PIB Analysis 18 September 2026 | SEMICON, Soil Carbon Payments, DWR Radar & Stem Cell Therapy Regulations
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया 2026 (SEMICON India 2026) के 5वें संस्करण का उद्घाटन किया, जिसके तहत भारत ने $13.5 बिलियन (₹1.27 लाख करोड़) वाले 'सेमीकॉन 2.0' (Semicon 2.0) कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ कर नीतिगत चरण से वाणिज्यिक उत्पादन चरण (Commercial Production) में प्रवेश किया है। कृषि क्षेत्र में भारत में पहली बार पंजाब और हरियाणा के 2,500 से अधिक छोटे किसानों को पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture) अपनाने के लिए ₹2.9 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष मृदा कार्बन भुगतान (Soil Carbon Payments) हस्तांतरित किया गया।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने 'मिशन मौसम' (Mission Mausam) के तहत संबलपुर, ओडिशा में भारत के 51वें डॉप्लर मौसम रडार (Doppler Weather Radar - DWR) का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के आलोक में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (Autism Spectrum Disorder - ASD) के लिए अप्रमाणित वाणिज्यिक स्टेम सेल थेरेपी (Stem Cell Therapy) पर कड़े प्रतिबंध लगाते हुए केवल अनुमोदित नैदानिक परीक्षणों (Clinical Trials) की अनुमति दी है।
विषय सूची (Table of Contents)
- सेमीकॉन इंडिया 2026 और सेमीकॉन 2.0 (SEMICON India 2026 & Semicon 2.0)
- भारत में प्रथम मृदा कार्बन भुगतान (Soil Carbon Payments in Regenerative Agriculture)
- संबलपुर में भारत का 51वां डॉप्लर मौसम रडार और 'मिशन मौसम'
- ऑटिज्म (ASD) हेतु स्टेम सेल थेरेपी पर परामर्श
- निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु
- Quick Revision Facts
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- संदर्भ (References)
1. सेमीकॉन इंडिया 2026 और सेमीकॉन 2.0 (SEMICON India 2026 & Semicon 2.0)
(GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था - संसाधनों का लामबंदीकरण, औद्योगिक विकास व सेमीकंडक्टर पारितंत्र)
संदर्भ (Context)
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2026 को यशोभूमि, नई दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया 2026 (SEMICON India 2026) के 5वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण—सेमीकॉन 2.0 (Semicon 2.0) का अनावरण किया, जो देश को केवल बड़े फैब संयंत्रों से आगे बढ़ाकर एक पूर्ण-स्टैक स्वदेशी सेमीकंडक्टर पारितंत्र (Full-stack Semiconductor Ecosystem) के रूप में स्थापित करेगा।
मुख्य विवरण (Highlights)
बजटीय विस्तार व निवेश प्रतिबद्धता (Budget & Investment Commitments): भारत सेमीकंडक्टर मिशन का बजट सेमीकॉन 1.0 के $8 बिलियन से बढ़ाकर सेमीकॉन 2.0 के लिए $13.5 बिलियन (₹1.27 लाख करोड़) कर दिया गया है। इसके तहत लगभग ₹1 लाख करोड़ ($11–12 बिलियन) के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे 1 लाख उच्च-गुणवत्ता वाले रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
सेमीकॉन 2.0 के छह प्रमुख स्तंभ (Six Pillars of Semicon 2.0):
