसाइल पोत भारतीय नौसेना को एक 'भविष्य के लिए तैयार और लड़ाकू बल' (Future Ready and Combat Ready Force) के रूप में स्थापित करते हैं।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 3. भारतीय नौसेना के अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत (NGMV) परियोजना के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A. दूसरे पोत का 'स्टील कटिंग' समारोह गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता में संपन्न हुआ।
  2. B. इन पोतों के निर्माण का अनुबंध मार्च 2021 में किया गया था।
  3. C. दूसरे पोत का 'स्टील कटिंग' समारोह कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि में हुआ, और इन पोतों के निर्माण का अनुबंध मार्च 2023 में CSL के साथ किया गया था।
  4. D. इन पोतों के अधिकांश प्रमुख भूमिका-निर्धारक उपकरण विदेश से आयातित हैं।

उत्तर: C

व्याख्या:

दूसरे एनजीएमवी की 'स्टील कटिंग' 17 सितंबर 2026 को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि में हुई तथा इन पोतों के निर्माण का अनुबंध मार्च 2023 में CSL के साथ किया गया था। इसलिए विकल्प C सही है।

विकल्प A गलत है, क्योंकि निर्माण कोचीन शिपयार्ड में हो रहा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुबंध मार्च 2023 में हुआ था। विकल्प D गलत है, क्योंकि पोतों के सभी प्रमुख भूमिका-निर्धारक उपकरण स्वदेशी रूप से विकसित और निर्मित हैं।

4. निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)

प्रारंभिक परीक्षा हेतु (Prelims Focus)

  • आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) का नया ढांचा (जनवरी 2025 से जिला basic stratum, कैलेंडर वर्ष चक्र); सर्वाधिक LFPR/WPR वाला जिला (सूरत); सबसे कम बेरोजगारी दर वाले जिले (दक्षिण 24 परगना व अररिया); सबसे कम एनईईटी दर (एरनाकुलम)।
  • एचएएल द्वारा सौंपे गए प्लेटफॉर्म (तेजस एफओसी ट्रेनर, एचटीटी-40 टर्बोप्रॉप ट्रेनर, ध्रुव एनजी नागरिक हेलीकॉप्टर)।
  • द्वितीय एनजीएमवी (NGMV) का निर्माण स्थल (कोचीन शिपयार्ड - CSL) और अनुबंध वर्ष (मार्च 2023)।

मुख्य परीक्षा हेतु (GS Paper II & III)

  • GS Paper III (श्रम बाज़ार व समावेशी विकास): जिला-स्तरीय पीएलएफएस आंकड़ों का डिसेंट्रलाइज्ड प्लानिंग (Decentralised Planning) और लैंगिक कार्यबल समावेशन (Female Workforce Inclusion) पर प्रभाव।
  • GS Paper III (रक्षा प्रौद्योगिकी व स्वदेशीकरण): एयरोस्पेस इकोसिस्टम में सिविल-मिलिट्री डुअल-यूज़ इंटीग्रेशन (Dual-use Integration) और रक्षा निर्यात बढ़ाने की भारत की रणनीति।
  • GS Paper III (समुद्री सुरक्षा): 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' (Net Security Provider) के रूप में भारत की नौसैन्य क्षमता वृद्धि और कोचीन शिपयार्ड की स्वदेशी पोत निर्माण भूमिका।

