PIB Analysis 18 August 2026 | UPSC | PLFS, MAITREE-XV, IN–USN EOD Exercise, ONEs - COP17

18 अगस्त 2026 | PIB Analysis UPSC Current Affairs
नमस्कार। आज के संक्षिप्त पीआईबी विश्लेषण में हम देश के आर्थिक, पर्यावरणीय और रक्षा मोर्चे से जुड़े चार महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का मूल्यांकन करेंगे। इनमें सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जुलाई 2026 के लिए जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के सकारात्मक रोजगार आंकड़े, मंगोलिया के उलानबातर में यूएनसीसीडी कॉप-17 (UNCCD COP17) के दौरान जारी भारत के घास के मैदानों और खुले प्राकृतिक इकोसिस्टम (ONEs) पर पहली ऐतिहासिक मार्गदर्शिका, थाईलैंड में आयोजित होने वाले 15वें भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास 'मैत्री' (MAITREE-XV), और 8वां भारत-अमेरिकी नौसेना विस्फोटक आयुध निस्तारण (EOD) अभ्यास शामिल हैं।

विषय सूची (Table of Contents)

  1. आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) मासिक बुलेटिन - जुलाई 2026: श्रम भागीदारी में सुधार; महिला कार्यबल में उल्लेखनीय वृद्धि; बेरोजगारी दर (UR) में दर्ज गिरावट; और सर्वेक्षण पद्धति की डेटा संरचना। UPSC GS Paper III भारतीय अर्थव्यवस्था, रोजगार नियोजन और समावेशी विकास
  2. भारत के घास के मैदानों और खुले प्राकृतिक इकोसिस्टम (ONEs) पर पहली मार्गदर्शिका: यूएनसीसीडी कॉप-17 (UNCCD COP17) मंगोलिया में ऐतिहासिक विमोचन; वन-विहीन भूभागों का संरक्षण; 'ओरान' और 'गौचर' की पारंपरिक प्रासंगिकता; और वैज्ञानिक संरक्षण के आयाम। UPSC GS Paper III पर्यावरण, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन
  3. भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास 'मैत्री' (MAITREE-XV): द्विपक्षीय सैन्य सहयोग; संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत आतंकवाद विरोधी अभियान; और अंतर-संचालनीयता का विकास। UPSC GS Paper III सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों में रक्षा सहयोग
  4. भारत-अमरीकी नौसेना विस्फोटक आयुध निस्तारण (EOD) अभ्यास 2026: कोच्चि में समापन; गोताखोरी, मलबे की खोज और आईईडी (IED) खतरों से निपटने की संयुक्त क्षमताएं। UPSC GS Paper III समुद्री सुरक्षा और विशिष्ट सैन्य अभ्यास

1 आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) मासिक बुलेटिन - जुलाई 2026

संदर्भ (Context)

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा आयोजित आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) देश में रोजगार और बेरोजगारी की स्थिति पर डेटा का प्राथमिक स्रोत है। जनवरी 2025 से मासिक और त्रैमासिक अनुमान प्रदान करने के लिए इसकी पद्धति में किए गए संशोधनों के बाद, जुलाई 2026 का वर्तमान मासिक बुलेटिन इस श्रृंखला का 16वां बुलेटिन है।

तकनीकी व सांख्यिकी विवरण (Key Statistical Findings - July 2026)

जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) के आधार पर 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लिए देश के रोजगार परिदृश्य में ठोस और सकारात्मक सुधार दर्ज किए गए हैं:

  • समग्र LFPR (जुलाई 2026)
    • 5.4%
  • जून 2026: 54.4%
  • महिला LFPR (जुलाई 2026)
    • 34.4%
  • जून 2026: 32.7%
  • समग्र WPR (जुलाई 2026)
    • 52.5%
  • जून 2026: 51.4%
  • समग्र बेरोजगारी दर (जुलाई 2026)
    • 5.1%
  • जून 2026: 5.5%