- डिजाइन पारितंत्र (Design Ecosystem): 200 सेमीकंडक्टर डिजाइन स्टार्टअप्स को समर्थन (प्रथम चरण के 105 में से 20 को वीसी फंडिंग प्राप्त हुई)।
- मशीनें एवं सामग्रियां (Equipment & Materials): वैश्विक उपकरण निर्माताओं को भारत में डिजाइन व सटीक विनिर्माण (Precision Manufacturing) स्थापित करने हेतु प्रोत्साहन।
- फैब्रिकेशन (Fabs): सिलिकॉन, लॉजिक, कंपाउंड और डिस्प्ले फैब्स का विस्तार।
- उन्नत पैकेजिंग (Advanced Packaging): चिपलेट्स और सिस्टम-लेवल दक्षता के लिए पैकेजिंग क्षमताओं का विकास।
- व्यावहारिक आरएंडडी (Applied R&D): उद्योग, सरकार और अकादमिक संस्थानों की संयुक्त सहभागिता।
- प्रतिभा विकास (Talent Development): 5 वर्षों में 1 लाख तकनीशियनों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य (ताइवान के ITRI संस्थान के साथ साझेदारी)।
वाणिज्यिक उत्पादन का वर्चुअल शुभारंभ (Commercial Production Line Launches): प्रधानमंत्री ने सीडीआईएल सेमीकंडक्टर्स, मोहाली (डिसक्रीट डिवाइसेस) और सुची सेमीकॉन, सूरत (एडवांस्ड पैकेजिंग) की वाणिज्यिक उत्पादन लाइनों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके साथ ही स्वीकृत 12 इकाइयों में से 5 इकाइयां (माइक्रोन, केन्स, सीजी सेमी, सीडीआईएल और सुची सेमीकॉन) अब व्यावसायिक रूप से चालू हैं।
रणनीतिक एमओयू एवं घोषणाएं (Key MoUs): टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने नेक्सपेरिया, फुजीफिल्म, जेएसआर कॉरपोरेशन, और BESI सिंगापुर के साथ वेफर मैन्युफैक्चरिंग, फोटोरेजिस्ट सप्लाई और पैकेजिंग हेतु समझौते किए। देश भर में डिजाइन पहुंच बढ़ाने के लिए 6 'चिप-इन' (ChipIN) क्षेत्रीय केंद्र घोषित किए गए।
मांग-आपूर्ति अंतर (Demand Gap): भारत में सेमीकंडक्टर की मांग FY30 तक $110 बिलियन तथा FY35 तक $200 बिलियन से अधिक होने का अनुमान है।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance)
विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला गंतव्य (Trusted Base for Global Supply Chain): भू-राजनीतिक तनावों के बीच वैश्विक कंपनियां विनिर्माण का विविधीकरण (Supply Chain Diversification) चाहती हैं। भारत को कम लागत के बजाय 'विश्वसनीयता और स्थिरता' (Trust and Reliability) के आधार पर प्रस्तुत किया जा रहा है।
ऊर्जा सुरक्षा एवं सिलिकॉन फोटोनिक्स (Energy Security): एआई डेटा केंद्रों और फैब संयंत्रों की निर्बाध बिजली आवश्यकता को पूरा करने के लिए 160 GW से अधिक सौर क्षमता, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMRs) और परमाणु क्षेत्र में निजी भागीदारी को जोड़ा जा रहा है।
UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न:
हाल ही में शुरू किए गए 'सेमीकॉन 2.0' (Semicon 2.0) कार्यक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- सेमीकॉन 2.0 केवल बड़े सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (Fab) कारखानों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करता है और उपकरण या सामग्री आपूर्ति श्रृंखला को शामिल नहीं करता।
- इसके तहत सेमीकंडक्टर क्षमता को डिजाइन, उपकरण एवं सामग्री, फैब्स, एडवांस्ड पैकेजिंग, व्यावहारिक आरएंडडी और प्रतिभा विकास जैसे छह प्रमुख स्तंभों में विभाजित किया गया है।
