संक्षिप्त विषय सूची (Table of Contents)
- एनीमिया मुक्त भारत अभियान के नए परिचालन दिशानिर्देश (7X7X7 Framework): एनीमिया उन्मूलन की राष्ट्रीय रणनीति; 6X6X6 से 7X7X7 रणनीति में संक्रमण; सात विशिष्ट लाभार्थी समूह, सात हस्तक्षेप (Interventions) और सात संस्थागत तंत्र; तथा T3 से T4 (Test, Treat, Talk, and Track) डिजिटल फ्रेमवर्क (UPSC GS Paper II: सामाजिक न्याय - स्वास्थ्य, भूख और पोषण संबंधी नीतियां)।
- काला नमक धान (Kala Namak Rice) का उत्पादन और ब्रांड संवर्धन: सिद्धार्थनगर और तराई जिलों में उत्पादन तथा मूल्य वृद्धि के आंकड़े; PMFME और ODOP के तहत वित्तीय सब्सिडी; भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र व ICAR द्वारा विकसित छह संकर बौनी प्रजातियां; और APEDA द्वारा "Buddha Rice" के रूप में बौद्ध देशों में निर्यात ब्रांडिंग (UPSC GS Paper III: कृषि, जैव विविधता और भौगोलिक संकेतक - GI Tag)।
- नेक्स्ट जनरेशन अपतटीय गश्ती पोत (NGOPV) 'Shruti' का शुभारंभ: गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) कोलकाता द्वारा निर्मित पहला स्वदेशी पोत; बहु-आयामी संचालन (Multi-Domain Operations); और समुद्री सुरक्षा अवसंरचना (UPSC GS Paper III: आंतरिक सुरक्षा और स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी)।
- बांग्लादेश रेलवे के लिए अत्याधुनिक LHB यात्री डिब्बों का निर्यात: आरसीएफ कपूरथला (RCF Kapurthala) द्वारा 19 कोचों के पहले रेक का रोल-आउट; यूरोपीय सुरक्षा मानकों (Crashworthy Design - EN 15227) का अनुपालन; और द्विपक्षीय तकनीकी कनेक्टिविटी (UPSC GS Paper II: द्विपक्षीय संबंध; UPSC GS Paper III: बुनियादी ढांचा और निर्यात)।
1. एनीमिया मुक्त भारत अभियान के नए परिचालन दिशानिर्देश (7X7X7 Strategy)
संदर्भ (Context)
नीतिगत अनावरण: भारत सरकार ने हाल ही में आयोजित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद (CCHFW) की 16वीं बैठक के दौरान Anemia Mukt Bharat Abhiyaan Operational Guidelines जारी किए हैं।
रणनीतिक संक्रमण: यह नया नीतिगत ढांचा देश से एनीमिया के उन्मूलन को तेज करने के लिए पूर्ववर्ती 6X6X6 रणनीति के स्थान पर एक उन्नत 7X7X7 Strategy (7X7X7 रूपरेखा) को प्रस्तुत करता है।
7X7X7 रूपरेखा का विस्तृत विवरण (The 7X7X7 Framework Breakdown)
इस नए नीतिगत मॉडल को तीन सात-स्तरीय स्तंभों में विभाजित किया गया है:
I. सात विशिष्ट लाभार्थी (Seven Beneficiary Groups):
6-59 महीने के बच्चे। 5-9 वर्ष के बच्चे। 10-19 वर्ष के किशोर (Adolescents)। गर्भवती महिलाएं। स्तनपान कराने वाली माताएं (Lactating Mothers)। प्रजनन आयु (20-49 वर्ष) की महिलाएं। 0-6 महीने के कम वजन वाले शिशु (Low Birth Weight - LBW Babies)।
II. सात हस्तक्षेप (Seven Strategic Interventions):
निवारक आईएफए अनुपूरण (Prophylactic Iron Folic Acid - IFA Supplementation)। एनीमिया की जांच (Testing)। एनीमिया का लक्षित चिकित्सीय प्रबंधन (Therapeutic Management)। कृमिनाशक (Deworming) और विलंबित गर्भनाल विच्छेदन (Delayed Cord Clamping)। Jan Bhagidari – एनीमिया के प्रति समाज की निष्क्रिय धारणा को बदलने और अनुपालन में सुधार के लिए संचार रणनीति। गैर-पोषण संबंधी कारणों (Non-nutritional causes) जैसे आनुवंशिक या रोग-जनित एनीमिया का समाधान। Eat Right Approach – स्थानीय स्तर पर उपलब्ध लौह युक्त खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना और आहार में विविधता लाना।
