विषय सूची (Table of Contents)
- 80वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन और 'विकसित भारत 2047' का मार्ग: पिछले 12 वर्षों के प्रमुख नीतिगत आंकड़े; नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, रक्षा, और सामाजिक सुरक्षा में हासिल की गई ढांचागत गति; 'शक्ति की सप्त धारा' की नीतिगत रूपरेखा और भावी कौशल एजेंडा (UPSC GS Paper II: शासन व्यवस्था व सरकारी नीतियां; UPSC GS Paper III: भारतीय अर्थव्यवस्था, रक्षा एवं ऊर्जा सुरक्षा)।
- स्वदेशी ब्रॉडबैंड चिप 'विहान' (VIHAAN) की सिलिकॉन सफलता: DLI योजना द्वारा भारत के सेमीकंडक्टर फैबलेस इकोसिस्टम का सुदृढ़ीकरण; 'VEGA' स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर का एकीकरण; सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला (Value Chain) में डिजाइनिंग का महत्व; और 'सेमीकंडक्टर 2.0' योजना की भावी रणनीतियां (UPSC GS Paper III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - स्वदेशी तकनीक का विकास एवं सेमीकंडक्टर नीतियां)।
1. 80वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन और 'विकसित भारत 2047' का मार्ग
संदर्भ (Context)
80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। इस संबोधन में उन्होंने 2014 से अब तक भारत द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में हासिल की गई सांख्यिकीय उपलब्धियों का प्रामाणिक ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' (Developed India) के संकल्प को साकार करने के लिए आवश्यक दीर्घकालिक आर्थिक व नीतिगत सुधारों को रेखांकित किया।
तकनीकी/मुख्य विवरण (Technical Highlights & Data Points)
प्रधानमंत्री के संबोधन के अनुसार, पिछले 10 से 12 वर्षों में भारत ने निम्नलिखित अभूतपूर्व सांख्यिकीय मील के पत्थर स्थापित किए हैं:
आर्थिक व सामाजिक उत्थान:
- देश 'फ्रेजाइल फाइव' की श्रेणी से बाहर निकलकर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना है।
- पिछले एक दशक में रिकॉर्ड 25 करोड़ नागरिक गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं।
- देश की 100 करोड़ आबादी को सामाजिक सुरक्षा का सुरक्षा कवच (Social Security Cover) प्रदान किया गया है, जो 2014 से पहले केवल 25 करोड़ लोगों तक सीमित था।
औद्योगिक व विनिर्माण विस्तार (पिछले 12 वर्षों की प्रवृत्तियां):
- रक्षा उत्पादन (Defence Production) में करीब 4 गुना की वृद्धि।
- खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पादन में करीब 5 गुना की वृद्धि।
- इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (Electronics Manufacturing) में करीब 7 गुना की वृद्धि।
- आधुनिक रेलवे कोच के निर्माण में 21 गुना की वृद्धि।
- मोबाइल फोन उत्पादन में रिकॉर्ड 35 गुना की वृद्धि।
डिजिटल तकनीकी क्रांति:
- इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या में करीब 4 गुना की वृद्धि।
- पेटेंट ग्रांट होने की संख्या में 4 गुना की वृद्धि।
- डिजिटल लेनदेन (Digital Transactions) में 100 गुना की वृद्धि।
कल्याणकारी योजनाओं का गति-मूल्यांकन (औसत वार्षिक रफ्तार):
- नल से जल कनेक्शन देने की गति 15 गुना तेज हुई।
- गैस कनेक्शन देने की रफ्तार 6 गुना तेज हुई।
- गरीबों के लिए शौचालयों के निर्माण की रफ्तार 4 गुना तेज हुई।