- देश भर में चिप-डिजाइन क्षमताओं तक पहुंच का विस्तार करने के लिए छह 'चिप-इन' (ChipIN) क्षेत्रीय केंद्रों की घोषणा की गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: B (केवल 2 और 3)
व्याख्या: कथन 1 गलत है: सेमीकॉन 1.0 की तुलना में सेमीकॉन 2.0 का दायरा केवल फैब कारखानों तक सीमित न रहकर उपकरण, रसायनों, गैसों, डिजाइन, पैकेजिंग और अनुसंधान तक विस्तृत है। कथन 2 और 3 सही हैं: सेमीकॉन 2.0 को छह व्यापक स्तंभों में बांटा गया है और चिप-डिजाइन पहुंच बढ़ाने के लिए 6 'चिप-इन' रीजनल सेंटर घोषित किए गए हैं।
2. भारत में प्रथम मृदा कार्बन भुगतान (Soil Carbon Payments in Regenerative Agriculture)
(GS Paper III: कृषि - पुनर्योजी कृषि, मृदा स्वास्थ्य, जलवायु सुदृढ़ता व कार्बन बाज़ार)
संदर्भ (Context)
भारत का कृषि कार्बन बाज़ार (Agricultural Carbon Market) नीतिगत स्तर से खेतों के स्तर तक पहुँच गया है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना में आयोजित एक कार्यक्रम में पंजाब और हरियाणा के 2,550 छोटे किसानों को पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture) अपनाने के लिए ₹2.9 करोड़ से अधिक का पहला डिजिटल मृदा कार्बन भुगतान (Direct Benefit Transfer - DBT) जारी किया गया।
मुख्य विवरण (Highlights)
'आदि' कार्बन कार्यक्रम ('Aadi' Farmer Carbon Programme): यह भुगतान आईसीएआर (ICAR) के तकनीकी मार्गदर्शन में 2019 में शुरू किए गए ग्रो इंडिगो (Grow Indigo) के 'आदि' कार्यक्रम का हिस्सा है।
सत्यापित पद्धतियां एवं पद्धतियुक्त मानक (Verra VM0042 Methodology): किसानों ने 2019 से 2022 के बीच सीधे बीज बोकर धान की खेती (Direct Seeded Rice - DSR), कम जुताई (Reduced Tillage), और फसल अवशेष प्रबंधन (Crop Residue Management) को अपनाया। ग्रीनहाउस गैसों में कमी और मृदा कार्बन संचयन को अंतर्राष्ट्रीय Verra VM0042 प्रणाली के तहत वैज्ञानिक रूप से मापा और स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया गया।
पर्यावरणीय और आर्थिक लाभ (Environmental & Economic Impact):
- जल संरक्षण: पारंपरिक रोपाई की तुलना में 45 बिलियन लीटर पानी की बचत का अनुमान।
- वायु प्रदूषण में कमी: 2 लाख टन से अधिक फसल अवशेषों को जलने से बचाया गया, जिससे 1,000 टन PM2.5 उत्सर्जन रुका।
- किसान आय: लगभग 30,000 एकड़ और 50,000 से अधिक कार्बन क्रेडिट के लिए भाग लेने वाले किसानों को ₹3,000 से ₹15,000 प्रति किसान का भुगतान मिला।
पराली जलाने की घटनाओं में गिरावट (Farm Fires Reduction): पंजाब में 2025 के धान कटाई सीजन के दौरान खेत में आग लगने की केवल 5,114 घटनाएं दर्ज की गईं, जो 2021 की तुलना में 93% की कमी दर्शाती है। मोगला जिले का रानसिंह कलां मॉडल (Ransinh Kalan Model) लगातार 6 वर्षों तक 100% पराली-दहन मुक्त (1,310 एकड़) रहा।
अंतर्राष्ट्रीय मंच (BRICS Institutional Anchor): जून 2026 में इंदौर में आयोजित ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक में 'ब्रिक्स नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस ऑन एग्रोइकोलॉजी एंड रीजेनरेटिव एग्रीकल्चर' की स्थापना पर सहमति बनी, जिसकी शुरुआती देखरेख ICAR-IIFSR मोदीपुरम कर रहा है।