III. सात संस्थागत तंत्र (Seven Institutional Mechanisms):
अंतर-मंत्रालयी समन्वय (Intra-ministerial coordination)। एनीमिया पर राष्ट्रीय उत्कृष्टता और उन्नत अनुसंधान केंद्र। राष्ट्रीय एएमबी अभियान इकाई (National AMB Unit)। मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक्स। अन्य संबंधित मंत्रालयों के साथ अभिसरण (Convergence)। एनीमिया मुक्त भारत अभियान पोर्टल। T4 दृष्टिकोण (Test, Treat, Talk, and Track) के माध्यम से डिजिटल निगरानी ढांचा।
तकनीकी और डिजिटल एकीकरण (Technical & Digital Integration)
T3 से T4 में संक्रमण: पूर्ववर्ती टी3 दृष्टिकोण (Test, Treat, Talk) को अब डिजिटल रूप से सशक्त बनाते हुए T4 दृष्टिकोण (Test, Treat, Talk, and Track) में बदल दिया गया है। इसके तहत लाभार्थियों के उपचार, रेफरल और फॉलो-अप की वास्तविक समय में निगरानी की जाएगी।
डिजिटल परीक्षण उपकरणों का उपयोग: हीमोग्लोबिन स्तर की सटीक जांच के लिए विभिन्न स्वास्थ्य प्लेटफार्मों पर डिजिटल इनवेसिव हीमोग्लोबिनोमीटर (Digital Invasive Hemoglobinometers) का उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।
एकीकृत पोर्टल मैपिंग: डिजिटल ट्रैकिंग के तहत विभिन्न श्रेणियों के लाभार्थियों को तीन प्रमुख राष्ट्रीय पोर्टलों के साथ मैप किया जा रहा है:
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को JANANI Portal पर ट्रैक किया जा रहा है।
स्कूली बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK Portal) के माध्यम से मैप किया जा रहा है।
टीकाकरण के दायरे में आने वाले बच्चों को U-WIN Portal के माध्यम से मॉनिटर किया जा रहा है।
चिकित्सीय वर्गीकरण: इसके तहत एनीमिया को प्रयोगशाला जांच के आधार पर माइल्ड, मॉडरेट और सीवियर (हल्के, मध्यम और गंभीर) श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा और प्रोटोकॉल के अनुसार लक्षित उपचार दिया जाएगा।
2. काला नमक धान (Kala Namak Rice) का उत्पादन और ब्रांड संवर्धन
संदर्भ (Context)
कृषि समृद्धि: केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में पारंपरिक Kala Namak Rice के उत्पादन क्षेत्र, उत्पादकता और किसानों की आय में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्य आर्थिक और वैज्ञानिक आंकड़े (Key Economic and Scientific Data)
उत्पादन और मूल्य में वृद्धि:
सिद्धार्थनगर जिले में इसका उत्पादन वर्ष 2018 की तुलना में वर्ष 2025 तक पांच गुना से अधिक बढ़ गया है।
इसका बाजार विक्रय मूल्य (Sale Price) वर्ष 2018 के ₹40 प्रति किलोग्राम से बढ़कर वर्ष 2026 में ₹150 प्रति किलोग्राम तक पहुँच गया है।
सामान्य धान की तुलना में इसकी खेती में किसानों की लाभप्रदता (Profitability) तीन गुना से अधिक हो गई है।
इसे उगाने वाले किसानों की संख्या वर्ष 2018 के 2,915 से बढ़कर वर्ष 2024 में 23,000 हो गई है।
घरेलू प्रसंस्करण बुनियादी ढांचा (ODOP & PMFME):