श्रम बल सहभागिता दर (LFPR) में सुधार

  • समग्र LFPR जून 2026 के 54.4% से बढ़कर जुलाई 2026 में 55.4% हो गया है, जो लगातार गिरावट और ठहराव के बाद दर्ज की गई पहली उल्लेखनीय वृद्धि है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में LFPR जून के 56.6% से बढ़कर 58.0% (1.4% अंकों की वृद्धि) हो गया।
  • शहरी क्षेत्रों में LFPR जून के 50.1% से मामूली सुधरकर 50.4% दर्ज किया गया।
  • पिछले वर्ष (जुलाई 2025 - 54.9%) की तुलना में समग्र LFPR में 0.5% अंकों की वार्षिक वृद्धि देखी गई है।

महिला श्रम बल भागीदारी में महत्वपूर्ण वृद्धि

  • समग्र महिला LFPR जून के 32.7% से बढ़कर जुलाई 2026 में 34.4% हो गया (1.7% अंकों की मासिक वृद्धि)।
  • ग्रामीण महिला LFPR में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई, जो जून के 36.6% से बढ़कर 38.8% हो गई।
  • शहरी महिला LFPR जून के 24.8% से बढ़कर 25.3% हो गई।

श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR) में मजबूती

  • समग्र WPR (15 वर्ष और अधिक) जून के 51.4% से बढ़कर जुलाई 2026 में 52.5% दर्ज किया गया, जो फरवरी 2026 के बाद की पहली प्रत्यक्ष वृद्धि है।
  • ग्रामीण WPR जून के 53.8% से बढ़कर 55.4% (1.6% अंकों की वृद्धि) हो गया।
  • ग्रामीण महिला WPR जून के 34.7% से तेजी से सुधरकर 37.2% (2.5% अंकों का उछाल) दर्ज किया गया।

बेरोजगारी दर (UR) में स्पष्ट गिरावट

  • समग्र बेरोजगारी दर (UR) जून 2026 के 5.5% से घटकर जुलाई 2026 में 5.1% रह गई है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों की UR जून के 5.0% से घटकर 4.5% पर आ गई।
  • शहरी क्षेत्रों की UR जून के 6.6% के मुकाबले 6.7% पर लगभग स्थिर रही।
  • जेंडर-वार रुझान: पुरुषों में समग्र UR जून के 5.3% से घटकर 5.0% रही। महिलाओं के लिए समग्र और ग्रामीण UR में मासिक स्तर पर गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि शहरी महिला UR जून के 8.4% से बढ़कर 8.8% हो गई।
जुलाई 2026 PLFS रोजगार रुझान (CWS 15+)
├── समग्र LFPR : 54.4% (जून) ──► 55.4% (जुलाई)
├── महिला LFPR : 32.7% (जून) ──► 34.4% (जुलाई)
├── समग्र WPR  : 51.4% (जून) ──► 52.5% (जुलाई)
└── समग्र UR    :  5.5% (जून) ──► 5.1% (जुलाई)

रणनीतिक एवं सर्वेक्षण आकार (Methodological Aspects)

इस मासिक बुलेटिन के संकलन के लिए अखिल भारतीय स्तर पर कुल 3,71,021 व्यक्तियों से जानकारी एकत्रित की गई, जिसमें 2,11,411 ग्रामीण और 1,59,610 शहरी व्यक्ति शामिल थे।

यह वृहद सर्वेक्षण डेटा नीतियों के साक्ष्य-आधारित निर्माण और वास्तविक समय में श्रम बाजार की दिशा को मापने के लिए अत्यंत विश्वसनीय माना जाता है।

2 भारत के घास के मैदानों और खुले प्राकृतिक इकोसिस्टम (ONEs) पर पहली मार्गदर्शिका

संदर्भ (Context)

मंगोलिया के उलानबातर में आयोजित संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण निवारण सम्मेलन (UNCCD) के पक्षकारों के सम्मेलन के 17वें सत्र (COP17) के दौरान भारत ने 17 अगस्त 2026 को देश के घास के मैदानों और अन्य खुले प्राकृतिक इकोसिस्टम (Open Natural Ecosystems - ONEs) के संरक्षण पर केंद्रित अपनी पहली आधिकारिक मार्गदर्शिका (Guide) का ऐतिहासिक शुभारंभ किया।