महत्व (Strategic Significance)
लैब-टू-लैंड और सतत आय (Lab-to-Land Approach): यह पहल साबित करती है कि वैज्ञानिक रूप से मापे गए पर्यावरणीय परिणामों को किसानों के लिए अतिरिक्त आर्थिक प्रोत्साहन से जोड़ा जा सकता है।
UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न:
भारत में 'मृदा कार्बन भुगतान' (Soil Carbon Payments) और पुनर्योजी कृषि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों का मूल्यांकन कीजिए:
- पंजाब और हरियाणा के किसानों को ग्रो इंडिगो के 'आदि' कार्यक्रम के तहत मृदा कार्बन संचयन हेतु प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से वित्तीय भुगतान किया गया।
- इस कार्यक्रम के तहत कार्बन क्रेडिट का मापन और सत्यापन अंतर्राष्ट्रीय Verra VM0042 कार्यप्रणाली (Methodology) के तहत किया गया।
- पारंपरिक रोपाई की तुलना में सीधे बीज बोकर धान की खेती (Direct Seeded Rice - DSR) अपनाने से सिंचाई की आवश्यकता में कोई बदलाव नहीं होता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A. केवल 1
- B. केवल 1 और 2
- C. केवल 2 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: B (केवल 1 और 2)
व्याख्या: कथन 1 और 2 सही हैं: 'आदि' कार्यक्रम के तहत पंजाब व हरियाणा के 2,550 किसानों को Verra VM0042 पद्धति से मापे गए कार्बन क्रेडिट के आधार पर डीबीटी भुगतान किया गया। कथन 3 गलत है: DSR (सीधे बीज बोकर खेती) अपनाने से पारंपरिक रोपाई की तुलना में जल की महत्वपूर्ण बचत होती है (कार्यक्रम अवधि में 45 बिलियन लीटर पानी की बचत दर्ज की गई)।
3. संबलपुर में भारत का 51वां डॉप्लर मौसम रडार (Doppler Weather Radar) और 'मिशन मौसम'
(GS Paper III: आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - मौसम विज्ञान अवसंरचना)
संदर्भ (Context)
केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने 17 सितंबर 2026 को ओडिशा के संबलपुर में भारत के 51वें अत्याधुनिक डॉप्लर मौसम रडार (Doppler Weather Radar - DWR) का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह रडार 'मिशन मौसम' (Mission Mausam) के तहत राष्ट्रीय अवलोकन अवसंरचना को मजबूत करता है।
मुख्य विवरण (Highlights)
क्षेत्रीय कवरेज (Observational Coverage): गोपालपुर और पारादीप के बाद यह ओडिशा का तीसरा डॉप्लर मौसम रडार है। यह रडार पश्चिमी ओडिशा में मौसम अवलोकन की कमी को पूरा करेगा और दक्षिणी झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़, उत्तरी आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के निकटवर्ती क्षेत्रों के लिए सटीक आंकड़े प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय रडार नेटवर्क का विस्तार (Expansion under Mission Mausam): भारत का डॉप्लर रडार नेटवर्क 2014 में केवल 14 रडार से बढ़कर अब 51 हो गया है। 'मिशन मौसम' के तहत लगभग 40 और रडार स्थापित करने की योजना है, जिससे देश में रडारों की कुल संख्या लगभग 81 हो जाएगी। ओडिशा में बालासोर, पूरी और भुवनेश्वर में आगामी रडार पाइपलाइन में हैं।
बहुस्तरीय मौसम अवलोकन तंत्र (Multi-layered Observation System): रडार के साथ-साथ स्वचालित मौसम स्टेशन (AWS), वर्षामापी यंत्र, रेडियो सोंडे स्टेशन और माइक्रोवेव रेडियोमीटर स्थापित किए जा रहे हैं ताकि ब्लॉक और स्कूल स्तर तक सटीक स्थानीय पूर्वानुमान (Localized Forecasting) मिल सके।