- गरीबों को घर देने की गति 3 गुना तेज हुई।
ढांचागत अवसंरचना और हरित ऊर्जा:
रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन: वर्ष 1925 से 2015 के बीच (90 वर्षों में) केवल 30% रेलवे का विद्युतीकरण हो पाया था, जिसे पिछले एक दशक के भीतर शत-प्रतिशत (100% Electrification) पूरा कर लिया गया। देश ने विश्व की सबसे लंबी और सबसे ताकतवर पहली हाइड्रोजन ट्रेन भी सफलतापूर्वक शुरू की है।
सौर ऊर्जा क्षमता: 12 वर्ष पूर्व के केवल 2 गीगावॉट (GW) से बढ़कर अब 160 गीगावॉट के स्तर को पार कर चुकी है।
PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: इसके तहत अब तक 50 लाख से अधिक घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिसके लिए सरकार प्रति परिवार ₹80,000 की वित्तीय सहायता देती है।
परमाणु ऊर्जा: वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य के साथ इसी दशक में 5 नए न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू किए जाएंगे। भारत ने 'फास्ट ब्रीडर रिएक्टर टेक्नोलॉजी' में महारत हासिल कर परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता प्राप्त की है।
वैकल्पिक ऊर्जा: पाइप से गैस वितरण नेटवर्क 12 वर्षों में 70 शहरों से बढ़कर 700 शहरों तक पहुँच गया है, तथा गैस कनेक्शनों की संख्या 20-22 लाख से बढ़कर 1.75 करोड़ हो गई है।
समुद्र मंथन परियोजना: देश के 99% तटीय नो-गो एरिया को अब 'गो-अहेड एरिया' के रूप में खोलकर गहरे समुद्र में नए ऊर्जा भंडारों की खोज के लिए ₹85,000 करोड़ की राशि आवंटित की गई है।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance)
'शक्ति की सप्त धारा' (Sapt Dhara) का आह्वान: विकसित भारत के दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सात प्रमुख आर्थिक और रणनीतिक स्तंभों की घोषणा की गई है, जो इस प्रकार हैं:
विनिर्माण शक्ति (Manufacturing Power): डिजाइन से लेकर पूर्ण उत्पादन तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) का भरोसेमंद केंद्र बनाना।
कृषि और खाद्य उत्पादन (Agriculture & Food Production): 'फार्म से एक्सपोर्ट' की ओर बढ़ना, खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) को गति देना और केमिकल-फ्री फार्मिंग पर बल देना।
प्रौद्योगिकी और नवाचार (Technology & Innovation): AI, क्वांटम, स्पेस, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर का हब बनना और स्वदेशी 6G संचार तकनीक में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना।
गति शक्ति (Gati Shakti): हाई-स्पीड रेल, आधुनिक राजमार्गों, अंतर्देशीय जलमार्गों (Inland Waterways) और पोर्ट-लेड विकास के माध्यम से सीमलेस कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना।
रक्षा शक्ति (Raksha Shakti): ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और हाइपरसोनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भर बनना और वैश्विक रक्षा सप्लायर का स्थान लेना।
हरित व नीली अर्थव्यवस्था (Green & Blue Economy): ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण और तटीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन (shrimp एक्सपोर्ट सहित) तथा महासागर प्रौद्योगिकी (Ocean Tech) को बढ़ावा देकर ग्रीन जॉब्स सृजित करना।