तकनीकी विवरण और संरचना (Key Highlights of the Guide)

सहयोग और विकास

इस ऐतिहासिक मार्गदर्शिका का प्रकाशन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के मार्गदर्शन में अशोक ट्रस्ट फॉर रिसर्च इन इकोलॉजी एंड द एनवायरनमेंट (ATREE) द्वारा निम्नलिखित संस्थाओं के सहयोग से किया गया है:

  • इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN)
  • सतत भूमि प्रबंधन उत्कृष्टता केंद्र (CoE-SLM)
  • भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE)
  • इसरो (ISRO) का अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (SAC)

कवर किए गए इकोसिस्टम का दायरा

मार्गदर्शिका में भारत के विविध प्राकृतिक तंत्रों को संकलित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • हिमालय और तराई के घास के मैदान
  • थार और बन्नी के रेगिस्तानी भूभाग
  • दक्कन के सवाना
  • पथरीले पठार
  • खड्ड (ravines)
  • झाड़ीदार भूमि
  • तटीय इकोसिस्टम

विषयगत अनुभाग

इसमें शुष्क भूमि और चारागाहों के पारिस्थितिक महत्व के साथ-साथ पशुपालन (pastoralism), अग्नि पारिस्थितिकी (fire ecology) और कार्बन पृथक्करण (carbon sequestration) पर केंद्रित विशिष्ट विषयगत खंड शामिल हैं।

रणनीतिक और पर्यावरण नीतिगत महत्व (Strategic Significance)

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने अपने विशेष वीडियो संदेश में रेखांकित किया कि घास के मैदानों, झाड़ियों और खड्डों को लंबे समय से केवल वृक्षों की अनुपस्थिति के आधार पर गलत तरीके से "बंजर भूमि" (Wastelands) मान लिया जाता रहा है। जबकि आधुनिक विज्ञान यह सिद्ध करता है कि ये वन-विहीन इकोसिस्टम पृथ्वी की अद्वितीय जैव विविधता को आश्रय देने, जल व मृदा प्रक्रियाओं को सुगम बनाने और भारी मात्रा में कार्बन का भंडारण करने के लिए अनिवार्य हैं।

'बंजर भूमि' के मिथक का खंडन

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने स्पष्ट किया कि आधुनिक विज्ञान यह प्रमाणित करता है कि ये वन-विहीन इकोसिस्टम अद्वितीय जैव विविधता को आश्रय देने, जल व मृदा प्रक्रियाओं को सुगम बनाने और भारी मात्रा में कार्बन का भंडारण करने के लिए पृथ्वी पर अनिवार्य हैं।

पारंपरिक संरक्षण और 'ओरान' संस्कृति

मंत्री महोदय ने अपने गृह जनपद अजमेर (राजस्थान) के अनुभवों को याद करते हुए गांवों द्वारा संरक्षित पारंपरिक ओरान या गौचर (Gauchar) परिदृश्यों की सराहना की, जहाँ स्थानीय समुदाय भूमि, पशुधन और इंसानी जीवन के अंतर्संबंधों को बखूबी समझते आए हैं।

भूमि क्षरण तटस्थता (LDN) लक्ष्य

मार्गदर्शिका का शुभारंभ भारत की पर्यावरण नीतियों को विज्ञान-आधारित भू-दृश्य पुनर्स्थापन और चारागाह शासन की दिशा में मजबूत करने के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के भूमि क्षरण तटस्थता लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा।

3 भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास 'मैत्री' (MAITREE-XV)

संदर्भ व प्रकृति (Context & Nature of Exercise)

भारत और थाईलैंड के बीच दीर्घकालिक रक्षा संबंधों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दोनों देशों के बीच आयोजित होने वाले पारंपरिक सैन्य अभ्यास 'मैत्री' (MAITREE-XV) का 15वां संस्करण 18 से 31 अगस्त 2026 तक थाईलैंड के सूरत थानी स्थित विभावादी रंगसिट कैंप (Vibhavadi Rangsit Camp) में आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास को वर्ष 2006 में संस्थागत रूप दिया गया था, और इसका पिछला संस्करण सितंबर 2025 में उमरोई, मेघालय में संपन्न हुआ था।