क्षेत्रीय कूटनीति (Neighbour First & Vishwa Bandhu Bharat): भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) अपनी 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर 13 पड़ोसी देशों को चक्रवात, मौसम और अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) की पूर्व चेतावनी सहायता प्रदान कर रहा है।
महत्व (Strategic Significance)
जलवायु-सक्षम अवसंरचना (Climate-Resilient State): चरम मौसम घटनाओं (जैसे तड़ितझंझा, भारी वर्षा व चक्रवात) के विरुद्ध पूर्व चेतावनी से आपदा प्रबंधन, बिजली ग्रिड सुरक्षा और कृषि नियोजन को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न:
संबलपुर, ओडिशा में स्थापित भारत के 51वें डॉप्लर मौसम रडार और 'मिशन मौसम' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- संबलपुर में स्थापित रडार गोपालपुर और पारादीप के बाद ओडिशा का तीसरा डॉप्लर मौसम रडार है।
- यह रडार पश्चिमी ओडिशा के साथ-साथ दक्षिणी झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़, उत्तरी आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के निकटवर्ती क्षेत्रों को भी सेवा प्रदान करेगा।
- भारत का डॉप्लर रडार नेटवर्क वर्ष 2014 के 14 रडार से बढ़कर वर्तमान में 51 रडार तक पहुंच गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: D (1, 2 और 3)
व्याख्या: तीनों कथन सही हैं। संबलपुर रडार गोपालपुर और पारादीप के बाद ओडिशा का तीसरा डॉप्लर मौसम रडार है, यह पश्चिमी ओडिशा सहित पड़ोसी राज्यों के क्षेत्रों को भी सेवा देगा, और 'मिशन मौसम' के तहत राष्ट्रीय रडार नेटवर्क 2014 के 14 रडार से बढ़कर अब 51 तक पहुंच चुका है।
4. ऑटिज्म (ASD) हेतु स्टेम सेल थेरेपी (Stem Cell Therapy Advisory) पर परामर्श
(GS Paper III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - जैव-प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग; GS Paper II: स्वास्थ्य विनियमन)
संदर्भ (Context)
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 16 सितंबर 2026 को क्लिनिकल प्रतिष्ठान (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2010 को अपनाने वाले सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्टेम सेल थेरेपी के विनियमन हेतु एक महत्वपूर्ण परामर्श (Advisory) जारी किया। यह निर्देश सर्वोच्च न्यायालय के 30 जनवरी 2026 के फैसले (यश चैरिटेबल ट्रस्ट व अन्य बनाम भारत संघ) के अनुपालन में जारी किया गया है।
मुख्य विवरण (Highlights)
अनुमोदित सूचियों तक सीमित मानक देखभाल (Approved Indications Only): स्टेम सेल थेरेपी को नियमित नैदानिक अभ्यास में 'मानक देखभाल' (Standard Clinical Care) के रूप में केवल स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अनुमोदित सूची में शामिल बीमारियों के लिए ही अनुमति दी जाएगी।
ऑटिज्म (ASD) पर सख्त प्रतिबंध: ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (Autism Spectrum Disorder - ASD) के इलाज के लिए किसी भी प्रकार के स्टेम सेल का चिकित्सीय उपयोग केवल आईसीएआर (ICMR) और बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) द्वारा जारी 'राष्ट्रीय स्टेम सेल अनुसंधान दिशा-निर्देश, 2017' के तहत विधिवत अनुमोदित नैदानिक परीक्षणों (Approved Clinical Trials) तक ही सीमित रहेगा।