सॉफ्ट पावर (Soft Power): योग, आयुर्वेद, हस्तशिल्प, फिल्म, VFX और गेमिंग के माध्यम से वैश्विक स्तर पर पहचान बनाना। इसमें आगामी WAVES (World Audio Visual and Entertainment) Summit की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में सुधार: आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर पिछले चार दशकों से देश को लहूलुहान करने वाला नक्सलवाद और माओवादी सशस्त्र हिंसा अब अपनी अंतिम सांसें ले रही है। हालांकि, नीतिगत स्तर पर समाज को भ्रमित करने वाले "दिमागी नक्सलियों" को मुख्यधारा से अलग कर अलग-थलग करने की रणनीति पर बल दिया गया है। सीमा पार और साइबर स्पेस से आने वाली आधुनिक युद्ध चुनौतियों (रिफाइनरियों और डेटा सेंटरों पर हमले) का मुकाबला करने के लिए स्वैच्छिक नागरिकों का एक सुदृढ़ सिविल डिफेंस नेटवर्क तैयार करने की घोषणा की गई है।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष (Economic & Institutional Aspects)
भावी कॉर्पोरेट और वित्तीय लक्ष्य: आने वाले एक दशक में भारत से कम से कम 50 कंपनियों को फॉर्च्यून 500 (Fortune 500) सूची में शामिल करने और दुनिया के शीर्ष 5 बैंकों में कम से कम एक भारतीय बैंक का झंडा फहराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दवा क्षेत्र में भी शीर्ष पांच कंपनियों में कम से कम दो भारतीय फॉर्मा कंपनियों को स्थान दिलाने का संकल्प है।
कृषि वित्तीय सुरक्षा: वैश्विक बाजार में यूरिया की कीमत ₹3,000 प्रति बोरी होने के बावजूद सरकार किसानों को केवल ₹300 प्रति बोरी की रियायती दर पर यूरिया और ₹5,000 की वैश्विक कीमत वाले डीएपी (DAP) को ₹1,350 में प्रदान कर रही है।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: 'लखपति दीदी' योजना के तहत 3 करोड़ का लक्ष्य पार करने के बाद अब 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही, विधायी निकायों में महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व देने वाले 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को त्वरित लागू करने की अपील की गई है।
युवा कल्याण और कौशल एजेंडा:
- 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स को बल देने के लिए ₹1 लाख करोड़ का विशाल इनोवेशन फंड स्थापित किया गया है।
- आगामी एक वर्ष में देश के 1 करोड़ युवाओं को एआई (AI) कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा।
- जैव-अर्थव्यवस्था (Bioeconomy) का बाजार ₹60,000 करोड़ (2014 से पूर्व) से बढ़कर ₹20 लाख करोड़ तक पहुँच चुका है।
- मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए परीक्षाओं की तैयारी हेतु डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से फ्री ऑनलाइन कोचिंग का राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
खेल अवसंरचना: वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी और 2036 के ओलंपिक खेलों की मजबूत दावेदारी के साथ देश में 5 से 15 वर्ष के बच्चों में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए एक राष्ट्रव्यापी 'टैलेंट हंट' अभियान शुरू किया जाएगा।
डिजिटल जनगणना (Digital Census): नीतियों और विकास के सटीक रोडमैप निर्माण के लिए प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं से मोबाइल तकनीक का उपयोग कर त्रुटिहीन जनगणना फॉर्म स्वयं डिजिटल रूप से सबमिट करने का आह्वान किया है।
2. स्वदेशी ब्रॉडबैंड चिप 'विहान' (VIHAAN) की सिलिकॉन सफलता