One District One Product (ODOP) और PMFME योजना के तहत काला नमक चावल की मिलिंग और प्रसंस्करण इकाइयों को स्थापित करने के लिए 35% तक क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी (अधिकतम ₹10 लाख) प्रदान की जा रही है।
सिद्धार्थनगर में आधुनिक प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात सहायता के लिए एक समर्पित साझा सुविधा केंद्र (Common Facility Centre - CFC) स्थापित किया गया है।
संकर और उन्नत बौनी प्रजातियां (Improved Dwarf Varieties):
पारंपरिक काला नमक की लंबी और गिरने वाली (lodging-prone) प्रजातियों के स्थान पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा छह उन्नत किस्में जारी की गई हैं: Kalanamak KN3, Bauna Kalanamak 101, Bauna Kalanamak 102, Kalanamak Kiran, Pusa Narendra Kalanamak 1 और Pusa CRD Kalanamak 2।
बौनी प्रजातियों (Pusa Narendra और Pusa CRD) की औसत उत्पादकता पारंपरिक किस्मों के 2.5 टन प्रति हेक्टेयर की तुलना में 4.5 टन प्रति हेक्टेयर है, जो उत्पादन को लगभग दोगुना करती है।
Protection of Plant Varieties and Farmers Rights Authority के तहत स्थानीय किसानों की सहायता से 1,700 से अधिक पारंपरिक लैंड रेस (land races) को पंजीकृत और संरक्षित किया गया है।
वैश्विक निर्यात और सांस्कृतिक ब्रांडिंग (Export & Cultural Branding)
Agri-Export Zone: सिद्धार्थनगर और उसके आसपास के तराई जिलों को APEDA के 'कृषि-निर्यात क्षेत्र' ढांचे में शामिल किया गया है, जिससे वित्तीय सहायता, कीटनाशक अवशेष परीक्षण (residue testing) और फाइटोसैनिटरी मानकों के अनुपालन में सहायता मिल रही है।
"Buddha Rice" ब्रांडिंग: वैश्विक स्तर पर उच्च-मूल्य वाले बाजारों को आकर्षित करने के लिए इस चावल को "Buddha Rice" (बुद्ध चावल) के रूप में ब्रांडेड किया गया है। इसके तहत जापान, थाईलैंड, वियतनाम, सिंगापुर और म्यांमार जैसे बौद्ध बहुल देशों के साथ-साथ नेपाल को भी सीधे निर्यात खेप भेजी जा रही हैं।
3. नेक्स्ट जनरेशन अपतटीय गश्ती पोत (NGOPV) 'Shruti' का शुभारंभ
Brief Analysis
लॉन्च इवेंट: भारतीय नौसेना की समृद्ध परंपराओं के अनुसार 11 अगस्त 2026 को कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) यार्ड में यार्ड 3037, 'Shruti' नामक नेक्स्ट जनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) का जलावतरण किया गया।
स्वदेशी डिजाइन और निर्माण: यह पोत भारत सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'Make in India' अभियान के अनुरूप पूर्णतः स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है। इसका निर्माण GRSE कोलकाता और GSL गोवा द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
बहु-आयामी संचालन (Multi-Domain Operations): यह अपतटीय गश्ती पोत समुद्री निगरानी (Maritime Surveillance), खोज और बचाव (Search and Rescue), तटीय संपत्तियों की सुरक्षा, मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) और एंटी-पायरेसी अभियानों में तैनात किया जाएगा।
सांस्कृतिक जुड़ाव: इस युद्धपोत का नाम भारत के चार वेदों को संदर्भित करने वाली 'श्रुति' (Shruti) विरासत पर रखा गया है। इसके शिखा डिजाइन (Crest Design) पर Ursa Major तारामंडल (सप्तर्षि मंडल) और एक लाल और सफेद रंग का लाइटहाउस अंकित है।