वैज्ञानिक साक्ष्य की कमी (Lack of Scientific Evidence): ICMR की समीक्षा में पाया गया है कि ऑटिज्म के लिए व्यावहारिक और व्यवहार संबंधी थेरेपी (Behavioral Therapies) की तुलना में स्टेम सेल थेरेपी की प्रभावकारिता के पर्याप्त वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।
व्यावसायिक अवचार व दंडात्मक प्रावधान (Penalties for Misconduct): अनुमोदित स्थितियों के इतर अप्रमाणित स्टेम सेल थेरेपी का व्यावसायिक प्रचार या उपयोग भारतीय चिकित्सा परिषद (IMC) विनियम 2002 के नियम 7.22 के तहत 'व्यावसायिक अवचार' (Professional Misconduct) माना जाएगा। क्लिनिकल प्रतिष्ठान अधिनियम 2010 की धारा 32 और 40 के तहत पंजीकरण रद्द करने और जुर्माना लगाने का प्रावधान है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने भी 5 सितंबर 2026 को अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया था।
महत्व (Strategic Significance)
रोगी सुरक्षा एवं मेडिकल एथिक्स (Patient Safety & Medical Ethics): यह परामर्श व्यावसायिक क्लीनिकों द्वारा हताश परिवारों से अनैतिक वसूली और अप्रमाणित उपचार (Unproven Stem Cell Interventions) पर रोक लगाकर साक्ष्य-आधारित चिकित्सा (Evidence-based Medicine) को बढ़ावा देता है।
UPSC प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न:
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) हेतु स्टेम सेल थेरेपी पर हाल के परामर्श के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह परामर्श क्लिनिकल प्रतिष्ठान (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2010 को अपनाने वाले सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी किया गया।
- राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने इस विषय पर कोई परामर्श जारी नहीं किया है।
- ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के लिए स्टेम सेल थेरेपी का चिकित्सीय उपयोग केवल राष्ट्रीय स्टेम सेल अनुसंधान दिशा-निर्देश, 2017 के तहत अनुमोदित नैदानिक परीक्षणों तक सीमित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: C (केवल 1 और 3)
व्याख्या: कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने भी 5 सितंबर 2026 को अपने परामर्श में दोहराया था कि स्टेम सेल थेरेपी केवल अनुमोदित संकेतों के लिए ही मानक नैदानिक देखभाल के रूप में दी जा सकती है।
निष्कर्ष / UPSC के लिए मुख्य बिंदु (Key Takeaways for UPSC)
प्रारंभिक परीक्षा हेतु (Prelims Focus)
- सेमीकॉन 2.0 का बजट ($13.5B / ₹1.27 लाख करोड़) व 6 स्तंभ; 6 चिप-इन रीजनल सेंटर।
- प्रथम मृदा कार्बन भुगतान कार्यक्रम ('आदि' - ग्रो इंडिगो व ICAR); Verra VM0042 पद्धति; DSR तकनीक व रानसिंह कलां मॉडल।
- भारत का 51वां डॉप्लर मौसम रडार (संबलपुर, ओडिशा); 'मिशन मौसम' का लक्ष्य (~81 रडार); IMD द्वारा 13 देशों को पूर्व चेतावनी।
- क्लिनिकल प्रतिष्ठान अधिनियम 2010; ऑटिज्म हेतु स्टेम सेल थेरेपी पर प्रतिबंध (केवल राष्ट्रीय स्टेम सेल अनुसंधान दिशा-निर्देश 2017 के तहत क्लिनिकल ट्रायल्स मान्य)।