संदर्भ (Context)
स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर, भारत के डीप-टेक सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग के क्षेत्र में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना के तहत एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। चेन्नई स्थित फैबलेस सेमीकंडक्टर स्टार्टअप 'अहीसा डिजिटल इनोवेशन्स' (Aheesa Digital Innovations) ने स्वदेशी 'VEGA' माइक्रोप्रोसेसर वास्तुकला (Architecture) का उपयोग करके तैयार की गई फाइबर ब्रॉडबैंड नेटवर्किंग चिप 'विहान' (VIHAAN) के सिलिकॉन निर्माण में प्रथम चरण की सफलता (First-Pass Silicon Success) हासिल कर ली है।
परियोजना की समयरेखा (Project Timeline):
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026): चिप टेप-आउट (Tape-out) पूर्ण।
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026): प्रथम चरण की सिलिकॉन सफलता (First-Pass Silicon Success) हासिल।
लक्ष्य वर्ष 2027: अंतिम व्यावसायिक उत्पादन टेप-आउट (Commercial Production Tape-out)।
तकनीकी/मुख्य विवरण (Technical Highlights)
ब्रॉडबैंड नेटवर्किंग समाधान: 'विहान' एक उन्नत नेटवर्किंग सिस्टम-ऑन-चिप (SoC) है, जिसे भारत में घरों तक सुरक्षित और निर्बाध फाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुँचाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।
स्वदेशी प्रोसेसर का उपयोग: यह चिप पूर्णतः स्वदेशी 'VEGA' माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित है, जो भारत की कंप्यूटर आर्किटेक्चर क्षमता को वैश्विक विश्वसनीयता प्रदान करता है।
उत्पादन का रोडमैप: गणतंत्र दिवस पर टेप-आउट (tape-out) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अब स्वतंत्रता दिवस पर सिलिकॉन सत्यापन की सफलता के साथ यह परियोजना वर्ष 2027 के लक्षित व्यावसायिक उत्पादन टेप-आउट की दिशा में अग्रसर हो गई है।
DLI योजना के तहत अन्य समवर्ती सफलताएं:
Vervesemi Microelectronics: 'इन्कोर सेमीकंडक्टर' (Incore Semiconductor) के स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग करके बीएलडीसी (BLDC) मोटर कंट्रोलर और मोटर ड्राइवर चिप के निर्माण में प्रथम चरण की सफलता।
Netrasemi: एकीकृत वीडियो एनालिटिक्स एक्सेलरेशन के साथ 12nm Vision SoC का सफल परीक्षण।
OptoML: एआई प्रोसेसिंग को अत्यंत कुशल और बिजली-बचत अनुकूल बनाने वाले 12nm 'कम्प्यूट-इन-मेमोरी' SoC का निर्माण।
Mindgrove Technologies: सीसीटीवी सुरक्षा कैमरों में अपने विजन एसओसी के व्यावसायिक उपयोग के लिए प्रामा इंडिया (PRAMA India) के साथ साझेदारी।
IndieSemiC: अपने ब्लूटूथ (BLE 6) चिप मॉड्यूल के लिए प्रतिष्ठित वैश्विक प्रमाणन प्राप्त किया।
रणनीतिक और नीतिगत महत्व (Strategic Significance)
डिजाइन मूल्य संवर्धन (Design Value Addition): सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग संपूर्ण मूल्य श्रृंखला का सबसे रणनीतिक हिस्सा है, जो कुल मूल्य संवर्धन में 50 प्रतिशत तक का योगदान देता है। यह किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद के बिल ऑफ मैटेरियल्स (BOM) की लागत का लगभग 15 से 35 प्रतिशत हिस्सा तय करता है।