अभ्यास की मुख्य विशेषताएं (Technical Specifications)

सैन्य बल की भागीदारी: इस कंपनी-स्तरीय संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास में भारतीय सेना और रॉयल थाई सेना की ओर से 85-85 सैन्य जवान भाग ले रहे हैं।

भारतीय दल का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से 9 गोरखा राइफल्स के सैनिकों द्वारा किया जा रहा है, जबकि थाई दल का प्रतिनिधित्व 5वीं डिवीजन की 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की तीसरी बटालियन के जवान कर रहे हैं।

सामरिक फोकस

यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में सैन्य संचालन पर केंद्रित है।

रणनीतिक उद्देश्य

इसका मूल लक्ष्य संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय सात (Chapter VII of UN Charter) के दिशानिर्देशों के अधीन जंगल और अर्ध-शहरी वातावरण में आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने (Counter-Insurgency & Terrorism) की दिशा में दोनों सेनाओं की संयुक्त परिचालन क्षमता, अंतर-संचालनीयता (interoperability) और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को उन्नत करना है।

4 भारत-अमरीकी नौसेना विस्फोटक आयुध निस्तारण (EOD) अभ्यास 2026

संदर्भ व समापन (Context & Conclusion)

विशिष्ट समुद्री रक्षा अभियानों में द्विपक्षीय परिचालन समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित भारत-अमेरिकी नौसेना विस्फोटक आयुध निस्तारण (EOD) अभ्यास का आठवां संस्करण 14 अगस्त 2026 को कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

प्रमुख प्रशिक्षण आयाम (Key Tactical Domains)

विषय विशेषज्ञ आदान-प्रदान (SMEEs)

अभ्यास के दौरान दोनों देशों की विशिष्ट गोताखोरी और रक्षा टीमों ने निम्नलिखित पर गहन ज्ञान और सर्वोत्तम पद्धतियों का साझा आदान-प्रदान किया:

  • तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों (IEDs) से उत्पन्न समकालीन वास्तविक खतरे
  • सुरक्षात्मक निष्प्रभावीकरण प्रक्रियाएं (render-safe procedures)
  • जलमग्न बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करना (mine neutralization)
  • पानी के भीतर संचालित होने वाली अत्याधुनिक मानवरहित प्रणालियों (unmanned underwater systems) का सामरिक प्रयोग

गोताखोरी और बचाव संचालन (Diving & Slithering)

द्विपक्षीय क्रॉस-ट्रेनिंग चरण के तहत निम्नलिखित का सघन अभ्यास किया गया, जो दोनों नौसेनाओं की सामरिक तालमेल को नया आयाम प्रदान करता है:

  • जलपोतों के मलबे का पता लगाने व उसे सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास (wreck location and salvage)
  • विशिष्ट सैन्य उपकरणों का परिचालन
  • त्वरित स्लिदरिंग ऑपरेशन्स (slithering operations)

UPSC CSE Prelims Practice MCQs

आज के PIB विश्लेषण पर आधारित अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1
हाल ही में जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) जुलाई 2026 के मासिक बुलेटिन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
  1. जुलाई 2026 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए समग्र बेरोजगारी दर (UR) घटकर 5.1% दर्ज की गई।
  2. जून 2026 की तुलना में जुलाई 2026 में ग्रामीण महिला श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) में गिरावट दर्ज की गई है।
  3. 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लिए समग्र श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR) जुलाई 2026 में बढ़कर 52.5% हो गया, जो फरवरी 2026 के बाद पहली वृद्धि है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
✅ उत्तर: C  (केवल 1 और 3)

कथन 1 सही है: जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, CWS पद्धति के आधार पर 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए समग्र बेरोजगारी दर (UR) जून 2026 के 5.5% से घटकर जुलाई 2026 में 5.1% रह गई है।