मुख्य परीक्षा हेतु (Mains Focus - GS Paper II & III)
- GS Paper III (औद्योगिक विकास व सेमीकंडक्टर): सेमीकॉन 2.0 के माध्यम से भारत की 'असेम्बली/पैकेजिंग' से 'पूर्ण-स्टैक डिजाइन व सटीक विनिर्माण' की ओर रणनीतिक प्रगति।
- GS Paper III (कृषि व पर्यावरण): कार्बन क्रेडिट बाजारों के माध्यम से छोटे किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर और पराली-दहन नियंत्रण।
- GS Paper III (आपदा प्रबंधन): मौसम अवलोकन अवसंरचना का स्थानीयकरण और क्षेत्रीय आपदा सुदृढ़ता (Regional Resilience) में भारत की भूमिका।
- GS Paper II & III (जैव-प्रौद्योगिकी व नियामक ढांचा): चिकित्सा विज्ञान में नवाचार और अनैतिक/अप्रमाणित व्यावसायिक उपचारों के विनियमन के बीच संतुलन।
Quick Revision Facts
- सेमीकॉन 2.0 बजट: $13.5 बिलियन (₹1.27 लाख करोड़); सेमीकॉन 1.0 का बजट $8 बिलियन था।
- सेमीकॉन 2.0 के 6 स्तंभ: डिजाइन, उपकरण व सामग्री, फैब्स, एडवांस्ड पैकेजिंग, आरएंडडी, प्रतिभा विकास।
- 12 स्वीकृत सेमीकंडक्टर इकाइयों में से 5 वाणिज्यिक रूप से चालू (माइक्रोन, केन्स, सीजी सेमी, सीडीआईएल, सुची सेमीकॉन)।
- देश भर में 6 'चिप-इन' (ChipIN) क्षेत्रीय केंद्र घोषित।
- भारत की सेमीकंडक्टर मांग: FY30 तक $110 बिलियन, FY35 तक $200 बिलियन से अधिक अनुमानित।
- पंजाब व हरियाणा के 2,550 किसानों को ₹2.9 करोड़ से अधिक का पहला मृदा कार्बन भुगतान (DBT)।
- 'आदि' कार्यक्रम: ग्रो इंडिगो द्वारा 2019 में ICAR के तकनीकी सहयोग से शुरू; सत्यापन Verra VM0042 पद्धति से।
- पहला इश्यूएंस: ~30,000 एकड़, 50,000+ कार्बन क्रेडिट; किसानों को ₹3,000–₹15,000 प्रति किसान भुगतान।
- अनुमानित जल बचत: 45 बिलियन लीटर; रोकी गई PM2.5 उत्सर्जन: 1,000 टन।
- पंजाब में 2025 में 5,114 फार्म-फायर घटनाएं दर्ज (2021 से 93% कम); रानसिंह कलां मॉडल 6 वर्षों से 100% पराली-मुक्त।
- संबलपुर भारत का 51वां और ओडिशा का तीसरा (गोपालपुर, पारादीप के बाद) डॉप्लर मौसम रडार।
- भारत का DWR नेटवर्क 2014 के 14 रडार से बढ़कर अब 51; 'मिशन मौसम' का लक्ष्य ~81 रडार।
- IMD अपनी 150वीं वर्षगांठ पर 13 पड़ोसी देशों को पूर्व चेतावनी सहायता दे रहा है।
- ऑटिज्म हेतु स्टेम सेल थेरेपी केवल 'राष्ट्रीय स्टेम सेल अनुसंधान दिशा-निर्देश, 2017' के तहत अनुमोदित नैदानिक परीक्षणों तक सीमित।
- संबंधित सर्वोच्च न्यायालय निर्णय: यश चैरिटेबल ट्रस्ट व अन्य बनाम भारत संघ (30 जनवरी 2026)।
- दंड प्रावधान: IMC विनियम 2002 का नियम 7.22; क्लिनिकल प्रतिष्ठान अधिनियम 2010 की धारा 32 व 40; NMC का अनुशासनात्मक निर्देश (5 सितंबर 2026)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. सेमीकॉन 2.0 का बजट सेमीकॉन 1.0 से कितना अधिक है?
सेमीकॉन 1.0 का बजट $8 बिलियन था, जिसे सेमीकॉन 2.0 के लिए बढ़ाकर $13.5 बिलियन (₹1.27 लाख करोड़) कर दिया गया है।
2. 'चिप-इन' (ChipIN) रीजनल सेंटर क्या हैं?
ये देश भर में चिप-डिजाइन क्षमताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए घोषित किए गए 6 क्षेत्रीय केंद्र हैं, जो स्टार्टअप्स और अकादमिक संस्थानों को डिजाइन टूल्स उपलब्ध कराएंगे।
3. 'आदि' (Aadi) कार्यक्रम के तहत किसानों को भुगतान किस आधार पर दिया गया?