4. बांग्लादेश रेलवे के लिए अत्याधुनिक LHB यात्री डिब्बों का निर्यात
Brief Analysis
ऐतिहासिक रोल-आउट: रेल डिब्बा कारखाना, कपूरथला (RCF Kapurthala) द्वारा 12 अगस्त 2026 को बांग्लादेश रेलवे के लिए 19 एलएचबी (LHB) ब्रॉड गेज यात्री डिब्बों वाले पहले रेक का औपचारिक रोल-आउट किया जा रहा है।
रेक संयोजन: इस पहले रेक में 3 एसी स्लीपर कार, 3 एसी चेयर कार, 11 नॉन-एसी चेयर कार और 2 पावर कार शामिल हैं।
उच्च सुरक्षा मानक (Crashworthy Design): तकनीकी दृष्टिकोण से इसमें यूरोपीय मानक EN 15227 के अनुरूप 'क्रैशवर्थी डिजाइन' (टक्कर रोधी सुरक्षा संरचना) को शामिल किया गया है, जिसके लिए डिब्बे के पूरे बाहरी शेल को पुनः डिजाइन किया गया है।
कस्टमाइज्ड परिचालन संशोधन:
- पारंपरिक भारतीय रेल कोचों की 750 V प्रणाली के विपरीत, इन कोचों की विद्युत प्रणाली को बांग्लादेश की ग्रिड आवश्यकताओं के अनुसार विशेष रूप से 415 V Operation के लिए डिजाइन किया गया है।
- बांग्लादेश में त्योहारों के दौरान अत्यधिक भीड़ के कारण छत पर यात्रा करने वाले यात्रियों के अतिरिक्त भार को सहन करने के लिए इसके छत के ढांचे (Roof Structure) को अतिरिक्त सुदृढ़ता दी गई है।
- इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए बेबी केयर रूम, प्रार्थना कक्ष, इंटीग्रेटेड सीसीटीवी कैमरे और आंशिक रूप से खुलने वाली खिड़कियां लगाई गई हैं।
संस्थागत साझेदारी: यह निर्यात वर्ष 2024 में RITES के माध्यम से बांग्लादेश रेलवे द्वारा RCF को दिए गए 200 ब्रॉड गेज यात्री डिब्बों (सात विभिन्न प्रकारों में) के विनिर्माण ऑर्डर का हिस्सा है। इससे पहले वर्ष 2015-16 में भी आरसीएफ ने बांग्लादेश को 120 एलएचबी कोचों की आपूर्ति की थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. एनीमिया मुक्त भारत अभियान की '7X7X7' रणनीति क्या है?
यह पूर्ववर्ती 6X6X6 रणनीति का उन्नत संस्करण है, जिसमें सात लाभार्थी समूह, सात हस्तक्षेप और सात संस्थागत तंत्र शामिल हैं। इसमें T3 (Test, Treat, Talk) को डिजिटल रूप से सशक्त T4 (Test, Treat, Talk, and Track) दृष्टिकोण में बदला गया है।
2. एनीमिया के लाभार्थियों की डिजिटल ट्रैकिंग किन पोर्टलों के माध्यम से होती है?
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को JANANI Portal पर, स्कूली बच्चों को RBSK Portal पर, और टीकाकरण के दायरे में आने वाले बच्चों को U-WIN Portal के माध्यम से ट्रैक किया जाता है।
3. काला नमक चावल की खेती और मूल्य में क्या वृद्धि हुई है?
सिद्धार्थनगर में इसका उत्पादन 2018 से 2025 तक पांच गुना से अधिक बढ़ा है। बाजार मूल्य 2018 के ₹40 प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2026 में ₹150 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया, और किसानों की संख्या 2,915 से बढ़कर 23,000 हो गई है।
4. NGOPV 'Shruti' क्या है?
यह गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) कोलकाता द्वारा 11 अगस्त 2026 को जलावतरित किया गया स्वदेशी नेक्स्ट जनरेशन अपतटीय गश्ती पोत है, जिसका उपयोग समुद्री निगरानी, खोज और बचाव, तथा एंटी-पायरेसी अभियानों में किया जाएगा।
5. बांग्लादेश को निर्यात किए जा रहे LHB कोचों की मुख्य तकनीकी विशेषताएं क्या हैं?