लैब से मार्केट तक का हस्तांतरण: यह सफलता प्रमाणित करती है कि भारत के सेमीकंडक्टर अनुसंधान अब अकादमिक प्रयोगशालाओं से निकलकर वास्तविक फाउंड्री विनिर्माण, कड़े परीक्षणों, सत्यापन और ग्राहक परीक्षणों (customer trials) के व्यावसायिक स्तर तक पहुँच रहे हैं।
आर्थिक और संस्थागत पक्ष (Economic & Institutional Aspects)
निवेशकों का बढ़ा विश्वास: स्टार्टअप अहीसा ने तमिलनाडु इमर्जिंग सेक्टर सीड फंड (TNESSF) के माध्यम से तमिलनाडु इंफ्रास्ट्रक्चर फंड मैनेजमेंट कॉर्पोरेशन (TNIFMC) और अन्य निजी निवेशकों से ₹40 करोड़ की महत्वपूर्ण उद्यम पूंजी (VC) जुटाई है।
इकोसिस्टम का सुदृढ़ीकरण: DLI योजना द्वारा देश भर के 455 संगठनों (350 शैक्षणिक संस्थान और 105 स्टार्टअप) को अत्याधुनिक चिप-डिजाइन सॉफ्टवेयर व उपकरण मुफ्त उपलब्ध कराए गए हैं।
व्यावसायिक निवेश की स्थिति: DLI योजना समर्थित भारतीय कंपनियों ने संचयी रूप से 30 से अधिक चिप डिजाइन टेप-आउट पूरे कर लिए हैं और वैश्विक उद्यम पूंजीपतियों से 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की फंडिंग आकर्षित की है।
चिप्स टू स्टार्टअप (C2S) कार्यक्रम: कुशल सेमीकंडक्टर कार्यबल की मांग पूरी करने के लिए देश के 71 शैक्षणिक संस्थानों द्वारा अब तक 245 चिप डिजाइन टेप-आउट सफलतापूर्वक निष्पादित किए जा चुके हैं।
सेमीकंडक्टर 2.0 का विजन: जुलाई 2026 में भारत सरकार ने ₹1,27,500 करोड़ के कुल बजटीय परिव्यय के साथ 'सेमीकंडक्टर 2.0' कार्यक्रम को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य चिप डिजाइन से लेकर पैकेजिंग, विनिर्माण, कच्चे माल, अनुसंधान और प्रशिक्षण तक की संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला का स्वदेशी विकास करना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. 'शक्ति की सप्त धारा' (Sapt Dhara) क्या है?
यह 80वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन में घोषित सात रणनीतिक स्तंभों की नीतिगत रूपरेखा है — विनिर्माण शक्ति, कृषि और खाद्य उत्पादन, प्रौद्योगिकी और नवाचार, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, हरित व नीली अर्थव्यवस्था, और सॉफ्ट पावर — जो 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को साकार करने हेतु बनाई गई है।
2. पिछले 12 वर्षों में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता में कितनी वृद्धि हुई है?
भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 12 वर्ष पहले के 2 गीगावॉट से बढ़कर अब 160 गीगावॉट के स्तर को पार कर चुकी है, और रेलवे का विद्युतीकरण भी शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है।
3. 'विहान' (VIHAAN) चिप क्या है और इसे किसने विकसित किया है?
यह चेन्नई स्थित फैबलेस स्टार्टअप 'अहीसा डिजिटल इनोवेशन्स' द्वारा स्वदेशी 'VEGA' माइक्रोप्रोसेसर वास्तुकला का उपयोग करके विकसित एक फाइबर ब्रॉडबैंड नेटवर्किंग सिस्टम-ऑन-चिप (SoC) है, जिसे DLI योजना के तहत समर्थन मिला है।
4. 'सेमीकंडक्टर 2.0' कार्यक्रम क्या है?
जुलाई 2026 में स्वीकृत यह ₹1,27,500 करोड़ के परिव्यय वाला कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य चिप डिजाइन, पैकेजिंग, विनिर्माण, कच्चे माल, अनुसंधान और प्रशिक्षण की संपूर्ण सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला का स्वदेशी विकास करना है।
5. सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में डिजाइनिंग का क्या महत्व है?