भुगतान किसानों द्वारा उत्पन्न सत्यापित कार्बन क्रेडिट की मात्रा के आधार पर दिया गया, जिसे अंतर्राष्ट्रीय Verra VM0042 पद्धति के तहत वैज्ञानिक रूप से मापा और स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया गया था।
4. DSR (Direct Seeded Rice) तकनीक अपनाने से किसानों को क्या लाभ हुआ?
DSR, कम जुताई और फसल अवशेष प्रबंधन अपनाने से जल की महत्वपूर्ण बचत (45 बिलियन लीटर अनुमानित), वायु प्रदूषण में कमी, और कार्बन क्रेडिट के माध्यम से अतिरिक्त आय हुई।
5. संबलपुर में स्थापित रडार से किन क्षेत्रों को लाभ मिलेगा?
यह रडार पश्चिमी ओडिशा में मौसम अवलोकन की कमी को पूरा करेगा और दक्षिणी झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़, उत्तरी आंध्र प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल के निकटवर्ती क्षेत्रों को भी सटीक आंकड़े प्रदान करेगा।
6. 'मिशन मौसम' के तहत भारत का कुल रडार लक्ष्य क्या है?
वर्तमान 51 डॉप्लर मौसम रडार के अतिरिक्त लगभग 40 और रडार स्थापित करने की योजना है, जिससे कुल संख्या लगभग 81 हो जाएगी।
7. ऑटिज्म (ASD) के लिए स्टेम सेल थेरेपी पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
ICMR की समीक्षा में पाया गया कि ऑटिज्म के लिए स्टेम सेल थेरेपी की प्रभावकारिता के पर्याप्त वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इसका उपयोग केवल अनुमोदित नैदानिक परीक्षणों तक सीमित किया गया है, ताकि हताश परिवारों को अनैतिक और अप्रमाणित उपचार से बचाया जा सके।
8. स्टेम सेल थेरेपी संबंधी परामर्श किस सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुपालन में जारी हुआ?
यह परामर्श सर्वोच्च न्यायालय के 30 जनवरी 2026 के फैसले, यश चैरिटेबल ट्रस्ट व अन्य बनाम भारत संघ, के अनुपालन में जारी किया गया।
References
1. सेमीकॉन इंडिया 2026 और सेमीकॉन 2.0
- PIB अंग्रेज़ी (PRID 2311726) — प्रधानमंत्री द्वारा सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन [1]
- PIB अंग्रेज़ी (PRID 2311630) — सेमीकॉन 2.0 के छह स्तंभों पर बैकग्राउंडर [2]
- PIB हिंदी (PRID 2311415) — प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया [3]
- PIB हिंदी (PRID 2311708) — सेमीकॉन 2.0 में डिजाइन, इक्विपमेंट व फैब पर बैकग्राउंडर [4]
2. मृदा कार्बन भुगतान (Soil Carbon Payments)
- PIB अंग्रेज़ी (PRID 2311218) — भारत का प्रथम मृदा कार्बन भुगतान कार्यक्रम [5]
- PIB हिंदी (PRID 2311282) — भारत में मृदा कार्बन के लिए पहली बार भुगतान से किसानों को लाभ [6]
3. संबलपुर डॉप्लर मौसम रडार व मिशन मौसम
- PIB अंग्रेज़ी (PRID 2311270) — संबलपुर में भारत के 51वें डॉप्लर मौसम रडार का उद्घाटन [7]
- PIB हिंदी (PRID 2311399) — संबलपुर में 51वें डॉप्लर मौसम रडार का उद्घाटन [8]
4. ऑटिज्म हेतु स्टेम सेल थेरेपी परामर्श
- PIB अंग्रेज़ी (PRID 2311179) — केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा स्टेम सेल थेरेपी के नियमन पर परामर्श [9]
- PIB हिंदी (PRID 2311274) — केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टेम सेल थेरेपी के नियमन पर परामर्श जारी किया [10]