कथन 2 गलत है: ग्रामीण महिला श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) में गिरावट नहीं, बल्कि बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। यह जून 2026 के 36.6% से बढ़कर जुलाई 2026 में 38.8% (1.9 प्रतिशत अंक की वृद्धि) हो गई है।

कथन 3 सही है: समग्र श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR) जून 2026 के 51.4% से बढ़कर जुलाई 2026 में 52.5% हो गया। यह फरवरी 2026 के बाद दर्ज की गई पहली वृद्धि है।

प्रश्न 2
संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण निवारण सम्मेलन (UNCCD) के कॉप-17 (COP17) में लॉन्च की गई 'भारत के घास के मैदान और अन्य खुले प्राकृतिक इकोसिस्टम (ONEs) मार्गदर्शिका' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
  1. भारत ने इस मार्गदर्शिका का शुभारंभ उलानबातर, मंगोलिया में आयोजित यूएनसीसीडी कॉप-17 के सत्र के दौरान किया है।
  2. इस मार्गदर्शिका का प्रकाशन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के मार्गदर्शन में 'अशोक ट्रस्ट फॉर रिसर्च इन इकोलॉजी एंड द एनवायरनमेंट' (ATREE) द्वारा इसरो (ISRO) के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (SAC) और अन्य संस्थानों के सहयोग से किया गया है।
  3. यह मार्गदर्शिका केवल हिमालयी और थार मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर केंद्रित है तथा इसमें तटीय इकोसिस्टम और दक्कन के सवाना को बाहर रखा गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
✅ उत्तर: A  (केवल 1 और 2)

कथन 1 सही है: भारत ने 17 अगस्त 2026 को उलानबातर (मंगोलिया) में आयोजित यूएनसीसीडी कॉप-17 के दौरान अपनी पहली मार्गदर्शिका का शुभारंभ किया।

कथन 2 सही है: इसका प्रकाशन पर्यावरण मंत्रालय के तत्वावधान में ATREE द्वारा IUCN, CoE-SLM, ICFRE और इसरो के स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (SAC) के सहयोग से किया गया है।

कथन 3 गलत है: यह मार्गदर्शिका अत्यंत व्यापक है। इसमें हिमालयी और थार रेगिस्तान के अलावा बन्नी परिदृश्य, दक्कन के सवाना, पथरीले पठार, खड्ड, झाड़ीदार भूमि और तटीय इकोसिस्टम को भी शामिल किया गया है।

प्रश्न 3
भारत के द्विपक्षीय रक्षा अभ्यासों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
  1. संयुक्त सैन्य अभ्यास 'मैत्री-XV' (MAITREE-XV) का आयोजन भारत और थाईलैंड के बीच संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय सात (Chapter VII) के तहत उग्रवाद विरोधी अभियानों के लिए किया जा रहा है।
  2. अभ्यास 'मैत्री-XV' में भारतीय सेना की टुकड़ी का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से '9 गोरखा राइफल्स' के सैनिकों द्वारा किया जा रहा है।
  3. भारत-अमेरिकी नौसेना विस्फोटक आयुध निस्तारण (EOD) अभ्यास का 8वां संस्करण हाल ही में विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी नौसेना कमान में संपन्न हुआ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
✅ उत्तर: A  (केवल 1 और 2)

कथन 1 सही है: अभ्यास 'मैत्री' का उद्देश्य जंगल और अर्ध-शहरी वातावरण में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत आतंकवाद विरोधी संयुक्त अभियानों को अंजाम देने की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।

कथन 2 सही है: मैत्री-XV में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से 9 गोरखा राइफल्स के 85 जवानों द्वारा किया जा रहा है।

कथन 3 गलत है: भारत-अमेरिकी नौसेना विस्फोटक आयुध निस्तारण (EOD) अभ्यास का आठवां संस्करण विशाखापत्तनम में नहीं, बल्कि कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में 14 अगस्त 2026 को संपन्न हुआ।

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स्रोत: PIB (Press Information Bureau), MoSPI, MoEF&CC, भारतीय सेना / PIB India