ये कोच यूरोपीय मानक EN 15227 के क्रैशवर्थी डिजाइन के अनुरूप हैं, बांग्लादेश की ग्रिड आवश्यकता अनुसार 415 V पर संचालित होते हैं (भारतीय 750 V प्रणाली के विपरीत), और इनमें सुदृढ़ छत संरचना व यात्री सुविधाएं शामिल हैं।
अवधारणा-आधारित अभ्यास प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी नई 'एनीमिया मुक्त भारत अभियान' परिचालन नियमावली के तहत प्रस्तावित '7X7X7' रूपरेखा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
2. 7X7X7 रूपरेखा के तहत लक्षित सात लाभार्थियों की सूची में सामान्य शिशुओं को बाहर रखते हुए केवल '0-6 महीने के कम वजन वाले शिशुओं' (Low Birth Weight Babies) को ही शामिल किया गया है।
3. लाभार्थियों की डिजिटल निगरानी सुनिश्चित करने के लिए स्कूली बच्चों को U-WIN पोर्टल पर तथा गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं को RBSK पोर्टल पर पंजीकृत किया जा रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A. केवल 1 और 2
- B. केवल 2 और 3
- C. केवल 1 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: A (केवल 1 और 2)
कथन 1 सही है: नए परिचालन दिशानिर्देशों के तहत टी3 से टी4 दृष्टिकोण में परिवर्तन किया गया है, जहां लाभार्थियों के उपचार, रेफरल और अनुवर्ती अनुपालन को ट्रैक (Track) किया जाएगा।
कथन 2 सही है: योजना के विशिष्ट 7 लाभार्थियों में सामान्य शिशुओं के बजाय विशेष रूप से '0-6 महीने के कम वजन वाले शिशुओं' (LBW babies) को शामिल किया गया है।
कथन 3 गलत है: डिजिटल ट्रैकिंग के तहत गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को JANANI Portal पर तथा स्कूली बच्चों को RBSK (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) Portal पर पंजीकृत किया जाता है, न कि इसके विपरीत।
प्रश्न 2
पारंपरिक 'काला नमक चावल' (Kala Namak Rice) के संरक्षण और इसके वैज्ञानिक संवर्धन के संबंध में निम्नलिखित कथनों का मूल्यांकन कीजिए:
2. कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) द्वारा इस विशेष चावल को बौद्ध बहुल देशों के बाजारों में "Buddha Rice" के नाम से निर्यात और ब्रांडेड किया जा रहा है।
3. 'PMFME' योजना के अंतर्गत काला नमक प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए व्यक्तिगत सूक्ष्म इकाइयों को 50% तक की क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी (अधिकतम ₹20 लाख) प्रदान की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A. केवल 1
- B. केवल 1 और 2
- C. केवल 2 और 3
- D. 1, 2 और 3
उत्तर: B (केवल 1 और 2)
कथन 1 सही है: ICAR द्वारा जारी बौनी प्रजातियों का औसत उत्पादन 4.5 टन प्रति हेक्टेयर है, जबकि पारंपरिक किस्मों की उत्पादकता केवल 2.5 टन प्रति हेक्टेयर ही थी।
कथन 2 सही है: बौद्ध देशों (जैसे जापान, वियतनाम, थाईलैंड आदि) में इसकी सांस्कृतिक विरासत को प्रमोट करने के लिए इसे "Buddha Rice" के नाम से निर्यात ब्रांडिंग दी जा रही है।
कथन 3 गलत है: विनियामक मानदंडों के अनुसार, PMFME और राज्य पोषित ODOP मार्जिन मनी योजना के तहत काला नमक प्रसंस्करण इकाइयों के लिए 35% तक ऋण-संबंधित सब्सिडी (अधिकतम ₹10 लाख) प्रदान की जाती है, न कि 50% या ₹20 लाख।
प्रश्न 3
हाल ही में समाचारों में रहे सुरक्षा और द्विपक्षीय परिवहन बुनियादी ढांचे से संबंधित निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
2. LHB Coaches (बांग्लादेश) — यह यूरोपीय सुरक्षा मानक EN 15227 के अनुरूप Crashworthy Design पर आधारित है।
3. RCF कपूरथला विद्युत संशोधन — भारतीय कोचों की 750 V प्रणाली के विपरीत इन निर्यातित कोचों में 415 V Operation का उपयोग किया गया है।
उपर्युक्त युग्मों में से कितने सुमेलित हैं?
- A. केवल एक युग्म
- B. केवल दो युग्म
- C. सभी तीन युग्म
- D. कोई भी नहीं
उत्तर: C (सभी तीन युग्म)
युग्म 1 सुमेलित है: नव-लॉन्चित अपतटीय गश्ती पोत 'Shruti' के शिखा डिजाइन पर Ursa Major (सप्तर्षि मंडल) और एक लाल एवं सफेद लाइटहाउस का चित्र अंकित है।
युग्म 2 सुमेलित है: बांग्लादेश को निर्यात होने वाले नए LHB कोचों में यूरोपीय मानक EN 15227 के क्रैशवर्थी डिज़ाइन प्रावधानों को समाहित किया गया है।
युग्म 3 सुमेलित है: इन कोचों की परिचालन और ढांचागत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उनकी विद्युत प्रणाली को विशेष रूप से 415 V संचालन के अनुकूल संशोधित किया गया है, जो सामान्य भारतीय प्रणाली (750 V) से भिन्न है।