Quick Revision Facts

  • 18 सितंबर 2026 को एनएसओ (MoSPI) ने "चयनित जिलों का श्रम बाजार स्नैपशॉट" जारी किया, जो जिला-स्तरीय प्रमुख श्रम बाजार संकेतकों का पहला प्रकाशन है।
  • पीएलएफएस का संशोधित नमूना डिजाइन जनवरी 2025 से लागू है, जिसमें अधिकांश भौगोलिक क्षेत्रों के लिए जिला मूल स्तर (Basic Stratum) है; 2025 से पहले मूल स्तर एनएसएस क्षेत्र (NSS Regions) थे।
  • पीएलएफएस की सर्वेक्षण अवधि 2025 से कृषि वर्ष (जुलाई-जून) की जगह कैलेंडर वर्ष (जनवरी-दिसंबर) है।
  • लगभग 98.8% जिलों का LFPR और लगभग 98.3% जिलों का WPR (15 वर्ष और उससे अधिक) 40-80% के दायरे में है।
  • 57.8% जिलों में महिला LFPR 40% या उससे अधिक है।
  • 77.8% जिलों में बेरोजगारी दर 0.5% से 5.5% के बीच है; इनमें 43.1% जिलों में यह 0.5% से 3.0% के बीच है।
  • 76.2% जिलों में एनईईटी दर (15-29 वर्ष) 30% से कम है।
  • 100 सबसे अधिक आबादी वाले जिलों में सर्वोच्च LFPR (68.6%) और WPR (67.8%) सूरत (गुजरात) का है; सबसे कम LFPR और WPR दरभंगा (बिहार) का है।
  • 100 सबसे अधिक आबादी वाले जिलों में सबसे कम बेरोजगारी दर: दक्षिण 24 परगना और अररिया (दोनों 0.9%), फिर अहमदाबाद (1.1%)।
  • 100 सबसे अधिक आबादी वाले जिलों में सबसे कम एनईईटी दर: एरनाकुलम (9.6%), कोयंबटूर (14.5%), बेंगलुरु शहरी (15.0%)।
  • राज्य की राजधानियों में शिमला का LFPR (70.0%) और WPR (65.1%) सर्वोच्च है; सबसे कम बेरोजगारी दर तिरुवनंतपुरम और कोलकाता (दोनों 1.9%) की है।
  • एनएसओ के अनुसार जिला-स्तरीय अनुमानों की तुलना पहले के एनएसएस-क्षेत्र आधारित अनुमानों से करना उचित नहीं है।
  • 18 सितंबर 2026 को बेंगलुरु (कर्नाटक) में एचएएल ने वायु सेना को 2 एलसीए तेजस एफओसी ट्विन-सीटर ट्रेनर और 3 एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर तथा पवन हंस लिमिटेड को 4 ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर सौंपे।
  • समारोह में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और नागर विमानन मंत्री श्री के. राममोहन नायडू उपस्थित थे।
  • एलसीए तेजस ट्विन-सीटर ट्रेनर एफओसी अनुबंध के तहत अंतिम दो विमान हैं।
  • एचटीटी-40 (Hindustan Turbo Trainer-40) टर्बोप्रॉप इंजन आधारित स्वदेशी बेसिक ट्रेनर है, जो एरोबेटिक्स, इंस्ट्रूमेंट फ्लाइंग, नेविगेशन, नाइट फ्लाइंग और क्लोज फॉर्मेशन फ्लाइंग जैसी भूमिकाएं निभा सकता है।
  • ध्रुव एनजी असैन्य संचालन के लिए विन्यस्त है और यह एचएएल के असैन्य एवं वाणिज्यिक रोटरी-विंग खंड में प्रवेश का महत्वपूर्ण कदम है; उपयोग: यात्री परिवहन, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और ऑफशोर लॉजिस्टिक्स।
  • 17 सितंबर 2026 को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि में दूसरे एनजीएमवी की 'स्टील कटिंग' हुई; मुख्य अतिथि: रियर एडमिरल कपिल मेहता (सहायक नियंत्रक युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण)।
  • एनजीएमवी के निर्माण का अनुबंध मार्च 2023 में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के साथ हुआ था।
  • एनजीएमवी के सभी प्रमुख भूमिका-निर्धारक उपकरण स्वदेशी रूप से विकसित और निर्मित हैं।

संदर्भ (References)

1. भारत का पहला जिला-स्तरीय श्रम बाजार डेटा (सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय)

  1. PIB अंग्रेज़ी (PRID 2312001)

2. स्वदेशी एयरोस्पेस प्लेटफॉर्मों का हस्तांतरण (रक्षा मंत्रालय)

  1. PIB अंग्रेज़ी (PRID 2312215)
  2. PIB हिंदी (PRID 2312275)

3. द्वितीय अगली पीढ़ी के मिसाइल पोत (NGMV) का स्टील कटिंग समारोह (रक्षा मंत्रालय)

  1. PIB अंग्रेज़ी (PRID 2311806)
  2. PIB हिंदी (PRID 2311902)