चिप डिजाइनिंग संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में सबसे रणनीतिक हिस्सा है, जो कुल मूल्य संवर्धन में 50% तक का योगदान देता है और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की बिल ऑफ मैटेरियल्स लागत का 15-35% हिस्सा तय करता है।
Practice MCQ for UPSC CSE Prelims
प्रश्न 1
हाल ही में समाचारों में देखी गई 'विहान' (VIHAAN) चिप के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
2. इस ब्रॉडबैंड चिप को डिजाइन करने के लिए स्वदेशी 'VEGA माइक्रोप्रोसेसर' की वास्तुकला (Architecture) का उपयोग किया गया है।
3. यह परियोजना भारत सरकार की 'डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव' (DLI) योजना द्वारा समर्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
A. केवल 1 और 2 B. केवल 2 और 3 C. केवल 1 और 3 D. 1, 2 और 3
उत्तर: D (1, 2 और 3 - सभी कथन सही हैं)
कथन 1 सही है: चेन्नई के फैबलेस स्टार्टअप 'अहीसा' द्वारा विकसित 'विहान' फाइबर ब्रॉडबैंड नेटवर्किंग और सुरक्षा के लिए उद्देश्य-निर्मित एक उन्नत नेटवर्किंग सिस्टम-ऑन-चिप (SoC) है।
कथन 2 सही है: 'विहान' ब्रॉडबैंड चिप को पूरी तरह से स्वदेशी रूप से विकसित 'VEGA' माइक्रोप्रोसेसर की वास्तुकला पर तैयार किया गया है।
कथन 3 सही है: अहीसा डिजिटल इनोवेशन्स को इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की 'डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव' (DLI) योजना के तहत वित्तीय और अवसंरचनात्मक सहायता प्राप्त है।
प्रश्न 2
'सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला' (Semiconductor Value Chain) और भारत की सेमीकंडक्टर नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों का मूल्यांकन कीजिए:
2. हाल ही में सरकार द्वारा सेमीकंडक्टर के विनिर्माण, डिजाइन और आरएंडडी को बढ़ावा देने के लिए ₹1,27,500 करोड़ के वित्तीय परिव्यय वाली 'सेमीकंडक्टर 2.0' योजना को मंजूरी दी गई है।
3. 'चिप्स टू स्टार्टअप' (C2S) कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवोदित तकनीकी स्टार्टअप्स को फाउंड्री विनिर्माण ऋण प्रदान करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A. केवल 1 और 2 B. केवल 2 C. केवल 1 और 3 D. 1, 2 और 3
उत्तर: A (केवल 1 और 2)
कथन 1 सही है: सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन कुल मूल्य संवर्धन में 50% तक का योगदान देता है और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की बिल ऑफ मैटेरियल्स (BOM) लागत का 15% से 35% हिस्सा होता है।
कथन 2 सही है: सरकार ने जुलाई 2026 में ₹1,27,500 करोड़ के परिव्यय के साथ 'सेमीकंडक्टर 2.0' को मंजूरी दी है ताकि देश में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाया जा सके।
कथन 3 गलत है: 'चिप्स टू स्टार्टअप' (C2S) कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप्स को फाउंड्री ऋण देना नहीं, बल्कि देश के शैक्षणिक संस्थानों द्वारा चिप डिजाइनों को टेप-आउट करवाकर भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं (Skilled Manpower/Workforce) को पूरा करना है।
प्रश्न 3
80वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन के दौरान सौर ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के विकास के संदर्भ में घोषित आंकड़ों पर विचार कीजिए:
2. 'पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' के तहत सरकार प्रत्येक लाभार्थी परिवार को सोलर सिस्टम स्थापित करने के लिए ₹80,000 की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।
3. वर्ष 1925 में शुरू हुए देश के रेलवे विद्युतीकरण का 100% कार्य पिछले केवल एक दशक के विकास प्रयासों के माध्यम से ही पूर्ण किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
A. केवल 1 और 2 B. केवल 2 और 3 C. केवल 1 और 3 D. 1, 2 और 3
उत्तर: A (केवल 1 और 2)
कथन 1 सही है: भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 12 वर्ष पूर्व के 2 गीगावॉट से सुधरकर अब 160 गीगावॉट तक पहुँच चुकी है।
कथन 2 सही है: PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सरकार प्रत्येक मध्यम वर्गीय और गरीब परिवार को ₹80,000 की बजटीय सहायता प्रदान कर रही है।
कथन 3 गलत है: 1925 से 2015 के बीच 90 वर्षों के दौरान देश के 30% रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका था। शेष 70% विद्युतीकरण का कार्य पिछले एक दशक में पूर्ण करके रेलवे का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया गया है, न कि पूरे 100% का कार्य केवल पिछले एक दशक में किया गया।